देश-विदेश
"G20 समिट: AI एंकर से स्वागत करेगा, Ask Gita देगा हर सवाल का जवाब"
राजधानी दिल्ली में जी20 समिट 9 सितंबर से 10 सितंबर के बीच होने वाला है, जिसमें भारत अपनी एडवांस टेक्नोलॉजी दिखाएगा. इसके लिए भारत मंडपम तैयार किया गया है. इसमें ‘Mother of Democracy’ एग्जिबिशन आयोजित की गई है. इसमें AI जनरेटेड एंकर मेहमानों का स्वागत करेगा. इसके अलावा, AI चैटबॉट ASK Geeta को भी शोकेस किया गया है. इसका इंटरफेस ChatGPT जैसा है. यह चैटबॉट मेहमानों के सवालों का जवाब श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान के आधार पर देता है.
G20 समिट में डिजिटल इंडिया के लिए अलग से एक्सपीरियंस हॉल तैयार किए गए हैं. इन हॉल में दुनियाभर से आए मेहमान डिजिटल वर्ल्ड में भारत की उपलब्धियों को एक्सपीरियंस कर सकेंगे. बात चाहे Ask Gita की हो या फिर UPI की… इन हॉल में मेहमानों को डिजिटल इंडिया का पूरा एक्सपीरियंस मिलेगा.
G20 देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे ही भारत मंडपम में एंट्री लेंगे, सबसे पहले AI एंकर भारतीय अंदाज में उनका स्वागत करेगी. आगे बढ़ते ही एक दीवार दिखती है. इसे ‘भारत: वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ नाम दिया गया है. प्रदर्शनी के दूसरे हिस्से में डिजिटल इंडिया एक्सपीरिएंस जोन और तीसरे हिस्से में गीता AI है. ASK Geeta चैटबॉट यूजर्स के सवालों के जवाब हिंदी और अंग्रेजी में देता है. सरकार का मानना है कि इससे मेहमान भारत के बारे में बेहतर तरीके से जान सकेंगे. इसके अलावा, सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को 2014 के बाद डिजिटल सफलताओं के बारे में बताया जाएगा.
पेमेंट करना होगा आसान
जी20 सम्मेलन में पेमेंट प्रोसेस को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने UPI वन वर्ल्ड फ्रेमवर्क के तहत प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट को लगाया गया है, जिसमें UPI सेवाओं का सपोर्ट दिया गया है. विदेशी मेहमान इसके जरिए आसानी से भुगतान कर सकते हैं. इसके अलावा, India Meteorological Department (IMD) ने जी20 समिट वेन्यू के पास ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन लगाया है, जिससे मौसम की सटीक जानकारी मिलेगी.
हॉट स्पॉट बनी हुई है दिल्ली
दिल्ली इस वक्त दुनियाभर के लिए हॉट स्पॉट बनी हुई है. इसकी वजह G20 Summit है, जिसकी अध्यक्षता इस बार भारत कर रहा है. दुनिया की तमाम बड़ी शक्तियां दिल्ली में एक मंच पर होंगी. देश के सबसे बड़े इनडोर हॉल भारत मंडपम में इस सिम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. G20 समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत दुनिया के तमाम बड़े नेता हिस्सा ले रहे हैं. इनके स्वागत के लिए दिल्ली को सजा दिया गया है. भारत मंडपम में वैसे तो बहुत कुछ देखने लायक है, लेकिन सरकार AI और डिजिटल वर्ल्ड में भारत के बढ़ते प्रभाव को भी दिखाना चाहती है. यही वजह है डिजिटल इंडिया के लिए अलग से एक एक्सपीरियंस हॉल तैयार किया गया है.
"विश्व बैंक की सराहना: भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के परिवर्तनकारी प्रभाव पर टिप्पणी"
नई दिल्ली: विश्व बैंक ने शुक्रवार को वर्तमान भारत सरकार के तहत पिछले 10 वर्षों में परिवर्तनकारी प्रभाव के लिए भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की सराहना की. वित्तीय संस्थान ने कहा कि भारत ने केवल छह वर्षों में ऐसी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है, जिन्हें हासिल करने में आमतौर पर लगभग पांच दशक लग जाते.
वित्तीय समावेशन के लिए जारी अपने G20 ग्लोबल पार्टनरशिप (GPFI) दस्तावेज़ में विश्व बैंक ने उल्लेख किया कि कैसे भारत ने UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस), जन धन, आधार, ONDC और CoWin जैसी पहलों के साथ एक मजबूत डिजिटल सार्वजनिक सामान बुनियादी ढाँचा विकसित किया है.
भारत द्वारा आयोजित G20 शिखर सम्मेलन की प्रत्याशा में तैयार किए गए जीपीएफआई दस्तावेज़ में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों और डीपीआई परिदृश्य को आकार देने में सरकारी नीतियों और विनियमों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया गया है. विश्व बैंक ने “JAM ट्रिनिटी” (जन धन, आधार, मोबाइल) के महत्व को रेखांकित किया है, जो सार्वभौमिक बैंक खाते तक पहुंच, आधार पहचान और मोबाइल कनेक्टिविटी को जोड़ती है.
दस्तावेज़ में कहा गया कि हालांकि, इस छलांग में डीपीआई की भूमिका निस्संदेह है, डीपीआई की उपलब्धता पर आधारित अन्य पारिस्थितिकी तंत्र चर और नीतियां महत्वपूर्ण थीं. इनमें अधिक सक्षम कानूनी और नियामक ढांचा बनाने के लिए हस्तक्षेप, खाता स्वामित्व का विस्तार करने के लिए राष्ट्रीय नीतियां और पहचान सत्यापन के लिए आधार का लाभ उठाना शामिल है.
