सामान्य ज्ञान
भगवान शिव के 8 अवतार और उनकी खास बातें:शरभदेव ने शांत किया था नृसिंह भगवान को, पिप्पलाद मुनि ने शनि को दिया था शाप
बुधवार, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि है। इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ ही उनकी कथाएं पढ़ने-सुनने की परंपरा है। भगवान विष्णु की तरह ही शिव ने भी कई अवतार लिए हैं। शिव के अवतारों के बारे में शिवपुराण और लिंगपुराण में बताया गया है। माना जाता है कि शिव जी ने कुल 19 अवतार लिए। इनमें वीरभद्र, पिप्पलाद, नंदी, भैरव, अश्वत्थामा, शरभ, गृहपति, दुर्वासा, हनुमान, वृषभ, यतिनाथ, कृष्णदर्शन, अवधूत, भिक्षुवर्य, सुरेश्वर, किरात, ब्रह्मचारी, सुनटनतर्क और यक्ष शामिल हैं। जानिए इनमें से 8 अवतारों के बारे में...
महाशिवरात्रि 26 फरवरी को:भगवान शिव की पूजा करने के साथ ही उनकी सीख को अपनाएंगे तो दूर हो सकती हैं सभी परेशानियां
बुधवार, 26 फरवरी को भगवान शिव की पूजा का महापर्व शिवरात्रि है। शिव जी की पूजा करने के साथ ही इस दिन भगवान की कथाएं पढ़ने-सुनने की भी परंपरा है। इन कथाओं में जीवन को सुखी बनाने की सीख दी गई है। भगवान की सीख को जीवन में उतार लेंगे तो सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। जानिए शिव जी की कुछ कथाएं और उनकी सीख... बड़े काम टीम के साथ करेंगे तो मिलेगी सफलता जब शिव ने सृष्टि रचने की कल्पना की तो उन्होंने सृष्टि की रचना करने का काम ब्रह्मा जी को सौंपा। सृष्टि बनने के बाद इसके संचालन का काम विष्णु जी को सौंपा। खुद भगवान शिव ने ये जिम्मेदारी ली की अंत में सृष्टि का संहार वे स्वयं करेंगे। इस तरह सृष्टि बनाने से लेकर संहार तक के काम भगवान शिव ब्रह्मा-विष्णु के साथ टीम बनाकर कर रहे हैं। टीम बनाकर काम का सही बंटवारा करेंगे तो बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां पूरी की जा सकती हैं। अपनी शक्तियों का घमंड न करें महाभारत के समय अर्जुन को अपनी धनुर्विद्या पर घमंड हो गया था। तब भगवान शिव ने एक वनवासी बनकर अर्जुन का घमंड तोड़ा था। शिव ने वनवासी का वेष धारण किया और वे अर्जुन के सामने पहुंचे। उस समय एक जंगली सूअर के शिकार को लेकर दोनों के बीच युद्ध हुआ। अर्जुन ने सोचा था कि ये एक सामान्य वनवासी है, इसे मैं तुरंत पराजित कर दूंगा। बहुत कोशिश के बाद भी अर्जुन उस वनवासी को पराजित नहीं कर सके। बाद में शिव जी ने अर्जुन से प्रसन्न होकर दर्शन दिए और दिव्यास्त्र दिए। शिव जी ने अर्जुन को समझाया कि कभी भी किसी को छोटा न समझें और अपनी शक्तियों का घमंड न करें। अगर हमारे पास कोई योग्यता है या कोई शक्ति है तो उसका घमंड न करें। बिन बुलाए किसी के घर न जाएं शिव जी और सती का विवाह हो गया था, लेकिन सती के पिता दक्ष शिव जी को पसंद नहीं करते थे। दक्ष समय-समय पर शिव जी को अपमानित करने की कोशिश करते रहते थे। एक बार दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में दक्ष ने शिव जी को बुलाया नहीं था, लेकिन शिव जी के मना करने के बाद भी सती बिन बुलाए वहां चली गईं। यज्ञ में दक्ष ने सती के सामने शिव जी के लिए अपमानजनक बातें कहीं। शिव जी के लिए ऐसी बातें सुनकर सती ने यज्ञ कुंड में कूदकर अपनी देह का अंत कर लिया। इस कथा से संदेश मिलता है कि बिन बुलाए कभी किसी के यहां शुभ प्रसंग में नहीं जाना चाहिए।
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:मन की पवित्रता से सुख मिलता है, मन निर्मल होगा तो बाहर भी निर्मलता दिखाई देगी
मन की पवित्रता से सभी सुख मिल सकते हैं। जो व्यक्ति भीतर से पवित्र है, सहज है, निर्मल है, उसे बाहर भी निर्मलता दिखाई देती है। हमें बाहर वैसा ही दिखाई देता है, जैसा हम सोचते हैं, जैसा हमने एक अपना मन अपना बनाया हुआ है। हमारे आग्रह, दुराग्रह, जिद, अज्ञानता ही बाहर की दुनिया के दर्शन कराती है। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने मन को प्रकाशित करें, एक सही दृष्टिकोण बनाएं। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए हम जीवन को सुंदर कैसे बना सकते हैं? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।
महाशिवरात्रि 26 फरवरी को:राशि अनुसार करें शिव पूजा, कम हो सकता है कुंडली के ग्रह दोषों का असर, वृष राशि के लोग शिवलिंग पर चढ़ाएं गन्ने का रस
बुधवार, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि है। इस दिन शिव जी के साथ देवी पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय स्वामी का विशेष अभिषेक किया जाता है। माना जाता है कि इस पर्व पर की गई शिव पूजा से भक्त के जीवन में सुख-शांति आती है, नकारात्मकता दूर होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जिन लोगों की कुंडली में ग्रहों से संबंधित दोष हैं, उन्हें महाशिवरात्रि पर राशि अनुसार पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से कुंडली के ग्रह दोषों का असर कम हो सकता है। जानिए राशि अनुसार शिव पूजा कैसे कर सकते हैं...
