"नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं ने महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय में दी दीक्षा, अनुशासन और पढ़ाई का संकल्प"
रायपुर: महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय गांधी चौक रायपुर के कला संकाय की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष में आज दीक्षा रंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी विशेष रूप से शामिल हुए तत्पश्चात महाविद्यालय में नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी इससे माहौल उत्साह जनक बन गया इससे पहले कला संकाय के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर लक्ष्मीकांत साहू सहित सहयोगी प्राध्यापक डॉक्टर किरण अग्रवाल डॉक्टर श्वेता शर्मा डॉक्टर अर्चना मो ढक प्रोफेसर प्रीतम दास किरण तिवारी चरणजीत बजाज शिल्पा वाधवा डॉ मेघा जैन डॉ राकेश चंद्राकर आदि शिक्षकों ने विभाग के परिचय के साथ विस्तृत रिपोर्ट रखी इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि कला संकाय विभाग एक हेल्दी विभाग है जिसमें निरंतर वर्ष भर गतिविधियां चलती रहती हैं अध्ययन अध्यापन के साथ छात्र छात्रों के उन्मुखीकरण के कार्यक्रम आयोजित होते हैं उनका कहना था कि नव प्रवेशी बच्चों को आज यह शपथ लेनी चाहिए इस महाविद्यालय में अनुशासन के साथ व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक निरंतर कॉलेज जाकर पढ़ाई करेंगे वहीं आयोजन में नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं ने कॉलेज की गुणवत्ता पर विचार रखें साथ में विभाग के लिए आवश्यक कुछ मांगे भी रखी जिसे निराकृत करने का आश्वासन प्राचार्य ने दिया
आनंद मार्गी बहन आनंदी कौस्तुभ ने बताएं तनाव दूर करने के तरीके
महाविद्यालय स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को दी जानकारीरायपुर 14 सितंबर वर्तमान में भागम भाग जीवन शैली के बीच लगातार आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आ रही है इन घटनाओं की सबसे बड़ी वजह तनाव को बताया जाता है इस विषय पर की किस प्रकार से तनाव को दूर किया जा सकता है जानकारी देने के लिए आनंद मार्गी बहन आनंदी कौस्तुभ ने महत्वपूर्ण जानकारियां दी उन्होंने कहा कि एक मनुष्य तनाव से साधना के जरिए बाहर आ सकता है और सुखद जीवन जी सकता है आवश्यकता केवल इस बात की है कि उक्त मार्ग को नियंत्रण पालन करें और आधुनिक जीवन शैली में एक नियंत्रित जीवन को जीने के लिए साधना निश्चित तौर पर करें
महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय की सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी ने भी दो बातें रखी और कहा कि छात्र-छात्राओं के स्ट्रेस को दूर करने के लिए यह आयोजन किया गया और शिक्षा दी गई ताकि अध्यापन की प्रक्रिया में शिक्षक और छात्र दोनों तनाव से दूर रहकर उचित जीवन शैली का निर्माण कर सके