दस्तावेज़ में शीर्ष बिंदु
1/ जन धन योजना (जेएएम) ट्रिनिटी, जिसमें प्रधान मंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई), आधार और मोबाइल नंबर शामिल हैं, ने वित्तीय समावेशन दरों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
2/ रिपोर्ट के अनुसार, केवल छह वर्षों में, भारत ने अपनी वित्तीय समावेशन दर को 2008 में 25% से बढ़ाकर 80% वयस्कों तक पहुंचा दिया है.
3/ भारत की डीपीआई ने न केवल सार्वजनिक क्षेत्र को बदल दिया है बल्कि निजी संगठनों की दक्षता भी बढ़ा दी है.
4/ कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने एसएमई ऋण देने में 8 प्रतिशत अधिक रूपांतरण दर, मूल्यह्रास लागत में 65 प्रतिशत की कमी और धोखाधड़ी का पता लगाने से संबंधित लागत में 66% की कमी दर्ज की है.
5/ रिपोर्ट में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की अभूतपूर्व सफलता पर प्रकाश डाला गया, जिसमें अकेले मई 2023 में लगभग 14.89 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 9.41 बिलियन से अधिक लेनदेन हुए. वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए, यूपीआई लेनदेन का कुल मूल्य भारत के नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच गया.
6/ फरवरी 2023 में चालू भारत और सिंगापुर के बीच UPI-PayNow इंटरलिंकिंग ने G20 की वित्तीय समावेशन प्राथमिकताओं के अनुरूप तेज, सस्ता और अधिक पारदर्शी सीमा पार भुगतान की सुविधा प्रदान की है.
बता दें कि 2014 में लॉन्च होने के बाद से प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) में कई गुना वृद्धि देखी गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पीएमजेडीवाई खातों की संख्या मार्च 2015 में 147.2 मिलियन से तीन गुना बढ़कर जून 2022 तक 462 मिलियन हो गई, जिनमें से 56 प्रतिशत खातों का स्वामित्व महिलाओं के पास है, जो कुल मिलाकर 260 मिलियन से अधिक है.
इसके अलावा देश की स्मार्टफोन आधारित तेज भुगतान प्रणाली यूपीआई ने खुदरा डिजिटल भुगतान के लिए व्यापक लोकप्रियता हासिल की है. भारत के श्रीलंका, फ्रांस, यूएई और सिंगापुर जैसे कई देशों के साथ यूपीआई लिंक हैं.
पीएम मोदी ने दी बधाई
विश्व बैंक की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट पर कहा कि विश्व बैंक द्वारा तैयार किए गए एक G20 दस्तावेज़ में भारत के विकास पर एक बहुत ही दिलचस्प बिंदु साझा किया गया है. भारत ने केवल 6 वर्षों में वित्तीय समावेशन लक्ष्य हासिल कर लिया है, अन्यथा इसमें कम से कम 47 वर्ष लग जाते. हमारे मजबूत डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे और हमारे लोगों की भावना को बधाई. यह समान रूप से तीव्र प्रगति और नवप्रवर्तन का प्रमाण है.
"G20 शिखर सम्मेलन पर बड़ी डील: अमेरिका, भारत, यूएई, और सऊदी अरब के बीच जॉइंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर डील का ऐलान?"
नई दिल्ली: G20 शिखर सम्मेलन का आगाज होने वाला है, लेकिन उसके पहले ही बड़ी खबर आ रही है. G20 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका, भारत, यूएई और सऊदी अरब रेलवे को लेकर जाइंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक बड़ी डील का ऐलान कर सकते हैं. इस डील के तहत खाड़ी और अरब देशों के बीच संपर्क को बढ़ाने के लिए रेलवे के जरिए नेटवर्क स्थापित किया जाएगा. इस नेटवर्क को खाड़ी के विभिन्न बंदरगाहों के जरिए भारत तक शिपिंग लेन के जरिए जोड़ा जाएगा. इस पूरे नेटवर्क से भारत और अरब देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है.
अमेरिकी न्यूज वेबसाइट Axios ने सूत्रों के हवाले से इस मेगाप्लान की जानकारी दी है. दरअसल, अरब देशों में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका इस विशाल रेलवे प्रॉजेक्ट को बढ़ावा देना चाहता है. खाड़ी देश चीन के बेल्ट एंड रोड परियोजना में बहुत अहम स्थान रखते हैं. जी 20 शिखर सम्मेलन में संयुक्त रेलवे प्रॉजेक्ट बाइडन के लिए एक प्रमुख उपलब्धि हो सकती है. अमेरिका रेलवे प्रॉजेक्ट को ऐसे समय पर आगे बढ़ा रहा है जब बाइडन प्रशासन सऊदी अरब के साथ एक बड़ी डील को पूरा करने के लिए राजनयिक रूप से जोर दे रहा है.
अमेरिका चाहता है कि सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य हो जाएं. बाइडन साल 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से इस डील को पूरा कराना चाहते हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने रेलवे प्रॉजेक्ट पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है. व्हाइट हाउस ने इस पर केवल इतना ही कहा है कि बाइडन वैश्विक आधारभूत ढांचा और निवेश कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इस दिशा में अभी बातचीत चल रही है और कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है. भारत, यूएई और सऊदी अरब भी ने भी अभी इस बारे में कोई ऐलान नहीं किया है.
बताया जा रहा है कि अगर इन चारों देशों के वार्ताकार अगले दो दिनों में सहमत हो जाते हैं तो चारों देशों के नेता एक समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. इस रेलवे परियोजना के तहत अरब देशों को रेलवे के जरिए जोड़ा जाएगा. इसके बाद समुद्री बंदरगाहों के जरिए भारत भी इस नेटवर्क से पूरी तरह से जुड़ जाएगा. अगर सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य होते हैं तो भविष्य में इजरायल को भी इस रेलवे प्रॉजेक्ट का हिस्सा बनाया जा सकता है. यही नहीं इजरायल के बंदरगाहों के जरिए इसे यूरोप से भी आसानी से जोड़ा सकेगा.
