देश-विदेश
चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण: आज चंद्रयान-3 पृथ्वी से चंद्रमा की ओर उड़ान भरेगा, वैज्ञानिकों ने मंदिर में की पूजा-अर्चना
आज का दिन भारत और भारतवासियों के लिए गौरवपूर्ण दिन है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपने ड्रीम प्रोजेक्ट चंद्रयान-3 को लॉन्च करने जा रहा है. श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से शुक्रवार दोपहर 2:35 बजे चंद्रयान-3 पृथ्वी से चंद्रमा की तरफ उड़ान भरेगा. करीब 40 से 50 दिन की यात्रा करने के बाद चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंड करेंगे. बता दें काउंटडाउन शुरू होने से पहले पांच वैज्ञानिकों की टीम ने मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की जिसका वीडियो भी शेयर किया.
इसरो (ISRO) चीफ एस सोमनाथ और अन्य वैज्ञानिकों ने गुरुवार को तिरुपति वेंकटचलपति मंदिर में पूजा अर्चना की. इसरो चीफ ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि वह सफलतापूर्वक चांद पर उतरेगा. भारत का यह मिशन चंद्रयान-2 की क्रैश लैंडिंग के चार साल बाद भेजा जा रहा है. चंद्रयान-3 मिशन सफल होता है, तो अंतरिक्ष के क्षेत्र में ये भारत की एक और बड़ी कामयाबी होगी.
चांद पर कब होगी चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग
मिशन 14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा केन्द्र से उड़ान भरेगा और अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो 23 या 24 अगस्त को चंद्रमा पर उतरेगा. बीते बुधवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में चंद्रयान-3 युक्त एनकैप्सुलेटेड असेंबली को एलवीएम3 के साथ जोड़ा गया गया. यह मिशन भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बना देगा.
पिछले मिशन का फॉलोअप मिशन है चंद्रयान-3
22 जुलाई 2019 को भारत ने चंद्रयान-2 मिशन लॉन्च किया था. वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर एक रोवर और एक ऑर्बिटर भेजा था. हार्ड लैंडिंग के चलते मिशन फेल हो गया था. हालांकि ऑर्बिटर सैटेलाइट अभी भी काम कर रहा है और उसके जरिए चंद्रमा से जुड़ी काफी जानकारी मिली है. चंद्रयान-3 पिछले मिशन का फॉलोअप मिशन है.
दिल्ली में यमुना उफान पर: 45 साल बाद जलस्तर 208 मीटर पार, स्कूलों में छुट्टी, सीएम केजरीवाल ने गृह मंत्री शाह को पत्र लिखा
देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ गया है। 45 साल बाद यहां नदी के जलस्तर ने 208 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार अलर्ट है। नदी के आसपास के इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाढ़-निगरानी पोर्टल के अनुसार, पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर बुधवार (12 जुलाई) सुबह चार बजे 2013 के बाद पहली बार 207 मीटर के निशान को पार कर गया। यह शाम चार बजे तक बढ़कर रिकॉर्ड 207.71 मीटर के निशान तक पहुंच गया। रात 11 बजे यह बढ़कर 208.08 मीटर हो गया और गुरुवार (13 जुलाई) सुबह आठ बजे तक इसके 208.30 मीटर तक पहुंचने की आशंका है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, रात 11 बजे के आसपास का यमुना का जलस्तर केंद्रीय जल आयोग की ओर से 13 जुलाई को सुबह 4 से 6 बजे तकी अवधि के लिए लगाए गए 207.99 मीटर के अनुमान से ज्यादा है। सरकार ने बताया कि पुराने रेलवे पुल पर रात 10 बजे बढ़ोतरी दर्ज की गई। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इससे पहले 1978 में दिल्ली में यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर पहुंचने का रिकॉर्ड था। बुधवार रात 9 बजे पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 207.95 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले रात 8 बजे हथिनीकुंड बैराज से 1,47,857 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
निचले इलाकों में स्कूलों की छुट्टी
दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग ने गुरुवार (13 जुलाई) को निचले इलाकों के कुछ स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है, जिनकी कक्षाएं छात्रों के लिए ऑनलाइन तरीके से चलाई जाएंगी। एमसीडी की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ”दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए एमसीडी के शिक्षा विभाग ने सिविल लाइंस जोन के निचले इलाकों में 10 स्कूलों, शाहदरा दक्षिण जोन के 6 स्कूलों और शहादरा उत्तर जोन के एक स्कूल को 13 जुलाई को बंद रखने का फैसला किया है। इन स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।”
संवेदनशील इलाकों में लगाई गई धारा 144
दिल्ली में यमुना नदी के आसपास के इलाकों में बने मकान और बाजारों में पानी घुसने के कारण हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। बाढ़ जैसे हालात के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में बुधवार को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। इस धारा के तहत चार से ज्यादा लोगों के एक ही स्थान पर एकत्रित होने पर रोक होती है।
सीएम ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
दिल्ली सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। जल स्तर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुचने के बाद, केजरीवाल ने केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया कि यमुना का जलस्तर और न बढ़े। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में, केजरीवाल ने अनुरोध किया, ‘‘यदि संभव हो तो हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से पानी सीमित गति में छोड़ा जाए।’’ केजरीवाल ने गृह मंत्री शाह का ध्यान आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन की ओर आर्कषित करते हुए लिखा कि दिल्ली कुछ हफ्तों में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाली है। उन्होंने कहा, ‘‘देश की राजधानी में बाढ़ की खबर से दुनिया में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। हम सबको मिलकर दिल्ली के लोगों को इस स्थिति से बचाना होगा।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल से फ्रांस की यात्रा पर, बैस्टिल दिवस समारोह में विशेष मेहमान होंगे...
