देश-विदेश
"संसद के विशेष सत्र के चर्चे और सस्पेंस: सरकार की आम चुनाव की योजना नहीं, पीएम मोदी का नागरिकों की सेवा में विश्वास"
दिल्ली: संसद के विशेष सत्र को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है. इस बीच केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार की आम चुनाव को पहले कराने की कोई योजना नहीं है और पीएम मोदी अपने कार्यकाल के आखिरी दिन तक भारत के नागरिकों की सेवा करना चाहेंगे.
उन्होंने कहा कि सरकार ने एक राष्ट्र- एक चुनाव पर एक समिति गठित की है और समिति इसके लिए मानदंडों को अंतिम रूप देने से पहले इस पर व्यापक विचार-विमर्श करेगी. सरकार की आगामी विधानसभा चुनावों को आम चुनावों के साथ कराने की कोई योजना नहीं है. ठाकुर ने चुनाव समय से पहले या देरी से होने की सभी बातों को मीडिया अनुमान कहकर खारिज कर दिया.
सचिवालय ने सत्र को लेकर सूचना जारी करते हुए कहा कि 5 बैठकें होंगी और सदस्यों को अनंतिम कैलेंडर के बारे में अलग से सूचित किया जाएगा. सत्र के दौरान प्रश्नकाल व शून्यकाल नहीं होगा. सभी बैठकों में निरंतर चर्चा का दौर चलेगा. हालांकि चर्चा के विषय नहीं बताए गए.
सत्र का एजेंडा गुप्त
केंद्रीय मंत्री ने विशेष सत्र के एजेंडे का खुलासा नहीं किया, उन्होंने इंडिया गठबंधन से अनावश्यक रूप से निराश न होने के लिए कहा और सही समय आने पर संसदीय कार्य मंत्री एजेंडे का खुलासा करेंगे. इस बीच जारी अटकलों का दौर यथावत रहा.
"पीएम मोदी का इंडोनेशिया दौरा: आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के साथ भाग लेंगे"
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, अबकी बार वे छह और सात सितंबर को जकार्ता, इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के निमंत्रण पर 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और आसियान के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में इंडोनेशिया की ओर से आयोजित 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा इस साल भारत की अध्यक्षता में 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से पहले हो रही है. इंडोनेशिया जी20 ‘ट्रोइका’ का हिस्सा है, और पिछले साल जी20 समूह की अध्यक्षता उसके पास थी.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि शिखर सम्मेलन में भारत-आसियान संबंधों की प्रगति की समीक्षा के साथ सहयोग को लेकर भविष्य की दिशा तय करेगा. पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन आसियान देशों के नेताओं और भारत सहित इसके आठ संवाद भागीदारों को क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करेगा.
इसके पहले 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति विडोडो के निमंत्रण पर जकार्ता का दौरा किया था. इस यात्रा के दौरान, दोनों नेता इंडोनेशिया और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नए आयाम तक ले जाने के लिए एक नई व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करके सभी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए.