"G-20 सम्मेलन: भारत के 3 महत्वपूर्ण नेताओं की भागीदारी संकेत, रात्रिभोज में होंगे शामिल"
नई दिल्ली: दुनिया के शक्तिशाली G20 नेताओं की मेजबानी के लिए भारत तैयार है. वैश्विक नेताओं के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है. अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज दिल्ली पहुंच गए हैं. अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन और जापान के पीएम दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं. वहीं, ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक दोपहर के समय भारत पहुंचने वाले हैं.
जी-20 सम्मेलन के तहत वर्ल्ड लीडर्स के स्वागत में कल (9 अगस्त) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रात्रिभोज (dinner) का आयोजन किया है. इस डिनर के लिए विदेशी मेहमानों के अलावा भारत के कई राजनेताओं और दिग्गज उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया गया है. देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को न्योता दिया गया है.
शामिल होंगे INDIA गठबंधन के 3 बड़े नेता
विपक्ष के INDIA गठबंधन में शामिल 3 बड़े नेता रात्रिभोज में शामिल होने जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कल रात कोलकता से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी. वहीं, 10 सितंबर को वह वापस कोलकाता लौट सकती हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन भी रात्रिभोज में शामिल होने वाले हैं.
2022 के बाद PM से नीतीश की पहली मुलाकात
बिहार सीएम नीतीश कुमार आज दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं. 12 जुलाई 2022 में पटना में हुई मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की यह 2023 में यह पहली मुलाकात होने वाली है. कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इसमें शामिल हो सकते हैं. हालांकि, विपक्षी गठबंधन में शामिल कई सीएम इस रात्रिभोज से नदारद भी रहने वाले हैं.
इन दिग्गज कारोबारियों को भी मिला न्योता
मुख्यमंत्रियों के अलावा राष्ट्रपति ने डिनर के लिए कई दिग्गजों को भी आमंत्रित किया है. देश के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अडानी के साथ ही टाटा संस के एन चंद्रशेखरन, बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और भारती एयरटेल के संस्थापक-अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल समेत करीब 500 बड़े कारोबारियों को रात्रिभोज के लिए न्योता मिला है. इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एचडी देवेगौड़ा और समिट से जुड़े देशों के लीडर्स के अलावा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के सबी प्रमुखों को भी बुलाया गया है.
शास्त्रीय संगीत के जरिए होगा संस्कृति का परिचय
राष्ट्रपति ने मेहमानों के सम्मान में जिस रात्रिभोज का आयोजन किया है. उसमें शास्त्रीय संगीत की कई शैलियों का प्रदर्शन भी होने वाला है. इस दौरान ‘गंधर्व आतोद्यम’ समूह ‘भारत वाद्य दर्शनम’ यानी की भारत की संगीतमय यात्रा की प्रस्तुति देने जा रहा है. इसमें संतूर, सारंगी, जल तरंग और शहनाई जैसे भारतीय शास्त्रीय संगीत वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा.
समिट में शामिल होंगे ये नेता
जापान के प्रधानमंत्री फिमियो किशिदो, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति युन सौक यौल, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन मौजूद रहेंगे. वहीं, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद वहां के उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री समिट में शामिल होंगे.
"G20 समिट 2023: विदेशी मेहमानों के लिए 15,000 से अधिक सोने-चांदी के बर्तन, आइरिस जयपुर की कंपनी ने जुटाई सर्विस"
देश की राजधानी दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों की मेजबानी की जिम्मेदारी जिसे भी मिली है, वह कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता. इनमें से एक राजस्थान की कंपनी है, जिसने इन खास मेहमानों के लिए सोने-चांदी के 15 हजार से ज्यादा खास बर्तन तैयार किए हैं. खास बात ये है कि यह कंपनी पहले भी कई खास ग्राहकों के लिए काम कर चुकी है, जिसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी भी शामिल है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आइरिस जयपुर नाम की यह कंपनी, जो 1960 से लक्जरी और भव्य मेटलवेयर का निर्माण कर रही है, दुनिया भर में पांच सितारा होटल, रिसॉर्ट और अन्य प्रतिष्ठान इसके ग्राहक हैं. सोने-चांदी के डिनर सेट, कटलरी, ट्रे, केक स्टैंड आदि के साथ-साथ शॉवर फिटिंग, टेबल लैंप, बार काउंटर और गिफ्टिंग आइटम बनाने वाली इस कंपनी के पास जय महल पैलेस, सिटी पैलेस, रामबाग पैलेस, लीला पैलेस जैसे शाही घराने हैं. भारत में आदि.
आइरिस जयपुर के मालिक राजीव पाबूवाल और उनके बेटे लक्ष्य पाबूवाल ने कहा कि उनकी कंपनी के हस्तनिर्मित मेटलवेयर के दुनिया भर में वीवीआईपी ग्राहक हैं. अब करीब 50 हजार घंटों की मेहनत से जी-20 के लिए 15 हजार से ज्यादा चांदी के बर्तन तैयार किए जा चुके हैं. इनमें से अधिकांश का आधार स्टील और पीतल का है, जबकि शीर्ष चांदी से लेपित है. गिलास, चम्मच और कटलरी आदि को सोने की परत से बनाया गया है.