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार से तीन दिन के दौरे पर फ्रांस रवाना होंगे। पीएम मोदी फ्रांस के बैस्टिल दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि होंगे। इस समारोह में भारतीय सेना के तीनों अंगों की एक टुकड़ी भी हिस्सा लेगी। परेड के दौरान भारत से आए 4 राफेल विमान भी आसमानी करतब दिखाएंगे।
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (गुरुवार) सुबह फ्रांस और यूएई की अपनी यात्रा के लिए रवाना होंगे। पहला खंड उनकी फ्रांस यात्रा होगी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रॉन के निमंत्रण पर पीएम 13 और 14 जुलाई को फ्रांस में रहेंगे।
विनय क्वात्रा ने बताया कि यह प्रधानमंत्री की छठी फ्रांस यात्रा है। पीएम मोदी गुरुवार को फ्रांस पहुंचने के बाद उसी दिन फ्रांस की पीएम एलिज़ाबेथ बोर्न और फ्रांसीसी सीनेट के अध्यक्ष जेरार्ड लार्चर से मुलाकात करेंगे।
पूर्णेश मोदी, सुप्रीम कोर्ट में कैविएट लगाकर राहुल गांधी के 'मोदी सरनेम' पर पीछा नहीं छोड़ रहे हैं
पूर्णेश मोदी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कैवियट दायर किए जाने पर राहुल गांधी के 'मोदी सरनेम' का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। पूर्णेश मोदी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। गुजरात के भाजपा विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में कैवियट दायर किया है और उन्होंने कहा है कि अगर राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर करते हैं तो उनका भी पक्ष सुना जाए।
पूर्णेश मोदी ने अपनी कैवियट में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट उनके पक्ष के बिना कोई आदेश या निर्देश जारी न करे। सूरत की निचली अदालत ने 'मोदी सरनेम' मामले में दायर मानहानि मामले में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। इस पर राहुल गांधी ने गुजरात हाई कोर्ट में दायर याचिका पर राहत देने की अपील की थी, लेकिन उसे इंकार कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, पूर्णेश मोदी ने 7 जुलाई को कैवियट फाइल की थी। गुजरात हाई कोर्ट ने 6 जुलाई को राहुल गांधी को किसी भी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया था। कैवियट फाइल जमा होने के बाद कोर्ट को आदेश जारी करने से पहले दोनों पक्षों को सुनना पड़ता है।
सूरत की निचली अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए राहुल गांधी पर लगे दोष सिद्धि को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी। यह फैसला 2019 में हुआ था, जब कर्नाटक में एक रैली में 'मोदी सरनेम' को लेकर दिए गए राहुल गांधी के भाषण पर सूरत की निचली अदालत ने राहुल को दोषी करार दिया था और इसके चलते उन्हें 23 मार्च 2021 को दो साल की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई गई थी।
जम्मू कश्मीर में 10 पूर्व आतंकी गिरफ्तार
जम्मू कश्मीर: घाटी में आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। इस बीच 10 जुलाई को एक बड़ी कार्रवाई के तहत 10 पूर्व आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन जेकेएलएफ और हुर्रियत को पुनर्जीवित करने की साजिश से जुड़े मामले में ये गिरफ्तारी की हैं। पुलिस स्टेशन कोठीबाग में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की धारा 10, 13 और आईपीसी की धारा 121 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
पाकिस्तान से मिले निर्देशों का करते थे पालन
गिरफ्तार किए गए लोग बाकियों के साथ मिलकर पाकिस्तान स्थित आकाओं के निर्देशन में इन संगठनों को पुनर्जीवित करने की योजना बना रहे थे। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वे विदेश में स्थित संस्थाओं के संपर्क में थे, और उनमें से कुछ कई समूहों के सदस्य थे जो फारूक सिद्दीकी और जेकेएलएफ के राजा मुजफ्फर की अध्यक्षता वाले कश्मीर ग्लोबल काउंसिल जैसे अलगाववाद का प्रचार करते थे।
पहाड़ी राज्यों में बारिश का रोद्र रूप,दिल्ली में बाढ़ के चेतावनी
देशभर में मानसून अभी अपने पूरे शबाब पर है और इस समय जमकर बारिश देखने को मिल रही है। रविवार के दिन देश कई राज्यों में बारिश के कारण स्थितिया खराब हो गई। पहाड़ी राज्यों में बारिश का रोद्र रूप देखने को मिला। हिमाचल, उत्तराखंड मे जमकर बारिश हुई और हालात खराब हो गए है। बताया जा रहा है 19 लोगों की मौत भी हो गई है।
वहीं बात राजस्थान की कर ले तो राजस्थान के कई जिलों में भी रविवार को जमकर बादल बरसे। झुंझुनूं और सीकर में बाढ़ के हालात पैदा हो गए जो जयपुर में भी दिनभर बारिश का दौर देखने को मिला। चारदीवारी में बारिश के कारण पानी भर गया और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वही मौसम विभाग की माने तो आने वाले 24 घंटों में इन राज्यों में तेज बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, दिल्ली, बिहार, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, गोवा, कर्नाटक और केरल।
दिग्विजय सिंह की हो गिरफ्तारी", भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा
इंदौर: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के द्वारा किए गए विवादित ट्वीट का मामला फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा है. उनके खिलाफ इंदौर में एफआईआर दर्ज हो गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह द्वारा किए गए विवादित ट्वीट के बाद उनके खिलाफ हुई इंदौर में एफआईआर को लेकर मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष एवं सांसद बीडी शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह की गिरफ्तारी होनी चाहिए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का माहौल कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और दिग्विजय सिंह खराब कर रहे हैं. प्रदेश में कानून अपना काम कर रहा है दोषियों को सजा दी जा रही है.