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:अज्ञान सबसे बड़ा शत्रु है, हम इसकी वजह से ही दूसरों को शत्रु मानने लगते हैं
अज्ञान हमारा सबसे बड़ा शत्रु है। अज्ञान से ही हम दूसरों को अपना शत्रु मानने लगते हैं। जीवन में सभी संशय और विपत्तियां अज्ञान से ही तो पैदा होती हैं। हमें अपना अज्ञान दूर करना चाहिए और अपने भीतर विवेक पैदा करना चाहिए। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में सफलता कैसे मिल सकती है? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।
शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाते समय किन बातों का ध्यान रखें?:कई दिनों तक पुराने बिल्व के पत्तों को धोकर फिर से शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं
बुधवार, 26 फरवरी को शिव पूजा का महापर्व महाशिवरात्रि है। इस पर्व पर शिवलिंग का विशेष अभिषेक करने की परंपरा है। अगर भक्त शिवरात्रि पर विधिवत पूजा नहीं कर पा रहा है तो वह जल और बिल्वपत्र चढ़ाकर भी शिव जी की सामान्य पूजा कर सकता है। ऐसा करने से शिव जी की कृपा प्राप्त की जा सकती है। ऐसी मान्यता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाने का महत्व बहुत अधिक है। माना जाता है कि अगर कोई भक्त शिवलिंग पर सिर्फ बिल्व पत्र ही चढ़ा देता है तो भी उसे शिव कृपा मिल सकती है। बिल्व पत्र ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करते हुए चढ़ानी चाहिए। अब जानिए शिव पूजा में बिल्व पत्र क्यों चढ़ाते हैं? इस परंपरा की वजह समुद्र मंथन से जुड़ी है। पौराणिक कथा है कि जब देवता और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया तो सबसे पहले हलाहल विष निकला था। इस विष की वजह से पूरी सृष्टि के प्राणियों के प्राण संकट में आ गए थे। तब सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने हलाहल विष को अपने गले में धारण कर लिया था। विष के प्रभाव से शिव जी के शरीर में गर्मी बढ़ने लगी थी। उस समय सभी देवी-देवताओं ने शिव जी पर शीतल जल चढ़ाया और बिल्व पत्र खिलाए थे। बिल्व पत्र से विष का प्रभाव कम हो गया और शिव जी के शरीर की गर्मी भी शांत हो गई। तभी से शिव जी बिल्व पत्र चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई है। बिल्व वृक्ष से जुड़ी खास बातें
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:सभी का सहयोग और सफल जीवन पाना चाहते हैं तो मन, वचन और कर्म से एक रहें
हम अपने संकल्प और विचार से बने हैं, हम अपनी सोच की फसल हैं। हमने ही स्वयं को बनाया है। ये जीवन हमने ही निर्मित किया है। अपने विचार, सोच, संकल्प से ही हमें कर्म फल प्राप्त होते हैं। हम ऐसा जीवन चाहते हैं, जिसमें निरंतर उन्नति हो, कोई अभाव न रहे, लोग हमारा विरोध न करें। हमारी उपेक्षा न करें। सब लोग सहयोग करते रहें। ऐसा तब संभव है, जब हम मन, वचन और कर्म से एक रहते हैं। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन को सफल कैसे बना सकते हैं? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।
महाशिवरात्रि 26 फरवरी को:पूजा के साथ ही शिव कथा सुनने की भी है परंपरा, जानिए भगवान शिव कैसे तोड़ा अर्जुन का घमंड
बुधवार, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि है। इस दिन शिव पूजा के साथ ही शिव जी कथाएं पढ़ने-सुनने की परंपरा भी है। पूजा करने के साथ ही शिव जी की सीख को भी जीवन में उतार लेंगे तो जीवन की सभी समस्याएं खत्म हो सकती हैं। भगवान विष्णु की तरह ही शिव जी ने कई अवतार लिए हैं। भगवान ने द्वापर युग में एक अवतार अर्जुन का घमंड तोड़ने के लिए लिया था। कौरव और पांडवों के बीच युद्ध तय हो गया था। दोनों ही पक्षों ने युद्ध की तैयारियां शुरू कर दी थीं। उस समय श्रीकृष्ण अर्जुन से देवराज इंद्र से दिव्यास्त्र पाने के लिए कहा। श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा कि वह इंद्र को प्रसन्न करने के लिए तपस्या करे। श्रीकृष्ण की बात मानकर अर्जुन एक पर्वत पर पहुंचे और इंद्र को प्रसन्न करने के लिए तप करने लगे। अर्जुन के तप से देवराज इंद्र प्रसन्न हो गए और वहां प्रकट हुए। इंद्र ने अर्जुन से कहा कि मुझसे दिव्यास्त्र लेने से पहले तुम्हें शिव जी को प्रसन्न करना होगा। इंद्र की बात मानकर अर्जुन ने शिव जी को प्रसन्न करने के लिए तप शुरू कर दिया। जिस जगह अर्जुन तप कर रहे थे, वहां एक दिन एक जंगली सूअर आया। दरअसल वह सूअर एक मायावी दैत्य था जो अर्जुन को मारना चाहता था। जंगली जानवर की आहट सुनकर अर्जुन ने आंखें खोलीं। अर्जुन ने देखा कि सामने एक जंगली सूअर है। तुरंत ही अर्जुन ने अपने धनुष पर बाण चढ़ा लिया। अर्जुन उस सूअर को बाण मारने ही वाले थे, तभी वहां किरात वनवासी पहुंच गया। किरात वनवासी कोई और नहीं, बल्कि शिव जी ही थे, जो वेष बदलकर अर्जुन की परीक्षा लेने आए थे। अर्जुन इस बात से अनजान थे। वनवासी ने अर्जुन को बाण चलाने से रोक दिया और कहा कि ये मेरा शिकार है। अर्जुन ने सोचा कि ये कोई सामान्य वनवासी है, मैं तो सर्वश्रेष्ठ योद्धा हूं, मुझे इसकी बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऐसा सोचकर अर्जुन ने तीर सूअर की ओर छोड़ दिया। वनवासी ने भी उसी समय बाण छोड़ दिया। अर्जुन और वनवासी के बाण एक साथ उस सूअर को लगे। सूअर तो मर गया, लेकिन इन दोनों के बीच विवाद होने लगा। दोनों इस शिकार पर अपना-अपना हक बता रहे थे। ये विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों एक-दूसरे से युद्ध करने के लिए तैयार हो गए। अर्जुन ने उस वनवासी को पराजित करने की बहुत कोशिशें कीं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। युद्ध के बीच में वनवासी का एक बाण अर्जुन को लग गया। उस समय अर्जुन ने सोचा कि ये कोई सामान्य योद्धा नहीं है। इसके बाद अर्जुन ने कुछ देर के लिए युद्ध रोका और मिट्टी का एक शिवलिंग बनाकर पूजा की। पूजा में जो माला अर्जुन ने शिवलिंग पर चढ़ाई थी, वह उस वनवासी के गले में दिखाई देने लगी। ये देखकर अर्जुन समझ गए कि ये स्वयं शिव जी ही हैं। अर्जुन ने शिव जी को पहचान लिया और उनकी पूजा की। शिव जी की अर्जुन को सीख शिव जी ने अर्जुन को संदेश दिया कि कभी भी अपनी शक्तियों का घमंड नहीं करना चाहिए और कभी भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए। जब अर्जुन को अपनी गलतियों का एहसास हुआ तो उन्होंने शिव जी से क्षमा याचना की और अहंकार छोड़ने का संकल्प लिया। इसके बाद शिव जी ने अर्जुन को पाशुपतास्त्र दिया था।
Vastu Tips for Mental Peace: अगर मन परेशान और विचलित है? शांति के लिए अपनाएं ये 9 असरदार टिप्स…
Vastu Tips for Mental Peace: जब हमारा मन स्थिर नहीं हो और किसी बात को लेकर परेशान रहें, तो किसी भी काम में मन नहीं लगता और न ही मानसिक शांति होती है.
