"डिफेंसिव मोड में चल रहा रायपुर विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान"
रायपुर: राज्य विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं राज्य में मुख्य प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में टक्कर आरंभ हो गई है दोनों दल ने अब प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं भारतीय जनता पार्टी ने 85 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं तो वहीं कांग्रेस ने पहली सूची जारी करते हुए 30 सीटों प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं अब प्रत्याशियों में चुनाव प्रचार की जंग प्रारंभ हो गई है फिलहाल सभी प्रत्याशी आक्रामक ना होकर डिफेंस मोड में चुनाव प्रचार कर रहे हैं और जनसंपर्क के माध्यम से वोट अपील की जा रही है वहीं दूसरी तरफ पैराशूट कैंडिडेट को भीतर घाट का बड़ा खतरा है बताया जा रहा है कि रायपुर जिले की 7 विधानसभा सीट में दोनों राजनीतिक दल से पैराशूट कैंडिडेट को प्रत्याशी बनाया गया है धरसीवा में विरोध के बावजूद भारतीय जनता पार्टी से अनुज शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है इसी तरह से राजनांदगांव विधानसभा सीट में कांग्रेस को उम्मीदवार गिरीश देवांगन कैंडिडेट बनाया गया है
गिरीश देवांगन विशेषता खरोरा के विधानसभा क्षेत्र से आते हैं लेकिन चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ने राजनांदगांव से प्रत्याशी बनाया है यहां पर भाजपा के प्रत्याशी डॉक्टर रमन सिंह का सामना होगा जो प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और कांटे की टक्कर के साथ दिलचस्प मुकाबला होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं दोनों ही नेता पार्टी के अंदर अपना वजन रखते हैं इसीलिए पार्टी ने उम्मीदवारी सोप है गिरीश देवांगन के पास राज्य सरकार का खनिज विकास निगम का काम था तो वही कई स्थानों पर पार्टी पैराशूट कैंडिडेट को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है इधर जिन उम्मीदवारों के नाम चर्चा में थे उनकी अलग कहानी कही जा रही है ग्रामीण से मोतीलाल साहू का उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं की ऐसे में राज्य और जिले में जिन सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं उन्हें पैराशूट कैंडिडेट के खिलाफ विरोध है चर्चा है कि दलधरसीवा में में भाजपा प्रत्याशी पैराशूट लर्निंग कराई गई है
जहां शुरू से प्रत्याशी का विरोध हो रहा है चर्चा यह भी है कि रायपुर में दक्षिण विधानसभा सीट से जय जयपुर के पूर्व विधायक रामसुंदर दास को प्रत्याशी घोषित किया जा सकता है इससे पहला राज्य विधानसभा चुनाव में डॉक्टर महंत ने जय जयपुर से चुनाव जीता था इस बार फिर प्रयास कर रहे है वही उत्तर में में पुरंदर मिश्रा भीतर घाट हो सकता है क्योंकि उत्तर विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित नहीं होना था मूलत बसना सरायपाली क्षेत्र में विकास का काम करते रहे हैं और लोकप्रिय रहे हैं लेकिन पार्टी ने रायपुर उत्तर से प्रत्याशी बनाया है या पार्टी का एक चौंकाने वाला निर्णय है और अंदर ही अंदर उत्तर विधानसभा में रहने वाले प्रत्याशियों में दबे रूप में विरोध शुरू हो गया है यहां तक की सीट से दावा करने वाले भाजपा की उम्मीदवार ने भी बगावत कर साथ देने की बात कही है
पुराने चेहरे पर दाव
भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर पुराने चेहरे पर विश्वास करते हुए प्रत्याशी बनाया है जबकि कांग्रेस ने उलट फिर करते हुए घोषित 30 सीटों में 20 विधायकों के टिकट काट दिए हैं ऐसे में कांग्रेस की सूची चर्चा का विषय बनी हुई है