इंदौर में मीडिया से बात करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश का माहौल कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और दिग्विजय सिंह खराब कर रहे हैं. दलित की पिटाई अल्पसंख्यक समाज के लोग करते हैं तो इनके मुंह में ताला लग जाता है.
मध्य प्रदेश में कानून अपना काम कर रहा है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. दलित और आदिवासियों के हक में भाजपा ने बहुत काम किए हैं. कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है.
बालासोर में हुए रेल हादसे में सीबीआई तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया
ओडिशा: बालासोर में हुए रेल हादसे में सीबीआई ने रेलवे के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर अरूण कुमार महांतो, सीनियर सेक्शन इंजीनियर मोहम्मद आमिर खान और टेक्निशियन पप्पू कुमार को आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 201 (सबूत मिटाने के तहत अरेस्ट किया गया है।
बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन के पास 2 जून को शाम सात बजे के करीब कोरोमंडल एक्सप्रेस स्टेशन पर खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई थी। इसके बाद इसकी चपेट में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी आ गई थी। इस रेल दुर्घटना में 292 लोगों की मौत हो गई थी और 1,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
रेलवे की रिपोर्ट में क्या आया था?
रेलवे ने भीषण ट्रेन हादसे के बाद जांच के लिए कमेटी गठित की थी। साथ ही पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इस कमेटी ने पाया है कि हादसे की मुख्य वजह ‘गलत सिग्नलिंग’ थी। रेलवे सुरक्षा आयोग (सीआरएस) की ओर से रेलवे बोर्ड को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि सिग्नलिंग कार्य में खामियों के बावजूद, यदि दुर्घटना स्थल बाहानगा बाजार के स्टेशन प्रबंधक ने एस एंड टी कर्मचारियों को दो समानांतर पटरियों को जोड़ने वाले स्विचों के ‘बार-बार असामान्य व्यवहार’ की सूचना दी होती, वे उपचारात्मक कदम उठा सकते थे।
अब 31 जुलाई तक करा सकते है ई-केवाईसी राशनकार्ड के सभी सदस्यों का
भारत सरकार के निर्देश पर ‘‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’’ के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी की कार्रवाई अब 31 जुलाई 2023 तक किया जाएगा। ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड के सभी सदस्यों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत होना आवश्यक है।
राशनकार्ड में हितग्राहियों के आधार की जानकारी गलत दर्ज होने तथा आधार की जानकारी प्रमाणीकृत नहीं होने के कारण खाद्यान्न वितरण में समस्या बनी रहती है। विभागीय डेटाबेस में जिन हितग्राहियों का आधार दर्ज है। उनके आधार की जानकारी का प्रमाणीकरण ई-केवाईसी की कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित शासकीय उचित मूल्य के दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्णतः निःशुल्क है। ई-केवाईसी की कार्रवाई के लिए राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपने-अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे। जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फ्रिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्ण किया जाएगा।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा... अब इतनी हुई कीमत
आमतौर पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों (LPG Price) में संशोधन करती हैं. 1 जुलाई 2023 को इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन तीन दिन बाद आज मंगलवार को कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा करते हुए बड़ा झटका दिया है. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर (Commercial LPG Cylinders) की कीमतों में 7 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की है. इसके बाद 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की दिल्ली खुदरा बिक्री कीमत 1,773 रुपये से बढ़कर 1,780 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है. हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
बीते दो महीने से हो रहा था सस्ता
गौरतलब है कि बीते लगातार दो महीने कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में कटौती करके राहत दी थी. 1 जून 2023 को सिलेंडर 83.5 रुपये सस्ता कर दिया गया था, जबकि इससे पहले 1 मई 2023 को कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 172 रुपये की कटौती की गई थी. हालांकि, घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14 किलो वाले LPG Cylinder की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ था.