उन्होंने बताया कि जयपुर के स्थानीय कारीगरों के अलावा पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक के कारीगरों ने भी इन बर्तनों पर हाथ आजमाया है. इन पर भारत की समृद्ध विरासत की नक्काशी के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के फूल, पशु और पक्षी उकेरे गए हैं.
"G20 सम्मेलन: दिल्ली ने राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत किया, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के साथ पीएम मोदी आज डिनर करेंगे"
नई दिल्ली: G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए नई दिल्ली पूरी तरह तैयार है. शनिवार से शुरू होने जा रहे दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों का शहर में आने का क्रम जारी है. प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों का स्वागत पारंपरिक भारतीय लोक नृत्य और संगीत के साथ किया जा रहा है.
G20 सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन आज शाम को भारत पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो बाइडेन को डिनर पर इनवाइट किया है. दोनों नेता आज शाम को 7.30 बजे लोक कल्याण मार्ग पर स्थित पीएम आवास पर मिलेंगे. इसके बाद पीएम मोदी के साथ डिनर करेंगे. दोनों नेताओं की आज द्विपक्षीय बैठक भी है.
अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन का यह पहला भारत दौरा है. साल 2020 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत आए थे. जो बाइडेन और पीएम मोदी का यह दूसरी बार स्पेशल डिनर होगा. इससे 3 महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी के राजकीय दौरे के दौरान जो बाइडेन ने उनके लिए व्हाइट हाउस में खास डिनर का आयोजन किया था. दोनों नेताओं की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिए जाने की संभावना है.
15 से अधिक द्विपक्षीय बैठक करेंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व नेताओं के साथ 15 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. 8 सितंबर को पीएम मॉरीशस, बांग्लादेश और अमेरिका के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. 9 सितंबर को G20 बैठकों के अलावा पीएम यूके, जापान, जर्मनी और इटली के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और 10 सितंबर को पीएम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ वर्किंग लंच मीटिंग करेंगे. वह कनाडा के साथ एक अलग बैठक करेंगे और कोमोरोस, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया, ईयू/ईसी, ब्राजील और नाइजीरिया के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे.
क्या है G20 समूह
बता दें कि G20 दुनिया के सबसे प्रभावशाली देशों का समूह है. इसके सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व जनसंख्या का लगभग दो-तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं. जी20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं.
"ब्रिटेन से वापस आ रहा है 'वाघ नख', छत्रपति शिवाजी द्वारा इस्तेमाल किया गया था अफजल खान को मौत के घाट उतारने के लिए"
नई दिल्ली: ‘वाघ नख’ का नाम आपने शायद ही सुना होगा, अगर आपकी भारत के इतिहास में दिलचस्पी नहीं है. लेकिन दंत कथा का हिस्सा बन चुके बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को मारने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘बाघ के पंजे’ की भारत में वापसी होने जा रही है. वर्तमान में यह ब्रिटेन के संग्रहालय की शोभा बढ़ा रहा है.
जानकारी के अनुसार, 1659 में बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को मारने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा इस्तेमाल किए गए बाघ के पंजे के आकार के खंजर को ब्रिटिश के अधिकारी वापस देने पर सहमत हो गए हैं. महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार इस महीने के अंत में लंदन जाएंगे, जहां वे विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे, जहां यह डिसप्ले में लगा हुआ है.
मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि हमें ब्रिटेन के अधिकारियों से एक पत्र मिला है जिसमें कहा गया है कि वे हमें छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ नख वापस देने पर सहमत हो गए हैं. हिंदू कैलेंडर के आधार पर, हम इस वाघ नख को उस दिन की सालगिरह के लिए वापस पा सकते हैं, जब शिवाजी ने अफ़ज़ल खान को मारा था.
खास है ‘वाघ नख’ की बनावट
छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ नख इतिहास का अमूल्य खजाना है. स्टील से बने ‘वाघ नख’ में चार पंजे हैं, जो एक पट्टी पर लगे होते हैं. इसमें पहली और चौथी उंगलियों के लिए दो छल्ले बने हुए हैं. इसी की मदद से शिवाजी ने खान को मौत के घाट उतार डाला था.
"पीएम मोदी ने दिया 'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' का मंत्र: आसियान-इंडिया समिट में भारत के सहयोग का आदान-प्रदान"
जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित आसियान-इंडिया समिट में शामिल हुए. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि 21वीं सदी एशिया की सदी है. ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ हमारा मंत्र है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के इंडो पैसेफिक इनिशिएटिव में आसियान का प्रमुख स्थान है. आसियान भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्रीय स्तंभ है. आज वैश्विक अनिश्चितताओं के माहौल में हमारे आपसी सहयोग में वृद्धि हो रही है. हमारी साझेदारी चौथे दशक में प्रवेश कर रही है.
इसके साथ ही उन्होंने समिट के शानदार आयोजन के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति विडोडो का अभिनंदन करते हुए समिट की अध्यक्षता के लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई दी.
आसियान-इंडिया समिट के बाद इंडोनेशिया में ईस्ट एशिया समिट की बैठक हुई. इसमें PM मोदी ने एक्ट ईस्ट इन एक्शन के तहत तिमोर-लेस्ते में भारतीय दूतावास खोलने की घोषणा की है. इसके लिए उन्होंने दिल्ली से दिली का स्लोगन दिया. दरअसल, तिमोर-लिस्ते की राजधानी का नाम दिली है.
इससे पहले जकार्ता पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोशिला स्वागत हुआ था. मोदी की अगुवाई के लिए बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रंग-बिरंगे परिधानों में अपने पूरे परिवार के साथ एकजुट पहुंचे थे. प्रधानमंत्री मोदी के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी आसियान समिट में शामिल हुए.
