संस्कृति

गंगाजल में चंदन मिलाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मिलेगी इस दोष से मुक्ति, साथ ही दूर होगी आर्थिक तंगी…

 अगर आप भी भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो सावन सोमवार पर महादेव का विशेष चीजों से अभिषेक करें. इससे जल्द ही विवाह के योग बनेंगे और मनचाहा वर मिलेगा.  यदि आप जीवन में लंबे समय से संकट का सामना कर रहे हैं, तो सावन के चौथे सोमवार को गंगाजल में काले तिल और बेलपत्र मिलाकर विधिपूर्वक भगवान शिव का अभिषेक करें. मान्यता है कि ऐसा करने से कुंडली में अशुभ ग्रहों का असर खत्म हो जाता है. साथ ही आर्थिक तंगी दूर होती है.


करियर और व्यापार में सफलता प्राप्ति के लिए सावन के चौथे सोमवार पर भगवान शिव का गन्ने के रस से अभिषेक करें. धार्मिक मत है कि ऐसा करने से साधक को  करियर में मन मुताबिक सफलता मिलती है और मनचाहा करियर प्राप्त होता है.  साथ ही प्रमोशन के भी रास्ते बनते है.

सावन सोमवार पर भगवान शिव का अभिषेक करने से वह जल्द प्रसन्न हो जाते हैं. यदि आप भी महादेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो सावन के चौथे सोमवार पर गंगाजल में चंदन मिलाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करें. इससे साधक को मंगल दोष से मुक्ति मिलती है. 

क्या चौथे सोमवार पर भद्राकाल में पूजा होगी?
सावन सोमवार पर भद्रा की छाया लगभग 13 घंटों तक रहने वाली है. मन्यताओं के अनुसार, जब चंद्रमा कर्क राशि, सिंह राशि, कुंभ राशि या मीन राशि में होता है, तब पृथ्वी पर भद्रा का वास माना जाता है. चौथे सावन सोमवार पर चंद्र देव तुला राशि में विराजेंगे. ऐसे में भद्रा का निवास पाताल लोक में रहेगा. कहा जाता है की भद्रा का प्रभाव उसी लोक पर पड़ता है, जिस लोक में वह रहती है.
 

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