<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>शिक्षा - Didi News Feed</title><link>https://didinews.co.in/</link><description>Didi News Feed Description</description><item><title>CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन के लिए पोर्टल हुआ LIVE, स्टेप बाय स्टेप करें अप्लाई</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=8598</link><description>CBSE का पोर्टल अब री-इवैल्युएशन के आवेदन के लिए पूरी तरह से ऐक्टिव हो चुका है. कल मतलब सोमवार को भी यह पोर्टल पूरी तरह से ठप पड़ा रहा और दिनभर स्टूडेंट्स के साथ ही पेरेंट्स को भी परेशान करता रहा. पोर्टल पूरे दिन ठप रहने के कारण छात्र री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन भी कल नहीं कर पाए. अब ठप पड़ा CBSE का पोर्टल पूरी तरह से लाइव हो गया है और छात्र अपना आवेदन कर सकते है.


CBSE का री-इवैल्यूएशन पोर्टल छात्रों के लिए खुल गया है. cbseit.in पर जाकर छात्र स्टेप बाय स्टेप अप्लाई कर सकते हैं. यह पोर्टल कल सोमवार को पूरे दिन ठप पड़ा हुआ था.




CBSE ने क्लास 12 के विद्यार्थियों के लिए अपना री-इवैल्यूएशन पोर्टल cbseit.in को एक्टिवेट कर दिया है. जिस जिस विद्यार्थियों को अपने अपने रिजल्ट को लेकर संशय है या फिर अपने मार्क्स को रिव्यू करवाना चाहते हैं, वे सारे छात्र री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन कर सकते है. सीबीएसई ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है.




CBSE ने 1 जून 2026 से 12वीं की कॉपियों के री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन पोर्टल शुरू करने की घोषणा की थी. मगर कल यानी सोमवार को पोर्टल पूरी तरह से ठप रहने के कारण आवेदन शुरू नहीं हो सका जिससे स्टूडेंट्स और पैरेंट्स दोनों काफी चिंतिंत थे. उसके बाद बोर्ड ने सिर्फ इतना ही कहा की पोर्टल जल्द ही लाइव होगा.




CBSE 12वीं की परीक्षा साल 2026 में करीब 18 लाख स्टूडेंट्स ने दी है. CBSE की इस लचर व्यवस्था से स्टूडेंट्स के साथ-साथ पैरेंट्स भी बहुत ज्यादा परेशान है. CBSE बोर्ड की कार्य प्रणाली को लेकर स्टूडेंट्स के साथ-साथ पैरेंट्स भी बहुत जबरदस्त आक्रोश है. सिर्फ इतना ही समस्या नहीं है, आगे छात्रों का कहना है कि उन्होंने सप्लीमेंट्री या एडिशनल शीट ली थी, लेकिन स्कैन कॉपी में वह हिस्सा नहीं दिख रहा.


री-इवैल्यूएशन से उन विद्यार्थियों को राहत की उम्मीद है जिन्हें लगता है कि उनके जवाबों का सही तरीके से असेसमेंट नहीं किया गया था। बोर्ड ने भी साफ साफ कहा है कि री-इवैल्यूएशन के बाद स्टूडेंट के मार्क्स बढ़ सकते हैं, घट सकते हैं, या वैसे ही रह सकते हैं।</description><guid>8598</guid><pubDate>02-Jun-2026 10:30:26 am</pubDate></item><item><title>CG Exam Schedule Released : कक्षा 5वीं-8वीं की वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल जारी</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=8161</link><description>रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक शिक्षा संचालनालय ने कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी कर दी है. इस बार परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न में आयोजित की जाएगी. जारी एग्जाम शेड्यूल में 5वीं कक्षा की 16 मार्च और 8वीं कक्षा की 17 मार्च से वार्षिक परीक्षा (Final Examination Schedule) आयोजित होंगी. सुबह 9 बजे से दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होंगी। हालांकि इसमें CBSE और ICSE स्कूलों के छात्र इन परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे. संचालनालय की ओर से इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है.






जारी टाइमटेबल के अनुसार, कक्षा 5वीं की परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी, जिसमें 40 अंक लिखित परीक्षा के लिए और 10 अंक प्रोजेक्ट वर्क के लिए निर्धारित हैं. जबकि कक्षा 8वीं की परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 80 अंक लिखित परीक्षा और 20 अंक प्रोजेक्ट वर्क के होंगे. कक्षा 5वीं की परीक्षा सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक और कक्षा 8वीं की परीक्षा सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक होगी.


</description><guid>8161</guid><pubDate>21-Jan-2026 11:03:46 am</pubDate></item><item><title>77वीं गणतंत्र दिवस परेड: जंग हुई तो दुश्मन के दांत खट्टे कर देंगे ये 7 हथियार</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=8160</link><description>इस बार 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड बहुत खास है. यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली परेड है, जहां भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी ताकत दिखाई थी. परेड का थीम वंदे मातरम के 150 साल और आत्मनिर्भर भारत है. इसमें पहली बार फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन दिखाया जाएगा, यानी युद्ध में हथियारों का इस्तेमाल कैसे होता है, वैसा ही क्रम. इसमें कई स्वदेशी हथियार और सिस्टम शामिल होंगे, जो भविष्य की लड़ाइयों में दुश्मन पर घातक हमला करेंगे. मुख्या तौर पर पूरा फोकस 7 मुख्य हथियारों और सिस्टम की विस्तार पर रहेगा, जो परेड में प्रदर्शित होंगे. ये मेक इन इंडिया के तहत बने हैं और ऑपरेशन सिंदूर में भी कई ने कमाल दिखाया है.


ब्रह्मोस भारत-रूस की संयुक्त सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है. ऑपरेशन सिंदूर में इसने पाकिस्तान के नूर खान एयर बेस को सटीक निशाने से उड़ाया.


ब्रह्मोस को भारतीय नौसेना से सुपरसोनिक मिसाइलों पर 2,5 अरब डॉलर का ऑर्डर मिलेगा
रेंज: 300 किमी (एक्सटेंडेड वर्जन में ज्यादा)
स्पीड: मैक 3 से ज्यादा (ध्वनि की गति से 3 गुना तेज)
खासियत: रैमजेट इंजन, फायर-एंड-फॉरगेट (लॉन्च करने के बाद खुद टारगेट ढूंढती है).


यह दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक है. परेड में इसका मॉडल या लॉन्चर दिखेगा.


एडवांस्ड टो्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS)
ATAGS (howitzer) - Wikipedia
DRDO, टाटा, महिंद्रा और भारत फोर्ज ने मिलकर बनाई यह 155 mm/52 कैलिबर तोप है. बोफोर्स के बाद स्वदेशी तोप की बड़ी जरूरत पूरी करेगी.


रेंज: 48 किमी तक (एक्सटेंडेड रेंज)
खासियत: किसी भी इलाके में आसानी से ले जाई जा सकती है, पोखरण में सफल परीक्षण हो चुका है.
अगले 1.5 साल में सेना में शामिल होगी. सेना में कुल 1500 ऐसी तोपें आएंगी. परेड में इसका प्रदर्शन होगा.


ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार
यह भारतीय सेना का नया ड्रोन सिस्टम है, जो युद्ध में ड्रोन को कंट्रोल और रिपेयर करने की क्षमता दिखाता है. ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेकर ड्रोन और काउंटर-ड्रोन पर फोकस बढ़ा. मौके पर ही ड्रोन रिपेयर, स्वार्म ड्रोन और सर्विलांस इसकी खासियत है. सेना की कई यूनिट अब एक्टिव हैं. परेड में ड्रोन शक्ति का हिस्सा दिखेगा.


मीडियम रेंज सर्फेस टू एयर मिसाइल (MR-SAM)
7 Weapon Republic Day Parade
यह सुपरसोनिक मिसाइल दुश्मन के हवाई हमलों (विमान, मिसाइल, हेलिकॉप्टर, ड्रोन) को रोकती है. हाई रिएक्शन, वर्टिकल लॉन्च, कई लक्ष्यों को एक साथ निशाना इसकी ताकत है. ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के सैकड़ों हवाई हमलों को नाकाम किया. परेड में MR-SAM सिस्टम दिखेगा.


आकाश मिसाइल सिस्टम
Akash Missile Export To Armenia: A Landmark For India's Defence Industry And Global Influence - Indian Aerospace and Defence Bulletin - News for aerospace and defence in India
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाश मिसाइल सिस्टम ने पाकिस्तानी विमान, मिसाइल, ड्रोन आदि को नाकाम किया. इसी आपरेशन में भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और पीओके स्थित जिन कुल नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया. आकाश मिसाइल, आकाश तीर (Akash Teer) सिस्टम के साथ मिलकर, पश्चिमी मोर्चे पर पाकिस्तान के हवाई हमलों का जवाब देने के लिए तैनात थी और उसने कई हवाई लक्ष्यों को रोका. यह मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जो लगभग 27 किमी की रेंज में काम करती है और एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है.


दिव्यास्त्र और शक्तिबाण रेजीमेंट
भैरव बटालियन, दिव्यास्त्र बैटरी, शक्तिबाण रेजीमेंट... चीन-पाक देखेंगे सेना का दम, जानें कैसे करेगी काम | Bhairav ​​Battalion, Divyastra Battery, Shaktibaan Regiment ...
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारतीय सेना को आक्रामक और घातक बनाने की प्रक्रिया में असरदार और दमदार काम हो रहा है. सेना के लिए जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन चल रहा है. इसी दिशा में सेना में बहुत तेजी से काम हो रहा है. उम्मीद है कि भारतीय सेना में अक्टूबर के आखिर तक 5 भैरव बटालियन, 5 दिव्यास्त्र बैटरी, 3 शक्तिबाण रेजिमेंट के साथ ही हर इंफ्रेंट्री बटालियन में ड्रोन प्लाटून बन जाएगी. ये साफ तौर पर सेना की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य के संभावित खतरे और नई तकनीक के जोखिम भरे खतरों से निपटने की भी तैयारी है.


रोबोटिक म्यूल्स
अब पाकिस्तानी आतंकियों को घुसपैठ करना पड़ेगा भारी, 'रोबोटिक खच्चर' के एक इशारे पर सेना कर देगी ढेर - robotic mules being used by the indian army are one of the many
सेना अब तकनीक के साथ चल रही है. रोबोटिक म्यूल्स कुत्ते जैसे दिखते हैं, लेकिन बहुत फुर्तीले और खतरनाक. दुश्मन का पता लगाते ही हमला कर सकते हैं. सामान ढो सकते हैं. पहाड़ी इलाकों में मददगार हैं. परेड रिहर्सल में भी दिखाए गए. ये भविष्य की लड़ाई में सैनिकों की जान बचाएंगे.


यह परेड भारत की सैन्य ताकत, स्वदेशी हथियारों और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है. ऑपरेशन सिंदूर में साबित हुए ब्रह्मोस, आकाश जैसे हथियार अब भविष्य की युद्ध तैयारियों में और मजबूत होंगे. 29 एयरक्राफ्ट का फ्लाईपास्ट, भैरव कमांडो और कल्चरल टेबलॉ भी आकर्षण होंगे.
</description><guid>8160</guid><pubDate>21-Jan-2026 10:53:16 am</pubDate></item><item><title>National Education Day 2025 : राष्ट्रीय शिक्षा दिवस आज, जानिए भारत में कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7716</link><description>National Education Day 2025 : भारत में आज यानी 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है. यह दिन देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलान आजाद की जयंती के रूप में मनाया जाता है. भारत की नींव मजबूत करने के साथ ही उन्होंने आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की शुरुआत की थी.






कौन थे मौलाना अबुल कलाम आजाद?
मौलाना आजाद का जन्म 11 नवंबर 1888 को हुआ था. उनका पूरा नाम अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन था. वो एक महान विचारक, लेखक और स्वतंत्रता सेनानी थे. स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री बनने से पहले वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ नेता भी रहे. साल 1923 में सिर्फ 35 साल की उम्र में वे कांग्रेस के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने उनकी सोच थी कि शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का माध्यम है.


क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय शिक्षा दिवस?
यह दिन अबुल कलाम आज़ाद की जयंती का सम्मान करता है, मौलाना आज़ाद को उनके अमूल्य योगदान के लिए 1992 में मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था. भारत सरकार ने देश की शिक्षा प्रणाली में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के योगदान को मनाने के लिए सितंबर 2008 में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस घोषित किया.


मौलाना आजाद के अहम योगदान
अबुल कलाम आज़ाद 18 नवंबर, 1888 को जन्मे आज़ाद एक स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद्, विद्वान और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे. उन्होंने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) जैसे शीर्ष शिक्षा निकायों की स्थापना की.