"पीएम मोदी: भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र होगा, भ्रष्टाचार और जातिवाद का कोई स्थान नहीं होगा"
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को एक विशेष साक्षात्कार दिया है। ये साक्षात्कार ऐसे समय में आया है, जब आगामी 9-10 सितम्बर को नई दिल्ली में जी-20 देशों की बैठक होने जा रही है। भारत इस बैठक की अध्यक्षता कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटीआई को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा, भारत की जी20 अध्यक्षता से कई सकारात्मक प्रभाव पड़े हैं, इनमें से कुछ "मेरे दिल के बहुत करीब" हैं।
पीएम मोदी बोले- 2047 तक भारत बनेगा विकसित राष्ट्र
प्रधानमंत्री ने कहा, दुनिया का जीडीपी-केंद्रित दृष्टिकोण अब मानव केंद्रित में बदल रहा है। भारत इसमें उत्प्रेरक की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, सबका साथ, सबका विकास भी विश्व कल्याण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हो सकता है। पीएम मोदी ने साक्षात्कार के दौरान कहा, भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा। हमारे राष्ट्रीय जीवन में भ्रष्टाचार, जातिवाद और साम्प्रदायिकता का कोई स्थान नहीं होगा ।
'भारतीयों के पास शानदार मौका'
उन्होंने कहा, जी20 में, हमारे शब्दों और दृष्टिकोण को दुनिया केवल विचारों के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के रोडमैप के रूप में देखती है। आज भारतीयों के पास विकास की नींव रखने का शानदार मौका है जिसे अगले हजारों वर्षों तक याद रखा जाएगा। लंबे समय तक भारत को एक अरब भूखे पेट वाले देश के रूप में देखा जाता था, अब यह एक अरब महत्वाकांक्षी मस्तिष्क और दो अरब कुशल हाथों वाला देश है।
एक दशक से भी कम समय में पांच पायदान की छलांग लगाने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि निकट भविष्य में भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में होगा।
पाकिस्तान और चीन की आपत्तियों को किया खारिज
प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में जी20 की बैठकें कराए जाने को लेकर पाकिस्तान और चीन की आपत्तियों को खारिज किया और कहा कि देश के हर हिस्से में बैठक करना स्वाभाविक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइबर अपराध का जिक्र करते हुए इससे लड़ने के लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा, साइबरस्पेस ने अवैध वित्तीय गतिविधियों और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बिल्कुल नया आयाम पेश किया है. साइबर खतरों को बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
'20वीं सदी की सोच 21वीं सदी में नहीं चलेगी'
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पास लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और विविधता है और अब हम इसमें एक और डी जोड़ रहे हैं और वो डी है डेवलेपमेंट (विकास)। संयुक्त राष्ट्र में सुधार की मांग करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 20वीं सदी की सोच 21वीं सदी में नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि यदि बहुपक्षीय बड़े संस्थान समय के साथ नहीं बदलते हैं तो छोटे क्षेत्रीय मंच ज्यादा अहम हो जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को बदलती हकीकत को समझना चाहिए और अपनी प्राथमिकताओं पर फिर से गौर करना चाहिए ताकि सभी को प्रतिनिधित्व मिल सके।
"सोनिया गांधी की स्वास्थ्य में बिगड़, दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती"
नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को हल्के बुखार के लक्षणों के साथ दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं, उनकी हालत फिलहाल स्थिर हैं। सूत्र ने न्यूज़ एजेंसी ANI को ये जानकारी दी है।सोनिया गांधी इससे पहले भी इसी तरह की स्वास्थ्य दिक्कतों का सामना कर चुकी हैं और पूर्व में इसी अस्पताल में उनका ईलाज चला था।
सोनिया गांधी हाल ही में मुंबई में हुई INDIA की बैठक में शामिल हुईं थी, जहां राहुल गांधी भी पहुंचे थे। इससे पहले इसी साल मार्च में भी उन्हें बुखार की शिकायत के बाद गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में स्वस्थ होने के बाद वह घर लौट आई थीं।
"राहुल गांधी अभी तक पीएम पद के दावेदार के रूप में सबसे आगे - सर्वे"
नई दिल्ली: विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की तरफ से अभी तक पीएम (PM) पद के दावेदार की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन एबीपी न्यूज़ और सी वोटर्स के सर्वे के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस रेस में बाकी नेताओं के मुकाबले सबसे आगे हैं.
एबीपी न्यूज़ और सी वोटर्स के सर्वे में शामिल लोगों में से 29 प्रतिशत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पीएम पद का प्रमुख दावेदार चुना है. जबकि 9% लोगों ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का नाम लिया. इसके अलावा 6% लोगों ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार, 3% ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, 3% ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, 6% ने शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे का नाम लिया.
लोस चुनाव 2024 का रिजल्ट के बाद फैसला
वहीं 40% ने कहा इनमें से कोई नहीं और 4% ने पता नहीं कहा. मुंबई में इंडिया बैठक में भाग लेने के दौरान बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा है पीएम उम्मीदवार लोकसभा चुनाव 2024 का रिजल्ट आने के बाद ही तय किया जाएगा.
कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी कहा है कि अभी हमारा लक्ष्य बीजेपी को हराना है. बाकी फैसला लोस चुनाव के बाद लिया जाएगा. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने भी कहा कि इस बारे घटक दल मिल कर फैसला लेंगें, लेकिन कार्यकर्ता होने के नाते हम सबकी इच्छा है कि राहुल गांधी ही पीएम बने जबकि पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारे पास पीएम पद के कई योग्य उम्मीदवार हैं लेकिन बीजेपी के पास सिर्फ एक चॉइस है.
नीतीश कुमार पीएम की रेस में पिछड़े
बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के प्रवक्ता के सी त्यागी ने कहा कि नीतीश प्रधानमंत्री बनने की क्षमता रखते हैं. हालांकि उन्होंने कहा नीतीश कुमार को केवल प्रधानमंत्री पद के लिए ही क्यों मानते हैं, वह राष्ट्रपति पद के लिए भी योग्य हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि पीएम पद की रेस में पिछड़ने के बाद अब उनकी पार्टी के नेता नीतीश को राष्ट्रपति पद के लिए प्रोजेक्ट करने की तैयारी में है.
"किसानों के लिए धान खरीदी के लिए आधार पंजीयन की आवश्यकता: कृषि विभाग द्वारा सूचना जारी"
समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए विक्रेता किसान का नॉमिनी होना भी आवश्यक है। इस संबंध में कृषि विभाग के मैदानी अमलों के लिए प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिला खाद्य अधिकारी जे.जे.नायक ने बताया कि धान विपणन वर्ष 2023-24 में बिना नॉमिनी पंजीयन के किसान धान नहीं बेच पायेंगे। पूर्व में पंजीकृत सभी किसानों को धान उपार्जन के लिए नॉमिनी नामांकन कर कैरी फारवर्ड करवाना अनिवार्य होगा। धान उपार्जन के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अपनाया जायेगा, जिसके लिए पंजीयन में नॉमिनी अनिवार्य है।
सभी किसान अपना पंजीयन फार्म तैयार कर आवश्यक दस्तावेज आवेदनकर्ता कृषक एवं किसान द्वारा नामित व्यक्ति का आधार कार्ड सहित सहकारी समिति में जमा कर सकते हैं। अगर किसान द्वारा आधार आधारित पंजीयन नहीं करवाया जाता है तो वह किसान इस वर्ष धान खरीदी के लिए पात्र नहीं माना जायेगा। प्रशिक्षण में उप संचालक कृषि एन.के.नागेश, जितेन्द्र कुमार कोमरा, सी.आर.भास्कर, सुधीर कुमार दादौरिया, हरीश कुमार नेताम, सहायक संचालक कृषि गुंजन सिंह भदौरिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार सार्वा एवं समस्त विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास विस्तार अधिकारी उपस्थित थे।
"मोदी सरकार की 2 बीमा योजनाएँ: एक साल में 4 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा सिर्फ 456 रुपये में"
New Delhi: मोदी सरकार किसान, गरीब परिवार और आम आदमी समेत हर वग्र की भलाई के लिए कई तरह की कल्याणकारी सामाजिक योजनाएं चला रही है। इन स्कीम्स में बहुत-सी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी नहीं रहती है।
केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही 2 बीमा योजना के तहत देश के हर नागरिक को सिर्फ 456 रुपये सालाना प्रीमियम पर 4 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा मिलती है। खास बात है कि इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है बल्कि आपके खाते से स्वतः पैसा कट जाएगा और आपको बीमा सुरक्षा मिल जाएगी।
दरअसल सरकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना चला रही है। इन दोनों सरकार समर्थित इंश्योरेंस स्कीम में देश के आम आदमी को 2-2 लाख यानी कुल 4 लाख रुपये की जोखिम सुरक्षा मिलती है। आइये आपको बताते हैं इस स्कीम में मिलने वाले लाभ।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) में महज 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख की बीमा सुरक्षा मिलती है। हालांकि, यह इंश्योरेंस स्कीम सिर्फ 18 से 50 वर्ष की आयु वाले लोगों के लिए उपलब्ध है। इस बीमा योजना के तहत प्रीमियम की राशि हर साल आपके खाते से ऑटो डेबिट हो जाती है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 1 जून से 31 मई तक की एक वर्ष की समयावधि के लिए होती है। इसके बाद हर साल तय समय पर इसका रिन्युअल होता है। इस योजना के तहत यदि किसी भी कारण से बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिजनों को बीमाराशि के तौर पर 2 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है।