जब हमारा मन स्थिर नहीं हो और किसी बात को लेकर परेशान रहें, तो किसी भी काम में मन नहीं लगता और न ही मानसिक शांति होती है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मानसिक स्थिरता और फोकस को बनाए रखने के लिए कुछ प्रभावी उपाय बताए गए हैं, जो काम में मन लगाने में मदद कर सकते हैं. इन उपायों को अपनाकर आप अपनी मानसिक स्थिति को शांत और स्थिर रख सकते हैं.
कमरे का सही दिशा में होना: कार्य करते समय, यदि संभव हो तो अपने कार्यक्षेत्र को उत्तर या ईशान दिशा में सेट करें. इस दिशा में बैठने से ऊर्जा सकारात्मक रहती है और मन शांत रहता है.
स्वच्छता और व्यवस्थित कार्यस्थल: अपने कार्यस्थल को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें. अव्यवस्थित जगह से मानसिक शांति भंग हो सकती है, जिससे मन इधर-उधर भटकता है.
सकारात्मक रंगों का प्रयोग: कमरे की दीवारों पर हल्के और शांतिपूर्ण रंगों का प्रयोग करें, जैसे हल्का नीला, सफेद या हरा. यह रंग मानसिक शांति और फोकस को बढ़ाते हैं.
प्राकृतिक प्रकाश का उपयोग: प्राकृतिक प्रकाश को अपने कार्यस्थल में आने दें. प्राकृतिक रोशनी से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो मानसिक स्थिरता में मदद करता है.
संगीत का प्रभाव: हल्का और शांति देने वाला संगीत सुनना भी मानसिक शांति को बढ़ाता है. ध्यान, योग या काम करते समय ऐसा संगीत सुन सकते हैं जो आपकी ऊर्जा को संतुलित करे.
घर में हरियाली: कुछ पौधे, खासकर तुलसी और बांस जैसे पौधे, घर में रखने से वातावरण शुद्ध रहता है और मानसिक स्थिरता को बढ़ावा मिलता है.
सकारात्मक ऊर्जा वाले आभूषण: वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ खास आभूषण जैसे रत्न या अंगूठियां (जैसे मूंगा, पुखराज आदि) मन की स्थिरता और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाते हैं.
मंत्र जाप: विशेष मंत्रों का जाप या ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है. “ॐ” या “गणेश मंत्र” का जाप भी मानसिक स्थिति को संतुलित करता है और फोकस बनाए रखता है.
सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण: कार्य करते समय अपनी मानसिकता को सकारात्मक रखें. आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से काम में आसानी और मन की स्थिरता बनी रहती है.
इन वास्तु उपायों को अपनाने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि काम में फोकस भी बेहतर होता है, जिससे सफलता पाने में मदद मिलती है.
रविवार का टैरोकार्ड राशिफल:वृश्चिक राशि वालों की पुरानी समस्या हल होगी और मीन राशि के लोगों को मिल सकता है मेहनत का फायदा
16 फरवरी, रविवार को मेष राशि के नौकरीपेशा लोग प्रमोशन की उम्मीद कर सकते हैं। कन्या राशि के लोगों को रुका हुआ प्रमोशन मिल सकता है। वृश्चिक राशि वालों की पुरानी समस्या हल होगी। कुंभ राशि वालों को नए प्रोजेक्ट या नौकरी में तरक्की मिलने की संभावना है। मीन राशि के लोगों को मेहनत का फायदा मिल सकता है। टैरोकार्ड रीडर डॉ. बबीना से जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन... शिक्षा संबंधित कामों में व्यस्तता रहेगी। नई स्किल सीखेंगे। भाई बहनों से मतभेद होने की आशंका है। बहुत व्यस्तता वाला दिन रहेगा। एक से ज्यादा काम एक साथ पूरा करेंगे। जमीन जायदाद संबंधित मुकदमे में देरी हो सकती है। नई साझेदारी होगी। बिजनेस बढ़ाएंगे। नए दोस्तों की मदद से काम पूरे होंगे। ससुराल से धन या उपहार मिलेगा। सुखद एहसास होगा। करियर: निवेश से जुड़े कामों में सावधानी रखें। बिजनेस में लंबे समय की योजनाएं लाभदायक होंगी। नौकरीपेशा लोग प्रमोशन की उम्मीद कर सकते हैं। नई स्किल्स सीखने का सही समय है।
प्रेम: रिश्तों में धैर्य रखें। पार्टनर से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। अविवाहित लोगों के लिए प्रेम प्रस्ताव आ सकते हैं। पुराने मतभेद सुलझेंगे।
स्वास्थ्य: थकान और तनाव महसूस हो सकता है। माइग्रेन या सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। मानसिक शांति के लिए ध्यान और योग करें।
शुभ रंग: खाकी, शुभ अंक: 3 घर के छोटे पेंडिंग काम पूरे होंगे। किसी चीज की उम्मीद थी तो आपको वह चीज मिल सकती है। आपका कोई काम पूरा हो सकता है। परिवार की राय महत्वपूर्ण रहेगी। अपने अधिकारों और जिम्मेदारियां को अच्छे से निभाएंगे। कामकाज में कुछ परेशानी आ सकती है। आपका उत्साह कम नहीं होगा। आसपास के लोगों को प्रोत्साहित करेंगे। अपने विचार किसी पर थोपने की कोशिश न करें। करियर: नेतृत्व क्षमता निखरेगी। नए अवसर मिल सकते हैं। इंटरव्यू या मीटिंग में प्रभावशाली प्रदर्शन करेंगे। बिजनेस में धैर्य से काम लें। जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है।
प्रेम: रिश्तों में मजबूती आएगी। साथी के प्रति स्नेह और विश्वास बढ़ेगा। सिंगल लोग नए रिश्ते की शुरुआत कर सकते हैं। भावनाएं संतुलित रखें।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। पीठ दर्द या नसों से जुड़ी समस्या हो सकती है। योग और बिजनेस से ऊर्जा बनी रहेगी।
