LPG संकट के बीच मोदी सरकार पाइपलाइन गैस पर नया नियम लेकर आई, जानें अब कनेक्शन के लिए क्या करना होगा?
25-Mar-2026
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बाद दुनियाभर में तेल और गैस को लेकर संकट मचा है। सप्लाई कम होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एलपीजी संकट के बीच मोदी सरकार ने पाइपलाइन गैस पर नया नियम लागू कर दिया है। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 को तुरंत लागू कर दिया है। इससे PNG कनेक्शन और गैस सप्लाई तेज और आसान हो जाएगी।
भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 को तुरंत लागू कर दिया है। यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जारी किया गया है। इसका मुख्य मकसद देश में गैस पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है, ताकि लोगों तक गैस की सुविधा जल्दी पहुंच सके।
इस नए नियम के तहत अब पाइपलाइन बिछाने के लिए सरकारी मंजूरी में देरी नहीं होगी। अगर तय समय के अंदर अनुमति नहीं मिलती है तो उसे अपने आप मंजूर माना जाएगा। इससे काम रुकने की समस्या खत्म होगी और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। सरकार ने एक समान व्यवस्था लागू की है, जिससे अलग-अलग राज्यों या विभागों से बार-बार अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे पूरी प्रक्रिया आसान हो जाएगी और काम तेजी से आगे बढ़ेगा।
अवैध वसूली पर भी रोक लगाने की बात
स्थानीय स्तर पर होने वाली अवैध वसूली पर भी रोक लगाई गई है। पहले कई जगहों पर अधिकारियों या निकायों द्वारा अतिरिक्त शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसे खत्म कर दिया गया है, जिससे कंपनियों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिलेगी। सड़क खुदाई और मरम्मत के लिए भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं, जिन्हें ‘डिग एंड रिस्टोर’ और ‘डिग एंड पे’ नीति कहा गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पाइपलाइन का काम बिना किसी विवाद के पूरा हो सके और सड़कें भी समय पर ठीक हो जाएं। इस फैसले का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा, क्योंकि अब शहरों में पाइप गैस यानी PNG कनेक्शन तेजी से पहुंचाए जाएंगे। इससे लोगों को बार-बार गैस सिलेंडर के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें आसान सुविधा मिलेगी।