माघ पूर्णिमा: विभिन्न पूजा अनुष्ठान और सत्यनारायण पूजा का महत्व
पूर्णिमा तिथि का हिंदुओं में अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. यह दिन श्री हरि विष्णु और चंद्र देव की पूजा के लिए समर्पित है. यह माह में एक बार आती है.
इस दिन विभिन्न प्रकार के पूजा अनुष्ठान किए जाते हैं. इस साल माघ पूर्णिमा 24 फरवरी, 2024 दिन शनिवार यानी आज के दिन मनाई जा रही है. माघ पूर्णिमा पर शोभन योग का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही कुंभ राशि में सूर्य, शनि और बुद्ध का त्रिग्रही योग भी बन रहा है. हिन्दू धर्म में माघ पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा अति शुभ मानी जाती है. यही वजह है कि लोग इस दिन व्रत करके भगवान विष्णु और चंद्र देव का आशीर्वाद लेते हैं. साथ ही इस दिन को पूजा अनुष्ठान, हवन और यज्ञ करने के लिए भी अच्छा माना जाता है. इसके अलावा यह तिथि पवित्र स्थानों पर जाने और गंगा नदी में स्नान करने के लिए समर्पित है.
माघ पूर्णिमा तिथि और पूजा मुहूर्त
- पूर्णिमा तिथि शुरुआत – 23 फरवरी 2024 – दोपहर 03:33 से
- पूर्णिमा तिथि समापन – 24 फरवरी 2024 – शाम 05:49 बजे तक
- पूजा मुहूर्त – 24 फरवरी – दोपहर 03:26 से 04:51 तक.
पूर्णिमा में सत्यनारायण पूजा का महत्व
स्कंद पुराण के अनुसार, भगवान सत्यनारायण श्रीहरि विष्णु के स्वरूप हैं. ऐसे में पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु और उनके स्वरूपों की पूजा करने का महत्व है. पूर्णिमा के शुभ दिन पर भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजन की परंपरा प्राचीन समय से ही प्रचलित है. सत्यनारायण कथा की महिमा को भगवान सत्यनारायण ने देवर्षि नारद को बताया था. मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि सत्यनारायण व्रत, पूजन और कथा का फल हजारों वर्षों तक किए गए यज्ञ के समान होता है.