शुभ रंग: ऑरेंज, शुभ अंक: 2 आज आप कोई नई संपत्ति खरीद सकते हैं। जिसके लिए आप बहुत दिनों से कोशिश कर रहे थे। खुशी मिलेगी। कोई नया एग्रीमेंट हो सकता है। अपने डिसीजन व्यावहारिक रखें। व्यापार का विस्तार कर सकते हैं। व्यक्तिगत रूप से भी स्थिर रहने की बहुत जरूरत है। आपके पास जो साधन है उनका सही प्रयोग कर सकते हैं। करियर: साझेदारी में सफलता मिलेगी। टीमवर्क से बेहतरीन नतीजे मिलेंगे। नए सहयोगी से मदद मिलेगी। इंटरव्यू या क्लाइंट मीटिंग में सकारात्मक माहौल रहेगा। बिजनेस पार्टनरशिप के लिए अच्छा समय है, शर्तें स्पष्ट रखें।
प्रेम: रिश्तों में नयापन महसूस होगा। आपसी समझ बढ़ेगी। प्रेम प्रस्ताव स्वीकार करने का सही समय है। पुराने मतभेद खत्म होंगे। शादीशुदा लोगों के लिए भावनात्मक संतुलन जरूरी रहेगा।
स्वास्थ्य: हृदय और ब्लड प्रेशर संबंधी दिक्कत हो सकती है। मानसिक रूप से संतुलन रखें। रिलैक्सिंग एक्टिविटी करें। अच्छी नींद लें, इससे ऊर्जा बनी रहेगी।
शुभ रंग: आसमानी, शुभ अंक: 1 भावनात्मक रूप से बहुत उलझनें हो सकती हैं। सही गलत का फैसला लेना मुश्किल हो सकता है। जो भी फैसला लें वो सोच समझ कर लें। जरूरत पड़े तो किसी से सलाह लेने में न हिचकिचाएं। जो भी काम करें उसे सही मोड़ दें। सावधान रहें। सामाजिक स्तर पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आपकी सोच और विचारों में नयापन आएगा। नई वस्तु खरीदने की योजना बन सकती है। करियर: कार्यस्थल पर भ्रम की स्थिति रहेगी। अफवाहों पर भरोसा न करें। नई नौकरी का ऑफर सोच-समझकर लें। क्रिएटिव फील्ड के लोग अपनी कल्पनाशक्ति का सही उपयोग करें। गुप्त प्रोजेक्ट पर काम हो सकता है।
प्रेम: रिश्तों में संदेह बढ़ सकता है। पार्टनर की भावनाओं को ठीक से समझें। छुपी बातें सामने आ सकती हैं। पुराने प्रेमी से मुलाकात हो सकती है। लव लाइफ में स्पष्टता रखना जरूरी है।
स्वास्थ्य: अनिद्रा और बेचैनी बढ़ सकती है। सिरदर्द हो सकता है। चिंता से बचें। मेडिटेशन करें। डिहाइड्रेशन से दिक्कत हो सकती है। पानी ज्यादा पिएं।
शुभ रंग: बैंगनी, शुभ अंक: 9 कोशिशों का शानदार परिणाम मिल सकता है। बड़ी हस्ती से मुलाकात की कामना पूरी होगी। नए प्रोजेक्ट मिलेंगे। जीवन के हर पहलू से सुखी और समृद्ध होंगे। किसी तरह का डर जो आपको लंबे समय से परेशान कर रहा था उससे ओवर कम कर लेंगे। अपने ख्वाबों को पूरा करने के लिए संकल्प लेंगे। अच्छी योजना बनाएंगे। नजदीकी लोग आपसे जलन रख सकते हैं। किसी के बारे में कुछ न सोचें। करियर: पुराने सहकर्मियों से मदद मिलेगी। अधूरा प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है। क्रिएटिव और टीचिंग प्रोफेशन वालों के लिए शानदार समय रहेगा। पारिवारिक बिजनेस में तरक्की के संकेत हैं। बीते अनुभवों से सीखें और आगे बढ़ें।
प्रेम: बीते रिश्ते फिर जुड़ सकते हैं। पुराने प्रेमी से मुलाकात की संभावना है। रिश्ते में मासूमियत और भावनात्मक गहराई बढ़ेगी। किसी से पहली नजर का प्यार हो सकता है। शादीशुदा लोग यादों में खोए रहेंगे।
स्वास्थ्य: भावनात्मक अस्थिरता महसूस होगी। थकान और लो एनर्जी रहेगी। पेट से जुड़ी हल्की परेशानी हो सकती है। योग और प्रकृति से जुड़ाव से राहत मिलेगी।
शुभ रंग: गुलाबी, शुभ अंक: 8 जिससे आप उम्मीद रखते हैं वही आपकी भावनाओं को नहीं समझेंगे। कुछ ऐसी तीखी बातें बोल सकते हैं जो आपका मनोबल कमजोर कर सकती हैं। आपको अपने गुस्से पर थोड़ा काबू रखना जरूरी है। खुद पर विश्वास रखें। ये परिस्थितियां कुछ क्षण की हैं। किसी के अधिक दबाव में न आएं। पेशेंस रखना आपके लिए बेहतर होगा। अपनी अंदरूनी शक्ति को सहेज कर रखें। करियर: टीम वर्क से बड़ी सफलता मिलेगी। साथ काम करने वालों से अच्छे संबंध बनेंगे। इवेंट मैनेजमेंट, मार्केटिंग और मीडिया फील्ड में नए प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं। रुका हुआ प्रमोशन मिल सकता है। क्रिएटिव आइडिया लोगों को पसंद आएगा।
प्रेम: रिश्ते में रोमांच और मस्ती रहेगी। सिंगल लोगों को नए रिश्ते की शुरुआत का मौका मिलेगा। खास दोस्त से प्रेम संबंध बन सकते हैं। शादीशुदा जोड़ों के लिए खुशियों का समय है।
स्वास्थ्य: मेंटल स्ट्रेस कम होगा। सामाजिक जीवन में मानसिक शांति मिलेगी। डाइजेशन और हार्मोनल बैलेंस पर ध्यान दें। नियमित एक्सरसाइज से फिटनेस बनी रहेगी।
शुभ रंग: जमुनी, शुभ अंक: 7 आपके सभी काम बहुत आसानी से पूरे होंगे। आपकी सोच बहुत बैलेंस्ड रहेगी। आप इत्मीनान के साथ आगे बढ़ेंगे। खुद को अपडेट करेंगे। नए संस्थान की शुरुआत भी करेंगे। कागजी कार्रवाई करने में पूरा दिन बीत सकता है। ज्यादा न सोचें क्योंकि ज्यादा बातों से आपका कंफ्यूजन बढ़ सकता है। करियर: विदेशी प्रोजेक्ट्स या नई जॉब अपॉरच्युनिटी मिल सकती है। बिजनेस बढ़ाने के लिए सही समय है। मार्केटिंग, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट और आईटी सेक्टर में तरक्की होगी। लंबी यात्रा का फायदा मिल सकता है। नई स्किल्स सीखने से करियर में ग्रोथ तेजी से होगी।
प्रेम: नए रिश्ते बनेंगे। लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप में मजबूती आएगी। पार्टनर के साथ भविष्य की प्लानिंग होगी। सिंगल लोगों को किसी अनपेक्षित व्यक्ति से कनेक्शन महसूस होगा।
स्वास्थ्य: मसल्स में खिंचाव और थकान हो सकती है। ज्यादा ट्रैवल से नींद की समस्या हो सकती है। माइग्रेन और सिरदर्द पर ध्यान दें। मेडिटेशन से मानसिक स्थिरता मिलेगी।