मुंबई-कोलकाता में अब इतने का मिलेगा
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से की गई ताजा बढ़ोत्तरी के बाद अब दिल्ली के अलावा कोलकाता में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर का दाम 1875.50 रुपये से बढ़कर बढ़कर 1882.50 रुपये हो गया है. इसके अलावा मुंबई में इसकी कीमत 1725 रुपये से बढ़कर 1732 रुपये कर दी गई है. चेन्नई की बात करें तो यहां पर जो कमर्शियल सिलेंडर अब तक 1937 रुपये में मिल रहा था, वो अब 1944 रुपये में मिलेगा.
मार्च में भी बढ़ाए गए थे दाम
इससे पहले 1 मार्च 2023 कंपनियों ने 19 किलों के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में 350.50 रुपये प्रति यूनिट बढ़ोतरी की थी. कीमतों में इस बड़े इजाफे के बाद इसकी कीमत बढ़कर दिल्ली में 2119.50 रुपये पर पहुंच गई थी. हालांकि, इसके बाद से इसके दाम में कटौती हो गई और अब इक बार फिर से कीमतें बढ़ाई गई हैं.
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर
एक ओर जहां बीते कुछ महीनों से कमर्शियल एपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती और बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. वहीं 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार पहली मार्च 2023 को 50 रुपये की बढ़ोत्तरी देखने को मिली थी. इसके बाद से इसके दाम स्थिर बने हुए हैं. ताजा संशोधन में भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. देश के चारों महानगरों में कीमतें यथावत बनी हुई हैं.
जहां राजधानी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic LPG Cylinder) 1103 रुपये में मिल रहा है, तो कोलकाता में आप इसे 1129 रुपये में खरीद सकते हैं. मुंबई में इसकी कीमत बिना बदलाव के 1102.50 रुपये और चेन्नई में 1118.50 रुपये बनी हुई है.
कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह बीज की बुआई से पहले इन प्रक्रियाओं को अपनाने की अपील की
छत्तीसगढ़ : कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों ने प्रदेश के किसानों को बीज की बुआई से पहले बीजोपचार एवं अंकुरण परीक्षण करने की अपील की है। वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील करते हुए यह भी कहा है कि वर्षभर फसल उत्पादन के लिए खरीफ की कार्ययोजना बनानी चाहिए। जब हम खेती की बात करते हैं, तब बीज की महत्ता बहुत ही ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि बीज के ऊपर हमारा पूरा कृषि कार्य निर्भर करता है। बीज अगर स्वस्थ होगा तो पौधे भी स्वस्थ होंगे। कीड़े बीमारी का प्रकोप कम होगा और उत्पादकता एवं उत्पादन में वृद्धि होगी। वहीं यदि बीज सही नहीं है, तो बीज का अंकुरण अच्छा नहीं होगा, प्रति इकाई क्षेत्र में पौध संख्या कम होगी और यदि अंकुरित हो जाता है, तो पौधे अस्वस्थ एवं कीड़े बीमारी का प्रकोप बढ़ जाने से रोकथाम हेतु फसल औषधि का अधिक उपयोग करने के कारण उत्पादन लागत बढ़ जाती है। अतः बीज का अंकुरण परीक्षण भी बहुत जरूरी है। वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती-किसानी से पहले निम्नानुसार प्रक्रिया अपनाने की अपील की है।
किस्म का चयन
धान की 10 वर्ष से अधिक पुरानी किस्म का चयन ना करें क्योंकि इनमें रोग, कीट व्याधि से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है। जिससे दवा आदि के रूप में खेती-किसानी की लागत में वृद्धि होती है। अधिक देर से पकने वाली किस्मों का चयन ना करें यह रबी फसल को प्रभावित करेगा।
बीज का चयन
बीज विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त करें। गुणवत्ता युक्त बीज का चयन ना हो पाने की स्थिति में उत्पादन प्रभावित होता है। 17 प्रतिशत नमक के घोल का उपयोग कर हष्ट-पुष्ट बीज का चयन करें। पोचई एवं कीट व्याधि ग्रसित दानों को अलग कर लेना चाहिए। नमक घोल द्वारा बीज का चयन पश्चात बीजों को साफ पानी से धो लेना चाहिए, ताकि अंकुरण प्रभावित न हो।
बीज उपचार
प्राप्त बीजों को उपचारित कर ही बोवे इसके लिए 10 ग्राम ट्राइकोडरमा विरीडी प्रति किलो बीज की दर से उपयोग करें या 2-3 ग्राम कार्बेंडाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी या मैनकोज़ेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी का उपयोग प्रति किलो बीज की दर से करें।
खेत की तैयारी
फसलों के अच्छे उत्पादन हेतु खेत की तैयारी बहुत आवश्यक है। अतः मिट्टी पलटने वाले हल से 2 से 3 जुताई कर मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने हेतु 6 से 10 टन प्रति एकड़ गोबर की खाद या वर्मी खाद या मुर्गी खाद का भी उपयोग किया जा सकता है।
थरहा उपचार
रोपा पद्धति से धान की खेती करने वाले कृषक रोपा लगाने से पूर्व थरहा का उपचार अवश्य करें। इस हेतु कारटाप हाइड्रोक्लोराइड 50 प्रतिशत एसपी 3 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से या क्लोरोपारीफास् 20 ईसी ढाई मिली प्रति लीटर पानी की दर से थरहा का उपचार करें जो तना छेदक कीट नियंत्रण में कारगर साबित होगा।
