"200 MD/MS डॉक्टरों का पद नहीं मिलने से छत्तीसगढ़ में चिंता, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल"
छत्तीसगढ़ के 200 से ज्यादा MD/MS डॉक्टर्स स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण रिजल्ट आने के लगभग 2 महीने होने के बावजूद आज तक बांड पोस्टिंग नही निकली है जिसकी वजह से MD/MS किये हुए छत्तीशगढ़ के लगभग 200 डॉक्टर्स पोस्टिंग के इंतजार में घर पे बैठे है।
आपको बताते चले की छत्तीशगढ़ राज्य में MBBS एवं MD/MS के बाद 2-2 साल का बांड होता है। मतलब टोटल 4 साल का बांड करना होता है जो कि पूरे भारत मे कहीं नही है। एक तो बांड 4 साल का और ऊपर से कोर्स कम्पलीट होने के बाद भी अधिकारी समय से बांड पोस्टिंह नही निकालते है जिसकी वजह से डॉक्टरों का एक बड़े समूह का काफी समय सिर्फ बांड पोस्टिंग के इंतजार में खराब होता है।
जुडो के एक्स- प्रेजिडेंट डॉ प्रेम चौधरी ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बांड करवाया जाता है ,जब डॉक्टरों की कमी है तो फिर पोस्टिंग क्यों टाइम से नही दिया जाता है, 200 से अधिक MD/MS डिग्रीधारी डॉक्टरों का समय खराब हो रहा है। न उनको रजिस्ट्रेशन दिया जाता है जिसकी वजह से बोंडेड डॉक्टर्स कही प्रैक्टिस भी नही कर सकते।और न सरकार बांड पोस्टिंग देती है टाइम से। आज से 2 साल पहले 4 महीने में बांड पोस्टिंग निकला, तो 4 महीने MD/MS डॉक्टर्स का खराब होना सिर्फ गलत नीतियों की वजह से तो वो विचारणीय है। लास्ट ईयर माननीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद लिस्ट रिजल्ट के 15 दिन के अंदर आ गयी थी और स्वास्थ्य मंत्री जी ने कहा था कि मैक्सिमम 1 महीने के अंदर पोस्टिंग किसी भी हाल में हो जानी चाहये पर इस बार का अब तक कुछ पता नही है। या फिर रिजल्ट के बाद से जितना गवर्नमेंट पोस्टिंग लेट करती है उसको बांड में काउंट करना चाहये और उसका सैलरी देना चाहये, क्यों एक MD/MS डॉक्टर गलत नीतियों की वजह से अपना अमूल्य समय खराब करेगा।
आपको बताते चले कि 12th के बाद 5.5 साल का MBBS उसके बाद 2 साल का बांड और 3 साल का MD/MS कोर्स और उसके बाद फिर 2 साल का बांड इतने लंबे कोर्स के बाद भी समय से पोस्टिंग न आना डॉक्टर्स को हतोत्साहित करता है।