प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना
प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना भी केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना का लाभ सिर्फ 18 से 70 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को मिलता है। यह बीमा सुरक्षा योजना की जोखिम अवधि भी 1 जून से 31 मई तक होती है। इसके बाद व्यक्ति के बैंक खाते से 30 रुपये ऑटो डेबिट हो जाते हैं और जोखिम सुरक्षा जारी रहती है।
खास बात है कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में सिर्फ 30 रुपये के प्रीमियम पर 2 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा मिलती है। हालांकि, इस योजना के तहत दुर्घटना में बीमाधारक की मृत्यु होने पर और एक्सीडेंट में पूर्ण रूप से विकलांग होने पर 2 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। वहीं, आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये दिए जाते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 26 अप्रैल 2023 तक पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई योजना के तहत क्रमशः 16।2 करोड़ व 34।2 करोड़ लोगों के पंजीयन हुए। वहीं, पीएमजेजेबीवाई योजना के जरिए 6।64 लाख परिवारों को सहायता प्रदान की गई, जिन्हें क्लेम के तौर पर 13,290 करोड़ रुपये मिले।
"Aditya-L1 मिशन लॉन्च लाइव: भारत का सूर्य की ओर ऐतिहासिक उड़ान का आज दिन"
भारत के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. सूर्य के अध्ययन के लिए भारत का पहला मिशन ‘आदित्य-एल1’ (Aditya-L1 Mission) आज रवाना होगा. इस मिशन पर पूरे विश्व की निगाहे टिकी हुई है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपने पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य-एल1’ (Aditya-L1) को लॉन्च करने को लेकर पूरी तरह से तैयार है. इस महत्वाकांक्षी मिशन को PSLV-XL रॉकेट की मदद से आज 11 बजकर 50 मिनट पर श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा.
लॉन्चिंग के ठीक 127 दिन बाद आदित्य एल-1 ‘लैग्रेंज प्वाइंट’ यानी एल-1 तक पहुंचेगा. इस पॉइंट पर पहुंचने के बाद Aditya-L1 सूर्य पर होने वाली गतिविधियों का 24 घंटे अध्ययन करेगा और बेहद अहम डेटा भेजना शुरू कर देगा. भारत के इस पहले सौर मिशन से ISRO सूर्य का अध्ययन करेगा. एल-1 सैटेलाइट को पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर स्थापित किया जाएगा.
क्या है Aditya-L1 Mission ?
आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान (Aditya-L1 spacecraft) को सूर्य के परिमंडल के दूर से अवलोकन और एल1 (सूर्य-पृथ्वी के लैग्रेंजियन बिंदु) पर सौर हवा का वास्तविक अध्ययन करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसे पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के एल1 प्वाइंट की कक्षा में स्थापित किया जाएगा. इस प्वाइंट की खासियत यह है कि यहां सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बेअसर रहते हैं, जिसके चलते वस्तुएं इस जगह पर रह सकती हैं. इसे सूर्य और पृथ्वी के अंतरिक्ष में पार्किंग प्वाइंट भी कहा जाता है
चांद पर फतह के बाद सूर्य की उड़ान
Aditya-L1 Mission भारत का पहला मिशन है, जो सूर्य के अध्ययन के लिए अंतरिक्ष में भेजा जा रहा है. इस मिशन को ऐसे समय में लॉन्च जा रहा है, जब हाल में ISRO ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराकर इतिहास रचा दिया है. इसके साथ ही दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला भारत दुनिया का पहला और इकलौता देश बन गया है. इससे पहले अमेरिका, सोवियत यूनियन और चीन चांद पर सफल लैंडिंग कर चुके हैं. हालांकि, इनमें से कोई भी दक्षिणी ध्रुव पर नहीं उतरा है.