निरीक्षण पट्टिका
खेतों में रोपाई या बुवाई के वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें कि प्रत्येक 3 मीटर पश्चात डेढ़ से 2 फीट चौड़ी निरीक्षण पट्टीका अवशय छोड़ें जिससे खेत में होने वाले रोग व्याधि का निरीक्षण करने में आसानी होगी।
खरपतवार नाशी का प्रयोग
खरपतवार नाशी की अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग सही समय पर करें खरपतवार नाशी का प्रयोग करते समय फ्लैट फेन नोजल का उपयोग करें। खेत में नमी बनाए रखें व पीछे चलते हुए छिड़काव करें। रोपाई करने वाले कृषक रोपाई पश्चात जल स्तर बनाए रखें ताकि खरपतवार ना उग पाये।
बेटी के जन्म पर सरकार दे रही 50 हजार रुपए...आप भी उठा सकते है इस योजना का लाभ
महाराष्ट्र: सरकार केंद्र की हो या फिर राज्यों की सब जनता के लिए कोई ना कोई योजना का संचालन करते ही रहते है। ऐसे ही एक योजना है जिसमें अगर आपके घर बेटी का जन्म होता है तो आपको सरकार की और 50 हजार रुपए दिए जाते है। यह योजना महाराष्ट्र सरकार की और से चलाई जा रही है। इस योजना का नाम माझी कन्या भाग्यश्री योजना है।
इस योजना में आर्थिक सहायता के अंतर्गत बेटी के जन्म होने पर 50 हजार रुपये राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे हैं। ऐसे में आप भी इस स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं। ऐसे में आपको महाराष्ट्र राज्य का स्थाई निवासी होना जरूरी है।
क्या करना होगा
अगर आपके घर में बिटिया ने जन्म लिया है। ऐसे में आप सबसे पहले महाराष्ट्र सरकार की शासन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करे। इसके साथ ही अपनी पूरी जानकारी दर्ज करे। सभी जानकारियों को दर्ज करके फॉर्म को जरूरी दस्तावेजों के साथ अटैच कर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में जाकर जमा करा दे। आवेदन का वेरिफिकेशन करने के बाद 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल जाएगी। स्कीम का लाभ एक परिवार में दो बेटियों को मिल सकता है।
राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में छत्तीसगढ़ के सभी जिले शामिल
प्रधानमंत्री 1 जुलाई को करेंगे मिशन का शुभारंभ
स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ेंगे शुभारंभ कार्यक्रम में, लाभार्थियों को सिकलसेल जेनेटिक स्टेटस कार्ड करेंगे वितरित
रायपुर: देश में आनुवांशिक बीमारी सिकलसेल को दूर करने भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरूआत की जा रही है। वर्ष 2047 तक सिकलसेल को खत्म करने करने देश के 17 राज्यों के 278 जिलों में यह मिशन संचालित किया जाएगा। इस मिशन में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 1 जुलाई को मध्यप्रदेश के शहडोल में राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव रायपुर के राजा तालाब स्थित हमर अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंस से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। वे स्थानीय लाभार्थियों को सिकलसेल जेनेटिक स्टेटस कार्ड भी वितरित करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. खेमराज सोनवानी ने बताया कि सिकलसेल के उन्मूलन के लिए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन प्रारंभ किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिकलसेल रोग से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करना है। यह मिशन वर्ष 2047 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में सिकलसेल को खत्म करने के सरकार के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसे 17 राज्यों के 278 जिलों में लागू किया जा रहा है। डॉ. सोनवानी ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, असम, उत्तरप्रदेश, केरल, बिहार और उत्तराखंड को राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में शामिल किया गया है। मिशन के अंतर्गत विकासखंडवार लोगों को सिकलसेल के कारण और बचाव के उपाय बताए जाएंगे। साथ ही जरूरी जांच और इलाज भी मुहैया कराया जाएगा।
सीएम शिवराज की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को तोहफा, मानदेय में वृद्धि, आदेश जारी
एमपी सरकार ने विधानसभा चुनाव के पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ा तोहफा दिया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त मानदेय में राज्य मद से 3000 रुपये प्रतिमाह और सहायिका ,मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 750 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है। अभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 10 हजार और सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ता को 5000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। यह वृद्धि एक जुलाई 2023 से प्रभावी होगी जो अगस्त में देय होगी
