प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज- चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की भी संभावना
मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर जैसलमेर, कोटा, गुना, सतना, पुरुलिया, कृष्णा नगर और उसके बाद पूर्व की ओर मणिपुर तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम विहार और उसके आसपास 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
एक द्रोणिका उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश से पश्चिम असम तक 0.9 किलोमीटर से 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
प्रदेश में कल दिनांक 24 सितंबर को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
प्रदेश में अधिकतम तापमान में वृद्धि संभावित है।