संस्कृति

सफेद कपड़े पहनकर क्यों खेली जाती है होली? जानिए वजह…

 रायपुर। 4 मार्च को देशभर में होली का पर्व मनाया जाएगा। घरों में तैयारियां चल रही हैं। बाजारों में रौनक बढ़ गई है। हर साल की तरह इस बार भी अधिकतर लोग सफेद कपड़ों में होली खेलते नजर आएंगे। इसे केवल फैशन नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यता से जोड़कर देखा जाता है।



धार्मिक मान्यता के अनुसार सफेद रंग शुद्धता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। होलिका दहन बुराई के अंत और नई शुरुआत का संकेत देता है। होली पर सफेद कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे मन शांत रहता है। नकारात्मक विचार दूर होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों को शीघ्र क्रोध आता है या जिनका मन अशांत रहता है। उन्हें होली पर सफेद कपड़े पहनने चाहिए। सफेद रंग का संबंध चंद्रमा और शुक्र से माना गया है। जिससे ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और जीवन में शुभता आती है।

सफेद रंग को कोरे कैनवास की तरह भी देखा जाता है। जब इस पर गुलाल और अन्य रंग पड़ते हैं, तो वे अधिक स्पष्ट और सुंदर दिखाई देते हैं। यह आपसी भेदभाव मिटाकर प्रेम और भाईचारे के रंग में रंगने का प्रतीक है। रंगों के बाद सभी एक समान नजर आते हैं। जिससे समानता और सौहार्द का संदेश मिलता है। वैज्ञानिक रूप से भी सफेद रंग सूर्य की किरणों को परावर्तित करता है। जिससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है। इस प्रकार होली पर सफेद कपड़े पहनना धार्मिक आस्था, शांति और सकारात्मकता से जुड़ा माना जाता है।

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