इतना ही नहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में प्रतिवर्ष एक हजार रुपये और सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ता के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई है। यह अगले वर्ष यानी 2024 से लागू होगी। 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर एक जुलाई से सेवानिवृति पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एकमुश्त सवा लाख रुपये और सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ता को एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
सीएम शिवराज ने की थी घोषणा
बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 जून को भोपाल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन ये घोषणाएं की थी। प्रदेश में 84 हजार 465 आंगनबाड़ी और 12 हजार 670 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग एक लाख 80 हजार कार्यकर्ता और सहायिका हैं।
किसानों के लिए नवीन योजनाओं के एक विशेष पैकेज की घोषणा
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने किसानों के कल्याण के लिए, भूमि की उत्पादकता को पुनर्जीवित करने और खाद्य सुरक्षा एवं पर्यावरणीय स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाओं को मंजूरी दी
सीसीईए ने यूरिया सब्सिडी योजना को जारी रखने को मंजूरी दी; तीन वर्षों के लिए (2022-23 से 2024-25) यूरिया सब्सिडी को लेकर 3,68,676.7 करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए प्रतिबद्ध है
‘अपशिष्ट से धन’ मॉडल के तौर पर बाजार विकास सहायता (एमडीए) योजना हेतु 1451 करोड़ रुपये मंजूर किए गए; गोबरधन संयंत्रों से निकलने वाली पराली और जैविक खाद का उपयोग मृदा की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण को सुरक्षित व साफ रखने के लिए किया जाएगा
मृदा में सल्फर की कमी को दूर करने और किसानों की इनपुट लागत को कम करने के लिए सल्फर कोटेड यूरिया (यूरिया गोल्ड) की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने आज 3,70,128.7 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ किसानों के लिए नवीन योजनाओं के एक विशेष पैकेज को मंजूरी दी। योजनाओं का समूह टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देकर किसानों के समग्र कल्याण और उनकी आर्थिक बेहतरी पर केंद्रित है। ये पहल किसानों की आय को बढ़ायेंगी, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को मजबूती देंगी, मिट्टी की उत्पादकता को पुनर्जीवित करेंगी और साथ ही खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगी।
सीसीईए ने किसानों को करों और नीम कोटिंग शुल्कों को छोड़कर 242 रुपये प्रति 45 किलोग्राम की बोरी की समान कीमत पर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरिया सब्सिडी योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। पैकेज में तीन वर्षों के लिए (2022-23 से 2024-25) यूरिया सब्सिडी को लेकर 3,68,676.7 करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। यह पैकेज हाल ही में अनुमोदित 2023-24 के खरीफ मौसम के लिए 38,000 करोड़ रुपये की पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) के अतिरिक्त है। किसानों को यूरिया की खरीद के लिए अतिरिक्त खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी और इससे उनकी इनपुट लागत को कम करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में, यूरिया की एमआरपी 242 रुपये प्रति 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी है (नीम कोटिंग शुल्क और लागू करों को छोड़कर) जबकि बैग की वास्तविक कीमत लगभग 2200 रुपये है। यह योजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा बजटीय सहायता के माध्यम से वित्तपोषित है। यूरिया सब्सिडी योजना के जारी रहने से जारी रहने से यूरिया का स्वदेशी उत्पादन भी अधिकतम होगा।
लगातार बदलती भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण, पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर उर्वरक की कीमतें कई गुना बढ़ रही हैं। लेकिन भारत सरकार ने उर्वरक सब्सिडी बढ़ाकर अपने किसानों को उर्वरक की अधिक कीमतों से बचाया है। हमारे किसानों की सुरक्षा के अपने प्रयास में, भारत सरकार ने उर्वरक सब्सिडी को 2014-15 में 73,067 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2022-23 में 2,54,799 करोड़ रुपये कर दिया है।
नैनो यूरिया इकोसिस्टम का सुदृढ़ीकरण
2025-26 तक, 195 एलएमटी पारंपरिक यूरिया के बराबर 44 करोड़ बोतलों की उत्पादन क्षमता वाले आठ नैनो यूरिया संयंत्र चालू हो जाएंगे। नैनो उर्वरक पोषकतत्वों को नियंत्रित तरीके से रिलीज करता है, जो पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता को बढ़ता है और किसानों की लागत भी कम आती है। नैनो यूरिया के उपयोग से फसल उपज में वृद्धि हुई है।
देश 2025-26 तक यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर बनने की राह पर