शुभ रंग: मेहरून, शुभ अंक: 6 ईमानदारी से आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। कुछ चीजों की चिंता बहुत परेशान करेगी। विचारों की अधिकता आपको उलझा सकती है। पुरानी समस्याएं हल होंगी। आपके कामों को गहराई की जरूरत है। अपने तरीकों में बदलाव करने की जरूरत पड़ेगी। खुद को सटीक तरीके से पेश करें। कुछ भी कहने से पहले उस विषय पर कॉन्फिडेंट हो जाएं। करियर: परिस्थितियां कठिन हो सकती हैं, लेकिन हार न मानें। जॉब में अधिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। सरकारी क्षेत्र, डिफेंस, पुलिस और मैनेजमेंट वालों के लिए चुनौतीपूर्ण दिन रहेगा। फ्रीलांस काम करने वालों को बड़ा क्लाइंट मिलने की संभावना है।
प्रेम: रिश्ते में पुरानी गलतफहमियों का हल निकालना जरूरी होगा। पार्टनर के साथ धैर्य रखें। मैरिड कपल्स को फैमिली प्रेशर का सामना करना पड़ सकता है। सिंगल लोग नए रिश्ते में जल्दबाजी न करें।
स्वास्थ्य: नींद की कमी और तनाव से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। माइग्रेन और बैकपेन की समस्या बढ़ सकती है। पुराना इन्फेक्शन दोबारा उभर सकता है। योग और स्ट्रेचिंग से राहत मिलेगी।
शुभ रंग: स्लेटी, शुभ अंक: 5 आज आपके आगे पीछे बहुत लोग घूम सकते हैं। खुद को बहुत महत्वपूर्ण समझेंगे। आपकी बातों में थोड़ा एरोगेंस भी आ सकता है। अपनी बात नए जोश से कहेंगे। सभी काम बहुत तेजी से पूरे कर लेंगे। फ्यूचर के बारे में सोचेंगे। अपने मित्रों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। अपने जीवन में कुछ नए बदलाव भी करेंगे। ये परिवर्तन आने वाले समय में आपके लिए सुखद साबित होंगे। करियर: आज लीडरशिप क्वालिटी दिखाने का समय है। बिजनेस में बड़ी डील फाइनल हो सकती है। एडमिनिस्ट्रेशन, सेना और सुरक्षा बल से जुड़े लोगों के लिए निर्णायक दिन रहेगा। प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट की चर्चा होगी। स्टार्टअप फाउंडर्स को इन्वेस्टर्स से मजबूत सपोर्ट मिलेगा।
प्रेम: रिश्ते में स्थिरता जरूरी है। पार्टनर की भावनाओं को समझें। शादीशुदा लोग फैमिली प्लानिंग पर विचार कर सकते हैं। सिंगल लोगों को गंभीर रिलेशनशिप के ऑफर मिल सकते हैं।
स्वास्थ्य: ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। हार्ट पेशेंट्स को विशेष सावधानी रखनी होगी। सिरदर्द और टेंशन से नींद की समस्या हो सकती है। मेडिटेशन और हेल्दी डाइट अपनाएं।
शुभ रंग: पीला, शुभ अंक: 4 अच्छे साहित्य पढ़ने का आनंद लेंगे। आराम के मूड में रहेंगे। दूसरों की मदद भी करेंगे। आप बहुत ही संवेदनशील हैं, इसलिए अपनी संवेदनाओं पर नियंत्रण रखें। दिल की बात किसी से शेयर न करें। सकारात्मक विचार आएंगे। अदालत का फैसला आपके पक्ष में हो सकता है। नई और सुंदर जगह की यात्रा से आपको खुशी मिलेगी। करियर: क्रिएटिव फील्ड में बहुत अच्छे मौके मिलेंगे। काउंसलिंग, हीलिंग, मनोविज्ञान, फैशन और आर्ट से जुड़े लोग नए प्रोजेक्ट में सफल हो सकते हैं। टीमवर्क में आपकी सहानुभूति और समझदारी सबको जोड़कर रखेगी। वर्क प्लेस पर महिला सहयोगियों से लाभ होगा।
प्रेम: पार्टनर के इमोशंस को गहराई से समझें। रिश्ते में प्यार और संवेदनशीलता बढ़ेगी। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप वाले लोग भावनात्मक जुड़ाव महसूस करेंगे। सिंगल लोगों को सोलमेट मिल सकता है।
स्वास्थ्य: थकान और लो एनर्जी महसूस हो सकती है। हार्मोनल इम्बैलेंस या पीसीओडी की समस्या बढ़ सकती है। भावनात्मक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए योग और ध्यान करें।
शुभ रंग: हरा, शुभ अंक: 3 अपने दोस्तों के साथ बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। आशा से अधिक शुभ फल आपको प्राप्त होंगे। परिवार वालों से सुखद मुलाकात होगी। सामाजिक स्तर पर प्रतिष्ठा पड़ेगी। आपके विचारों को तारीफ मिलेगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। छोटी-छोटी खुशियां आपका दिन बना देंगी। करियर: सपने सच होने का समय है। आपकी कठिन कोशिशों के परिणाम दिखने लगेंगे। नए प्रोजेक्ट या नौकरी में तरक्की होने की संभावना है। आप तकनीकी क्षेत्र, मीडिया या क्रिएटिव इंडस्ट्री से हैं, तो फायदेमंद समय है।
प्रेम: आपका दिल अब खुलेगा। प्यार में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। पुराने रिश्ते मजबूत हो सकते हैं। नए व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आप सिंगल हैं, तो नई शुरुआत हो सकती है।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए ध्यान और मेडिटेशन करें। मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे। शारीरिक थकान हो सकती है। नियमित व्यायाम और सही आहार से ऊर्जा बनाए रखें।
शुभ रंग: सफेद, शुभ अंक: 1 अपना काम शांति से करना आपके लिए फायदेमंद होगा। सिर्फ अपने काम पर फोकस करें। किसी की बातों में न आएं। न ही किसी के कान भरें। छोटे झगड़े आपके लिए विनाशकारी परिणाम लेकर आ सकते हैं। आपकी ऊर्जा कम हो सकती है। हर चीज समय पर पूरी होगी। करियर: मेहनत का फल मिलेगा। खुद को आराम देने की जरूरत है। थोड़ा ब्रेक लेकर अपनी ऊर्जा को फिर से इकट्ठा कर सकते हैं। बिजनेस और प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए ये समय रणनीतिक योजनाओं पर ध्यान देने का है।