इसके अलावा उन्होंने देश के पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आईआईटी खड़गपुर की भी स्थापना की और उनके मार्गदर्शन में, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान (सीएसआईआर), साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद, संगीत नाटक अकादमी और परिषद सहित कई शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए गए.
</description><guid>7716</guid><pubDate>11-Nov-2025 8:25:32 am</pubDate></item><item><title>CGPSC Mains Exam Result 2024 : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने जारी किया मुख्य परीक्षा का रिजल्ट, 3737 अभ्यर्थियों में से 643 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित, देखें परिणाम</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7675</link><description>CGPSC Mains Exam Result 2024 : रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग की वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर परिणाम अपलोड कर दिया गया है। इस परीक्षा में कुल 643 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए प्रावधिक आधार पर चयनित किया गया है।








आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सेवा परीक्षा 2024 के तहत 17 सेवाओं में कुल 246 पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर 3737 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित किया गया था। इसके बाद मुख्य परीक्षा 26 से 29 जून 2025 तक आयोजित की गई।


मुख्य परीक्षा में वर्गवार और उपवर्गवार न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की उपलब्धता के आधार पर 643 उम्मीदवारों का चयन साक्षात्कार के लिए किया गया है। चयनित उम्मीदवारों को ऑनलाइन अग्रमान्यता (preference form) भरनी होगी, जिसकी तिथि आयोग अलग से जारी करेगा।


साक्षात्कार 10 नवंबर से (CGPSC Mains Exam Result 2024)
आयोग के अनुसार, साक्षात्कार प्रक्रिया 10 नवंबर से 20 नवंबर 2025 तक आयोजित की जाएगी। साक्षात्कार का आयोजन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग कार्यालय, नवा रायपुर (नॉर्थ ब्लॉक, सेक्टर-19, अटल नगर) में किया जाएगा।


इसके साथ ही, दस्तावेज सत्यापन की तिथि और समय भी तय कर दिए गए हैं। चयनित उम्मीदवारों को साक्षात्कार से एक दिन पहले अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराने के लिए आयोग कार्यालय में उपस्थित होना होगा। जो उम्मीदवार दस्तावेज सत्यापन नहीं कराएंगे, उन्हें साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


प्रथम पाली के लिए दस्तावेज सत्यापन सुबह 9:30 बजे होगा और अभ्यर्थियों को 9:00 बजे तक उपस्थित होना आवश्यक है।
द्वितीय पाली के लिए सत्यापन दोपहर 1:30 बजे होगा और अभ्यर्थियों को 1:00 बजे तक उपस्थित रहना होगा।
आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आगे की प्रक्रिया से जुड़ी नवीनतम जानकारी के लिए आयोग की वेबसाइट www.psc.cg.gov.in का नियमित अवलोकन करते रहें।


देखिये चयनित उम्मीदवारों की सूची (CGPSC Mains Exam Result 2024) 
WER_SSME_2024_31102025Download</description><guid>7675</guid><pubDate>01-Nov-2025 8:11:43 am</pubDate></item><item><title>स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल..7 जिलों में खुलेंगे नई केंद्रीय विद्यालय.</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7570</link><description>रायपुर. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर प्रदेश के 7 नए जिलों में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाएंगे. लोक शिक्षण संचालनालय ने इन जिलों के कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से केन्द्रीय विद्यालय खोलने के संबंध में अभिमत सहित प्रस्ताव शीघ्र भेजने कहा है. वहीं प्रदेश के स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में बदलने की भी कवायद शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है. सर्वप्रथम केन्द्रीय विद्यालय 7 नए जिलों बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में खोले जाएंगे. लोक शिक्षण संचालनालय ने इन जिलों के कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर केन्द्रीय विद्यालय खोने जाने के संबंध में समस्त नियमों-निर्देशों के अनुसार पूर्ण प्रस्तार तैयार कर शीघ्र संचालनालय को भेजने कहा है. (छत्तीसगढ़ के 7 जिलों में खुलेंगे नई केंद्रीय विद्यालय)


वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने पिछले दिनों विभाग की समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा व्यवस्था एवं गुणवत्ता में व्यापक सुधार के निर्देश दिए थे. साथ ही विभिन्न योजनाओं पर काम करने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया था. इसी कड़ी में शिक्षा मंत्री ने जिलों में केन्द्रीय एवं नवोदय विद्यालय खोलने की बात कही थी. शिक्षा मंत्री के निर्देश और पहल के बाद शिक्षा विभाग ने केन्द्रीय विद्यालय खोलने की तैयारी शुरू कर दी है. प्रस्ताव के आधार पर राज्य शासन द्वारा केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर

दरअसल, संबंधित जिलों में केन्द्रीय विद्यालय खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. बताते हैं कि केन्द्रीय विद्यालय के अलावा कुछ जिलों में नवोदय विद्यालय खोलने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि प्रदेश के बच्चों को बेहतर स्कूल शिक्षा प्राप्त हो सके.

मॉडल स्कूल भी बनाए जाएंगे
फिलहाल, शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न जिलों के स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा. इसके तहत हर साल 1 हजार से 1500 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा. इन स्कूलों में भवनों को दुरुस्त करने, शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था के साथ ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी. इसके लिए शीघ्र ही लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा कार्ययोजना तैयार की जाएगी. इन स्कूलों का संचालन सेजेस की तरह सोसायटी द्वारा न होकर विभाग के ही अधीन होगा. इसी तरह पीएमश्री, सेजेस, इग्नाइट स्कूल के अलावा 72 मुख्यमंत्री डीएवी स्कूलों को भी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने योजना तैयार होगी.</description><guid>7570</guid><pubDate>04-Oct-2025 10:50:31 am</pubDate></item><item><title>CM साय की बड़ी घोषणा.! छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 3 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज..</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7569</link><description>रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnudeo Sai) की पहल पर राज्य में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है. राज्य में तीन नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण (New Govt Medical Colleges To Be Built) के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग को 1077 करोड़ रूपए (1077 Rs Budget Allocate) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री का आभार जताया है.

दरअसल, राज्य सरकार ने जांजगीर-चांपा, कबीरधाम और मनेन्द्रगढ़ में नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए बड़ी घोषणा की है. चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांजगीर-चांपा मेडिकल कॉलेज के लिए 357.25 करोड़ रूपए, कबीरधाम मेडिकल कालेज के लिए 357.25 करोड़ रूपए और मनेंद्रगढ़ मेडिकल कालेज के लिए 362.57 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है.

फिलहाल, यह स्वीकृति मेडिकल कॉलेजों के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए प्रदान की गई है. इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा तथा आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी.</description><guid>7569</guid><pubDate>04-Oct-2025 10:48:29 am</pubDate></item><item><title>MBBS-BDS की खाली सीटों के लिए आज से द्वितीय चरण की काउंसलिंग शुरू, 17 सितंबर तक होगा नया पंजीयन</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7509</link><description>रायपुर. छत्तीसगढ़ में नीट यूजी 2025 के अंतर्गत एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए द्वितीय चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया कल 13 सितम्बर से प्रारंभ की जा रही है. इस चरण में पात्र अभ्यर्थियों के लिए नवीन पंजीयन की अंतिम तिथि 17 सितम्बर निर्धारित की गई है. मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में पहले चरण की काउंसलिंग के बाद 938 सीटें खाली हैं.








मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में पहले चरण के प्रवेश के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया रूक गई थी. अब शनिवार से दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू हो रही है. इस बार प्रत्येक चरण में विद्यार्थियों को नया पंजीयन करना होगा. पंजीयन 17 सितंबर और प्रवेश के लिए संस्था चयन की अंतिम तिथि 18 सितंबर रखी गई है. यह सुविधा पूर्व से पंजीकृत पात्र अभ्यर्थियों के लिए भी उपलब्ध रहेगी.




इसके अतिरिक्त पहले से प्रवेशित छात्रों को अपग्रेडेशन का विकल्प भी प्रदान किया गया है. चिकित्सा शिक्षा आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया है कि अभ्यर्थी काउंसलिंग से संबंधित समस्त जानकारी, रिक्त सीटों की सूची एवं अन्य विवरण निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं. विस्तृत समय सारिणी एवं सीट आवंटन की प्रक्रिया, राष्ट्रीय चिकित्सा परामर्श समिति द्वारा नवीन कार्यक्रम जारी करने के पश्चात प्रकाशित की जाएगी. सीटों का आवंटन पूरी तरह प्रावीण्यता के आधार पर राज्य स्तरीय काउंसलिंग समिति द्वारा किया जाएगा.




3 मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी सीटें
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) मेडिकल असेसमेंट एवं रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) से प्राप्त अनुमति पत्रों के आधार पर तीन मेडिकल कॉलेजों में शिक्षा सत्र 2025-26 में एमबीबीएस की सीटों में बढ़ोत्तरी की गई है. चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भिलाई तथा अभिषेक मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च भिलाई में 50-50 सीटों की वृद्धि हुई है. इसी तरह शंकराचार्य कॉलेज की सीट 150 से बढ़कर 200 तथा अभिषेक मिश्रा मेमोरियल कॉलेज की सीट 100 से बढ़कर 150 हो गई है. श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस रायपुर में 100 सीटों की वृद्धि हुई है. अब यहां मेडिकल की सीटें 250 हो गई हैं.
</description><guid>7509</guid><pubDate>13-Sep-2025 8:23:07 am</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों ने इनको प्रवेश दिया, तो गिरेगी गाज</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7263</link><description>रायपुर. प्रवेश नीति के विपरीत अथवा अपात्र विद्यार्थियों को 10वीं एवं 12वीं में प्रवेश देने वाले छत्तीसगढ़ बोर्ड के निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अपात्र विद्यार्थियों का प्रवेश निरस्त किया जाएगा. इसके अलावा संबंधित निजी स्कूलों की मान्यता समाप्ति हेतु प्रस्तावित किया जाएगा. दूसरी ओर, सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संस्था प्रमुख का होगा. नए शिक्षा सत्र के लिए इन दिनों स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है. प्राइमरी एवं मिडिल के अलावा हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में भी 9वीं से 12वीं तक प्रवेश दिए जा रहे हैं. प्रवेश के संबंध में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने गाइड लाइन जारी की है. मंडल ने कहा है कि गाइड लाइन के अनुसार ही 9वीं से 12वीं कक्षाओं में प्रवेश दिया जाना है. 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा होने की वजह से दोनों कक्षाओं में प्रवेश के दौरान सावधानियां बरतने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है. मंडल ने कहा है कि प्रवेश नीति के विपरीत अथवा अपात्र विद्यार्थियों को प्रवेश देने पर प्रवेश निरस्त किया जाएगा.








प्रवेश देने किसी को मंडल दफ्तर नहीं भेजेंगे स्कूल
माशिमं ने कहा है कि प्रवेश संबंधी समस्त प्रक्रिया संबंधित संस्था द्वारा पूरी की जाए. किसी भी स्थिति में छात्र-पालक को प्रवेश की अनुमत्ति हेतु माशिमं कार्यालय न भेजा जाए. 10वीं एवं 12वीं में स्थानांतरण प्रकरणों को छोड़कर शेष प्रकरणों में 10 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रवेश दिए जाने का प्रावधान है. किसी संस्था में 9वीं में उत्तीर्ण 30 छात्र एवं 10वीं में अनुत्तीर्ण 15 छात्र तथा श्रेणी सुधार के 5 छात्र हैं. इस प्रकार 50 छात्रों का 10 प्रतिशत 5 होता है. ऐसे में प्राचार्य अधिकतम 5 छात्रों को बिना मंडल की अनुमति के अतिरिक्त प्रवेश दे सकते हैं.




10 प्रश से अधिक प्रवेश पर सुविधाएं जुटानी जरूरी
माशिमं की गाइड लाइन के अनुसार यदि संस्था के प्राचार्य 10 प्रतिशत से अधिक प्रवेश देना चाहते हैं, तो आवश्यकतानुसार भवन विस्तार, शिक्षक, स्टॉफ, फर्नीचर की पर्याप्त व्यवस्था करके स्कूल भवन का नक्शा, फोटो अनुविभागीय अधिकारी से अभिप्रमाणित कराकर मंडल कार्यालय को भेजना होगा. यदि असाधारण रूप से अधिक प्रवेश की अनुमति मांगी जाती है, तो मंडल द्वारा जांच के उपरांत ही निर्णय लिया जाएगा. नियम विरुद्ध प्रवेश दिए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी.
</description><guid>7263</guid><pubDate>22-Jul-2025 8:35:43 am</pubDate></item><item><title>बाबर क्रूर विजेता, अकबर सहिष्णु और औरंगजेब मंदिर-गुरुद्वारे तोड़ने वाला, NCERT ने कक्षा 8वीं की किताब में कई बड़े बदलाव किए</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7240</link><description>राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी (NCERT) ने कक्षा 8वीं की किताब में कई बड़े बदलाव किए हैं। NCERT ने नई चैप्टर में बाबर (Babur) को क्रूर विजेता बताया हैं। जबकि अकबर (Akbar) को सहिष्णु और औरंगजेब (Aurangzeb) को मंदिर-गुरुद्वारे तोड़ने वाला बताया गया है। ये तीनों ही मुगल शासक थे।


इन बड़े बदलावों के साथ NCERT की नई किताबें मार्केट में आ चुकी हैं। हालांकि इसे लेकर फिलहाल उसने किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है।




वहीं इसपर NCERT की तरफ से फिलहाल कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। ये बदलाव क्यों किए गए हैं, इसको लेकर भी जानकारी नहीं मिली है। हालांकि इसको लेकर NCERT की तरफ से प्रतिक्रिया आ सकती है।




किताब में दिल्ली सल्तनत और मुगल काल में धार्मिक असहिष्णुता के उदाहरण बताए गए हैं। अकबर को सहिष्णुता और क्रूरता का मिश्रण वाला बताया गया है। किताब में औरंगजेब को लेकर भी बदलाव किया गया है। औरंगजेब को मंदिर और गुरुद्वारे तोड़ने वाला बताया गया है।




विवाद से बचने के लिए अपनाया खास तरीका


किताबों में बदलाव के बाद विवाद खड़ा हो सकता है। इससे बचने के लिए एनसीईआरटी ने एक तरकीब भी अपनाई है। उसने स्पेशल नोट भी लिखवाया है, जिसमें कहा गया है कि पिछले समय की घटनाओं के लिए आज किसी को दोष नहीं देना चाहिए।


पिछले साल भी किताबों में हुए थे कुछ बदलाव


बता दें कि एनसीईआरटी ने पिछले साल भी किताबों में कुछ अहम बदलाव किए थे. छात्रों के सैलेबस में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक को शामिल किया गया था। इसके साथ ही वीर अब्दुल हमीद पर एक चैप्टर स्कूली किताबों में शामिल किया गया था। अब्दुल हमीद भारतीय सेना की 4 ग्रेनेडियर के जवान (सीक्यूएमएच) थे। किताबों में इससे पहले भी कुछ बदलाव हुए थे, लेकिन 2025 की नई किताबों में कई बड़े बदलाव हो गए हैं।




भारत में मुगल साम्राज्य का संस्थापक था बाबर


भारत में मुगल साम्राज्य के संस्थापक और पहले बादशाह बाबर ने ही 1526 में देश में मुगल साम्राज्य की स्थापना की। हालांकि इसके सिर्फ चार साल बाद 1530 में बाबर की मृत्यु हो गई। बाबर अपने पिता की ओर से तैमूर का पांचवा और माता की ओर से चंगेज खान का चौदहवां वंशज था। बाबर के पिता उमरशेख मिर्जा फरगाना नाम के छोटे से राज्य के शासक थे और 8 जून 1494 ई में बाबर फरगाना का शासक बना। बाबर ने 1507 ई में बादशाह की उपाधि धारण की, जो अब तक किसी तैमूर शासक को नहीं मिली थी। उसे फारसी भाषा में महारत हासिल थी। उसने 1526 ई. में पानीपत के युद्ध में दिल्ली सल्नत के अंतिम वंश (लोदी वंश) के सुल्तान इब्राहिम लोदी को हराने के बाद मुग़ल वंश की स्थापना की थी।