देखिये लाइव-
"सिंगापुर के नए राष्ट्रपति चुने गए, भारतीय मूल के थर्मन शनमुगरत्नम ने 70.4 फीसदी वोट से जीता चुनाव"
सिंगापुर में नौवें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ, जिसमें लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. भारतीय मूल के थर्मन शनमुगरत्नम ने 70.4 फीसदी वोट के साथ सिंगापुर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव विभाग ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की.
सिंगापुर में 27 लाख से ज्यादा लोग मतदान के पात्र थे और मतदान केंद्र रात्रि आठ बजे तक खुले. इसके बाद मतगणना शुरू हुई. 66 वर्षीय थर्मन शनमुगरत्नम के अलावा राष्ट्रपति पद की दौड़ में दो अन्य उम्मीदवार- सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी के पूर्व निवेश प्रमुख एनजी कोक सॉन्ग और सरकारी बीमा कंपनी के पूर्व प्रमुख टैन किन लियान भी शामिल थे.
सिंगापुर की निवर्तमान राष्ट्रपति हलीमा याकूब का कार्यकाल 13 सितंबर को समाप्त हो रहा है. वह देश की पहली महिला राष्ट्रपति रही हैं. थर्मन शनमुगरत्नम सिंगापुर के उपप्रधानमंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. उन्होंने शिक्षा और वित्त मंत्री के पद भी संभाले हैं.
"Aditya-L1 मिशन का काउंटडाउन शुरू: ISRO की चीफ वैज्ञानिकों की टीम के साथ श्री वेंकटेश्वर मंदिर पहुंचे"
भारत के पहले सोलर मिशन आदित्य एल1 का काउंटडाउन शुरू हो गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को ये जानकारी की दी है. Aditya-L1 Mission की लॉन्चिंग से पहले ISRO वैज्ञानिकों की एक टीम आदित्य-एल1 मिशन के मिनी मॉडल के साथ तिरुमाला श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंची.
भारत का पहला सौर मिशन (Aditya-L1 Mission) 2 सितंबर को सुबह 11.50 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा. ISRO के इस महत्वाकांक्षी मिशन को PSLV-XL रॉकेट की मदद से लॉन्च किया जाएगा. लॉन्चिंग के ठीक 127 दिन बाद यह अपने पॉइंट L1 तक पहुंचेगा. इस पॉइंट पर पहुंचने के बाद Aditya-L1 बेहद अहम डेटा भेजना शुरू कर देगा.
इसरो चीफ एस सोमनाथ ने लॉन्च की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए गुरुवार को चेन्नई में बताया था, ‘‘रॉकेट और सैटेलाइट तैयार हैं. हमने प्रक्षेपण के लिए अभ्यास पूरा कर लिया है.”
जानिए क्या है Aditya-L1 Mission ?
आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान (Aditya-L1 spacecraft) को सूर्य के परिमंडल के दूर से अवलोकन और एल1 (सूर्य-पृथ्वी के लैग्रेंजियन बिंदु) पर सौर हवा का वास्तविक अध्ययन करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसे पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के एल1 प्वाइंट की कक्षा में स्थापित किया जाएगा. इस प्वाइंट की खासियत यह है कि यहां सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बेअसर रहते हैं, जिसके चलते वस्तुएं इस जगह पर रह सकती हैं. इसे सूर्य और पृथ्वी के अंतरिक्ष में पार्किंग प्वाइंट भी कहा जाता है.
भारत चांद के बाद अब सूरज की भरेगा उड़ान
Aditya-L1 Mission भारत का पहला मिशन है, जो सूर्य के अध्ययन के लिए अंतरिक्ष में भेजा जा रहा है. इस मिशन को ऐसे समय में लॉन्च जा रहा है, जब हाल में ISRO ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराकर इतिहास रचा दिया है. इसके साथ ही दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला भारत दुनिया का पहला और इकलौता देश बन गया है. इससे पहले अमेरिका, सोवियत यूनियन और चीन चांद पर सफल लैंडिंग कर चुके हैं. हालांकि, इनमें से कोई भी दक्षिणी ध्रुव पर नहीं उतरा है.
