व्यापार

चांदी की कीमतों ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, पहली बार ₹3 लाख के पार, सोने ने लगाई ₹3,000 की छलांग

  सोना-चांदी रोज अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है। आज चांदी ने कीमतों का नया रिकॉर्ड बनाया है। चांदी पहली बार 3 लाख रुपये/किलो के पार पहुंच गई है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को चांदी ने तो खुलते ही ऐसा गदर मचाया कि 1Kg Silver Price 3 लाख रुपये के पार निकल गया। चांदी ने इतिहास में पहली बार ये स्तर पार किया है। MCX पर चांदी का मार्च वायदा ₹13,550 या करीब 5% से अधिक बढ़कर ₹3,01,315 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर सोने का भाव (Gold Rate) भी ताबड़तोड़ तेजी के साथ नए शिखर पर पहुंच गया है।



मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोमवार को ओपन होने के साथ ही चांदी की कीमत 13,553 रुपये चढ़ गई और इसके साथ ही इसने तीन लाख का आंकड़ा पहली बार पार करते लिया। 1 किलो चांदी का नया ऑल टाइम हाई लेवल 3,01,315 रुपये प्रति किलो हो गया है। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को MCX Silver Rate 2,87,762 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था।


जनवरी में अब तक ₹65000 महंगी
बीते साल 2025 में धमाल मचाने के बाद चांदी की कीमत ने इस साल के पहले महीने में भी शुरुआत से ही गदर मचाए रखा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Silver Price In January 2026 में अब तक 65,614 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया है। 2025 के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को 1 किलो चांदी की कीमत 2,35,701 रुपये थी, जो कि अब 3,01,315 रुपये प्रति किलो पर पहुंच चुकी है।

क्यों उछल रही चांदी

चांदी की कीमतें बढ़ने के पीछे जियो-पॉलिटिकल टेंशन के अलावा औद्योगिक डिमांड और कम सप्लाई भी है। चांदी सिर्फ सिक्कों, गहनों या बर्तनों में इस्तेमाल नहीं होती। उसके अनेक औद्योगिक इस्तेमाल हैं। सोने के बाद चांदी ही सबसे अच्छी सुचालक है। ताप ऊर्जा और विद्युत, दोनों के लिए। कीमत के कारण ये दोनों धातुएं आम इस्तेमाल में नहीं हैं। फिर भी चांदी बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और ऑटो उद्योग में इस्तेमाल होती है। इसमें एक और खासियत है कि यह एंटी बैक्टीरियल और गैर-विषाक्त धातु है। इस वजह से इसके औषधीय गुण भी हैं और चांदी के वर्क जैसा भोजन में सीधा इस्तेमाल भी होता है।

Leave Your Comment

Click to reload image