महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय एवं विवेकानंद महाविद्यालय की संयुक्त आयोजन में फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का दूसरा दिन
रायपुर महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय एवं विवेकानंद महाविद्यालय मौदहापारा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन मुख्य वक्ता प्रोफेसर आरपी दास कुलपति गुवाहाटी विश्वविद्यालय ने कहा कि रिसर्च में इमिटेशन शामिल नहीं होना चाहिए उसके स्थान पर अधिक से अधिक इनोवेशन को महत्व दिया जाना चाहिए ताकि शोध के परिणाम वास्तविक रूप में सामने आ सके और वैश्विक स्तर पर लाभ प्राप्त किया जा सके उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में हो रहे अनुसंधान अनुसंधानकर्ताओं और मार्गदर्शन पर गहरी चोट की और कहा कि इस समय शोधकर्ताओं में इमिटेशन की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है जो गलत है शोध को इनोवेशन आधारित बनाया जाना चाहिए बता दें कि महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय एवं विवेकानंद महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में पांच दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम चल रहा है जिसमें सत्र के दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में आरपी दास कुलपति गुवाहाटी विश्वविद्यालय रिसेंट ट्रेंड्स इन रिसर्च और इनोवेशन पर बातचीत रख रहे थे उन्होंने बताया कि शोध क्या है यह जानने के लिए सबसे पहले एक शोधकर्ता को साहित्य पुनरावलोकन का ज्ञान होना बेहद आवश्यक है अन्यथा पूरा रिसर्च शून्य घोषित हो सकता है रिसर्च में उपकल्पना एक प्रमुख तत्व है जो मार्गदर्शन के निर्देश पर तैयार किया जाता है उनका कहना था कि एक शोधकर्ता को या निश्चित करना चाहिए कि गुणात्मक रिसर्च सामने आए या मात्रात्मक रिसर्च सामने आए आज इस चक्र मैं फंसे हुए हैं रिसर्च में समझौता वादी प्रवृत्ति का कोई स्थान नहीं होता रिसर्च पेपर के लिए कई रिसर्च जनरल संचालित हो रहे हैं जो किसी न किसी तौर पर मूल्य लेकर लेकर पेपर पब्लिश कर देते हैं यह शोधकर्ता के लिए काफी निंदनीय पक्ष है इसे स्वीकार नहीं होना चाहिए उन्होंने ऐसे कई मार्गदर्शकों का हवाला दिया और उन पर चोट की जिन्हें डॉक्टरेट का फिलासफी लिखना नहीं मालूम डॉक्टर दास का कहना था की शोधकर्ता को अच्छे रिसर्च जनरल अच्छी पुस्तक पढ़कर शोध के कार्य को आरंभ करना चाहिए शोध में समर्पण लग्न और मेहनत शामिल होना चाहिए राजधानी रायपुर में इमिटेशन होने की प्रक्रिया को चिंता वाली स्थिति बताया और कहा कि शोध के क्षेत्र में रायपुर में इमिटेशन की भरमार हो रही है उनका कहना था कि शोध में शॉर्टकट मत चलो इमिटेशन मत करो इनोवेशन करो साथी डॉक्टर दास ने यह भी कहा अच्छा दिन आएगा तब एक अच्छा शिक्षक एक अच्छा अनुसंधान करता होगा उनके द्वारा मात्रात्मक शोध पर चिंता जाहिर की और कहा कि गुणात्मक शोध पर बोल दिया जाना चाहिए क्योंकि शोध एक तपस्या है जिसे साधु या संत बनाकर करना चाहिए इस आयोजन में सत्र के दूसरे दिन सत्र का संचालन प्रोफेसर जयचंद्र ने किया वही आभार प्रदर्शन विवेकानंद महाविद्यालय की प्रोफेसर पुष्पेंद्र पाल ने धन्यवाद व्यापक कर किया सत्र की शुरुआत डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी प्राचार्य महंत कॉलेज रायपुर के उद्घाटन उद्बोधन से हुआ इस दौरान विवेकानंद विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर मनोज मिश्रा एवं शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे ऑनलाइन जुड़कर मार्गदर्शन प्राप्त किया