बाबर ने भारत पर कई बार आक्रमण किया, जिनमें पानीपत के अलावा खनवा में राणा सांगा, चंदेरी में मेदनी राय, घाघरा में अफगानों को जंग में हराना शामिल है। युद्ध जीतने के बाद बाबर को कलंदर और गाजी जैसी उपाधियों से नवाजा गया था। बाबर के बाद उनके बेटे हुमायूं ने मुगल वंश को आगे बढ़ाया। बाबर के ही मुगल वंशजों ने हिन्दुस्तान पर करीब 300 साल तक शासन किया।




जलाल-उद-दीन मुहम्मद अकबर


अकबर (akbar), जिसे जलाल-उद-दीन मुहम्मद अकबर के नाम से भी जाना जाता है। ये तीसरे मुगल सम्राट थे जिन्होंने 1556 से 1605 तक शासन किया। अकबर मुगल सम्राट हुमायूं का पुत्र था। मात्र 13 वर्ष की छोटी सी उम्र में, राजा अकबर ने 1556 में अपने पिता नसीरुद्दीन हुमायूं के बाद सम्राट का पद संभाला। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मोड़ पर अपने पिता हुमायूं से पदभार संभाला और धीरे-धीरे मुगल साम्राज्य का विस्तार करते हुए व्यावहारिक रूप से पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को अपने अधीन कर लिया।




अकबर (akbar in hindi) सैन्य, राजनीति, संस्कृति और अर्थशास्त्र में सर्वोच्च थे। इसलिए, उन्होंने पूरे देश पर अपना अधिकार और प्रभाव बढ़ाया। उन्होंने अकबर के एक केंद्रीकृत प्रशासन की स्थापना की और एक कूटनीतिक और गठबंधन-केंद्रित विवाह नीति का पालन किया। उन्होंने अपनी धार्मिक नीतियों की मदद से अपने गैर-मुस्लिम नागरिकों की निष्ठा हासिल की। मुगल सम्राट अकबर मुगल साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली शासकों में से एक थे; उन्होंने कला, साहित्य और संस्कृति को शामिल करते हुए एक बहुसांस्कृतिक साम्राज्य के निर्माण का समर्थन किया।




औरंगजेब इतिहास के क्रूरतम शासकों में शामिल


मुहीउद्दीन मुहम्म्द (3 नवम्बर 1618  3 मार्च 1707), जिसे आम तौर पर औरंगज़ेब या आलमगीर के नाम पर पहचाना जाता है और जो भारत पर राज करने वाला छठवा मुग़ल शासक था। उसका शासन 1658 से लेकर 1707 में उनकी मृत्यु तक चला। औरंगज़ेब ने भारतीय उपमहाद्वीप पर लगभग आधी सदी राज किया। वह अकबर के बाद सबसे अधिक समय तक शासन करने वाला मुग़ल शासक था।


औरंगज़ेब के शासन में मुग़ल साम्राज्य अपने विस्तार के शिखर पर पहुँचा। उसने अपने जीवनकाल में दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में प्राप्त विजयों के माध्यम से मुग़ल साम्राज्य को साढ़े बारह लाख वर्ग मील में फैलाया। अपने जीवनकाल में, उसने पुरे दक्षिणी भारत में मुग़ल साम्राज्य का विस्तार करने का भरपूर प्रयास किया पर मराठा के वजह पुरे भारत पर राज नही कर सका और उसके शासन के बाद मुग़ल साम्राज्य का सिकुड़ना आरम्भ हो गया।


औरंगजेब को सबसे विवादास्पद मुग़ल शासक माना जाता है। उसने गैर-मुसलमानों के प्रति जज़िया कर जैसी भेदभावपूर्ण नीतियां लागू कीं और उनके शासन में बड़ी संख्या में हिंदू मंदिरों को नष्ट किया।औरंगज़ेब ने पूरे साम्राज्य पर शरियत आधारित फ़तवा-ए-आलमगीरी लागू किया । साथ ही सिखों के गुरु तेग बहादुर को भी उनके आदेश के तहत मार दिया गया था।</description><guid>7240</guid><pubDate>16-Jul-2025 2:00:19 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग छात्रों को प्लेसमेंट देने भिलाई आएगे Google और Microsoft</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7202</link><description>रायपुर. यह संभवत: पहली बार होगा जब छत्तीसगढ़ में Google और Microsoft जैसी दिग्गज कंपनियां इंजीनियरिंग छात्रों को प्लेसमेंट देने आएंगी. IBM और deltaX ने भी प्रदेश के टेक्नोक्रेट्स को हायर करने का फैसला ले लिया है. ये सभी कंपनियां रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी में आएंगी. इसके लिए रूंगटा यूनिवर्सिटी और कंपनियों के बीच एमओयू साइन किए गए हैं.




समझौते के तहत माइक्रोसॉफ्ट, गूगल व आईबीएम जैसी कंपनियां पहले छात्रों को तराशेंगी इसके बाद कंपनी के एचआर ऑफिशियल रूंगटा पहुंचकर उन्हें परखेंगे. रूंगटा यूनिवर्सिटी की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल ने छात्रों को शानदार प्लेसमेंट दिलाने के मकसद से 48 नई कंपनियों के साथ नए सिरे से एमओयू साइन किए हैं, जिसमें सैप, ईफीगो, कौरो हेल्थ, नोबडी टेक्नोलॉजी, नैकटेक, राइनेक्स टेक्नोलॉजी शामिल हुई हैं. पहले से 193 कंपनियों के साथ हुए करार को मिलाकर कुल 211 कंपनियों का प्लेसमेंट सपोर्ट मिलेगा.




टीसीएस प्रायोरिटी सेंटर का दर्जा
हाल ही में टाटा कंसलटेंसी सेंटर यानी टीसीएस ने रूंगटा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को प्रीमियम इंस्टीट्यूट का दर्जा देते हुए प्रायोरिटी सेंटर बनाया है. यह प्रायोरिटी सेंटर मध्य भारत में चुनिंदा कॉलेजों को ही बनाया गया है, जिसमें रूंगटा भी एक है.


मिला 38 लाख का पैकेज
हाल ही के कैंपस प्लेसमेंट में रूंगटा आर-1 के 2340 स्टूडेंट्स का इस साल देश-दुनिया की नामी कंपनियों में प्लेसमेंट हुआ है. तीन छात्रों को सैप लैब में 38 लाख के पैकेज पर नौकरी ऑफर की गई है. 60 युवाओं को 12 लाख रुपए सालाना की नौकरी का ऑफर लेटर भी मिला. इनके अलावा 2 हजार युवाओं को न्यूनतम 6.4 लाख रुपए सालाना के पैकेज पर प्लेसमेंट मिला.


</description><guid>7202</guid><pubDate>09-Jul-2025 11:12:36 am</pubDate></item><item><title>निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों पर बैन, डीईओ ने जारी किए निर्देश</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7128</link><description>रायपुर ।रायपुर जिले के सभी निजी स्कूल अब छात्रों को प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें नहीं पढ़ा सकेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इस संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए निजी प्रकाशकों की पुस्तकों पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश के मुताबिक, अब केवल SCERT और NCERT की किताबों से ही पठन-पाठन कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।



ये हैं आदेश की मुख्य बातें:
  छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में सिर्फ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकें लागू होंगी।
  स्कूल प्रबंधन पालकों को निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
  जिस बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, उसका नाम स्कूल के मुख्य द्वार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
  जूते, मोजे, टाई, बेल्ट जैसी सामग्री स्कूल परिसर में बेचना प्रतिबंधित किया गया है।
  पालकों को किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
  स्कूल बस सेवा ना लाभ, ना हानि के सिद्धांत पर संचालित होनी चाहिए।

  स्कूलों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में नोडल प्राचार्य के माध्यम से DEO कार्यालय में प्रमाण-पत्र जमा करना होगा, जिसमें यह पुष्टि हो कि वे सभी नियमों का पालन कर रहे हैं।

निजी स्कूल संघ ने जताई आपत्ति
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इस आदेश पर आपत्ति जताई है। अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने जिला शिक्षा कार्यालय को पत्र लिखकर कहा कि निजी प्रकाशकों की किताबों के उपयोग को लेकर उच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यदि कोई अशासकीय विद्यालय वैकल्पिक किताबों से बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा दे रहा है, तो उस पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक SCERT की निःशुल्क किताबें स्कूलों को पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

क्या असर पड़ेगा?
इस आदेश से रायपुर जिले के सैकड़ों निजी स्कूलों की किताबें और व्यवस्थाएं बदलनी होंगी। जहां एक ओर यह कदम अभिभावकों पर आर्थिक बोझ घटाने और शिक्षा में एकरूपता लाने की मंशा से लिया गया है, वहीं दूसरी ओर इससे स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के बीच टकराव की स्थिति भी बन सकती है।







</description><guid>7128</guid><pubDate>29-Jun-2025 10:42:03 am</pubDate></item><item><title>PSC में धोखाधड़ी रोकने का सरकार का नया फार्मूला, अब आधार के जरिये केवाईसी होगा अनिवार्य, राजपत्र में अधिसूचना जारी</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7109</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएससी परीक्षा में कोई फर्जी व्यक्ति न बैठ जाए, इसके लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। आधार के जरिये अब केवाईसी किया जाएगा। याने पीएससी के पास अभ्यर्थियों का पूरा डिटेल रहेगा। परीक्षा का फार्म भरने के बाद पीएससी परीक्षार्थियों का कंप्लीट डेटा तैया कर लेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी है।
</description><guid>7109</guid><pubDate>27-Jun-2025 11:23:22 am</pubDate></item><item><title>CBSE का बड़ा फैसला: अब शैक्षणिक सत्र 2026 से साल में दो बार होगी 10वीं की बोर्ड परीक्षा, जानिए क्या होंगे नियम</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7098</link><description>नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं बोर्ड परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए घोषणा की है कि शैक्षणिक सत्र 2026 से बोर्ड साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित करेगा। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी दी है।




दो चरणों में होगी परीक्षा
नई व्यवस्था के तहत 10वीं की बोर्ड परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी।




पहला चरण फरवरी में
दूसरा चरण मई में
पहले चरण की परीक्षा सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगी। जबकि दूसरे चरण की परीक्षा वैकल्पिक रहेगी और उसमें वे छात्र शामिल हो सकेंगे जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं।


सिलेबस रहेगा समान, केंद्र भी एक
दोनों चरणों में परीक्षा एक ही सिलेबस पर आधारित होगी और पूर्ण पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे जाएंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र दोनों चरणों में समान रहेंगे ताकि छात्रों को बार-बार बदलाव का सामना न करना पड़े।


रजिस्ट्रेशन के समय ही देनी होगी दोनों परीक्षाओं की फीस
CBSE के अनुसार, परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करते समय ही दोनों चरणों की परीक्षा फीस जमा करनी होगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी और छात्रों को बार-बार आवेदन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।


बोर्ड देगा अंकों में सुधार का अवसर
बोर्ड का यह प्रयास छात्रों को आत्ममूल्यांकन का अवसर देना है। यदि कोई छात्र दोनों चरणों में परीक्षा देता है, तो फाइनल रिजल्ट में उस विषय के उच्चतम अंक माने जाएंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि गणित में पहली परीक्षा में 70 और दूसरी में 78 अंक आते हैं, तो 78 अंक ही अंतिम परिणाम में शामिल किए जाएंगे।


तीन से ज्यादा विषय छोड़ने पर नहीं मिलेगा दूसरा मौका
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्र केवल तीन विषयों तक ही अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए दूसरी परीक्षा में बैठ सकेंगे। यदि कोई छात्र पहले चरण की परीक्षा में तीन या तीन से अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो उसे दूसरे चरण में बैठने का अवसर नहीं मिलेगा।


संभावित परीक्षा तिथियां घोषित
बोर्ड द्वारा जारी ड्राफ्ट शेड्यूल के अनुसार पहली परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च 2026 के बीच आयोजित हो सकती है। दूसरी परीक्षा 5 मई से 20 मई 2026 के बीच संभावित है। इन परीक्षाओं के परिणाम क्रमशः अप्रैल और जून में घोषित किए जाएंगे।


इंटरनल असेसमेंट रहेगा साल में एक बार
नए नियमों के तहत इंटर्नल असेसमेंट साल में केवल एक बार ही किया जाएगा। यह मूल्यांकन दोनों परीक्षाओं के लिए लागू होगा, जिससे विद्यालयों पर कार्यभार कम होगा और मूल्यांकन में एकरूपता बनी रहेगी।


नई शिक्षा नीति के अनुरूप निर्णय


यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सुझावों के अनुरूप है जिसका उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं को कम दबाव वाला और अधिक लचीला बनाना है। नीति के तहत यह सिफारिश की गई थी कि छात्रों को एक वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए।


सर्दी प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष सुविधा
सीबीएसई ने बताया कि जो छात्र सर्दी-प्रभावित इलाकों में पढ़ाई कर रहे हैं उन्हें किसी भी एक चरण की परीक्षा में शामिल होने की छूट दी जाएगी ताकि मौसम की बाधाएं उनके परीक्षा प्रदर्शन में रुकावट न बनें।


जनता से सुझाव लेकर बनाया गया निर्णय
फरवरी 2025 में ड्राफ्ट नियमों को सार्वजनिक मंच पर रखा गया था ताकि अभिभावकों छात्रों और शिक्षकों से प्रतिक्रिया ली जा सके। व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही सीबीएसई ने यह नई प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है।




छात्रों को मिलेगा सुधार का अवसर
CBSE की यह नई पहल उन छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी जो पहली बार में अपनी उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। अब उन्हें बिना साल दोहराए, उसी सत्र में अंकों में सुधार का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को भी कम करेगी।
</description><guid>7098</guid><pubDate>26-Jun-2025 8:25:14 am</pubDate></item><item><title>NEET UG Result 2025: आज NEET-UG रिजल्ट हो सकता है जारी, neet.nta.nic.in पर चेक कर सकेंगे स्कोरकार्ड</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=7002</link><description>NEET-UG 2025 के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे लाखों छात्रों का इंतजार आज (14 जून) समाप्त हो सकता है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) किसी भी समय परिणाम की घोषणा कर सकती है. यह परीक्षा 4 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें 20 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया. NTA ने 3 जून को OMR शीट के साथ NEET-UG की प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी और उम्मीदवारों को 5 जून तक आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया था. एनटीए ने संभवतः इन आपत्तियों की जांच कर ली होगी और इन्हीं के आधार पर फाइनल आंसर-की और परिणाम जारी करेगा.