"जापान का मून मिशन: चांद की सतह पर स्मार्ट लैंडर का आयात, चांद की उत्पत्ति की जाएगी जांच"
टोक्यो: भारत के चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब जापान ने अपना मून मिशन लॉन्च किया है. जापानी स्पेस सेंटर (JAXA) ने तांगेशिमा स्पेस सेंटर के योशीनोबू लॉन्च कॉम्प्लेक्स से आज (7 सितंबर) सुबह अपना मून मिशन लॉन्च किया.
जापानी स्पेस सेंटर (JAXA) H-IIA रॉकेट अपने साथ स्मार्ट लैंडर फॉर इन्वेस्टिगेटिंग मून (SLIM) और एक्स-रे इमेजिंग एंड स्पेक्ट्रोस्कोपी मिशन (XRISM) लेकर गया है. SLIM एक हल्का रोबोटिक लैंडर है. जिसे तय स्थान पर ही उतारा जाएगा. इस मिशन को मून स्नाइपर भी कहा जा रहा है. यानी स्लिम की लैंडिंग उसके तय स्थान के 100 मीटर के दायरे में ही होगी. 831 करोड़ रुपए के इस मिशन को 26 और 28 अगस्त को लॉन्च किया जाना था, लेकिन खराब मौसम की वजह से अब वह समय आया है.
जापानी स्पेस एजेंसी के प्रेसिडेंट हिरोशी यामाकावा ने कहा कि स्लिम को इस हिसाब से भेजा जा रहा है, उसके ईंधन को ज्यादा से ज्यादा बचाया जा सके. यह मिशन चांद की सतह पर अगले साल फरवरी महीने में लैंड करेगा. मकसद सटीकता वाली लैंडिंग है. यानी जहां हम चाहते हैं, वहीं पर लैंड हो. बल्कि ये नहीं कि कहां हम कर सकते हैं.
चांद के समुद्र पर उतरेगा स्लिम
जापान का SLIM लैंडर चांद के नीयर साइड यानी उस हिस्से में उतरेगा, जो हमें अपनी आंखों से दिखाई देता है. संभावित लैंडिंग साइट मेयर नेक्टारिस है, जिसे चांद का समुद्र कहा जाता है. यह चांद पर सबसे ज्यादा अंधेरे वाला धब्बा कहा जाता है. स्लिम में एडवांस्ड ऑप्टिकल और इमेज प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी लगी है.
चांद की उत्पत्ति का लगाएगा पता
लैंडिंग के बाद स्लिम चांद की सतह पर मौजूद ओलिवीन पत्थरों की जांच करेगा, जिससे चांद की उत्पत्ति का पता चल सके. इसके साथ किसी तरह का रोवर नहीं भेजा गया है. इसके साथ XRISM सैटेलाइट भी भेजा गया है. जो चांद के चारों तरफ चक्कर लगाएगा. इसे जापान, नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने मिलकर बनाया है. यह चांद पर बहने वाले प्लाज्मा हवाओं की जांच करेगा. ताकि ब्रह्मांड में तारों और आकाशगंगाओं की उत्पत्ति का पता चल सके.
"भारतीय रेलवे के गति शक्ति विश्वविद्यालय और एयरबस ने संशोधित समझौता पर हस्ताक्षर किए: एयरोस्पेस शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण कदम"
भारतीय रेलवे के गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) वडोदरा और एयरबस ने आज भारतीय विमानन क्षेत्र को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करने के लिए सहयोग किया । श्री रेमी माइलार्ड (अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एयरबस भारत और दक्षिण एशिया) और प्रोफेसर मनोज चौधरी (कुलपति, गति शक्ति विश्वविद्यालय) के बीच रेल भवन, नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए । एमओयू पर रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, जो गति शक्ति विश्वविद्यालय के पहले चांसलर भी हैं, की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए । इस अवसर पर रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष और सीईओ सुश्री जया वर्मा सिन्हा और रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।
एयरबस और टाटा ने हाल ही में वडोदरा (गुजरात) में भारत में C295 विमान सुविधा के डिजाइन, नवाचार, निर्माण, निर्माण और विकास के लिए साझेदारी की घोषणा की थी। एयरबस वाणिज्यिक विमान का दुनिया का सबसे बड़ा निर्माता और हेलीकॉप्टर, रक्षा और अंतरिक्ष उपकरण का अग्रणी निर्माता है । कंपनी का भारत के साथ सहजीवी विकास का पुराना रिश्ता है । कंपनी भारत को वैश्विक विमानन के एक प्रमुख चालक के साथ-साथ एक अपरिहार्य प्रतिभा और संसाधन केंद्र के रूप में पहचानती है और देश में पूरी तरह से एकीकृत एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए सभी आवश्यक बिल्डिंग ब्लॉक्स को परिपक्व करने के लिए प्रतिबद्ध है । मेक इन इंडिया भारत में एयरबस की व्यावसायिक रणनीति के केंद्र में है और कंपनी अपने वैश्विक उत्पादों में भारत का योगदान लगातार बढ़ा रही है ।
इस अवसर पर बोलते हुए, श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “जीएसवी गहन उद्योग-अकादमिक साझेदारी पर ध्यान केंद्रित करेगा । इसके सभी कोर्स इंडस्ट्री के सहयोग से डिजाइन किए जाएंगे। जीएसवी में पढ़ने वाले छात्र उद्योग के लिए तैयार होंगे । परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में रोजगार के लिए उनकी अत्यधिक मांग होगी। एयरबस के साथ आज का समझौता ज्ञापन इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है ।
कार्यक्रम में बोलते हुए, एयरबस इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, श्री रेमी माइलार्ड ने कहा, “एक कंपनी के रूप में जो भारत में एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, हम मानव पूंजी विकास में निवेश करने की अपनी जिम्मेदारी का एहसास करते हैं । गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी से देश में कुशल कार्यबल की एक मजबूत पाइपलाइन विकसित होगी जो भविष्य में तेजी से बढ़ते एयरोस्पेस क्षेत्र की सेवा के लिए तैयार होगी ।