प्रेम: रिश्तों में शांतिपूर्ण समय आएगा। साथी से गहरी और खुलकर बात करने का अवसर मिलेगा। किसी रिश्ते में तनाव महसूस कर रहे थे, तो इस स्थिति बेहतर होगी। सिंगल हैं तो थोड़ी रुकावट महसूस हो सकती है, लेकिन मानसिक शांति जरूरी है।
स्वास्थ्य: शरीर को राहत देने के लिए आराम और अच्छे नींद की आवश्यकता है। मानसिक तनाव से बचने के लिए ध्यान और प्राणायाम करना चाहिए। थकान महसूस हो सकती है। ताजगी के लिए हल्की एक्सरसाइज करें।
शुभ रंग: लाल, शुभ अंक: 2
टारगेट सेट करते समय किन बातों का ध्यान रखें?:हनुमान जी की सीख - लक्ष्य चुनने से पहले ये समझें कि आप उस लक्ष्य को क्यों पाना चाहते हैं?
स्वामी विवेकानंद कहा करते थे कि जीवन में कोई एक लक्ष्य बनाओ और दिन-रात उसी लक्ष्य पर ध्यान लगाओ, तभी वह लक्ष्य हासिल हो सकता है। बिना लक्ष्य के काम करने से कोई लाभ नहीं है। लक्ष्य के बिना जीवन दिशाहीन हो जाता है। जब हम किसी लक्ष्य को तय करके काम करते हैं तो जीवन में उत्साह बना रहता है। संभव है कि पहले प्रयास में लक्ष्य पूरा न हो, लेकिन असफल होने के बाद भी सकारात्मक सोच के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए। लक्ष्य तय करना एक ऐसा काम है, जिसे सतर्कता के साथ करना चाहिए। लक्ष्य तय करते समय ग्रंथों की कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी... लक्ष्य स्पष्ट और अपनी क्षमता के अनुसार होना चाहिए हनुमान की सीख हनुमान जी ने हमें सीख दी है कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए और जब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता है, तब तक हमें कहीं रुकना नहीं चाहिए। लक्ष्य तय करते समय हमें ये भी ध्यान रखना चाहिए कि हम वह लक्ष्य क्यों पाना चाहते हैं। हनुमान ने सीता की खोज को लक्ष्य बनाया ताकि श्रीराम के साथ ही सभी वानर और अयोध्या का कल्याण हो सके, रावण का वध हो और धर्म की स्थापना हो सके। अगर पहले प्रयास में असफलता मिलती है, तब हमें निराश हुए बिना फिर से कोशिश करनी चाहिए। लक्ष्य जब तक पूरा नहीं हो जाता, तब तक प्रयास करना चाहिए।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जागने की परंपरा क्यों है?:किसे कहते हैं ब्रह्म मुहूर्त? जागते ही कौन-कौन से शुभ काम करना चाहिए?
शास्त्र और साधु-संत सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठने की सलाह देते हैं। माना जाता है कि जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में जागते हैं, उन्हें भाग्य का साथ मिलता है, उनकी सेहत अच्छी रहती है और वे पूरे दिन ऊर्जावान बने रहते हैं। जानिए ब्रह्म मुहूर्त में जागने की परंपरा से जुड़ी खास बातें... ब्रह्म मुहूर्त किसे कहते हैं? ब्रह्म का अर्थ है परमात्मा और मुहूर्त यानी शुभ समय, परमात्मा का शुभ समय। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा कहते हैं कि रात खत्म होने से ठीक पहले का समय ब्रह्म मुहूर्त होता है। सूर्योदय से पहले करीब एक-डेढ़ घंटे पहले ब्रह्म मुहूर्त रहता है, इस समय में जागने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। ये समय सुबह 4 बजे से 5.30 बजे तक रहता है। जागने के बाद सबसे पहले कौन का काम करें? सुबह जागने के बाद सबसे पहले हमें अपनी हथेलियां देखनी चाहिए, इसे परंपरा को कर दर्शन कहते हैं। इसके बाद पलंग या बिस्तर से पैर नीचे रखने से पहले भूमि माता से क्षमा मांगनी चाहिए, क्योंकि हम भूमि माता पर अपना पैर रखने वाले हैं। स्नान के बाद उगते सूर्य को जल चढ़ाएं। पूजा-पाठ, ध्यान, मंत्र जप करें। ब्रह्म मुहूर्त के लिए शास्त्रों में लिखा है कि - वर्णं कीर्तिं मतिं लक्ष्मीं स्वास्थ्यमायुश्च विदन्ति। ब्राह्मे मुहूर्ते संजाग्रच्छि वा पंकज यथा।। अर्थ - जो लोग सुबह जल्दी जागते हैं, उन्हें सुंदरता, लक्ष्मी (धन), बुद्धि, सेहत और लंबी आयु मिलती है। जल्दी जागने वाले लोगों का शरीर कमल के फूल की तरह सुंदर हो जाता है। जल्दी जागने से सेहत को कैसे लाभ मिलता है? ब्रह्म मुहूर्त में न जाग पाएं तो क्या करें? आजकल अधिकतर लोग रात में देर से सोते हैं, ऐसे में सुबह 5 बजे उठ पाना सभी के लिए संभव नहीं होता है, ऐसे में रात में जल्दी सोने की कोशिश करनी चाहिए। अगर रात में जल्दी नहीं सो पा रहे हैं तो सुबह 6-7 बजे तक जागने की कोशिश करनी चाहिए। इससे ज्यादा देर करेंगे तो ये सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। देर से जागने से कौन-कौन से नुकसान होते हैं? सुबह देर से जागने वाले लोगों के पास दिन में काम करने के लिए कम समय बचता है। ये लोग अपनी हेल्थ के लिए ध्यान, योग, व्यायाम, वॉकिंग सही समय पर नहीं कर पाते हैं, जिससे सेहत से जुड़ी बातों में तालमेल नहीं बन पाता है। देर से जागने पर आलस बना रहता है। जबकि जो लोग जल्दी जागते हैं, उन्हें दिनभर ताजगी और ऊर्जा महसूस होती है। ये बातें भी ध्यान रखें... सुबह जल्दी जागना चाहिए, लेकिन जल्दी उठने के लिए खुद से जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। अच्छी सेहत के लिए हमें रोज 6-8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। इससे कम या ज्यादा सोना सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। अगर देर रात तक जागने वाले किसी व्यक्ति को सुबह जल्दी उठा देंगे तो वह दिनभर आलसी बना रहेगा। उसका मन काम में नहीं लगेगा, वह ऊर्जावान नहीं रहेगा। ऐसा लंबे समय तक होगा तो उसकी सेहत भी बिगड़ सकती है। इसलिए जल्दी जागना चाहते हैं तो रात को जल्दी सोने की आदत डालनी चाहिए।
