"दक्षिण छत्तीसगढ़: 5 और 6 दिसंबर को भारी बारिश की चेतावनी, किसानों को सलाह फसल में पानी जमा होने से बचाने के लिए"
रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश के दक्षिण बस्तर में आने वाले 5 और 6 दिसंबर को तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है कृषि वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र लाल के अनुसार बंगाल की खाड़ी में आए तूफान मियां चांग चक्रवात के कारण न केवल दक्षिण बस्तर में बल्कि छत्तीसगढ़ के अधिकांश भागों में बारिश की संभावना जताई गई है क्योंकि इस समय प्रदेश के किसान रवि की फसल की बनी खेत में कर चुके हैं और फसल खड़ी है लेकिन बारिश की वजह से खेत में पानी अधिक जमाव हो सकता है इस पानी के जमाव से रवि की फसल को नुकसान पहुंचाने का अंदेशा भी वैज्ञानिकों ने जताया है उनका कहना है कि पानी की भरने से फसल खराब हो सकती है ऐसे में किसानों को सलाह दी जा रही है कि खेत से पानी की निकासी को निरंतर बनाए रखें
कृषि वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र लाल के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ और मध्य छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश होने की संभावना है विशेष कर अंबिकापुर बिलासपुर के इलाके में हल्की वर्षा का अनुमान व्यक्त किया है लेकिन दक्षिण बस्तर में धमतरी कोंडागांव जगदलपुर के समस्त इलाके में तेज बारिश होगी जो बारिश की दिनों में होते रही है उसी की तर्ज में बारिश होगी इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वह खेत में काम करते समय सावधानी और सतर्कता बढ़ाते हैं उनका कहना था कि चक्रवात के असर के कारण अभी समूचे छत्तीसगढ़ में बादल छाए हुए हैं इस वजह से आम लोगों को तापमान में परिवर्तन दिखाई दे रहा है और ठंड कम लग रही है लेकिन बदली के अलग होते ही तापमान में फिर परिवर्तन होगा और ठंड तेज हो जाएगी
इधर स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि निरंतर मौसम में होने वाले परिवर्तन के कारण आम लोगों के स्वास्थ्य में भी परिवर्तन लगातार हो रहा है खासतौर पर सर्दी जुकाम के मामले लगातार सामने आ रहे हैं कई स्थानों पर माइनर निमोनिया के भी लक्षण दिखाई पड़े हैं चीन में फैली फेफड़ों की बीमारी के आशंका के चलते स्वास्थ्य में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मामूली सर्दी जुकाम को भी हल्के में ना लिया जाए और तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर उपचार प्राप्त करें