"मोदी सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में कीमत कम करके दी बड़ी राहत"
मोदी सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडरों के दामों में कमी करने के बाद अब कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग करने वाले कमर्शियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. मोदी सरकार ने 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर के रेट आज से कम कर दिए हैं. दिल्ली में 157 रुपये कम होकर अब कॉमर्शियल सिलेंडर 1522.50 रुपये हो गया है.
दिल्ली में19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर 1680 के बजाय 1522.50 रुपये और कोलकाता में 1802.50 की जगह अब 1636 रुपये में मिलेगा. इसी तरह पहले मुंबई में इसकी कीमत 1482 रुपये हो गई है. पिछले महीने यानी अगस्त में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 100 रुपये की कटौती की कई थी. इसके बाद दिल्ली में 19 किलो वाले इस सिलेंडर की कीमत घटकर 1,680 रुपये हो गई थी. अब यह कीमत घटकर 1522.50 रुपये हो गई है. यानी आज से 1522.50 रुपये में कमर्शियल गैस सिलेंडर मिलेगा.
महानगरों में घरेलू सिलेंडर की कीमत
30 अगस्त 2023 को घरेलू सिलेंडर की कीमत में 200 रुपये की कटौती की गई है. इस कटौती के बाद देश के हर राज्य में इनकी कीमतों में बदलाव किया गया है. उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को 400 रुपये का लाभ मिल रहा है. उज्ज्वला योजना में लोगों को 200 रुपये का सब्सिडी मिल रहा है.
- दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 903 रुपये में मिल रहा है.
- कोलकता में एलपीजी सिलेंडर 929 रुपये में मिल रहा है.
- मुंबई में 902.50 रुपये का एलपीजी सिलेंडर है.
- चेन्नई में एलपीजी सिलेंडर 918.50 रुपये में मिल रहा है.
"रेलवे बोर्ड की पहली महिला CEO और अध्यक्ष बनेंगी जया वर्मा सिन्हा: जानिये कौन है जया वर्मा"
नई दिल्ली: रेलवे बोर्ड की नई अध्यक्ष और सीईओं के रूप मे जया वर्मा सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गयी है। रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओं रहे अनिल कुमार लाहोटी की जगह जया वर्मा लेंगी और 1 सितंबरए 2023 को पदभार ग्रहण करेंगी। आपको बता दे कि जया वर्मा सिन्हा रेलवे बोर्ड की पहली महिला अध्यक्ष हैं, विजयलक्ष्मी विश्वनाथन रेलवे बोर्ड की पहली महिला सदस्य थीं।
गौतरलब हैं कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में जया वर्मा सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। जया वर्मा एक दिन बाद 1 सितंबर से रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष और सीईओं का पदभार संभालेंगी। 1988 बैच की भारतीय रेलवे यातायात सेवा की अधिकारी जया वर्मा वर्तमान में रेलवे बोर्ड के सदस्य संचालन और व्यवसाय विकास के रूप में काम कर रही हैं।
वह ऐसे समय में बोर्ड का प्रभार संभालेंगी जब भारतीय रेलवे को केंद्र सरकार से रिकॉर्ड बजटीय आवंटन मिला हुआ है। केंद्रीय बजट 2023-24 में भारतीय रेलवे को 2.74 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय आवंटित किया गया है। यह राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर को किया गया अब तक का सबसे अधिक आवंटन है। वित्त वर्ष 2022-23 में रेलवे के लिए 1.37 लाख करोड़ रुपये का सकल बजटीय आवंटन किया गया था।
एक देश, एक चुनाव: सरकार गठित करेगी कमेटी, पूर्व राष्ट्रपति कोविंद अध्यक्ष
नई दिल्ली : केंद्र सरकार के द्वारा 18 से 22 सितंबर तक संसद के विशेष सत्र के ऐलान के एक दिन बाद आज शुक्रवार 1 सितंबर को "एक राष्ट्र, एक चुनाव" (One Nation, One Election) की संभावनाओं पर विचार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने समिति के गठन की पुष्टि की है। बता दें कि संसद के विशेष सत्र के लिए एजेंडा अभी तक सामने नहीं आया है। रिपोर्ट के मुताबिक समिति का गठन न केवल इस संबंध में जल्द ही एक कानून लाने की स्थिति तलाशने के लिए किया गया है, बल्कि आम सहमति और कानून को सुचारू रूप से पारित करने के लिए अन्य राजनीतिक दलों तक पहुंचने के लिए भी किया गया है।
क्यों एक साथ चुनाव कराना चाहती है सरकार?