16 फरवरी को गणेश चतुर्थी व्रत:भगवान गणेश के साथ ही सूर्य देव की पूजा का शुभ योग, उगते सूर्य को जल चढ़ाकर करें दिन की शुरुआत
रविवार, 16 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। रविवार को हस्त नक्षत्र होने से इस दिन मानस नाम का शुभ योग बनेगा। रविवार, चतुर्थी और मानस योग होने से इस दिन धर्म-कर्म, दान-पुण्य करना चाहिए और सुबह उगते सूर्य को जल चढ़ाकर दिन की शुरुआत करनी चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, रविवार और चतुर्थी के योग में गणेश पूजा के साथ ही सूर्य देव के लिए भी विशेष पूजा करनी चाहिए। चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश माने गए हैं, क्योंकि इसी तिथि पर गणेश जी प्रकट हुए थे। इस कारण साल की सभी चतुर्थियों पर भक्त व्रत-उपवास रखते हैं और विशेष पूजन करते हैं। ज्योतिष में सूर्य को रविवार का कारक ग्रह बताया गया है यानी इस वजह से रविवार को सूर्य की पूजा खासतौर पर की जाती है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य ग्रह से जुड़े दोष हैं, उन्हें रोज सुबह सूर्य को जल चढ़ाने की सलाह ज्योतिषियों द्वारा दी जाती है। सूर्य नौ ग्रहों का राजा है और इस ग्रह की पूजा से कुंडली के ग्रह दोषों का असर कम हो सकता है। ऐसे कर सकते हैं गणपति पूजा गणेश चतुर्थी पर घर के मंदिर में गणेश प्रतिमा स्थापित करें। भगवान को जल, दूध, पंचामृत चढ़ाएं। हार-फूल और वस्त्रों से श्रृंगार करें। चंदन का तिलक लगाएं। दूर्वा, शमी पत्तों के साथ ही चावल, फूल, सिंदूर भी अर्पित करें। गणेश जी को दूर्वा के जोड़े बनाकर चढ़ाना चाहिए। 22 दूर्वा को लेकर दूर्वा के 11 जोड़े तैयार करें और भगवान को चढ़ाएं। दूर्वा चढ़ाते समय ऊँ गं गणपतयै नम: मंत्र का जप करना चाहिए। मोदक, बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। भगवान के सामने चतुर्थी व्रत करने का संकल्प लें। दिनभर निराहार रहें और शाम को चंद्र उदय के बाद चंद्र पूजा करें, गणेश पूजा करें और इसके बाद भोजन करें। इस तरह चतुर्थी व्रत पूरा होता है। चतुर्थी पर किसी पौराणिक गणेश मंदिर जाएं और भगवान को दूर्वा, शमी के पत्ते चढ़ाएं। लड्डू का भोग लगाएं। ध्यान रखें दूर्वा किसी साफ जगह पर उगी हुई होनी चाहिए या किसी मंदिर के पार्क में उगी हुई हो। दूर्वा धोकर भगवान को अर्पित करें। पूजा में गणेश जी के इन 11 नाम मंत्रों का जप भी कर सकते हैं... ऊँ गं गणपतेय नम:, ऊँ गणाधिपाय नमः, ऊँ उमापुत्राय नमः, ऊँ विघ्ननाशनाय नमः, ऊँ विनायकाय नमः, ऊँ ईशपुत्राय नमः, ऊँ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः, ऊँ एकदन्ताय नमः, ऊँ इभवक्त्राय नमः, ऊँ मूषकवाहनाय नमः, ऊँ कुमारगुरवे नमः
घर पर ही बनाएं काजू कतली
काजू कतली एक बहुत ही स्वादिष्ट और भारत में पसंद की जाने वाली मिठाई है। इस मिठाई के बिना तो मानो हर त्यौहार अधूरा सा लगता है. हालांकि यह मिठाई बाजार से काफी महंगी मिलती है. लेकिन आप इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए सिर्फ तीन ही सामग्री की जरूरत होती है। काजू ,चीनी इलायची पाउडर... तो फिर देर किस बात की है हमारे बताए गए आसान विधि का पालन करके काजू कतली आप घर पर ही बना सकते हैं।
सामग्री
एक कप काजू
आधा कप चीनी
1/4 इलायची पाउडर
घी चिकनाई के लिए
चांदी का वर्क
काजू कतली बनाने की विधि
एक कप काजू को मिक्सर में डालकर बारीक पाउडर बना लीजिए।
एक कड़ाही को धीमी आंच पर चढ़ाइए इसमें चीनी और पानी डालकर उबाल लीजिए।
चीनी और पानी को तब तक चलते रहिए जब तक के चीनी घुल ना जाए।
जब चीनी घुल जाए तो मिश्रण को तब तक उबालें, जब तक की ये गाढ़ा और चिपचिपा ना हो जाए।
अब आंच को धीमी कर दें और काजू का पाउडर और इलायची पाउडर इस मिश्रण में डाल दें इसे खूब अच्छे से मिला लें।
मिश्रण को तब तक चलाएं जब तक की यह बड़ा ग_ा जैसा ना होने लगे। इसमें करीब 7 मिनट तक का वक्त लगेगा।
गैस बंद कर दीजिए और इसे 3 से 4 मिनट के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दीजिए।
जब यह ठंडा हो जाए तो हाथों से इसे थोड़ा गूथ लीजिये ताकि यह नरम हो जाए।
अगर मिश्रण बहुत ज्यादा सुख हो जाता है तो दूध की कुछ बूंद डालकर गूथ लीजिये।
अब एक परात के पीछे की ओर घी लगाकर चिकना कर लीजिए।
चिकनी की हुई सतह पर तैयार मिश्रण डालें और अपनी हथेलियां और बेलन पर घी लगा कर चिकना कर लें।
मिश्रण को बेलन से बिल लें।
अब इसे चाकू की मदद से चौकोर टुकड़ों में काट लें।
इसे तीन से चार मिनट के लिए ठंडा होने दें।
टुकड़ों को अलग करें और इसे आप चांदी के वर्क से सजा सकते हैं।
तैयार है आपकी काजू कतली ,आप इसे 20 से 25 दिन के लिए रख कर खा सकते हैं।
Vastu Shastra: इन पौधों को जड़ से उखाड़ कर न फेंकें, हो सकता हैं नुकसान…
पीपल का वृक्ष घर के पास न लगाएं, क्योंकि इसकी जड़ें घर की नींव को कमजोर कर सकती हैं. यदि पीपल लगाना हो, तो इसे पश्चिम दिशा में घर से दूर लगाना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, सही दिशा में वृक्षारोपण से सुख-समृद्धि बनी रहती है.