वर्ष 2018 से 6 यूरिया उत्पादन यूनिट, चंबल फर्टिलाइजर लिमिटेड, कोटा राजस्थान, मैटिक्स लिमिटेड पानागढ़, पश्चिम बंगाल, रामागुंडम-तेलंगाना, गोरखपुर-उत्तर प्रदेश, सिंदरी-झारखंड और बरौनी-बिहार की स्थापना और पुनरुद्धार से देश को यूरिया उत्पादन और उपलब्धता के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। यूरिया का स्वदेशी उत्पादन 2014-15 के 225 एलएमटी के स्तर से बढ़कर 2021-22 के दौरान 250 एलएमटी हो गया है। 2022-23 में उत्पादन क्षमता बढ़कर 284 एलएमटी हो गई है। नैनो यूरिया संयंत्र के साथ मिलकर ये यूनिट यूरिया में हमारी वर्तमान आयात पर निर्भरता को कम करेंगे और 2025-26 तक हम आत्मनिर्भर बन जाएंगे।
धरती माता की उर्वरता की बहाली, जागरूकता, पोषण और सुधार हेतु प्रधानमंत्री कार्यक्रम (पीएम-प्रणाम)
धरती माता ने हमेशा मानव जाति को भरपूर मात्रा में जीविका के स्रोत प्रदान किए हैं। यह समय की मांग है कि खेती के अधिक प्राकृतिक तरीकों और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित/सतत उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। प्राकृतिक/जैविक खेती, वैकल्पिक उर्वरकों, नैनो उर्वरकों और जैव उर्वरकों को बढ़ावा देने से हमारी धरती माता की उर्वरता को बहाल करने में मदद मिल सकती है। इस प्रकार, बजट में यह घोषणा की गई थी कि वैकल्पिक उर्वरक और रासायनिक उर्वरक के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘धरती माता की उर्वरता की बहाली, जागरूकता, पोषण और सुधार हेतु प्रधानमंत्री कार्यक्रम (पीएम-प्रणाम)’ शुरू किया जाएगा।
गोबरधन संयंत्रों से जैविक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए बाजार विकास सहायता (एमडीए) के लिए 1451.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
आज के अनुमोदित पैकेज में धरती माता की उर्वरता की बहाली, पोषण और बेहतरी के नवीन प्रोत्साहन तंत्र भी शामिल है। गोबरधन पहल के तहत स्थापित बायोगैस संयंत्र/संपीड़ित बायो गैस (सीबीजी) संयंत्रों से उप-उत्पाद के रूप में उत्पादित जैविक उर्वरक अर्थात किण्वित जैविक खाद (एफओएम)/तरल एफओएम /फास्फेट युक्त जैविक खाद (पीआरओएम) के विपणन का समर्थन करने के लिए 1500 रुपये प्रति मीट्रिक टन के रूप में एमडीए योजना शामिल है।
ऐसे जैविक उर्वरकों को भारतीय ब्रांड एफओएम, एलएफओएम और पीआरओएम के नाम से ब्रांड किया जाएगा। यह एक तरफ फसल के बाद बचे अवशेषों का प्रबंध करने और पराली जलाने की समस्याओं का समाधान करने में सुविधा प्रदान करेगा, पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में भी मदद करेगा। साथ ही किसानों को आय का एक अतिरिक्त स्रोत प्रदान करेगा। ये जैविक उर्वरक किसानों को किफायती कीमतों पर मिलेंगे।
यह पहल इन बायोगैस/सीबीजी संयंत्रों की व्यवहार्यता बढ़ाकर चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए गोबरधन योजना के तहत 500 नए अपशिष्ट से धन संयंत्र स्थापित करने की बजट घोषणा के क्रियान्वयन की सुविधा प्रदान करेगी।
टिकाऊ कृषि पद्धति के रूप में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से मृदा की उर्वरता बहाल हो रही है और किसानों के लिए इनपुट लागत कम हो रही है। 425 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) ने प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन किया है और 6.80 लाख किसानों को शामिल करते हुए 6,777 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। जुलाई-अगस्त 2023 के शैक्षणिक सत्र से बीएससी तथा एमएससी में प्राकृतिक खेती के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार किए गए है।
मृदा में सल्फर की कमी को दूर करने और किसानों की इनपुट लागत को कम करने के लिए सल्फर कोटेड यूरिया (यूरिया गोल्ड) की शुरुआत की गई।
पैकेज की एक और पहल यह है कि देश में पहली बार सल्फर कोटेड यूरिया (यूरिया गोल्ड) की शुरुआत की जा रही है। यह वर्तमान में उपयोग होने वाले नीम कोटेड यूरिया से अधिक किफायती और बेहतर है। यह देश में मिट्टी में सल्फर की कमी को दूर करेगा। यह किसानों की इनपुट लागत भी बचाएगा और उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ किसानों की आय भी बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र (पीएमकेएसके) की संख्या एक लाख हुई
देश में लगभग एक लाख प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र (पीएमकेएसके) पहले ही कार्यरत हैं। किसानों की सभी जरूरतों के लिए एक ही जगह पर उनकी हर समस्या के समाधान के रूप में यह केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
लाभ
आज की अनुमोदित योजनाएं रासायनिक उर्वरकों का सही उपयोग करने में मदद करेंगी, जिससे किसानों के लिए खेती की लगने वाली लागत कम हो जाएगी। प्राकृतिक/जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नैनो उर्वरक और जैविक उर्वरक से हमारी धरती माता की उर्वरता बहाल करने में मदद मिलेगी।
1) बेहतर मृदा स्वास्थ्य से पोषकतत्व दक्षता बढ़ती है तथा मृदा एवं जल प्रदूषण में कमी होने से पर्यावरण भी सुरक्षित होता है। सुरक्षित तथा स्वच्छ पर्यावरण से मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