बता दें कि चुनाव कराने की वित्तीय लागत, बार-बार प्रशासनिक स्थिरता, सुरक्षा बलों की तैनाती में होने वाली परेशानी और राजनीतिक दलों की वित्तीय लागत को देखते हुए मौजूदा सरकार एक देश, एक चुनाव की योजना पर विचार कर रही है। इसके तहत सरकार लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराना चाहती है। साल 1951-52 में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हुए थे। इसके बाद 1957, 1962 और 1967 में भी लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हुए, लेकिन बाद में 1968, 1969 में कुछ विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने और 1970 में लोकसभा को समय से पहले भंग होने से यह साथ चुनाव कराने का चक्र बाधित हो गया। यही वजह है कि अब स्थिति ये हो गई है कि हर साल कहीं ना कहीं चुनाव हो रहे होते हैं। ऐसे में सरकार फिर से लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। अब इस दिशा में कमेटी का गठन एक बड़ा कदम है।
सरकार के लिए भी आसान नहीं है फैसला
सरकार ने एक देश, एक चुनाव की संभावनाओं पर विचार के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। हालांकि सरकार के लिए भी इस फैसले को लागू करना और इस संबंध में कानून बनाना आसान नहीं होगा। दरअसल एक साथ चुनाव कराने के लिए कई विधानसभाओं के कार्यकाल में मनमाने ढंग से कटौती करनी पड़ेगी। जिसका विरोध होना तय है।
क्षेत्रीय दलों को हो सकता है नुकसान
राजनीति के जानकारों का मानना है कि एक देश, एक चुनाव अगर देश में लागू हो जाता है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्रीय दलों को होगा। दरअसल लोकसभा चुनाव में आमतौर पर मतदाता राष्ट्रीय मुद्दों के आधार पर और राष्ट्रीय पार्टी को वोट देना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव होंगे तो हो सकता है कि क्षेत्रीय दलों को इसका नुकसान झेलना पड़े।
भारत की अध्यक्षता में G20: जानिए इसका महत्व और स्थापना का इतिहास
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (G20) अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है. यह सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक संरचना और अधिशासन निर्धारित करने तथा उसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक G20 की अध्यक्षता कर रहा है.
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (G20) में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं. G20 सदस्य देशों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी है.
G20 की स्थापना
G20 की स्थापना 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में की गई थी.
G20 शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष एक क्रमिक अध्यक्षता में आयोजित किया जाता है. शुरुआत में G20 व्यापक आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित था, परंतु बाद में इसके एजेंडे में विस्तार करते हुए इसमें अन्य बातों के साथ व्यापार, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और भ्रष्टाचार-विरोध शामिल किया गया.
G20 की कार्यशैली
- G20 अध्यक्षता के तहत एक वर्ष के लिए G20 एजेंडा का संचालन किया जाता है और शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाता है. G20 में दो समानांतर ट्रैक होते हैं: वित्त ट्रैक और शेरपा ट्रैक. वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक के गवर्नर वित्त ट्रैक का नेतृत्व करते हैं जबकि शेरपा ट्रैक का नेतृत्व शेरपा करते हैं.
- शेरपा पक्ष की ओर से G20 प्रक्रिया का समन्वय सदस्य देशों के शेरपाओं द्वारा किया जाता है, जो नेताओं के निजी प्रतिनिधि होते हैं. वित्त ट्रैक का नेतृत्व सदस्य देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर करते हैं. दो ट्रैक के भीतर, विषयगत रूप से उन्मुख कार्य समूह हैं जिनमें सदस्यों के संबंधित मंत्रालयों के साथ-साथ आमंत्रित/अतिथि देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं (वित्त ट्रैक मुख्य रूप से वित्त मंत्रालय के नेतृत्व में है). ये कार्य समूह प्रत्येक अध्यक्षता के पूरे कार्यकाल में नियमित बैठकें करते हैं. शेरपा वर्ष के दौरान हुई वार्ता का पर्यवेक्षण करते हैं, शिखर सम्मेलन के लिए एजेंडा आइटम पर चर्चा करते हैं और G20 के मूल कार्य का समन्वय करते हैं.