वृक्षारोपण के दिशा-निर्देश (Vastu Shastra)
पूर्व दिशा: केला आदि वृक्ष लगाए जा सकते हैं.
दक्षिण दिशा: गुलमोहर लगाना शुभ होता है.
पश्चिम दिशा: पीपल का वृक्ष उचित माना जाता है.
उत्तर दिशा: आसोपालव जैसे वृक्ष लगाए जा सकते हैं.
उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में पेड़ लगाने के नियम (Vastu Shastra)
ईशान कोण हमेशा खुला और स्वच्छ रहना चाहिए. इस कोने में ऊँचे या बड़े पेड़ लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह घर में नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है. हालांकि, घास और छोटे, बिना कांटे वाले पौधे लगाए जा सकते हैं.
किन पेड़ों को लगाने से बचना चाहिए? (Vastu Shastra)
कांटेदार पौधे: कैक्टस, एलोवेरा और थूजा जैसे पौधे घर में नहीं रखने चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मकता उत्पन्न कर सकते हैं.
दूधिया पेड़: घर के आसपास दूधिया रस वाले पेड़ आर्थिक हानि का कारण बन सकते हैं.
फलदार वृक्ष: आम, पीपल, जामुन, नारियल और कटहल जैसे बड़े फलदार वृक्ष घर के पास न लगाएं, क्योंकि यह आत्मविश्वास में कमी ला सकते हैं.
पीले फूलों वाले पेड़: गुलमोहर और करंज जैसे पेड़ छोटे बच्चों के लिए हानिकारक माने जाते हैं.
मंदिरों से जुड़े वृक्ष: पीपल, बरगद, अनार, केला, नींबू आदि को घर के सामने लगाने से परिवार की प्रगति में बाधा आ सकती है.
11 फरवरी को बुध का राशि परिवर्तन:27 तारीख तक कुंभ राशि में रहेगा बुध, जानिए आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा आने वाला समय
मंगलवार, 11 फरवरी को बुध ग्रह राशि बदल रहा है, ये ग्रह मकर से निकलकर कुंभ में प्रवेश करेगा। कुंभ राशि में पहले से ही शनि स्थित है। इस वजह से शनि के साथ बुध की युति बनेगी। बुध के बाद सूर्य भी 12 तारीख को इस राशि में आ जाएगा, इसके कुंभ राशि में इन तीनों ग्रहों की युति बनेगी। बुध ग्रह 27 फरवरी तक इसी राशि में रहेगा, इसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेगा। बुध मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, बुध ग्रह बुद्धि का कारक ग्रह है। इस ग्रह की अशुभ स्थिति की वजह से व्यक्ति को बुद्धि से जुड़े कामों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस ग्रह के दोष दूर करने के लिए हर बुधवार गणेश जी की पूजा करें। बुध ग्रह के मंत्र ऊँ बुधाय नमः का जप करें। जानिए सभी 12 राशियों पर बुध ग्रह का कैसा असर होने वाला है...
बुधवार को माघी पूर्णिमा:तीर्थ दर्शन और नदी स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो पानी में गंगाजल मिलाकर करें स्नान, जानिए क्या करें और क्या न करें
बुधवार, 12 फरवरी को माघ मास की पूर्णिमा है। इस पर्व पर तीर्थ दर्शन और नदी स्नान करने की परंपरा है। इसी वजह से गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा जैसी नदियों में कई श्रद्धालु इस दिन स्नान करने पहुंचेंगे। अभी प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है, माघी पूर्णिमा पर यहां करोड़ों भक्त संगम में स्नान करेंगे। पूर्णिमा पर चंद्र अपनी पूर्ण कलाओं के साथ दिखाई देता है। इस दिन चंद्र उदय के बाद चंद्र की पूजा की जाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, जो लोग माघी पूर्णिमा पर नदी स्नान नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। गंगाजल न हो तो सामान्य पानी को ही गंगा जल का स्वरूप मानकर स्नान करें। मंत्र - गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।। का जप करते हुए स्नान करें। स्नान के बाद घर के आसपास ही जरूरतमंद लोगों को भोजन, अनाज, जूते-चप्पल, धन, कपड़े का दान कर सकते हैं। माघी पूर्णिमा से जुड़ी मान्यताएं पूर्णिमा के नाम से तय होता है हिन्दी महीने का नाम हिन्दी पंचांग में पूर्णिमा तिथि का नाम उस दिन के नक्षत्र पर रखा गया है। पूर्णिमा महीने की अंतिम तिथि मानी जाती है, इस तिथि के नक्षत्र के आधार पर ही महीने का नाम भी तय होता है। जैसे 12 फरवरी को पूर्णिमा पर मघा नक्षत्र रहेगा तो इस तिथि का नाम माघी पूर्णिमा है और इस महीने का नाम माघ मास है।