एनटीए ने नीट यूजी 2025 के लिए जो अधिसूचना जारी की थी, उसमें यह स्पष्ट किया गया था कि परिणाम 14 जून 2025 तक घोषित किया जा सकता है. परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवार अपने परिणाम को नीट की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर देख सकते हैं. परिणाम के साथ-साथ मेरिट लिस्ट, कट-ऑफ और स्कोरकार्ड भी जारी किए जाएंगे, जिन्हें उम्मीदवार उसी वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे.




कैसे चेक कर सकते हैं रिजल्ट?


सबसे पहले, नीट की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं.


इसके बाद, होमपेज पर NEET UG 2025 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें.


फिर, अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स दर्ज करें और सबमिट करें.


अंत में, अपना रिजल्ट देखें और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर लें.


टॉप रैंक अभ्यर्थियों के नाम होंगे जारी


नीट यूजी 2025 के परिणामों की आधिकारिक घोषणा के साथ, एनटीए एक प्रेस नोट जारी करेगा, जिसमें कुल पास हुए उम्मीदवारों की संख्या, शीर्ष स्कोरर और श्रेणीवार प्रदर्शन के आंकड़े शामिल होंगे. इस प्रेस विज्ञप्ति में AIR 1 प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी. इसके अतिरिक्त, शीर्ष रैंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के नाम और उनके अंक मीडिया के साथ साझा किए जाएंगे और इन्हें आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाएगा.


टाई ब्रेकिंग नियम क्या है?


अगर नीट यूजी 2025 में दो या अधिक उम्मीदवारों के कुल अंक समान होते हैं, तो उनकी रैंक टाई ब्रेकिंग नियमों के अनुसार निर्धारित की जाएगी. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने इस प्रक्रिया के लिए विभिन्न मानदंड स्थापित किए हैं. सबसे पहले, बायोलॉजी (बोटनी और जूलॉजी) में उच्च अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी. यदि बायोलॉजी में अंक समान हैं, तो केमिस्ट्री में अधिक अंक वाले उम्मीदवार को वरीयता मिलेगी. इसके बाद, यदि बायोलॉजी और केमिस्ट्री में अंक समान हैं, तो फिजिक्स में अधिक अंक पाने वाले को प्राथमिकता दी जाएगी. यदि सभी विषयों में अंक समान हैं, तो कम गलत उत्तर देने वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जाएगी. अंत में, उम्र के आधार पर, अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी.




</description><guid>7002</guid><pubDate>14-Jun-2025 12:36:43 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ बोर्ड की दूसरी मुख्य परीक्षा 8 जुलाई से</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6980</link><description>रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की दूसरी मुख्य परीक्षा 8 जुलाई से आयोजित की जाएगी. 12वीं की परीक्षा 8 जुलाई और 10वीं की परीक्षा 9 जुलाई प्रारंभ होगी. गत वर्ष से पूरक परीक्षा के बजाय माशिमं द्वारा दूसरी बार बोर्ड परीक्षा आयोजित की जा रही है. इन दिनों पहली परीक्षा के बाद पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है. इस बीच दूसरी परीक्षा के लिए फॉर्म भी भरे जा रहे हैं. सामान्य शुल्क के साथ फॉर्म भरने की अंतिम तिथि खत्म हो चुकी है. अब विलंब शुल्क के साथ 20 जून तक तथा विशेष विलंब शुल्क के साथ 21 से 30 जून तक फॉर्म भरे जा सकते हैं.




परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक आयोजित होगी. माशिमं ने दूसरी मुख्य परीक्षा की समय सारणी आज जारी कर दी. कक्षा 12वीं की परीक्षा 8 जुलाई से प्रारंभ होकर 22 जुलाई तक चलेगी. वहीं 10वीं की परीक्षा 9 जुलाई से 21 जुलाई तक आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा में पहली परीक्षा में अनुत्तीर्ण के अलावा पूरक तथा कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी श्रेणी सुधार के लिए सम्मिलित हो सकेंगे. पिछले साल बड़ी संख्या में प्रथम श्रेणी में आए विद्यार्थियों ने भी दूसरी परीक्षा दी थी.




दूसरी परीक्षा की समय सारणी कक्षा बारहवीं 8 जुलाई- हिन्दी, 10 जुलाई- अंग्रेजी, 11 जुलाई- संस्कृत, 12 जुलाई- इतिहास, व्यवसाय अध्ययन, कृषि विज्ञान के तत्व एवं गणित, ड्राइंग एंड पेंटिंग, आहार एवं पोषण, 14 जुलाई- मराठी, उर्दू पंजाबी, सिंधी, बंगाली, गुजराती, तेलगू, तमिल, मलयालम, कन्नड़, उड़िया, 15 जुलाई-भूगोल, भौतिक शास्त्र, 16 जुलाई- समाज शास्त्र, 17 जुलाई- राजनीति विज्ञान, रसायन शास्त्र, लेखा शास्त्र, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, वस्तु चित्रण एवं आलेखन, शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा, 18 जुलाई- मनोविज्ञान, 19 जुलाई- रिटेल मार्केटिंग मैनेजमेंट, आईटी, ऑटोमोबाइल सर्विस टेक्निशियन, हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर, मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, टेलीकम्प्यूनिकेशन, बैंकिंग फाइनेंसियल सर्विस एंड इंश्युरेंस, ब्यूटी एंट वेलनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, 21 जुलाई- गणित, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, भारतीय संगीत, चित्रकला, नृत्यकला, स्टेनो टायपिस्ट, कृषि, गृह विज्ञान, वाणिज्यिक गणित, औद्योगिक संगठन के मूल तत्व, 22 जुलाई- जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, पशुपालन, दुग्व प्रौद्योगिकी मत्स्य एवं कुक्कट पालन, भारतीय कला का इतिहास, विज्ञान के तत्व. कक्षा दसवीं- 9 जुलाई-गणित, 11 जुलाई प्रथम भाषा हिन्दी, 14 जुलाई- द्वितीय भाषा अंग्रेजी, 15 जुलाई- व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विषय, 16 जुलाई- विज्ञान, 18 जुलाई सामाजिक विज्ञान, 19 जुलाई- तृतीय भाषा, 21 जुलाई- केवल दृष्टिहीन छात्रों के लिए संगीत, केवल मूक बधिर छात्रों के लिए ड्राइंग एंड पेंटिंग.
</description><guid>6980</guid><pubDate>11-Jun-2025 11:19:09 am</pubDate></item><item><title>CBSE का स्कूलों को निर्देश : तीन से 11 साल के बच्चों की मातृभाषा में होगी पढ़ाई, इसी सत्र से करेंगे लागू, लर्निंग बेहतर करने में मिलेगी मदद</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6844</link><description>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 22 मई को गाइडलाइंस जारी की है। बोर्ड ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए मातृभाषा को प्राथमिक शिक्षा का माध्यम बनाने का निर्देश जारी किया है। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब 3 से 11 साल तक यानी प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृभाषा, घरेलू भाषा या क्षेत्रीय भाषा में कराई जाएगी।




सीबीएसई के इस फैसले की नींव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा स्कूल शिक्षा 2023 (NCFSE 2023) पर आधारित है, जो शुरुआती शिक्षा में मातृभाषा के उपयोग को सबसे ज्यादा प्रभावशाली मानते हैं।


CBSE ने स्कूलों को दिए निर्देश


सीबीएसई के 22 मई को जारी सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी संबद्ध स्कूलों को छात्रों की मातृभाषा को जल्द से जल्द मैप करना होगा और इसके अनुसार शिक्षण व्यवस्था तैयार करनी होगी। जुलाई 2025 से यह नई नीति लागू हो सकती है।


प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक की शिक्षा को फाउंडेशनल स्टेज कहा गया है। इसमें पढ़ाई मातृभाषा या घरेलू भाषा में अनिवार्य की गई है।
कक्षा 3 से 5वीं तक के छात्रों के लिए भी मातृभाषा में पढ़ाई की सलाह दी गई है, हालांकि यहां माध्यम बदलने का विकल्प खुला रखा गया है।
मातृभाषा में पढाई क्यों है जरूरी?


सर्कुलर में कहा गया है कि छोटे बच्चे अपने घर की भाषा में ही सबसे तेजी से और गहराई से कॉन्सेप्ट को समझ पाते हैं। इसलिए शुरुआती शिक्षा में मातृभाषा का उपयोग बच्चे की सीखने की क्षमता, आत्मविश्वास और समझ को कई गुना बढ़ा सकता है।


बता दें कि, UNESCO की मार्च 2024 में लैंग्वेज मैटर-ग्लोबल गाइडेंस ऑन मल्टीलिंग्वल एजुकेशन रिपोर्ट में बताया गया कि दुनियाभर में 40% बच्चों और युवाओं के पास उनकी मदर-टंग में पढ़ने की सुविधा नहीं है। यही वजह है कि दुनिया के कई हिस्सों में बच्चे स्कूल तो जा रहे हैं लेकिन वो सिंपल टेक्स्ट नहीं पढ़ पाते और सिंपल मैथ्स सॉल्व नहीं कर पाते।


इस रिपोर्ट में बताया गया कि, साल 2016 में 617 मिलियन बच्चे फाउंडेशनल लिट्रेसी और न्यूमरेसी नहीं सीख रहे थे। इनमें से दो तिहाई स्कूल जाते थे। कोविड महामारी से पहले लो और मिडल इनकम देशों के 57% 10-वर्षीय-बच्चे सिंपल टेक्स्ट नहीं पढ़ पा रहे थे। ये आंकड़ा कोविड महामारी के बाद 70% हो गया।




राजस्थान के डुंगरपुर जिले में कारगर रहा एक्सपेरिमेंट


राजस्थान के डुंगरपुर जिले में गुजरात में बोली जाने वाली वागड़ी भाषा काफी बोली जाती हैं। साल 2019 में यहां टीचर्स ने बच्चों को वागड़ी भाषा में ही पढ़ाना शुरू किया। इसके कुछ दिन बाद जब बच्चों का असेसमेंट लिया गया तो सामने आया कि उनकी रीडिंग स्किल्स पहले से काफी बेहतर थी। यूरोप और अफ्रीका में भी ऐसे ही नतीजे सामने आए हैं। इसके अलावा मातृभाषा में अगर बच्चे को बेसिक एजुकेशन दी जाए तो उसके लिए दूसरी भाषाएं सीखनी भी आसान हो जाती हैं।




जल्द बनेगी NCF कार्यान्वयन समिति


CBSE ने सभी स्कूलों को मई 2025 के अंत तक एनसीएफ कार्यान्वयन समिति (NCF Implementation Committee0 गठित करने को कहा है। ये समिति छात्रों की मातृभाषा की पहचान करेगी और भाषा संसाधनों की मैपिंग करेगी। साथ ही, स्कूलों को लैंग्वेज मैपिंग एक्सरसाइज भी जल्द से जल्द पूरी करने के लिए कहा गया है।

</description><guid>6844</guid><pubDate>26-May-2025 8:08:28 am</pubDate></item><item><title>NEET PG: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मेडिकल कॉलेजों को काउंसलिंग से पहले बतानी होगी फीस</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6813</link><description>सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में सीटों के बड़े पैमाने पर ब्लॉक होने की समस्या पर चिंता जताई है. इस मुद्दे को हल करने के लिए, कोर्ट ने सभी निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा, स्नातकोत्तर (NEET-PG) के लिए काउंसलिंग से पहले शुल्क भुगतान की जानकारी प्रदान करना अनिवार्य कर दिया है.




जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की पीठ ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए सीट ब्लॉक करने पर कड़े दंड लगाने का आदेश दिया है. इस आदेश के अनुसार, जो छात्र सीट ब्लॉक करेंगे, उनकी सुरक्षा जमा राशि जब्त की जाएगी और उन्हें भविष्य की नीट-पीजी परीक्षाओं के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा. इसके अलावा, यदि कोई कॉलेज मिलीभगत में पाया गया, तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा. पीठ ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेजों में सीट रोकने की यह प्रथा वास्तविक सीट उपलब्धता को विकृत करती है, जिससे छात्रों के बीच असमानता बढ़ती है और यह प्रक्रिया योग्यता के बजाय संयोग पर आधारित हो जाती है. यह निर्णय यूपी सरकार और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक, लखनऊ द्वारा दायर याचिका पर दिया गया, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2018 के फैसले को चुनौती दी गई थी.






पीठ ने कहा कि नीट-पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया को स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों के आवंटन के लिए एक पारदर्शी और योग्यता-आधारित राष्ट्रीय तंत्र के रूप में स्थापित किया गया था, लेकिन समय के साथ यह व्यापक सीट ब्लॉकिंग की समस्या का सामना करने लगा है. पीठ ने यह भी उल्लेख किया कि नियामक निकायों ने इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए तकनीकी उपायों को लागू किया है, लेकिन समन्वय, वास्तविक समय में दृश्यता और समान प्रवर्तन की चुनौतियाँ अभी भी काफी हद तक अनसुलझी बनी हुई हैं.


एक समन्वित काउंसलिंग कैलेंडर को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करना आवश्यक है, ताकि अखिल भारतीय और राज्य स्तरीय कोटा को सही तरीके से संरेखित किया जा सके और सिस्टम में सीट ब्लॉकिंग को रोका जा सके.


सभी निजी और डिम्ड विश्वविद्यालयों को प्री-काउंसलिंग शुल्क के तहत ट्यूशन, छात्रावास, कॉशन मनी और अन्य विविध शुल्कों का स्पष्ट विवरण प्रदान करना अनिवार्य होगा.


इसके अलावा, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अधीन एक केंद्रीकृत शुल्क विनियमन ढांचा स्थापित करना भी आवश्यक है.


