फर्जी e-Challan लिंक से रहें सावधान, केवल आधिकारिक पोर्टल का ही करें उपयोग
रायपुर |
24-Jun-2026
डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर ठगी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। वर्तमान में कुछ साइबर अपराधी आम नागरिकों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फर्जी (नकली) e-Challan लिंक भेजकर बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी चोरी करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह फर्जी लिंक प्रायः SMS, WhatsApp अथवा अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए भेजे जाते हैं और देखने में सरकारी वेबसाइट की तरह प्रतीत होते हैं। नागरिक जैसे ही इन लिंक पर क्लिक करते हैं, उन्हें एक नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जहां उनसे बैंक खाता, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, UPIअथवा अन्य गोपनीय जानकारियां मांगी जाती हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही e-Challan की जानकारी सत्यापित करने की अपील की है।
फर्जी लिंक की ऐसे करें पहचान
साइबर अपराधियों द्वारा भेजे जाने वाले फर्जी लिंक में सामान्यतः निम्न संकेत दिखाई देते हैं-
संदेश किसी अज्ञात मोबाइल नंबर या WhatsApp नंबर से प्राप्त होता है।
वेबसाइट के पते (URL) में सरकारी डोमेन .gov.in के स्थान पर संदिग्ध डोमेन जैसे .xyz, .click] -live आदि का उपयोग किया जाता है।
तत्काल भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई या जुर्माना बढ़ने जैसी धमकी दी जाती है।
लिंक खुलते ही सीधे कार्ड, बैंक खाता अथवा न्च्प् संबंधी जानकारी मांगी जाती है।
कई मामलों में मोबाइल एप्लीकेशन (APK) डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है, जो मैलवेयर हो सकता है।
नागरिक इन सावधानियों का करें पालन
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
OTP कार्ड नंबर, CVV एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
संदिग्ध SMS या WhatsApp संदेशों को तुरंत हटाएं।
केवल आधिकारिक वेबसाइट एवं अधिकृत मोबाइल एप्लीकेशन का ही उपयोग करें।
किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
नागरिकों से अपील
सभी वाहन चालकों एवं नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि e-Challan से संबंधित आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करेंः
https://echallan.parivahan.gov.in/
या राज्य पुलिसध्परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप का ही उपयोग करें। किसी भी अफवाह, फर्जी संदेश अथवा संदिग्ध लिंक पर विश्वास न करें तथा अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।