यह उद्योग-अकादमिक साझेदारी नियमित छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए क्षेत्र-प्रासंगिक कौशल पाठ्यक्रमों और कार्यक्रमों के सह-विकास और सह-वितरण, संकाय के लिए संयुक्त अनुसंधान और उद्योग के अनुभव, छात्रों के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों को सक्षम करेगी । यह उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार छात्रों के लिए नौकरी के अवसर पैदा करेगा । उम्मीद है कि एयरबस के भारतीय परिचालन में 15000 छात्रों को नौकरी मिलने की संभावना है ।
गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) वडोदरा की स्थापना 2022 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से संपूर्ण परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों के लिए सर्वोत्तम जनशक्ति और प्रतिभा तैयार करने के लिए की गई थी । यह केंद्रीय विश्वविद्यालय रेल मंत्रालय, सरकार द्वारा प्रायोजित है। भारत के और इसके पहले चांसलर श्री अश्विनी वैष्णव, रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री हैं ।
विशेष रूप से परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, जीएसवी एक "अपनी तरह का पहला" विश्वविद्यालय है जिसका लक्ष्य रेलवे, शिपिंग, बंदरगाहों, राजमार्गों पर राष्ट्रीय विकास योजनाओं (पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान 2021 और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022) के जनादेश को पूरा करना है । , सड़कें, जलमार्ग और विमानन आदि। भारतीय रेलवे के सभी केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थानों के मांग-संचालित पाठ्यक्रम और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का लाभ उठाते हुए, जीएसवी प्रौद्योगिकी, अर्थशास्त्र, प्रबंधन और नीति में पेशेवरों का एक संसाधन पूल तैयार करेगा । बहुविषयक शिक्षण (स्नातक/परास्नातक/डॉक्टरेट), कार्यकारी प्रशिक्षण और अनुसंधान। जीएसवी भारतीय रेलवे परिवीक्षाधीनों और सेवारत अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण भी आयोजित करेगा ।
एक उद्योग-संचालित और नवाचार-आधारित विश्वविद्यालय होने के नाते, जीएसवी के पास पहले से ही दुनिया भर के अग्रणी संस्थानों और उद्योगों के साथ कई सहयोग हैं ।
"प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: बालिकाओं के जन्म पर दें 6,000 रुपये, जानें कैसे करें आवेदन"
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत चिन्हांकित हितग्राहियों के प्रथम बच्चे के जन्म पर दो किश्तों में 5 हजार रूपये तथा द्वितीय बालिका संतान के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रूपये दिए जाने का प्रावधान है। जिनके द्वितीय संतान बालिका का जन्म 1 अपै्रल 2022 के पश्चात् हुआ हो वे इस योजना का लाभ लेने हेतु जिला महिला एवं बाल विकास विभाग नारायणपुर में 30 सितंबर तक आवदेन प्रस्तुत कर सकते हैं।
हितग्राहियों को आवेदन के साथ हितग्राही (माता) का आधार कार्ड, जच्चा बच्चा कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, हितग्राही का ई-श्रम कार्ड, किसान सम्मान निधि, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुश्मान कार्ड तथा बीपीएल राशन कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य किया गया है। हितग्राही इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग नारायणपुर से संपर्क कर सकते हैं।
"PM मोदी के जन्मदिन पर 7,200 डायमंड से बनाया गया खास तस्वीर, सूरत के आर्किटेक्ट ने तैयार किया विशेष उपहार"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को आता है. देशभर में उनके समर्थक अपने-अपने तरीके से पीएम के जन्मदिन को मनाते हैं. इसबार प्रधानमंत्री अपना 73वां जन्मदिन मना रहे है. सूरत के एक आर्किटेक्ट इंजीनियर विपुल जेपी वाला ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन को खास मनाने के लिए विशेष तयारी कर रहे हैं.
विपुल जेपी वाला ने पीएम के जन्मदिन (PM Modi Birthday) के लिए 7,200 हीरे से जड़ित चित्र बनाया है. वे इसे पीएम मोदी के 73वें जन्मदिन पर उन्हें उपहार के रूप में देना चाहते हैं. पीएम मोदी के इस अनूठे पोट्रेट को तैयार करने में सूरत के आर्किटेक्ट को करीब चार महीने का समय लगा है.
कैसे आया आइडिया?
प्रधानमंत्री मोदी की डायमंड की तस्वीर बनाने के बारे में विपुल जेपी वाला कहते हैं कि यह विचार उन्हें तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन की पत्नी को हीरे से जड़ा एक क्राफ्ट दिया था. विपुल के अनुसार पीएम मोदी के इस अनूठे पोट्रेट में चार तरह के हीरों का इस्तेमाल किया गया है, हालांकि विपुल ने यह नहीं बताया कि इस तस्वीर को बनाने में कितनी लागत आई है, लेकिन चर्चा है कि यह लागत करोड़ों में होगी.
4.31 करोड़ में बिका था सूट
इससे पहले सूरत के एक हीरा व्यापारी ने प्रधानमंत्री मोदी को नरेंद्र दामोदर दास लिखा सूट गिफ्ट किया था. जिसकी भी खूब चर्चा हुई थी. यह सूट प्रधानमंत्री ने 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात के दौरान पहना था, जिसके बाद यह सूट 4.31 करोड़ रुपये में बिका था. प्रधानमंत्री मोदी खुद को मिलने वाले उपहारों की नीलामी करते हैं और उससे मिलने वाली आय का उपयोग गंगा को साफ करने में करते हैं.