नए प्रवेश के लिए काउंसलिंग को पुनः खोले बिना, भर्ती उम्मीदवारों को बेहतर सीटों पर स्थानांतरित करने के लिए राउंड दो के बाद अपग्रेड विंडो की अनुमति दी जानी चाहिए.


मल्टी-शिफ्ट नीट-पीजी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अंकों, उत्तर कुंजी और सामान्यीकरण सूत्रों को प्रकाशित किया जाना आवश्यक है.


कई सीटों पर कब्जा करने और गलत बयानी को रोकने के लिए आधार-आधारित सीट ट्रैकिंग को लागू किया जाना चाहिए. नियमों या अनुसूचियों के उल्लंघन के लिए राज्य प्राधिकरणों और संस्थागत डीएमई खाताधारकों को अवमानना या अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत जवाबदेह ठहराना भी महत्वपूर्ण है.


सभी राज्यों में पात्रता, मॉप-अप राउंड, सीट वापसी और शिकायत समयसीमा के लिए मानक नियमों के अनुसार एक समान परामर्श आचरण संहिता अपनाई जानी चाहिए.


परामर्श डेटा, अनुपालन और प्रवेश निष्पक्षता के वार्षिक ऑडिट के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के तहत एक तृतीय-पक्ष निगरानी तंत्र की स्थापना की जानी चाहिए.
</description><guid>6813</guid><pubDate>23-May-2025 11:06:11 am</pubDate></item><item><title> चार्टर्ड अकाउंटेंट्स परीक्षा रद्द, भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच ICAI का फैसला</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6695</link><description>चार्टर्ड अकाउंटेंट्स परीक्षा रद्द कर दी गई है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच ICAI का फैसला एग्जाम को रद्द करने का फैसला लिया है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने कहा कि देश के मौजूदा हालात को देखते हुए CA फाइनल, इंटरमीडिएट और PQC के एक्जाम पोस्टपोन कर दिए हैं। बता दें कि CA फाइनल, इंटरमीडिएट और PQC के एक्जाम 9 से 14 मई तक होने थे। फिलहाल इसे टाल दिया गया है।






</description><guid>6695</guid><pubDate>09-May-2025 11:16:19 am</pubDate></item><item><title>DU के मनोविज्ञान पाठ्यक्रम में कश्मीर मुद्दा शामिल करने पर बवाल,राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6648</link><description>दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की सदस्य डॉ. मोनामी सिन्हा ने विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान पाठ्यक्रम में हो रही छेड़छाड़ और अत्यधिक जांच को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने शुक्रवार को स्टैंडिंग कमेटी ऑन एकेडमिक मैटर्स की बैठक में इस मुद्दे को उठाया, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.




NEET UG Guidelines: नीट परीक्षा कल, क्या ले जाएं, क्या बैन, जानें ड्रेस कोड, डॉक्यूमेंट लिस्ट और नियम




डॉ. सिन्हा, जो कमला नेहरू कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं, ने बैठक में पाठ्यक्रम के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर उठाए गए सवालों की जानकारी दी. विशेष रूप से, पाठ्यक्रम में शामिल पश्चिमी दृष्टिकोण और कुछ राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषयों पर आपत्तियां व्यक्त की गईं.


Psychology of Peace को लेकर विवाद


सबसे अधिक चर्चा Psychology of Peace पाठ्यक्रम की चौथी यूनिट पर केंद्रित रही, जिसमें इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष और कश्मीर मुद्दे जैसे केस स्टडीज के माध्यम से संघर्ष और समाधान की प्रक्रियाओं का विश्लेषण किया गया है. सिन्हा के अनुसार, इस यूनिट को पूरी तरह से हटाने का सुझाव दिया गया, यह तर्क करते हुए कि कश्मीर मुद्दा अब सुलझ चुका है और इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष को पढ़ाने की आवश्यकता नहीं है. इसके बजाय, महाभारत और भगवद गीता जैसे भारतीय दार्शनिक ग्रंथों को शामिल करने की सिफारिश की गई, ताकि स्वदेशी दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जा सके.




सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर भी आपत्ति


डॉ. सिन्हा ने बताया कि एक अन्य वैकल्पिक पाठ्यक्रम में सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स से संबंधित विषयों पर आपत्ति उठाई गई है. यह तर्क दिया गया कि ये विषय भारतीय कक्षा के लिए उपयुक्त नहीं हैं और पाठ्यक्रम को पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए. हालांकि, सिन्हा ने इसे युवाओं की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया.




Psychology of Diversity में बदलाव की मांग


सिन्हा के अनुसार, Psychology of Diversity पाठ्यक्रम में जातीय भेदभाव, स्त्रीद्वेष और पूर्वाग्रह जैसे मुद्दों को शामिल करने पर आपत्ति उठाई गई है. इसके बजाय, एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. इसके साथ ही, अल्पसंख्यक समूहों के मानसिक अनुभव को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली Minority Stress Theory को भी पाठ्यक्रम से हटाने का सुझाव दिया गया है.


शैक्षणिक स्वतंत्रता पर खतरा


डॉ. सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उठाई गई आपत्तियां शैक्षणिक नहीं, बल्कि वैचारिक और राजनीतिक प्रेरित हैं. उन्होंने कहा कि शैक्षणिक निर्णयों का आधार केवल शिक्षण और अनुसंधान होना चाहिए, न कि किसी विशेष विचारधारा का प्रभाव. विषयों को हटाने से न केवल उनकी गहराई में कमी आती है, बल्कि यह छात्रों को हमारे समाज की जटिल वास्तविकताओं से भी दूर कर देता है.
</description><guid>6648</guid><pubDate>03-May-2025 11:17:57 am</pubDate></item><item><title>नीट परीक्षा कल, क्या ले जाएं, क्या बैन, जानें ड्रेस कोड, डॉक्यूमेंट लिस्ट और नियम</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6646</link><description> रविवार को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक देशभर के मेडिकल कॉलेजों में MBBS कोर्स के लिए NEET UG प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. विद्यार्थियों को अपने साथ पेन लाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि परीक्षा केंद्र पर पेन उपलब्ध कराया जाएगा. परीक्षार्थियों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर कार्ड या 12वीं कक्षा का प्रवेश पत्र, जिसमें उनकी फोटो हो, में से कोई एक मूल पहचान पत्र लाना अनिवार्य है.






नीट परीक्षा के माध्यम से देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस और अन्य विभिन्न अंडर ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त, मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) के लिए भी अभ्यर्थी नीट यूजी परीक्षा के अंकों के आधार पर आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विस हॉस्पिटल के बीएससी नर्सिंग कोर्स में दाखिला ले सकते हैं.


1. नीट ड्रेस कोड ( NEET Dress Code )


नीट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को आधी बाजू की शर्ट या टी-शर्ट पहनकर आना होगा, लंबी बाजू वाले कपड़ों की अनुमति नहीं है.


छात्रों को ट्राउजर या साधारण पैंट पहनने की सलाह दी जाती है, जिसमें जेब हो सकती है, लेकिन बड़े बटनों और कई चेनों वाले कपड़ों से बचना .


मेटल बटन वाली जींस पहनने से भी परहेज करें, किसी भी ड्रेस में मेटल के बटन नहीं होने चाहिए.


महिलाएं आधी बाजू की कुर्ती या टॉप पहन सकती हैं.


स्टूडेंट्स को जूते पहनने की अनुमति नहीं है, उन्हें चप्पल या सैंडल पहनकर आना होगा, और महिलाएं कम हील वाली सैंडल का चयन कर सकती हैं.


जूलरी पहनकर आना भी मना है, साथ ही सन ग्लासेस, हाथ की घड़ी, और टोपी पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं है.


इसके अलावा, हेयर बैंड, कड़ा, ताबीज, बेल्ट, स्कार्फ, अंगूठी, कान की बालियां, नाक की लौंग, गले का हार, बिल्ला, कलाई घड़ी, ब्रेसलेट, कमैरी और मेटेलिक आइटम अपने साथ लाने से बचें.


2. किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा हॉल में प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड, सेल्फ डिक्लेयरेशन, फोटो आईडी प्रूफ और फ्रिस्किंग की प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य है.


3. यदि उम्मीदवार सांस्कृतिक या पारंपरिक वस्त्र या धार्मिक प्रतीक पहनकर आ रहे हैं, तो उन्हें परीक्षा केंद्र पर कम से कम डेढ़ घंटे पहले, यानी दोपहर 12.30 बजे तक रिपोर्ट करना होगा ताकि उनकी तलाशी ली जा सके.


4. सिर्फ इन चीजों को ले जाने की अनुमति


उम्मीदवारों को अपने नीट एडमिट कार्ड के साथ ऑरिजनल आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या किसी अन्य फोटो आईडी प्रूफ लाना अनिवार्य है.


एडमिट कार्ड पर पासपोर्ट साइज फोटो चिपकाना आवश्यक है. इसके अलावा, अटेंडेंस शीट पर चिपकाने के लिए एक अतिरिक्त पासपोर्ट साइज फोटो लाना भी जरूरी है, जिसका बैकग्राउंड सफेद होना चाहिए.


एडमिट कार्ड के साथ डाउनलोड किए गए प्रोफार्मा में पोस्टकार्ड साइज (4*6) का फोटो लगाना होगा, जिसे परीक्षा हॉल में इनविजिलेटर को प्रस्तुत करना होगा. यदि कोई उम्मीदवार एडमिट कार्ड के साथ प्रोफार्मा पर पोस्टकार्ड आकार का फोटो और एक अन्य पासपोर्ट आकार का फोटो नहीं लाएगा, तो उसे प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.


उम्मीदवार अपनी एक ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल भी ले जा सकते हैं.


5. नीट परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड के साथ सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म और अंडरटेकिंग फॉर्म लाना अनिवार्य है, और यह फॉर्म भरा हुआ होना चाहिए.


6. परीक्षा में प्रवेश 1.30 बजे के बाद नहीं दिया जाएगा. परीक्षा 2 बजे शुरू होगी, और अभ्यर्थियों को आधा घंटा पहले, यानी 1.30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति होगी. 1.30 बजे के बाद आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिलेगा.


7. परीक्षा केंद्र में कुछ चीजों को लाना सख्त मना है. किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, माइक्रोफोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, ज्योमेट्री या पेंसिल बॉक्स, और घड़ी लाने की अनुमति नहीं है. इसके अलावा, परीक्षा केंद्र में खाने-पीने की चीजें और जूलरी पहनकर आना भी मना है.


8. सभी रफ कार्य छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका में ही करना होगा, अन्यथा उनकी उत्तर पुस्तिका की जांच नहीं की जाएगी.


9. नीट यूजी परीक्षा की OMR शीट पर छात्रों को अपने रोल नंबर, पेपर कोड, प्रश्न पत्र बुकलेट नंबर और व्यक्तिगत जानकारी को अत्यंत सावधानी से भरना आवश्यक है. गोले भरते समय पेन की इंक को दूसरे ओवल पर नहीं लगाना चाहिए. कटिंग, ओवरराइटिंग और इरेजिंग से भी बचना चाहिए.


10. टॉयलेट ब्रेक के दौरान छात्रों की फिर से फ्रिस्किंग की जाएगी.
</description><guid>6646</guid><pubDate>03-May-2025 11:11:07 am</pubDate></item><item><title>NCERT किताबों में बड़ा बदलाव: मुगलों और दिल्ली सल्तनत के हटाए गए चैप्टर</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6592</link><description>नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 7 की पाठ्यपुस्तकों से मुगलों और दिल्ली सल्तनत से संबंधित अध्याय हटा दिए हैं. अब इनकी जगह भारतीय राजवंशों, पवित्र भूगोल, महाकुंभ और सरकारी योजनाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है. यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCFSE) 2023 के अनुरूप किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय परंपराओं, दर्शन, शिक्षा व्यवस्था और स्थानीय संदर्भ को बढ़ावा देना है.




कोविड महामारी के दौरान शुरू हुई थी चर्चा
NCERT अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव पाठ्यपुस्तकों के पहले हिस्से का हिस्सा है, जबकि दूसरा हिस्सा अगले कुछ महीनों में जारी किया जाएगा. कोविड-19 महामारी के दौरान पहले ही मुगलों और दिल्ली सल्तनत पर आधारित अध्यायों को कम किया गया था. अब, इन विषयों को पूरी तरह से हटा दिया गया है. इसके बजाय, Exploring Society: India and Beyond नामक सामाजिक विज्ञान की किताब में प्राचीन भारतीय राजवंशों जैसे मगध, मौर्य, शुंग और सातवाहन पर विशेष ध्यान दिया गया है. इसके साथ ही, भारतीय इतिहास की सांस्कृतिक और धार्मिक धारा को प्रमुखता दी गई है.




नई किताबों में पवित्र भूगोल और महाकुंभ का जिक्र
नई पाठ्यपुस्तकों में एक नया अध्याय पवित्र भूगोल जोड़ा गया है, जिसमें भारत के पवित्र स्थानों और तीर्थयात्राओं का विवरण दिया गया है. इस अध्याय में 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम यात्रा और शक्ति पीठों का उल्लेख किया गया है, जो भारतीय धार्मिकता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करते हैं. इसके साथ ही, महाकुंभ मेला का भी जिक्र किया गया है, जो हाल ही में प्रयागराज में आयोजित हुआ था, जिसमें लगभग 660 मिलियन लोग शामिल हुए थे. हालांकि, इस अध्याय में भगदड़ की घटनाओं का जिक्र नहीं किया गया, जिसमें 30 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई थी.


सरकारी योजनाओं का भी समावेश
नई पाठ्यपुस्तकों में भारतीय सरकार की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख भी किया गया है, जैसे मेक इन इंडिया, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और अटल सुरंग, जो देश की विकासात्मक दिशा और भविष्य को आकार दे रही हैं. इसके अलावा, एक अध्याय में भारत के संविधान की चर्चा करते हुए यह बताया गया है कि 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अधिकार को नागरिकों के मौलिक अधिकार में शामिल किया.


