इस तारीख को रखा जाएगा जया एकादशी का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बताई गई महिमा
26-Jan-2026
Jaya Ekadashi Vrat Date and Significance: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. स्कंद पुराण में कहा गया है कि एकादशी और द्वादशी व्रत के बिना तपस्या, तीर्थ या किसी भी तरह के पुण्य कर्म से मुक्ति नहीं मिलती है.
पद्म पुराण में बताया गया है कि जो व्यक्ति इच्छा से या अनजाने में भी एकादशी का उपवास करता है, वह सभी पापों से मुक्त होकर परमधाम वैकुंठ को प्राप्त करता है. साल में कुल 24 एकादशी व्रत रखे जाते हैं. इनमें से एक है जया एकादशी.
मान्यता है कि जया एकादशी के दिन व्रत रखने से भूत-पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है. इस दिन पितरों को इस प्रकार की योनि से मुक्ति दिलाने के लिए भी उपाय किए जाते हैं. इस साल जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी को रखा जाएगा.
जया एकादशी के दिन भद्रावास और रवि योग का संयोग बन रहा है. रवि योग में लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से साधक को आरोग्य का वरदान मिलता है. साथ ही नौकरी और व्यापार में भी लाभ होता है. इस शुभ दिन रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है. इन योगों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है.
हिंदू धर्म में एकादशी को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है. एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. मान्यता है कि जो व्यक्ति 24 एकादशी व्रत सच्चे मन से करता है, उसे सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है.
एकादशी व्रत करने वाला व्यक्ति इस लोक में सभी सुख भोगता है और मृत्यु के बाद स्वर्ग को प्राप्त करता है. जया एकादशी व्रत की महिमा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताई थी. इस व्रत को करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता, शत्रुओं का नाश होता है और धन, ऐश्वर्य, कीर्ति के साथ पितरों का आशीर्वाद मिलता है.
शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 28 जनवरी को शाम 4 बजकर 35 मिनट से शुरू होगी. वहीं, 29 जनवरी को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी. पंचांग गणना के अनुसार, 29 जनवरी को जया एकादशी का व्रत किया जाएगा.