"मिगजौम तूफान: चेन्नई के पास स्थित तटीय क्षेत्रों में बढ़ती चुनौती, प्रदेश में 5 दिसंबर को हल्की वर्षा की संभावना"
चक्रवाती तूफान मिगजौम दक्षिण- पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर 11 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर- पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा यह अभी 12.0 डिग्री उत्तर और 82.5 डिग्री पूर्व में, पुडुचेरी से पूर्व की ओर 250 किलोमीटर दूर, चेन्नई से पूर्व-दक्षिण पूर्व की ओर 230 किलोमीटर दूर, नेल्लौर से दक्षिण-पूर्व दिशा में 350 किलोमीटर दूर, बपटला से दक्षिण-पूर्व में 460 किलोमीटर दूर, मछलीपट्टनम से दक्षिण-पूर्व में 480 किलोमीटर दूर स्थित है।
इसके लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और अधिक प्रबल होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी -तटीय दक्षिण आंध्र प्रदेश और तटीय उत्तर तमिलनाडु के पास 4 दिसंबर को दोपहर में पहुंचने की संभावना है।
उसके बाद यह लगभग उत्तर दिशा में तटीय आंध्र प्रदेश के समानांतर आगे बढ़ते हुए नेल्लौर और मछलीपट्टनम के मध्य दोपहर 5 दिसंबर को एक प्रबल चक्रवाती तूफान के रूप में पहुंचने की संभावना है । इस समय इसकी गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है।
एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास 3.8 किलोमीटर से 4.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है इसका द्रोणीका 65 डिग्री पूर्व और 30 डिग्री उत्तर में 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर मौजूद है।
एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम उत्तरप्रदेश और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
प्रदेश में कल दिनांक 4 दिसंबर को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बस्तर संभाग और उससे लगे जिले संभावित है।
प्रदेश में कल से अधिकतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है तथा न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।
5 और 6 दिसंबर को प्रदेश के दक्षिण-पूर्व में स्थित जिलों में एक दो स्थानों में भारी वर्षा भी होने की सम्भावना है ।
प्रदेश के मध्य भाग 4 दिसंबर के संध्या/रात्रि से बादल छाने की संभावना है।
प्रदेश के मध्य भाग में 5, 6 और 7 दिसंबर को हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।