"शिक्षा विभाग में खरीदी के आदेश पर चर्चा: क्या यह केवल चुनावी फंड का खेल है?"
चर्चा में महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूली शिक्षा विभाग...?
अब यह चुनावी फंड का फंडा है या फिर बच्चों के भविष्य का ध्यान रखना यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन...
बच्चों का अध्ययन करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा लगभग 40 करोड़ रुपए के खिलौने और फर्नीचर खरीदी का आदेश जारी कर दिया गया है अदृश्य शक्ति के दबाव में और लगभग आर्डर किस देना है इसकी सूची भी उपलब्ध करा दी गई है यह हम नहीं कह रहे हैं दबे जवान पर विभाग के अधिकारी ही कह रहे हैं...?
स्कूली शिक्षा विभाग तो एक कदम और आगे बढ़ चुका है अदरक से शक्ति के प्रभाव में लैपटॉप टीवी प्रोजेक्टर एवं अन्य सामग्री स्मार्ट क्लास बनाने के लिए लगभग 42 करोड़ रुपए की खरीदी की जा रही है...?
अब इसकी चर्चा विभाग में ही तेजी से हो रही है और विभाग के अधिकारी इतने दबाव में है कि उनका कहना है कि विभागीय मंत्री की भी नहीं चल रही है तो आखिर चल किसकी रही है और क्या सिर्फ कागज में ही यह खरीदी होगी और इसका सिर्फ बिल बनेगा इसकी पुष्टि तो हम नहीं कर रहे हैं लेकिन विभाग के अधिकारी और विभाग का मंत्री भी लगभग बेचैन है तो आखिर ऐसी कौन सी अदृश्य शक्ति है इसके निर्देश पर यह सब हो रहा है जनता के टैक्स के पैसे का क्या खुला दुरुपयोग हो रहा है अब इसकी अगर शिकायत होगी और जांच होगी यही सत्यता सामने आ पाएगी लेकिन बताया जाता है कि बिलासपुर का एक ताकतवर व्यक्ति यह सब काम कर रहा है...?