हालांकि, इस बदलाव को लेकर कुछ आलोचनाएं भी उठ रही हैं, खासकर किताबों में भगवाकरण का आरोप लगाए जाने के कारण.
</description><guid>6592</guid><pubDate>28-Apr-2025 8:16:38 am</pubDate></item><item><title>सेजेस स्कूल के शिक्षक विज्ञान, गणित व प्रौद्योगिकी के प्रशिक्षण हेतु जाएंगे पुणे</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6566</link><description>सूरजपुर।कलेक्टर एस. जयवर्धन एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश नंदिनी साहू के मार्गदर्शन में जिले में संचालित 06 पीएमश्री हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी शालाओं से एक-एक विषय विशेषज्ञों का चयन विज्ञान, गणित व प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण प्राप्त करने पुणे जाने के लिए हुआ है। पीएमश्री स्कूलों के अलग-अलग विषयों के व्याख्याताओं का चयन STEM  शिक्षकों का क्षमता निर्माण कार्यशाला उच्च शिक्षण संस्थाओं के साथ मिलकर गणित, विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी में IISER (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइन्स एजुकेशन एवं रिसर्च) पुणे में होना निर्धारित है। जिसमें सूरजपुर जिले के तृतीय एवं चतुर्थ चरण में चयनित सभी 06 हायर सेकेण्डरी (कक्षा 01 से 12) तक संचालित विद्यालयों के व्याख्याताओं को दिनांक 27 अप्रैल 2025 से 02 मई 2025 तक पांच दिवसीय कार्यशाला हेतु चयन हुआ है। चयनित व्याख्याताओं में शा०पीएमश्री सेजेस प्रेमनगर, नवापारा, जयनगर, बतरा, ओड़गी एवं रामानुजनगर से कुल 06 शिक्षकों का चयन हुआ है।





ये सभी शिक्षक गुरूवार 24 अप्रैल को गंतव्य के लिए रवाना होगें। इस जिले से जिन व्याख्याताओं का चयन हुआ है जिसमें तृतीय चरण में चयनित पीएमश्री सेजेस विद्यालय नवापारा से दुष्यन्त राजवाड़े एवं प्रेमनगर से पूर्णिमा सागर तथा चतुर्थ चरण में चयनित विद्यालय सेजेस जयनगर से शशि शेखर शर्मा रामानुजनगर से ऋषिकेश साहू सेजेस ओड़गी से विनय कुमार तथा सेजेस बतरा से अमरीन का चयन हुआ है।
STEM  प्रशिक्षण कार्यशाला आज के विद्यार्थियों के कैरियर निर्माण की दिशा में आने वाली चुनौतियों का सामना करने पूर्ण रूपेण सक्षम बनायेगें। कौशल विकास में भी यह मदद करेगी। प्रशिक्षण से लौटकर ये शिक्षक बच्चों के चहुमुखी विकास हेतु मील का पत्थर साबित होगें। यह कार्यशाला राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर के द्वारा आयोजित की गई है।
कार्यक्रम में विज्ञान एवं तकनीकी विषयों का गहन प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञों से संवाद नवाचार पर आधारित गतिविधियां शामिल रहेंगी।
</description><guid>6566</guid><pubDate>24-Apr-2025 2:11:06 pm</pubDate></item><item><title>CG Board Result 2025 Date: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे को लेकर बड़ा अपडेट</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6519</link><description>रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा संचालित 10वीं एवं 12वीं बोर्ड (Board) परीक्षा के नतीजे (Results) मई के पहले सप्ताह में घोषित होंगे. उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन (Evaluation) पूरा हो चुका है. 10वीं एवं 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रदेश के 36 केन्द्रों में किया गया.






माशिमं द्वारा मूल्यांकन दो चरणों में कराया गया. दूसरे चरण का मूल्यांकन पूरा करने के लिए 18 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गई थी. माशिमं की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी. पिल्ले एवं सचिव श्रीमती पुष्पा साहू द्वारा रोजाना सभी जिले से मूल्यांकन की स्थिति की जानकारी ली गई. जिस केन्द्र में मूल्यांकन की रफ्तार धीमी थी, वहां वस्तुस्थिति की जानकारी लेकर तेजी लाने की व्यवस्था की गई. मूल्यांकन के पूर्व ही समस्त मूल्यांकन केन्द्र के प्रभारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश (Guidelines) दिए गए, जिसके अनुसार ही मूल्यांकन कराया गया. बताते हैं कि इस बार मूल्यांकनकर्ताओं की संख्या बढ़ाई गई ताकि न केवल मूल्यांकन समय पर पूरा हो सके, बल्कि किसी मूल्यांकनकर्ता (Evaluator) के अनुपस्थित रहने पर भी संबंधित विषय (Subject) का मूल्यांकन कार्य प्रभावित न हो. प्राप्त जानकारी के अनुसार माशिमं मई के पहले सप्ताह में दोनों परीक्षाओं के नतीजे (Results) एक साथ घोषित करने की तैयारियों में जुटा हुआ है. मूल्यांकन के तत्काल बाद नतीजे तैयार करने का काम तेजी से हो रहा है. पिछले साल 9 मई को आए थे नतीजे -माशिमं द्वारा पिछले साल 9 मई को दोनों कक्षाओं (Classes) के नतीजे (Results) जारी किए गए थे. कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम (Result) 75.61 फीसदी था. वहीं 12वीं में 80.74 फीसदी विद्यार्थी (Students) उत्तीर्ण हुए थे. इस बार 9 मई के पहले नतीजे (Results) घोषित किए जाने की संभावना है. हर साल की तरह दोनों कक्षाओं की अस्थायी प्रावीण्य सूची (Merit List) भी जारी की जाएगी. (CG Board Result 2025 Date)




Toppers को अब तक पुरस्कार नहीं मिले
गत वर्ष 2024-25 में मेरिट (Merit) में आए विद्यार्थियों (Students) को अब तक प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त नहीं हुए हैं. प्रोत्साहन योजना के नामकरण में देरी के चलते सम्मान समारोह (Award Ceremony) अटका रहा. अब राज्य शासन ने स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना (Meritorious Student Incentive Scheme) के नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कर दिया है. उम्मीद है कि शीघ्र ही पिछले साल के टॉपरों (Toppers) का सम्मान समारोह (Award Ceremony) आयोजित होगा. गत वर्ष कक्षा 10वीं में रिकॉर्ड (Record) 73 और कक्षा 12वीं में 23 विद्यार्थी (Students) टॉप टेन में आए थे. मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना (Meritorious Student Incentive Scheme) के तहत प्रत्येक टॉपर (Topper) को डेढ़ लाख रुपए की नगद राशि से सम्मानित किया जाता है.
</description><guid>6519</guid><pubDate>20-Apr-2025 10:53:02 am</pubDate></item><item><title>इस दिन आएगा बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट, इन छात्रों को मिलेगा बोनस अंक..</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6507</link><description>रायपुर।छत्तीसगढ़ के 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा पूर्ण होने के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने का काम पूरा हो चुका है। अब छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) परिणाम बनाने की तैयारी में जुट गया है। माशिमं के अधिकारियों के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम एकसाथ जारी करने की तैयारी चल रही है। लाखों छात्र-छात्रों के अंक को माशिमं की गुप्त शाखा में कम्प्यूटर में फीड किया जा रहा है।





10वीं और 12वीं के एक साथ जारी होंगे रिजल्ट
मई के दूसरे सप्ताह तक बोर्ड परीक्षाओं केपरिणामजारी कर दिए जाएंगे। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में करीब 5.70 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। माशिमं के उप सचिव जेके अग्रवाल ने बताया कि इस बार एकसाथ परिणाम घोषित करने की तैयारी कर रहे हैं। मई के दूसरे सप्ताह में परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। परिणाम घोषित होने के बाद माशिमं के ऑफिशियल वेबसाइट पर डाल दिया जायेगा। जहां छात्र रोल नंबर से अपने रिजल्ट चेक कर सकेंगे।

मई के दूसरे सप्ताह में बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट
बोर्ड परीक्षाएं इस बार मार्च में आयोजित की गई थी, जिनमें करीब10वीं और 12वीं बोर्डपरीक्षाओंमें करीब 5.70 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। परीक्षाएं 28 मार्च तक आयोजित की गईं। उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन अप्रैल के पहले सप्ताह में ही शुरू हो गया था।

प्रदेशभर में कुल 36 सेंटर उत्तरपुस्तिकाओं के जांचने के लिए बनाए गए थे, जिनमें करीब 20 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। मूल्यांकन का काम पूरा होने के बाद माशिमं कार्यालय में अंकों की कापी भेजी जा चुकी है। अब रिजल्ट बनाने का काम किया जा रहा है।


खेलों में पदक विजेताओं को बोनस अंक
बोर्ड परीक्षा में खेल, स्काउट गाइड, एनसीसी, एनएसएस, साक्षरता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बोनस अंक दिए जाते हैं। यह बोनस अंक राज्य, राष्ट्रीय औरअंतरराष्ट्रीयस्तर पर प्रदर्शन के आधार दिए जाते हैं। राज्य स्तर पर पदक जीतने पर 10 अंक, राष्ट्रीय स्तर के लिए 15 अंक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए 20 अंक बोनस के रूप में प्रदान करने का नियम है।


</description><guid>6507</guid><pubDate>19-Apr-2025 11:28:37 am</pubDate></item><item><title>जेईई मेन रिजल्ट जारी, ओमप्रकाश बेहरा ने हासिल किया 1रैंक, देखें टॉपर लिस्ट और कटऑफ</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6503</link><description>जेईई मेन सत्र 2 का परिणाम अब उपलब्ध है. छात्र अपने स्कोरकार्ड को आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर देख और डाउनलोड कर सकते हैं. रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को अपने एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड का उपयोग करना होगा. जेईई मेन में शीर्ष 2.5 लाख रैंक धारक JEE एडवांस्ड परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. ओमप्रकाश बेहरा ने जेईई मेन 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है. उन्होंने जेईई मेन जनवरी सत्र में 300 में से पूर्ण 300 अंक प्राप्त किए थे.


जेईई मेन रिजल्ट की कटऑफ के अनुसार, सामान्य श्रेणी के छात्रों को जेईई एडवांस्ड में शामिल होने के लिए 93.10 पर्सेंटाइल प्राप्त करना अनिवार्य है. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए कटऑफ 80.38, ओबीसी के लिए 79.43, अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 61.15 और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 47.90 निर्धारित की गई है.




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इस वर्ष के 24 टॉपरों में से 7 राजस्थान से हैं, जबकि तेलंगाना, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से 3-3 टॉपर हैं. पश्चिम बंगाल से 2, आंध्र प्रदेश से 1, दिल्ली से 2, कर्नाटक से 1 और गुजरात से 2 टॉपर शामिल हैं.




इसके अतिरिक्त, लगभग 2.5 लाख उच्च रैंकिंग वाले उम्मीदवारों को जेईई एडवांस्ड 2025 के लिए चयनित किया जाएगा, जिसे इस वर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर द्वारा आयोजित किया जा रहा है. जेईई एडवांस्ड 2025 की परीक्षा 18 मई को आयोजित की जाएगी.


25 छात्रों ने 100 % स्कोर किया




इस वर्ष जेईई मेन के दोनों सत्रों में कुल 25 छात्रों ने 100% अंक प्राप्त किए हैं. इनमें राजस्थान के ओम प्रकाश बेहरा, सक्षम जिंदल, अर्णव सिंह, रजित गुप्ता, मो. अनस, आयुष सिंघल और लक्ष्य शर्मा शामिल हैं. इसके अलावा, दिल्ली के दक्ष और हर्ष झा, उत्तर प्रदेश के श्रेयस लोहिया, कुशागरा बेंग्या, सौरभ, तथा पश्चिम बंगाल के देवदत्त माझी और ए. नंदी ने भी उत्कृष्ट स्कोर करके टॉपर्स की सूची में स्थान बनाया है.


आंसर की में कई सवालों के दो विकल्प सही?




एनटीए ने रिजल्ट के प्रकाशन से पहले छात्रों को काफी समय तक इंतजार कराया. गुरुवार शाम को अंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई, लेकिन दो घंटे बाद ही इसे वेबसाइट से हटा लिया गया, जिसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया. इस स्थिति ने छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता पैदा कर दी. शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े 10 बजे एनटीए ने सूचित किया कि नई उत्तर कुंजी दोपहर 2 बजे तक अपलोड कर दी जाएगी. छात्रों का कहना है कि उत्तर कुंजी में कई प्रश्नों के दो विकल्पों को सही बताया गया है.


छात्रों का मानना है कि जेईई मेन और नीट जैसी परीक्षाओं में हुई गलतियों से एनटीए की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. इस बीच, एनटीए ने यूजीसी नेट जून सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया आरंभ कर दी है. इच्छुक उम्मीदवार 7 मई तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि परीक्षा 21 से 30 जून के बीच आयोजित होने की संभावना है.


JEE Main रिजल्ट चेक करने के चरण:


1. जेईई मेन की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.ac.in पर पहुँचें.


2. परिणाम के लिंक पर क्लिक करें.


3. आवश्यक जानकारी को क्रेडेंशियल के रूप में भरें.


4. सबमिट बटन पर क्लिक करें.


5. जेईई मेन का परिणाम आपके सामने प्रदर्शित होगा.
</description><guid>6503</guid><pubDate>19-Apr-2025 11:00:04 am</pubDate></item><item><title> एनसीईआरटी ने किताबों का ऐसा क्या नाम रख दिया कि होने लगा विरोध, </title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6495</link><description>नई शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) में तीन-भाषा नीति को लेकर तमिलनाडु का केंद्र सरकार के साथ टकराव अभी थमा भी नहीं था कि एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों को लेकर विवाद शुरू हो गया है। तमिलनाडु कुछ राज्यों में एनसीईआरटी की किताबों के नाम हिंदी और अंग्रेजी मीडियम के लिए एक जैसे रखे जाने का विरोध किया है। केरल और तमिलनाडु ने इसे हिंदी थोपने और भाषाई विविधता पर हमला बताया है।


दरअसल, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने हाल ही में अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तकों को हिंदी शीर्षक देने का फैसला लिय। इस कदम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) 2023 के तहत लागू किया गया है, लेकिन कुछ राज्यों में इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।






भाजपा नेता दिलीप घोष 61 की उम्र में करेंगे शादी, आज लेंगे सात फेरे, जानें कौन है इनकी होने वाली दुल्हनिया?