2) फसल के अवशेष जैसे पराली जलाने से वायु प्रदूषण का मसला हल होगा तथा स्वच्छता में सुधार होगा और पर्यावरण बेहतर होगा तथा साथ ही अपशिष्ट से धन सृजन में भी सहायता मिलेगी।
3) किसान को ज्यादा लाभ मिलेंगे– यूरिया के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा क्योंकि किफायती कीमतों पर उपलब्ध रहेगा। जैविक उर्वरकों (एफओएम/पीआरओएम) भी किफायती कीमतों पर उपलब्ध होंगे। कम कीमत वाली नैनो यूरिया तथा रासायनिक उर्वरकों के कम प्रयोग और ऑर्गेनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग से किसानों के लिए इनपुट लागत भी कम हो जाएगी। कम इनपुट लागत के साथ स्वस्थ मृदा तथा पानी से फसलों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ेगी। किसानों को उनके उत्पाद से बेहतर लाभ मिलेगा।
'अन्न भाग्य' योजना में अतिरिक्त 5 किग्रा चावल की जगह पैसा देगी सरकार
कर्नाटक की सिद्दरमैया सरकार ने 'अन्न भाग्य' योजना में अतिरिक्त 5 किग्रा चावल की जगह पर गरीब लाभार्थियों को 34 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पैसा देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य की कांग्रेस सरकार ने बताया है कि, धन वितरण एक जुलाई से शुरू कर दिया जाएगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा ने बताया कि, फूड कार्पोरेशन आफ इंडिया (FCI) की चावल की मानक दर 34 रुपये प्रति किग्रा है। हमने चावल प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन कोई संस्था हमें चावल की आवश्यक मात्रा की आपूर्ति करने के लिए आगे नहीं आई।
BPL कार्डधारकों को मिलेगा पैसा |
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा ने आगे यह भी बताया है कि, 'अन्न भाग्य' योजना शुरू करने की तिथि 1 जुलाई आ चुकी है। ऐसे में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में सीएम सिद्दरमैया, उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य मंत्री इस निर्णय पर पहुंचे हैं कि, चावल की आपूर्ति नहीं होने तक हम BPL राशन कार्ड धारकों को 34 रुपये प्रति किलो की दर से पैसा देंगे।
लाभार्थी के खाते में पैसा सीधे जमा होंगे
आपको बता दें कि, राज्य की सिद्दरमैया सरकार ने गरीब लाभार्थी के खाते में पैसा सीधे जमा कराने की व्यवस्था की है। राज्य में हुए हाल ही में चुनाव में कांग्रेस ने चुनावी घोषणापत्र में केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुफ्त 5 किग्रा चावल के अतिरिक्त 5 किग्रा चावल देने का वायदा किया था।
पटवारी से परेशान किसान ने ईओडब्ल्यू के एसपी से पटवारी की शिकायत
12 हजार की रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथों EOW की टीम ने पकड़ा
पटवारी से परेशान किसान ने ईओडब्ल्यू के एसपी से पटवारी की शिकायत की. शिकायत के बाद पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की गयी. पटवारी को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार जमीन बटांकन के नाम पर देवास जिले का पटवारी एक किसान को पिछले काफी समय से परेशान कर रहा था। पटवारी ने 20,000 की रिश्वत मांगी थी, जिसके लिए किसान ने 8,000 रुपये दे भी दिए थे। लेकिन पटवारी 8,000 लेकर भी यह काम नहीं कर रहा था और बाकी के 12,000 मांग कर रहा था.
परेशान होकर किसान ने पटवारी की शिकायत उज्जैन आकर ईओडब्ल्यू के एसपी दिलीप सोनी को की थी। इस शिकायत पर मंगलवार सुबह कार्रवाई की गई और पटवारी को देवास से रंगे हाथों 12,000 की रिश्वत लेते पकड़ लिया गया। ईओडब्ल्यू के डीएसपी अजय कैथवास ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व देवास में रहने वाले बसंतीलाल पटेल ने ईओडब्ल्यू एसपी दिलीप सोनी को शिकायत की थी कि देवास के पटवारी बाबूलाल पांचाल हल्का मिर्जापुर के द्वारा जमीन के बटांकन का काम सभी कागज देने के बावजूद नहीं किया जा रहा है।
पटवारी बाबूलाल पांचाल इस काम को करने के लिए 20,000 की रिश्वत मांग रहे हैं और इसके लिए 8,000 रुपये ले भी चुके हैं। अभी बची हुई 12,000 की राशि देने पर ही पटवारी इस बटांकन के काम को करने का कह रहे हैं।
ईओडब्ल्यू एसपी से की गई इस शिकायत को तुरंत संज्ञान में लिया गया और पटवारी द्वारा मंगलवार सुबह जब बसंतीलाल पटेल को यह रिश्वत के रुपये देने के लिए बुलाया गया तो ईओडब्ल्यू की टीम ने पटवारी बाबूलाल पांचाल के मकान नंबर 45, विकास नगर कुशाभाऊ स्टेडियम के पास देवास से पटवारी को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा है।
डीएसपी अजय कैथवास ने बताया कि पटवारी बाबूलाल पांचाल अगले साल सेवानिवृत्त होने वाले हैं लेकिन इसके पूर्व ही रिश्वत लेते रंगे हाथो पकड़ाए है। कार्रवाई के दौरान ईओडब्ल्यू के डीएसपी संदीप मेघवाल, इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा, इंस्पेक्टर सौरभ त्रिपाठी, एएसआई अशोक राव और टीम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।