'वन नेशन, वन इलेक्शन' कमेटी के शुरू होने से पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और गृह मंत्री अमित शाह का महत्वपूर्ण मिलन
नई दिल्ली: ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के 12 जनपथ रोड पर बुधवार को बैठक की. बैठक के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.
बता दें कि केंद्र सरकार ने 2 सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया था. कमेटी के सदस्यों में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, पूर्व लोकसभा महासचिव सुभाष कश्यप, एन के सिंह, पूर्व सीवीसी संजय कोठारी, लोकसबा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद हैं. हालांकि, अधीर रंजन चौधरी ने बाद में समिति का हिस्सा बनने से मना कर दिया था.
कमेटी का उद्देश्य लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने के मुद्दे पर गौर करने और जल्द से जल्द सिफारिशें देने का है. इसके लिए कमेटी संविधान, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और किसी भी अन्य कानून एवं नियमों की पड़ताल करेगी. साथ ही विशिष्ट संशोधनों की सिफारिश करेगी, क्योंकि एकसाथ चुनाव कराने के उद्देश्य से इनमें संशोधन की आवश्यकता होगी.
"संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर को शुरू, गणेश चतुर्थी पर नए भवन में होगा स्थानांतरण"
नई दिल्ली: संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. तमाम राजनीतिक बयानबाजियों के बीच खबर है कि विशेष सत्र पुराने भवन में शुरू होगा, और बाद में गणेश चतुर्थी के अवसर पर 19 सितंबर को नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा. इस तरह से गणेश चतुर्थी के अवसर पर नए संसद भवन में कामकाज शुरू हो जाएगा.
संसद के विशेष सत्र को लेकर विपक्षी दलों में बीच मची ऊहापोह की स्थिति के बीच कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया है कि I.N.D.I.A. गठबंधन में शामिल दल संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार नहीं करेंगे. कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह हमारे लिए लोगों के मुद्दों को उठाने का एक अवसर है. यह भी निर्णय लिया गया (भारत गठबंधन के नेताओं की बैठक में) कि सोनिया गांधी पीएम मोदी को एक पत्र लिखेंगी, जिसमें उन्हें भारत गठबंधन की बैठक में हुई चर्चाओं से अवगत कराया जाएगा.
"जी20 शिखर सम्मेलन: 'पीएनजी ज्वैलर्स' और 'वासुपती ज्वैलर्स' द्वारा निर्मित उत्कृष्ट चोकर नेकलेस का उद्घाटन"
नई दिल्ली: इस वर्ष भारत के जी 20 की अध्यक्षता के अवसर पर, 'पीएनजी ज्वैलर्स' और 'वासुपती ज्वैलर्स' के सहयोग से एक उत्कृष्ट चोकर नेकलेस का निर्माण किया गया है। यह नेकलेस एकता, जिम्मेदारी और उस दुनिया में हम रहते हैं, उसके प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में पीएनजी ज्वैलर्स के नए शोरूम के उद्घाटन पर इस उत्कृष्ट आभूषण का अनावरण किया।
2023 के वर्ष को ध्यान में रखते हुए, यह आभूषण फूलों की सुंदरता पर केंद्रित है और जीवनवृक्ष को दर्शाता है। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले कमल के फूल के साथ, इस सम्मेलन में भाग लेने वाले 19 देशों का ब्रीद वाक्य 'वन अर्थ, वन फॅमिली, वन फ्युचर' को सुंदरता से व्यक्त करता है।
इस अवसर पर बात करते हुए, 'पीएनजी ज्वैलर्स' के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. सौरभ गाडगीळ ने कहा कि जी 20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर बनाया गया चोकर नेकलेस एक सामंजस्यपूर्ण और निश्चित भविष्य के लिए दुनिया के देशों की संयुक्त दृष्टि का एक कलात्मक अवतार है। भारत की भूमिका प्रस्तुत करने में जी20 शिखर सम्मेलन की अवधारणा का यही अर्थ है। यह नेकलेस वैश्विक एकता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। हमें इस महत्वपूर्ण अवसर को मनाने के लिए कला के इस असाधारण कलाकृति को बनाने के लिए वासुपती ज्वैलर्स के साथ सहयोग करने पर गर्व है।
'वासुपती ज्वैलर्स' के क्रिएटिव डायरेक्टर अवनीप कोठारी ने कहा, "इस आभूषण की उत्कृष्ट कलाकृति ने हमारे प्रति प्यार और प्रतिबद्धता का प्रतीक बनाया है। सूक्ष्म फ्रीलिगी तकनीक से मूल डिजाइन का निर्माण करके, प्लिक ए जर्नल इनेमल तकनीक तक, इस नेकलेस में हर पहलू एकता और सद्भाव की भावना पर आधारित है। यह फूल राष्ट्रों की विविधता का प्रतीक है, जो एकता का संदेश देते हैं। इसका वजन लगभग 320 ग्राम है, और इसे 10 से अधिक कुशल श्रमिकों ने 75 दिनों में बनाया था।"
नेकलेस बनाना एक ऐसी यात्रा है जो पारंपरिक शिल्प कौशल को समकालीन कलात्मकता के साथ जोड़ती है। इसमें अत्यंत सुंदर फूल पैटर्न को सावधानी से मोम में तराशते हैं और फिर उससे एक आकर्षक डिज़ाइन बनाते हैं। इस नेकलेस को धरती जैसे हरे एवेंचुराइन स्टोन से सजाया गया है। इसके डिज़ाइन में मैट और उच्च चमकदार पॉलिश फिनिश का एक संतुलित मिश्रण है, जो ऑक्सीडाइजेशन बेस पर जटिल फूलों की कला को बढ़ावा देता है।
यह फूल 20 देशों की एकता का प्रतीक है, और राष्ट्रों के बीच सद्भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस नेकलेस से जुड़कर, यह जी20 परिषद के सामूहिक जिम्मेदारी और सहयोग का संदेश देता है, और दुनिया के उज्जवल भविष्य के लिए एक कलात्मक याद बनता है। जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर, यह निरंतर वैश्विक सहयोग और समृद्धि की एक कलात्मक प्रतीक होता है।
"रेल मंत्री: 'उदयपुर का रूफ टॉप प्लाजा देश का सबसे बड़ा होगा'"
Udaipur: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव Monday को Udaipur पहुंचे. उन्होंने यहां सिटी Railwayस्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि Udaipur सिटी Railwayस्टेशन पर बन रहा रूफ टॉप प्लाजा देश का सबसे बड़ा रूफ प्लाजा होगा. Media से चर्चा में उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बार Rajasthan में भाजपा की सरकार बनेगी.
