"अरुण साव: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशी और उनकी राजनीतिक सफर"
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा ने 90 सीटों में से 85 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है. जिसमें से पार्टी ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और बिलासपुर सांसद अरुण साव को भी चुनावी मैदान पर उतारा है. अरुण साव को भाजपा ने लोरमी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है. आइये अरुण साव की राजनीतिक सफर के बारे में जानते हैं.
राजनीतिक सफर की शुरूआत
अरुण साव राजनीति में आने से पहले वकालत के पेशे से जुड़े हुए थे. अरुण साव ने बी.कॉम के बाद एलएलबी की शिक्षा हासिल की. इस दौरान वे नियमति राष्ट्रीय स्वयंसेवक (आरएसएस) की शाखा में जाते रहे. कॉलेज के दिनों में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति से सामाजिक जीवन की शुरुआत की. नगर अध्यक्ष, विभाग प्रमुख, संभाग प्रमुख, प्रदेश सहमंत्री, राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया. वहीं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में एक कुशल अधिवक्ता के रूप में अपनी विशेष पहचान बनाई. वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में उप महाधिवक्ता भी रहे.
पार्टी में ऐसे बढ़ा कद
अरुण साव ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश पदाधिकारी होने के बाद भी बूथ स्तर के कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया. भारतीय जनता युवा मोर्चा में मण्डल अध्यक्ष, जिला महामंत्री, जिला उपाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया. पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई.
भारी मतों से जीते लोकसभा चुनाव
अरुण साव को भाजपा ने सत्रहवीं लोक सभा (2019) में बिलासपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया. जिसमें वह चुनाव लड़े और रिकार्ड मतों से विजयी हुए. इसके साथ ही साव संसद में अपने लोकसभा बिलासपुर के साथ-साथ सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ की समस्याओं को सदन में मुखरता के साथ उठाए.