सामान्य ज्ञान

भादौ माह में महाकाल की पहली सवारी निकली:नगर भ्रमण पर निकले बाबा महाकाल, पांच स्वरूप में दर्शन; सीएम मोहन यादव झांझ-मंजीरे बजाते हुए हुए शामिल

महाकालेश्वर भगवान की पांचवीं और भादौ माह की पहली सवारी सोमवार को शाम 4 बजे निकली। मंदिर के सभामंडप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद बाबा महाकाल को पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी। सवारी में घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड, भजन मंडली, झांझ मंडली और पुलिस बैंड शामिल रहा। झांझ-मंजीरे बजाते हुए सवारी में पैदल चले सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाबा महाकाल की सवारी में पैदल शामिल हुए। इस दौरान वे झांझ-मंजीरे बजाते हुए शिव भक्ति में लीन नजर आए। सवारी मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बाबा महाकाल का स्वागत किया। 84 महादेव की झांकी और 1100 बटुक रहे आकर्षण इस बार सवारी में 84 महादेव की धार्मिक झलक विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा करीब 1100 बटुक, आदिवासी दल के कलाकारों की नृत्य प्रस्तुति और शहर के विकास पर आधारित झांकियां भी सवारी में शामिल हुईं। रामघाट पर शिप्रा जल से अभिषेक और आरती सवारी के रामघाट पहुंचने के बाद भगवान महाकाल का मां शिप्रा के जल से जलाभिषेक किया गया। इसके बाद आरती और पूजन-अर्चन की परंपरा निभाई गई। पहली बार सवारी में शामिल हुआ रोबोट महाकाल की सवारी में पहली बार एक रोबोट को भी शामिल किया गया। रोबोट को कुछ दूरी तक सवारी के साथ चलाया गया। रामघाट पहुंचने पर रोबोट ने डांस कर श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। 300 से ज्यादा पुलिस जवानों ने दी संगीतमय प्रस्तुति महाकाल की सवारी के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस बल के 300 से अधिक जवानों ने पुलिस बैंड के साथ संगीतमय प्रस्तुति दी। मंदिर के गेट नंबर-1 पर बैंड ने भव्य भक्तिमय और पारंपरिक धुनें प्रस्तुत कीं।

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