NCERT ने अलग-अलग कक्षाओं के लिए नई किताबों के शीर्षक हिंदी में दिए हैं। कक्षा 1 और 2 की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकों का नाम मृदंग (Mridang, एक दक्षिण भारतीय वाद्य यंत्र) रखा गया है। कक्षा 3 की किताब का नाम संतूर (Santoor, एक कश्मीरी लोक वाद्य यंत्र) है। कक्षा 6 की अंग्रेजी किताब का नाम हनीसकल (Honeysuckle) से बदलकर पूर्वी (Poorvi, एक राग का नाम) कर दिया गया। कक्षा 7 की अंग्रेजी किताब भी पूर्वी नाम से प्रकाशित हुई है, जिसमें कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, गोवा, चेन्नई, तमिलनाडु समेत कई राज्यों से उदाहरण लिए गए हैं। इनके अलावा गणित की किताब का नाम गणित प्रकाश रखे जाने का भी विरोध किया जा रहा है।





NCERT का क्या कहना है?
मामले में किताबों के टाइटल हिंदी में दिए जाने पर एनसीईआरटी ने तर्क दिया है कि ये किताबें सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेट की गई हैं, जिससे देशभर के छात्रों के लिए समान पहुंच सुनिश्चित हो। यह परंपरा पहले से चली आ रही है, और ये शीर्षक न तो अनुवाद योग्य हैं और न ही बदले जा सकते हैं, क्योंकि इनमें गहरे सांस्कृतिक और भाषाई अर्थ है। पाठ्यपुस्तकों के नाम भारतीय शास्त्रीय संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं से प्रेरित हैं, जो NEP 2020 के सांस्कृतिक जड़ों को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। नाम जैसे मृदंग, संतूर, और पूर्वी भारत की साझा विरासत को दर्शाते हैं और बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व और परिचय की भावना जगाते हैं।





NCERT ने आगे कहा कि मैथ्स की किताब का गणित प्रकाश टाइटल भारत की समृद्ध गणितीय विरासत से लिया गया है। यह शीर्षक आर्यभट्ट, भास्कराचार्य, ब्रह्मगुप्त और श्रीनिवास रामानुजन जैसे महान भारतीय गणितज्ञों के योगदान को दर्शाता है।



तमिलनाडु में तीन भाषा नीति का विरोध


बता दें कि तमिलनाडु में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का राज्य सरकार विरोध कर रही है। स्थिति ये है कि सीएम स्टालिन ने नई शिक्षा नीति को तमिलनाडु में लागू करने से साफ इंकार कर दिया है। यह नीति स्कूलों में तीन भाषाओं- मातृभाषा, अंग्रेजी, और एक अन्य भारतीय भाषा के अध्ययन को बढ़ावा देती है, लेकिन तमिलनाडु इसे हिंदी थोपने का प्रयास मानता है। राज्य के कई नेताओं ने इसे संस्कृत के जरिए उनकी पुरानी विरासत को खत्म करने की कोशिश कहा है। इसी वजह से हिंदी और संस्कृत का विरोध हो रहा है।



हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा था कि हिंदी सिर्फ मुखौटा है और केंद्र सरकार की असली मंशा संस्कृत थोपने की है। उन्होंने था कि हिंदी की वजह से उत्तर भारत में अवधी, बृज जैसी कई बोलियां खत्म हो गईं, राजस्थान में भी उर्दू को हटाकर संस्कृत थोपने की कोशिश की जा रही है।



महाराष्ट्र में भी हिंदी का विरोध
इधर महाराष्ट्र सरकार ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) को लागू करने का फैसला लिया है। इस नीति के तहत 2025-26 से राज्य में मराठी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा, जिसका विरोध हो रहा है। विपक्षी दल और क्षेत्रीय नेता इस कदम को मराठी पहचान पर चोट मान रहे हैं।







</description><guid>6495</guid><pubDate>18-Apr-2025 2:06:35 pm</pubDate></item><item><title>विद्यार्थी अब उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए जा सकेंगे उज़्बेकिस्तान...छत्तीसगढ़-उज़्बेकिस्तान हुआ शिक्षा समझौता...</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6494</link><description>रायपुर. छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर और उज़्बेकिस्तान के डेनाउ इंस्टीट्यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देशों के छात्र और शिक्षक एक-दूसरे के संस्थानों में पढ़ाई और शोध कर सकेंगे. यह करार उज़्बेकिस्तान में भारत की राजदूत सुश्री स्मिता पंत की उपस्थिति में ऑनलाइन समारोह के दौरान संपन्न हुआ.


वहीं, समझौते पर IGKV के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल और डेनाउ इंस्टीट्यूट के रेक्टर प्रो. आयबेक रोज़िव ने हस्ताक्षर किए. इसके तहत छत्तीसगढ़ के छात्र उज़्बेकिस्तान में स्नातक, स्नातकोत्तर, और शोध पाठ्यक्रमों के लिए जा सकेंगे, जबकि उज़्बेकिस्तान के छात्र IGKV में कृषि और संबंधित क्षेत्रों में अध्ययन करेंगे. दोनों संस्थानों के प्राध्यापक और वैज्ञानिक भी शोध और शिक्षण के लिए एक-दूसरे के संस्थानों में जाएंगे.


दरअसल, उज़्बेकिस्तान में भारत की राजदूत सुश्री स्मिता पंत ने कहा कि भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक रिश्ते हैं. उन्होंने बताया कि डेनाउ इंस्टीट्यूट के 22 संकाय सदस्य पहले ही भारत में शोध कर चुके हैं. यह समझौता कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण, और विज्ञान के क्षेत्र में नए शैक्षिक और शोध अवसर खोलेगा. उन्होंने IGKV के कुलपति और उनकी टीम को उज़्बेकिस्तान की शैक्षिक सुविधाओं का जायजा लेने के लिए आमंत्रित किया.


फिलहाल, डेनाउ इंस्टीट्यूट के रेक्टर प्रो. आयबेक रोज़िव ने कहा कि उनका संस्थान केवल पांच साल पुराना है, इसलिए IGKV की सदी पुरानी शिक्षण और शोध सुविधाओं से उनके छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा. IGKV के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला, जिसमें 1903 में धान अनुसंधान केंद्र, 1961 में कृषि महाविद्यालय, और 1987 में विश्वविद्यालय की स्थापना शामिल है. उन्होंने डेनाउ इंस्टीट्यूट के छात्रों और संकाय सदस्यों को रायपुर आने का न्योता दिया.</description><guid>6494</guid><pubDate>18-Apr-2025 1:41:11 pm</pubDate></item><item><title>पदम पुरस्कारों के लिए नामांकन 30 जून तक</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6491</link><description>भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कार श्रृंखला के तहत वर्ष 2026 में पदम् विभूषण, पद्म भूषण तथा पद्म श्री पुरस्कार प्रदान करने के लिए निर्धारित पात्रता एवं मापदंड के अनुरूप स्पष्ट अनुशंसा सहित योग्य एवं पात्र व्यक्तियों के नामांकन प्रस्ताव आमंत्रित किये जा रहे हैं। नामांकन प्रस्ताव उपलब्ध कराने की अंतिम तिथि 30 जून 2025 है।




  पद्म पुरस्कार देश का सर्वाेच्च नागरिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा कला, साहित्य और शिक्षा, खेल चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों एवं सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। कोई भी व्यक्ति, किसी जाति, व्यवसाय, हैसियत या लिंग के भेदभाव के बिना इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित विधान और नियमावली वेबसाईट पर उपलब्ध है।


   पद्म पुरस्कारों हेतु निर्धारित पात्रता एवं मापदंड के अनुरूप स्पष्ट योग्य एवं पात्र व्यक्ति कार्यालय सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण, सीपत रोड, सरकंडा, बिलासपुर एवं स्व. बी आर यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में नामांकन प्रस्ताव जमा कर सकते हैं।</description><guid>6491</guid><pubDate>18-Apr-2025 8:52:58 am</pubDate></item><item><title>CBSE की वार्निंग, बोर्ड परीक्षा नहीं दे पायेंगे ये छात्र! डमी स्कूलों पर सीबीएसई सख्त</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6260</link><description>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपनी परीक्षा नियमावली में संसोधन करने पर विचार कर रहा है. CBSE के नए नियमों के मुताबिक 75% से कम अटेडेंस और डमी स्कूलों के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे छात्र जो रेगुलर क्लासेस नहीं ले रहे उन्हें परीक्षा में बैठने की परमिशन नहीं दी जाएगी. सीबीएसई अधिकारियों ने कहा कि डमी स्कूलों में दाखिला लेने की जिम्मेदारी छात्रों और उनके माता-पिता की है.






केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि अगर कोई स्टूडेंट स्कूल से लापता पाए जाता है या बोर्ड द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान उपस्थित नहीं पाया जाता है, तो उसे बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा सकती है.अधिकारी ने कहा कि इस तरह की डमी संस्कृति को बढ़ावा देने वाले या उपस्थित नहीं होने वाले छात्रों को बढ़ावा देने वाले स्कूलों के खिलाफ बोर्ड की सख्त कार्रवाई की जाएगी.




जानकारी के अनुसार CBSE अपनी परीक्षा नियमावली में संशोधन करने पर विचार कर रहा है. नए नियमों के अनुसार, डमी स्कूलों के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे छात्रों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की परीक्षा देनी होगी. सीबीएसई अधिकारी ने बताया कि अगर जांच के दौरान कोई छात्र स्कूल से अनुपस्थित पाया जाता है या नियमित कक्षाओं में नहीं जाता है, तो उसे बोर्ड परीक्षा देने से रोका जा सकता है.




75% अटेंडेंस अनिवार्य
CBSE गवर्निंग बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों के लिए कम से कम 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी. अधिकारी ने बताया, CBSE नियमों के अनुसार, केवल रजिस्ट्रेशन कर लेने से कोई छात्र बोर्ड परीक्षा के लिए योग्य नहीं होगा. उसे कम से कम 75% हाजिरी पूरी करनी होगी.




सिर्फ इन छात्रों को मिलेगी छूट
सीबीएसई की उपस्थिति नीति के अनुसार जो छात्र योग्य नहीं होंगे, वे NIOS परीक्षा के जरिए बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे. केवल चिकित्सा आपातकाल, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भागीदारी, या अन्य गंभीर परिस्थितियों में 25% उपस्थिति की छूट दी जाएगी.




आपको बता दें कि इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र डमी स्कूलों में दाखिला लेते हैं ताकि वे पूरी तरह से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें. साथ ही कुछ छात्र राज्य कोटा लाभ पाने के लिए भी डमी स्कूलों में नामांकन कराते हैं. उदाहरण के लिए, दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में दिल्ली राज्य कोटा पाने के लिए कई छात्र दिल्ली के डमी स्कूलों में नामांकन कराते हैं.


डमी स्कूलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन रही है क्योंकि ये छात्र नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं होते और केवल बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूल आते हैं. सीबीएसई जल्द ही NIOS के साथ मिलकर इस पर नए दिशा-निर्देश तैयार कर सकता है, जिन्हें अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा.
</description><guid>6260</guid><pubDate>28-Mar-2025 8:32:02 am</pubDate></item><item><title>MATS यूनिवर्सिटी ने NAAC A+ मान्यता प्राप्त करने वाला पहला निजी विश्वविद्यालय बनकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6242</link><description>MATS यूनिवर्सिटी ने NAAC A+ मान्यता प्राप्त करने वाला पहला निजी विश्वविद्यालय बनकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह प्रतिष्ठित मान्यता शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
विश्वविद्यालय ने NAAC द्वारा कठोर निरीक्षण किया, जिसमें पाठ्यक्रम, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, अनुसंधान, बुनियादी ढाँचा और शासन सहित विभिन्न मानदंडों पर इसके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। मान्यता प्रक्रिया गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक जुड़ाव के मानकों को पूरा करने की संस्थान की क्षमता का आकलन करती है।








NAAC A+ प्रमाणपत्र आधिकारिक तौर पर हमारे आदरणीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. के.पी. यादव और महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया द्वारा माननीय छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका को प्रदान किया गया। राज्यपाल ने उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के प्रति विश्वविद्यालय के समर्पण को स्वीकार करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की प्रशंसा की।
यह उपलब्धि MATS यूनिवर्सिटी के लिए गर्व का क्षण है, और यह निजी शिक्षा में अग्रणी के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करती है।</description><guid>6242</guid><pubDate>26-Mar-2025 8:12:00 am</pubDate></item><item><title>PET और PPHT परीक्षा के लिए आवेदन शुरू, स्थानीय अभ्यर्थियों का नहीं लगेगा कोई शुल्क, जानें अंतिम तिथि और पूरा शेड्यूल</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6193</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (PET) और प्री-फार्मेसी टेस्ट (PPHT) का आयोजन 8 मई को किया जाएगा. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने इन परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. अभ्यर्थी 17 अप्रैल शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.




व्यापमं द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, PET परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक, जबकि PPHT परीक्षा शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षाएं राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएंगी. परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 29 अप्रैल को व्यापमं की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे.


PPT and Pre MCA परीक्षा 1 मई को
इसके अलावा प्री-पॉलीटेक्निक टेस्ट (PPT) और प्री-MCA परीक्षा का आयोजन 1 मई को किया जाएगा. इन परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है और 11 अप्रैल शाम 5 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं. PPT परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगी और इसके लिए 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. वहीं प्री-MCA परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी और इसके लिए परीक्षा केंद्र सिर्फ रायपुर और बिलासपुर में रहेंगे.


स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए कोई शुल्क नहीं
राज्य शासन के निर्देशानुसार, स्थानीय अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार का परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा. व्यापमं ने परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है.


एंट्रेंस एग्जाम की महत्वपूर्ण तिथियां:
PET और PPHT परीक्षा: 8 मई
PPT और प्री-MCA परीक्षा: 1 मई
PET और PPHT आवेदन की अंतिम तिथि: 17 अप्रैल
PPT और प्री-MCA आवेदन की अंतिम तिथि: 11 अप्रैल
प्रवेश पत्र जारी होने की तिथि: 29 अप्रैल (PET  PPHT)</description><guid>6193</guid><pubDate>21-Mar-2025 10:44:51 am</pubDate></item><item><title>लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी की सहायक शिक्षकों की मेरिट सूची, देखें पूरी लिस्ट</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6174</link><description>रायपुर. हाईकोर्ट के निर्देश पर लोक शिक्षण संचालनालय ने सहायक शिक्षकों की मेरिट सूची जारी कर दी है. 2615 डीएड अभ्यार्थियों की रोस्टर के हिसाब से पांचवीं काउंसलिंग की मेरिट सूची की गई है. एलाट स्कूल के अनुसार जिलों में दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा.