Railwayस्टेशन पहुंचते ही रेल मंत्री वैष्णव ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा को नमन किया. इसके बाद उन्होंने सिटी Railwayस्टेशन का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने स्टेशन के बाहर की ओर चल रहे कार्यों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान रेल मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जैसे ही Udaipur में वंदे भारत ट्रेन शुरू होगी तब यहां पर पर्यटकों का आवागमन बढ़ जाएगा. ऐसे में स्टेशन के विस्तार को लेकर भविष्य के इस प्लान को समय पर पूरा किया जाए. उन्होंने Ajmer रेल मंडल के डीआरएम राजीव धनखड़ के बारे में कहा कि देश के अच्छे डीआरएम की गिनती में धनखड़ भी आते हैं. उन्होंने धनखड़ से Udaipur के विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की बात कही.
उल्लेखनीय है कि Udaipur के सिटी Railwayस्टेशन की काया पलट करने के लिए Railwayने पुनर्विकास कार्य शुरू किया है. इस पर करीब 354 करोड़ रुपये की लागत आएगी. स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास Prime Minister Narendra Modi ने नाथद्वारा से किया था.
निरीक्षण के बाद उन्होंने Media से संक्षिप्त चर्चा में कहा कि देशभर के Railwayस्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने का जिम्मा पीएम नरेंद्र मोदी ने उठाया है. इसी कड़ी में Udaipur स्टेशन पर तेजी से कार्य किया जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि Udaipur-Ahmedabad के लिए ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाएं जाएंगे.
Rajasthan में आसन्न Assembly Elections के सवाल पर रेल मंत्री ने कहा कि भाजपा Rajasthan में बेहद मजबूती के साथ काम कर रही है. जनता के आशीर्वाद से इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी.
रेल मंत्री के निरीक्षण के दौरान उनके साथ Udaipur Member of parliament अर्जुन लाल मीणा, Udaipur ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली, महामंत्री गजपाल सिंह, प्रमोद सामर आदि भी थे.
रेल मंत्री को Udaipur के कई सामाजिक व औद्योगिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन दिया. ज्ञापनों में Udaipur-Ahmedabad ब्रॉडगेज की नई लाइन पर Mumbai , बेंगलूरु तक कनेक्टिविटी देने की मांग की गई. इसके बाद रेल मंत्री से Neemuchके लिए रवाना हो गए.
"पीएम किसान सम्मान निधि: 15वीं किस्त के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, यहां जानिए कैसे करें आवेदन"
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. ये राशि किसानों के खाते में 4 महीने के अंतराल पर 3 किस्तों में 2-2 हजार रुपये करके भेजी जाती है. किसानों के खाते में अब तक 14 किस्तें भेजी जा चुकी है. वहीं, 15वीं किस्त के लिए भी रजिस्ट्रेशन प्रकिया की शुरुआत हो गई है. माना जा रहा है कि नंवबर के आखिरी सप्ताह या फिर दिसंबर के शुरुआती सप्ताह में ये राशि किसानों के खाते में नजर आ सकती है.
रजिस्ट्रेशन के वक्त ना करें ये गलतियां
अगर आप पीएम किसान योजना का रजिस्ट्रेशन करने जा रहे हैं तो सबसे ध्यान दें कि आपके द्वारा भरे गए आवेदन फॉर्म में कोई गलती न हो. जैसे- जेंडर की गलती, नाम की गलती, आधार नंबर गलत या पता आदि गलत होता है तो भी आप किस्त से वंचित रह सकते हैं इसके अलावा खाता नंबर गलत होने पर भी आगामी किस्तों से आप वंचित रह सकते हैं. ऐसे में पीएम किसान योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करते वक्त अतिरिक्त सावधानी बरतें
अभी भी करा सकते हैं ई-केवाईसी
अगर आप पीएम किसान की अगली किस्तें पाना चाहते हैं तो ई-केवाईसी की प्रकिया पूरा होना जरूरी है. अगर आपने अभी तक भी केवाईसी नहीं करवाई है, तो जल्द ही करा लें. किसान अपने पास के सीएससी सेंटर में जाकर या पीएम किसान पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं. ऐसा नही ंकरने की स्थिति में आप अगली किस्तों से वंचित रह सकते हैं.
किसानों को सालाना भेजे जाते हैं 6 हजार रुपये
पीएम किसान योजना संबंधी किसी भी तरह की समस्या पर किसान ईमेल आईडी pmkisan-ict@gov.in पर संपर्क कर सकते हैं. पीएम किसान योजना के हेल्पलाइन नंबर- 155261 या 1800115526 (Toll Free) या फिर 011-23381092 के जरिए कॉन्टेक्ट कर सकते हैं.