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राजस्थान पुलिस के 5 जांबाज कारनामे चर्चा में, कांस्टेबल ने 33 हजार वोल्ट के पोल पर चढ़कर बचाई युवक की जान

जयपुर
जस्थान पुलिस के जवानों ने एक बार फिर अपनी बहादुरी, सूझबूझ और मानवीय संवेदनाओं की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। खाकी केवल अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने का नाम नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर जान की बाजी लगाकर किसी की जिंदगी बचाना भी राजस्थान पुलिस की असली पहचान है। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के दौरान प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से सामने आए पुलिस के उत्कृष्ट कार्यों और सफलता की कहानियों में से शीर्ष पांच असाधारण कार्रवाइयों का चयन किया है। 'बेस्ट पुलिस वर्क ऑफ द वीक' के तहत चयनित इन पांचों मामलों में पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का अनूठा समन्वय देखने को मिला है। डीजीपी ने सभी संबंधित पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे साहसिक कार्य पूरे पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हैं और आम जनता के मन में कानून के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करते हैं।

आइए जानते हैं राजस्थान पुलिस की वे 5 बड़ी और चर्चित कहानियां, जिनकी गूंज इस समय पूरे प्रदेश में है।

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1. जयपुर पश्चिम: हाई-टेंशन पोल पर चढ़कर कांस्टेबल सुनील कुमार ने बचाई करंट से झुलसे युवक की जान

जयपुर कमिश्नरेट के खोराबीसल थाना इलाके से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली और मानवीय संवेदना से भरी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पीसीआर से सूचना मिलने पर चेतक 60 पर ड्यूटी दे रहा पुलिस जाब्ता तुरंत मौके पर पहुंचा। वहाँ मोतीलाल ठाकुर पुत्र गोकुल (50), जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के सागर जिले के दराडिया गांव का रहने वाला है और हाल ही में बावड़ी पहाड़ी तलहटी की कच्ची बस्ती में रह रहा था, हाई-टेंशन बिजली के 33 हजार वोल्ट के तारों की चपेट में आ गया था। करंट लगने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी और वह बेसुध होकर पोल पर ही लटका हुआ था।

स्थिति की नजाकत को भांपते हुए थाना खोराबीसल के कांस्टेबल चालक सुनील कुमार (नं. 5512) ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया। वह तुरंत बिजली के उस खतरनाक पोल पर ऊपर चढ़ गए और अत्यंत सावधानी व सूझबूझ के साथ घायल युवक को सुरक्षित नीचे उतारकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से युवक की जान बच गई। कांस्टेबल सुनील कुमार के इस जांबाज और प्रेरणादायक कार्य की चौतरफा सराहना की जा रही है।

2. जयपुर उत्तर: राजलक्ष्मी बैंक के फर्जी लोन घोटाले में 10-10 हजार रुपये के 2 इनामी गिरफ्तार
आर्थिक अपराधों और फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्ती बरतते हुए जयपुर कमिश्नरेट की उत्तर जिला पुलिस ने एक बड़े फ्रॉड मामले में शिकंजा कसा है। थाना माणकचौक में दर्ज "दी राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड" के बहुचर्चित फर्जी लोन घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में फर्जी पट्टों और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 13 फर्जी ऋण खाते बनाकर बैंक से करोड़ों रुपये हड़पे गए थे, जिससे बैंक को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी थी। इस प्रकरण में बैंक की पूर्व अध्यक्षा, बैंक अधिकारी, ऋणी और अधिवक्ता सहित कुल 59 आरोपी नामजद हैं।

लंबे समय से फरार चल रहे और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे 10-10 हजार रुपये के दो मुख्य इनामी आरोपियों को विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और पुख्ता मुखबिर तंत्र की मदद से धर दबोचा। पुलिस अब इस मामले में ठगी गई शेष राशि की बरामदगी और बाकी बचे अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दे रही है।

3. सीकर: ज्वैलर्स के साथ डकैती के मामले में 25 हजार का इनामी शातिर दबोचा
अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीकर जिले की पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना नेछवा के गनेड़ी क्षेत्र में एक स्थानीय ज्वैलर्स के साथ हुई डकैती की गंभीर वारदात में लंबे समय से वांछित चल रहे रामेश्वर लाल सोनी उर्फ रमेश को पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रामेश्वर लाल पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह जिला स्तर की टॉप-10 अपराधियों की वांटेड सूची में शुमार था।

घटना के करीब 8 महीने बाद तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर इस शातिर अपराधी को दबोचने में पुलिस को कामयाबी मिली। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने यह साबित कर दिया कि कानून के हाथ भले ही लंबे हों, लेकिन अपराधी कितनी भी चालाकी क्यों न कर ले, वह कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

4. टोंक: अवैध पटाखों का बड़ा जखीरा जब्त, 50 लाख रुपये का बारूद पकड़ा
दीपावली के त्योहारी सीजन से पहले टोंक पुलिस ने अवैध विस्फोटक सामग्री के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टोंक पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के कड़े निर्देशों के बाद, जिला विशेष टीम (DST) और निवाई थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 12 अक्टूबर 2026 को निवाई के आदित्य प्लाजा स्थित दुकानों पर अचानक दबिश दी।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी तुलसी राम चंदानी द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के भारी मात्रा में अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री संग्रहित करके रखी गई थी। पुलिस ने मौके से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के 400 से अधिक बारूद से भरे कार्टन जब्त किए। आरोपी के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इतनी भारी मात्रा में अवैध पटाखों की जब्ती से टोंक पुलिस ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया है।

5. डीडवाना-कुचामन: अंतरराज्यीय महिला गैंग का पर्दाफाश, 28 महिलाएं गिरफ्तार
धार्मिक आयोजनों और मेलों में सक्रिय रहने वाले शातिर चोर गिरोहों के खिलाफ डीडवाना-कुचामन जिले की पुलिस ने एक जबरदस्त कार्रवाई की है। 12 अक्टूबर 2026 को कुचामन सिटी थाना क्षेत्र में आयोजित एक भव्य भागवत कथा कलश यात्रा के दौरान महिलाओं के गले से सोने-चांदी की चेन और जेवर चुरानव काटने वाली एक सक्रिय अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग ने उत्पात मचाया हुआ था।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जाल बिछाया और इस शातिर गैंग की कुल 28 महिलाओं को रंगे हाथों धर दबोचा। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह थी कि वारदात को सीधे तौर पर अंजाम देने वाली चारों मुख्य मास्टरमाइंड महिलाएं भी पुलिस के हत्थे चढ़ गई हैं। इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की आड़ में चोरी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा का संदेश: अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
इन पांचों उत्कृष्ट कार्रवाइयों की सराहना करते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस का प्रत्येक अधिकारी और सिपाही प्रदेश के आम नागरिक की सुरक्षा, सेवा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पुलिसकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना या असाधारण सूझबूझ से उत्कृष्ट कार्य करते हैं, उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस का यह बुलडोज

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