देखें लिस्ट 
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</description><guid>6174</guid><pubDate>19-Mar-2025 11:17:56 am</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ : राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा 23 मार्च को, 5 लाख से अधिक शिक्षार्थी होंगे शामिल</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6156</link><description>रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा (FLNAT) का आयोजन 23 मार्च 2025, रविवार को किया जाएगा. यह परीक्षा सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक देशभर के 18,057 UDISE पंजीकृत स्कूलों में आयोजित होगी.


इस महापरीक्षा अभियान में 5 लाख से अधिक शिक्षार्थी शामिल होंगे. परीक्षा का आयोजन शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है, जबकि स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा सफल शिक्षार्थियों को ऑनलाइन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा.


परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों की ऑनलाइन तथा जिला परियोजना अधिकारियों और नोडल अधिकारियों का राज्य स्तर पर उन्मुखीकरण किया गया है. इस संबंध में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश प्रदान किए गए है.


इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षा से वंचित लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा. प्रत्येक जिले में मॉनिटरिंग दल गठित कर परीक्षा की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी. इसके अलावा अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं.</description><guid>6156</guid><pubDate>18-Mar-2025 12:17:49 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ : डीएड धारक अभ्यर्थियों की स्कूल आबंटन सूची आज होगी जारी, 28 मार्च को मिलेंगे नियुक्ति पत्र</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6155</link><description>रायपुर। बस्तर और सरगुजा संभाग में नियुक्त बीएडधारी सहायक शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद उनके स्थान पर डीएडधारी अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया के तहत लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा कल 18 मार्च को स्कूल आबंटन की सूची जारी की जाएगी.




पांचवें चरण की भर्ती के लिए लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा पूर्व में ही 2615 अभ्यर्थियों की रोस्टर एवं मेरिट क्रमानुसार प्राविधिक चयन सूची जारी की गई थी. जिन जिलों से जितनी संख्या में जिस संवर्ग (अनारक्षित, अजा, अजजा एवं अपिव) के अभ्यर्थियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उस जिले में उतनी ही संख्या में समान संवर्ग के अभ्यर्थियों को भेजा जाएगा. आबंटित जिलों में अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन 19 से 26 मार्च तक किया जाएगा.


नियोक्त प्राधिकारी द्वारा पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र 28 मार्च को जारी किया जाना है. चयनित अभ्यर्थियों के लिए पदांकित स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल निर्धारित की गई है. अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन आबंटित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में किया जाएगा. प्रत्येक अभ्यर्थी को नियत तिथि पर दस्तावेज सत्यापन के लिए अपनी उपस्थिति देनी होगी.
</description><guid>6155</guid><pubDate>18-Mar-2025 12:15:45 pm</pubDate></item><item><title>Vyapam अभ्यर्थियों के लिए जरूरी खबर व्यापम परीक्षाओं के लिए प्रोफाइल पंजीकरण और अपडेट करना अनिवार्य, जानिए पूरी प्रक्रिया</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=6056</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रवेश, पात्रता और भर्ती परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों के प्रोफाइल पंजीकरण की प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है. व्यापम की नई वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in को 27 फरवरी 2025 से शुरू किया गया है. जिन अभ्यर्थियों ने पहले से प्रोफाइल पंजीकरण किया हुआ है, उन्हें अपने प्रोफाइल को अद्यतन करना अनिवार्य होगा. अभ्यर्थियों की सुविधा की दृष्टि से प्रोफाइल पंजीकरण की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अभ्यर्थी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी बार-बार नहीं भरनी होगी. प्रोफाइल पंजीकरण सिर्फ एक बार करना होगा और इसी प्रोफाइल पर अभ्यर्थी लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन कर करते हैं.










प्रोफाइल अद्यतन करने के लिए अभ्यर्थियों को अपने पूर्व के प्रोफाइल लॉगिन एवं पासवर्ड के माध्यम से अपडेशन ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा, जिसमें अभ्यर्थी अपने पुराने फोटो के स्थान पर नवीनतम पासपोर्ट साइज का फोटो एवं हस्ताक्षर (50 से 100 केबी जेपीजी) अपलोड कर अपना प्रोफाइल पासवर्ड बदलना होगा. अभ्यर्थी को अपना वैध ई-मेल एड्रेस दर्ज करना होगा. यदि कोई अभ्यर्थी दिव्यांग है, तो नये वेबसाइट में उल्लेखित दिव्यांगता के प्रकार का चयन करके अपना प्रोफाइल अपडेट करते हुए जिला मेडिकल बोर्ड या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र का क्रमांक एवं जारी होने का दिनांक भी प्रविष्ट करना अनिवार्य होगा. इसके अतिरिक्त यदि अभ्यर्थी अपने प्रोफाइल की व्यक्तिगत जानकारी में कोई सुधार करना चाहते हैं, तो नये वेबसाइट में अपने प्रोफाइल लॉगिन में जाकर अनिवार्य रूप से सुधार कर सकते हैं.


जिन अभ्यर्थियों ने व्यापम (CG Vyapam) के वेबसाइट में पूर्व में अपना प्रोफाइल पंजीकरण नहीं किया है, वे व्यापम के नये बेवसाइट पर प्रोफाइल पंजीकरण कर सकते हैं. व्यापम की परीक्षाओं में ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रोफाइल पंजीकरण अनिवार्य है.
</description><guid>6056</guid><pubDate>11-Mar-2025 10:46:34 am</pubDate></item><item><title>NEET UG 2025: इस साल NEET UG में टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया में फिर बदलाव, ऑप्शनल सवाल नहीं पूछे जाएंगे, अब ऐसे तय होगी रैंक</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=5763</link><description>देश में MBBSकी सीटें केवल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) से मिलती हैं. रैंक समान अंकों पर टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया से निर्धारित किया जाता है. टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को समान अंकों पर रैंक देता है. इस बार भी टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया बदल गया है. इसके तहत, एक्सपर्ट कमेटी ने रेंडम प्रक्रिया के माध्यम से ऑल इंडिया रैंक देने का निर्णय लिया है. NTA NEET UG 2025 का 7 फरवरी से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. NEET UG का इंफोर्मेशन बुलेटिन, सिलेबस और एग्जाम पैटर्न NTA की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर डाउनलोड किए गए हैं.






NEET UG 2025 परीक्षा के भाग B में अब ऑप्शनल प्रश्न नहीं होंगे. दरअसल, कोरोनावायरस महामारी के दौरान ऑप्शनल प्रश्नों और अतिरिक्त समय कैंडिडेट्स को भेजा जाना शुरू हो गया था. 2024 तक, उम्मीदवारों को खुद का चुनाव करना था.


लेकिन यह इस साल नहीं होगा. अब कैंडिडेट्स सभी 180 प्रश्नों को कंपल्सरी करेंगे. Biochemistry में 90 प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि Physics and Chemistry में 45 और 45 प्रश्न पूछे जाएंगे. NEET UG 2025 की परीक्षा एकमात्र शिफ्ट में होगी और पेन-पेपर मोड में होगी.




टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया में भी बदलाव


अब तक, दो विद्यार्थियों के बराबर मार्क्स आने पर एप्लिकेशन नंबर और कैंडिडेट्स की उम्र को टाइ ब्रेकर के रूप में प्रयोग किया जाता था. इस साल से, एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय लेगी.


अब इन चीजों को इस क्राइटेरिया पर आधार बनाया जाएगा जब दो कैंडिडेट्स के बराबर मार्क्स मिलेंगे.


विज्ञान में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, केमिस्ट्री में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, फिजिक्स में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, अगर ये बराबर हो तो  जिस कैंडिडेट के बायोलॉजी में अटेम्प्ट किए गए सवाल कम गलत हैं, अगर ये बराबर हो तो  जिस कैंडिडेट के केमिस्ट्री और फिजिक्स के सवाल कम गलत हैंऔर अगर ये बराबर हैं. अगर ऊपर दिए गए सभी क्राइटेरिया फेल होते हैं तो इंडीपेंडेंट एक्सपर्ट कमेटी एक रैंडम प्रोसेस से फैसला लेगी.






दूर के सेंटर नहीं चुन सकेंगे कैंडिडेट्स


NEET UG 2025 का आवेदन फॉर्म भरते समय विद्यार्थी अपनी पसंद से तीन शहर चुन सकते हैं जहां परीक्षा होगी. इसके लिए प्रायोरिटी वाइज सेंटर भरने की जरूरत है.


इस बार कैंडिडेट्स अपने पर्मानेंट या निवास स्थान के आस-पास के तीन सेंटर ही चुन सकते हैं; वे अपने शहर या पड़ोसी शहर से चुन नहीं पाएंगे.


3 घंटे पहले आना होगा एग्जाम सेंटर


NEET UG 2025 की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी. परीक्षा स्थानों पर 3 घंटे पहले प्रवेश होगा. 1.30 बजे तक सभी कैंडिडेट्स को परीक्षा स्थल पर पहुंचना होगा. कैंडिडेट्स को इसके बाद एंट्री नहीं दी जाएगी.</description><guid>5763</guid><pubDate>10-Feb-2025 2:03:09 pm</pubDate></item><item><title>बोर्ड परीक्षा में बुर्के पर बैन की मांग, शिक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखकर बताई हैरान करने वाली वजह</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=5671</link><description>10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा (10th-12th Board Exam) में बुर्के पर बैन की मांग की गई है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे (Nitesh Rane) ने बुधवार को राज्य बोर्ड की अगले महीने होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। नितेश राणे ने महाराष्ट्र स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे (Dada Bhuse) को लिखे पत्र में कहा कि लड़कियों को परीक्षा हॉल में बुर्का पहनने की अनुमति देने से गड़बड़ी हो सकती है। इससे सुरक्षा संबंधी मुद्दे भी पैदा हो सकते हैं। लिहाजा 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं में बुर्के को बैन किया जाए। हालांकि स्कूल शिक्षा मंत्रालय ने अभी तक उनकी मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।


 
स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे को लिखे पत्र में नितेश राणे ने लिखा कि- लड़कियों को परीक्षा हॉल में बुर्का पहनने की अनुमति देने से गड़बड़ी हो सकती है। सुरक्षा संबंधी मुद्दे भी पैदा हो सकते हैं। बोर्ड परीक्षा में बैठने वाली छात्राओं को बुर्का पहनने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।


महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने आगे लिखा कि- अगर जरूरी हो, तो जांच करने के लिए महिला पुलिस अधिकारी या महिला कर्मचारी नियुक्त किए जाने चाहिए। ये परीक्षाएं छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं और इन्हें पारदर्शी तरीके से, धोखाधड़ी जैसी किसी भी तरह की गड़बड़ी से मुक्त तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए।


बुर्के को बैन करने को गिनाए ये कारण


बीजेपी नेता ने आगे लिखा कि अगर परीक्षार्थियों को बुर्का पहनने की अनुमति दी जाती है, तो यह निर्धारित करना मुश्किल हो जाएगा कि नकल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स या अन्य साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में सामाजिक और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिससे कई छात्र प्रभावित हो सकते हैं।


11 फरवरी से शुरू होंगी महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षाएं


बता दें ति महाराष्ट्र माध्यमिक विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा कक्षा 10वीं के लिए 21 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं कक्षा 12वीं के लिए उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र परीक्षा 11 फरवरी से शुरू होगी।</description><guid>5671</guid><pubDate>31-Jan-2025 4:42:04 pm</pubDate></item><item><title>हर रोज स्कूल में शराब पीकर आते हैं गुरू जी ! शराबी शिक्षक.</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=5507</link><description>BALRAMPUR NEWS. बलरामपुर जिले में एक बार फिर से शिक्षा विभाग की शर्मनाक तस्वीर निकल कर सामने आई है। दरअसल, स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक कितने अनुशासित हैं और स्कूली बच्चों के भविष्य को लेकर कितने तत्पर हैं, इन सारे तमाम दावों की यह तस्वीर पोल खोल रही है, शिक्षक शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंच रहे हैं और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भगवान भरोसे चल रहे हैं ।
पूरा मामला जिले के कुसमी विकासखंड के दूरस्थ अंचल में बसे सोनपुर गांव के प्राथमिक शाला बैगापारा सोनपुर स्कूल का है। जहां पढ़ाने वाला शिक्षक गणेश राम जो शराब के नशे में धुत होकर बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल पहुंचा था, जिसका लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि शिक्षक किस स्थिति में है और विद्यालय पहुंचा है, इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षक अपने दायित्वों को लेकर कितना लापरवाह है। कहीं ना कहीं बच्चों के भविष्य के साथ पूरी तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन इस पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। ऐसे में बच्चों का भविष्य का क्या होगा जरा आप ही सोचिए। वहीं मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है</description><guid>5507</guid><pubDate>22-Jan-2025 5:16:09 pm</pubDate></item><item><title>मेडिकल जाँच कर मेडिकल प्रमाण जारी करने में फर्जीवाड़ा में संलिप्त मनीष जॉय नेत्र सहायक अधिकारी निलंबित.</title><link>https://didinews.co.in//education.php?articleid=5505</link><description>कवर्धा जिला अस्पताल कवर्धा में मेडिकल जाँच कर मेडिकल प्रमाण जारी करने में फर्जीवाड़ा में संलिप्त श्री मनीष जॉय नेत्र सहायक अधिकारी, जिला चिकित्सालय कबीरधाम के द्वारा गलत मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किये जाने में दोषी पाये गये है जिसमें संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें द्वारा श्री मनीष जाय, नेत्र सहायक अधिकारी का उपरोक्त कृत्य अत्यंत गंभीर प्रवृत्ति होने के कारण सिविल सेवा आचरण नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्यवाही करने हेतू. निर्देशित किया गया है।</description><guid>5505</guid><pubDate>22-Jan-2025 5:03:50 pm</pubDate></item></channel></rss>