छत्तीसगढ़ / रायपुर

छत्तीसगढ़ माननीय चिंतामणि महाराज को संसद सदस्य चुने जाने पर कोटि-कोटि बधाई देते हुए

 संत गहिरागुरू आश्रम के सरगुजा क्षेत्र से माननीय चिंतामणि महाराज को संसद सदस्य चुने जाने पर कोटि-कोटि बधाई देते हुए ज्योतिषाचार्य पं.डॉक्टर संतोष तिवारी संस्कृत महाविद्यालय रायपुर अतिथि प्राध्यापक ज्योतिष विभाग विभाग ने संस्कृत में शपथ ग्रहण करते हुए छत्तीसगढ़ संस्कृत के प्रचारक सरगुजा क्षेत्र से आश्रम की शुरुआत करते हुऐ संस्कृत विद्यामण्लम में एक  समय संस्कृत विद्यमंडल के अध्यक्ष के रूप में संस्कृत जगत में काफी क्रांति छत्तीसगढ़ में प्रचारित प्रसारित करते हुए आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अपना अक्षुण्य योगदान दिया है। और संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए सदैव तत्पर रहे हैं। हम सभी संस्कृत जगत के छत्तीसगढ़ वासियों के लिए संसद सदस्य के रूप में चुने जाने से संस्कृत जगत के लिए एक नया आयाम और कीर्तिमान स्थापित करेंगे। ऐसे तो छत्तीसगढ़ संस्कृत महाविद्यालय रायपुर सन 1955 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद जी के द्वारा किसकी स्थापना हुई थी। हाल ही में अशासकीय संकल्प के अंतर्गत यह महाविद्यालय संस्कृत विश्वविद्यालय के रूप में विधानसभा में प्रस्ताव पारित हो चुका है छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अन्य राज्यों में शिक्षा अर्जन के लिए दरबदर नहीं भटकना पड़े ऐसे सब अक्षुण्य कार्यों में भी योगदान सदैव देते आ रहे हैं। इसी आशाओं के साथ संस्कृत जगत के विद्यार्थियों में एक नई आशा एवं उम्मीदे जाग उठी है महाराज जी ने राजनीति जगत में विधायक मंत्री के रूप में भी अपना कीर्तिमान स्थापित किया है। और वह बहुत ही सरल सहज व्यक्तित्व के धनी है राजनीति एवं संस्कृति के क्षेत्र में लगातार उत्तरोत्तर उन्नति एवं विकास से छत्तीसगढ़ की जनता एवं संस्कृत जगत सदैव कोटि-कोटि बधाई देते हुऐ उज्जवल भविष्य के लिए मंगल कामना करते हैं। जय भारत जय छत्तीसगढ़ जयतु संस्कृतम् जयतु संस्कृतम् ।


माननीय उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवालजी ने संस्कृत महाविद्यालय को संस्कृत विश्वविद्यालय बनाने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पास किया वह भी छत्तीसगढ़ क्षेत्र से आठ बार मंत्री विधायक रूप में अपना सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया वह भी धर्म एवं संस्कृति शिक्षा राजिम जैसे प्राचीन नगरी को पद्म पुराण के अनुसार कमल क्षेत्र कहां गया है उसको छत्तीसगढ़ के जनता के लिये कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के लिए कृत संकल्पित है और वह भी सांसद चुनाव लड़के धर्म एवं संस्कृति का चादर ओढ़ कर राजीव लोचन जी के कृपा से धर्म एवं संस्कृति मंत्री रहकर छत्तीसगढ़ के लिए उन्होंने भी छत्तीसगढ़ वासियों के लिए एवं मध्य प्रदेश शासन में मंत्री रहते हुए छत्तीसगढ़ के लिए कई विकास कार्यों में माहिती एवं महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके साथ साथ में भी चिंतामणि महाराज ने संस्कृत जगत के लिए सहभागिता दी है।

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