"वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के शुभ चिन्ह: बढ़ाएं पॉजिटिव एनर्जी और दूर करें दोष"
वास्तु शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की तरक्की, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति से लेकर परिवार संबंधी समस्याएं घर के ऊपर निर्भर करती हैं. घर में मौजूद हर कोने में एक एनर्जी होती है जिसका प्रभाव यहां रहने वाले सदस्यों पर पड़ता है. यह ऊर्जा पॉजिटिव और नेगेटिव होती है जो वास्तु दोष का कारण भी बन सकती है. घर में वास्तु दोष होने के कारण सदस्यों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है. इसलिए समय रहते इसे खत्म करना आवश्यक है. इस शास्त्र में वास्तु दोष दूर करने और पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ाने के लिए कुछ शुभ चिन्हों का वर्णन किया गया है. घर के अंदर ये चिन्ह बनाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है. आइए जानते हैं इनके बारे में.
स्वास्तिक का चिन्ह
घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इस चिन्ह को घर में बनाने से नेगेटिव एनर्जी दूर होती है. इसके अलावा घर का वास्तु दोष दूर करने के लिए भी यह चिन्ह बहुत ही लाभकारी माना जाता है.
ऊं का चिन्ह
ऊं सृष्टि की रचना करने वाले ब्रह्मा जी का प्रतीक माना जाता है. यहां पर यह चिन्ह होता है वहां खास तरह की ऊर्जा निकलती है जो घर में रोगों को उत्परन् करने वाली एनर्जी को नष्ट करती है.
शंख का चिन्ह
हिंदू धर्म में शंख को भी बहुत ही पवित्र माना जाता है. इसके अलावा यह भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को भी अति प्रिय है. इसे घर में बनाने से वास्तु दोष दूर होता है और घर में पॉजिटिव एनर्जी का संचार बढ़ता है. घर के किसी भी कोने को अच्छी तरह से साफ करके आप सिंदूर या फिर चंदन के साथ इस चिन्ह को घर में बना सकते हैं.
सूर्य का चिन्ह
घर के मुख्य द्वार में सूर्य का चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है. यदि आप सूर्य नहीं बनाना चाहते तो तांबे से बना सूर्य मुख्य द्वार पर लगा सकती हैं. इससे आपके शुभ फलों की प्राप्ति होगी और घर में सुख-समृद्धि आएगी.
हल्दी के निशान
घर के मुख्य द्वार पर हल्दी के निशान लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. हल्दी को शुभता का प्रतीक माना जाता है इसके अलावा पीला रंग बृहस्पति का कारक होता है जो सुख-समृद्धि को दर्शाता है. मान्यताओं के अनुसार, हल्दी के निशान लगाने से सदस्यों को रोगों से मुक्ति मिलती है.