- इसके अलावा, ऐसे सम्पर्क समूह हैं जो G20 देशों के नागरिक समाजों, सांसदों, विचार मचों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों, व्यवसायों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाते हैं.
- इस समूह का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है. इसकी अध्यक्षता ट्रोइका द्वारा समर्थित है – पिछला, वर्तमान और आने वाला अध्यक्षता. भारत की अध्यक्षता के दौरान, ट्रोइका में क्रमशः इंडोनेशिया, भारत और ब्राजील शामिल होंगे.
महंगाई पर नजर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना,देखे
दिल्ली: देश में महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्रीय सरकार बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। बीते दिनों रसोई गैस की कीमतों में कटौती की है। भारत सरकार के इस कदम से मुद्रास्फीति कम हो सकती है। कुछ प्रमुख त्योहारों और प्रमुख चुनावों से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की ओर ध्यान केंद्रित हो सकता है।
अब महंगाई को और कम करने और पेट्रोल और डीजल के दाम को कटौती होने की संभावना है। इसके दो जगहों से संकेत मिल रहे है। पहला संकेत केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की ओर से एक इंटरव्यू ने दिया गया है। वहीं दूसरा संकेत ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों की कटौती संकेत मिले है। बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत नहीं दी गई। मई 2022 के बाद से देश में फ्यूल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हरदीप सिंह पुरी ने दिए संकेत
हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक इंटरव्यू संकेत दिया है आने वाले दिनों महंगाई से जूझ रही जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों को फ्यूल की कीमतें कम करने के प्रयास में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम करने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4 नवंबर, 2021 में टैक्स को कम करते हुए पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल की कीमत में कटौती की थी। इसके बाद 22 मई, 2022 को सरकार ने फिर टैक्स को कम किया और पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर की राहत दी।
एलपीजी के बाद, पेट्रोल- डीजल का नंबर
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में इस साल की आखिरी तिमाही में चुनाव होने वाले है। इसके बाद 2024 की शुरुआत में आम चुनाव होंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे टर्म को लेकर पूरी कोशिश में लगे हुए है। इसको लेकर अर्थशास्त्रियों ने कहा कि महंगाई को कंट्रोल करने और रूरल इनकम को सपोर्ट करने के लिए और अधिक राजकोषीय उपायों पर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है चुनाव नजदीक आने पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की जाएगी।
गैस सिलेंडर हुआ 200 रुपए सस्ता
आपको बता दें कि भारत सरकार ने मंगलवार को 14.2 किलोग्राम गैस वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपए की कमी की है। इससे लगभग 300 मिलियन उपभोक्ताओं को राहत मिली। खाद्य पदार्थों की कीमतें कम करने और घरेलू बजट को नियंत्रण में रखने के लिए भारत ने पहले ही चावल, गेहूं और प्याज जैसे मुख्य खाद्य पदार्थों के निर्यात को सख्त कर दिया है।
मोदी सरकार की विशेष सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' बिल पेशी की जा सकती है,देखे
केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है. सरकार से जुड़े कुछ सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि संसद के इस विशेष सत्र में मोदी सरकार ‘एक देश, एक चुनाव’ (one nation one election) वाला बिल ला सकती है. यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और महिला आरक्षण बिल भी पेश किया जा सकता है.
दरअसल काफी समय से वन नेशन-वन इलेक्शन’ को लेकर चर्चा चल रही है. लॉ कमीशन ने इस साल जनवरी में इसको लेकर राजनीतिक दलों से छह सवालों के जवाब मांगे थे. केंद्र सरकार इस बिल को लागू करना चाहती है, दूसरी ओर राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं. चुनाव से पहले शीतकालीन सत्र भी है तो उससे पहले यह फैसला क्यों लिया गया. विपक्ष की ओर से इस फैसले पर सवाल खड़े किए गए हैं.
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ऐसी कौन सी इमरजेंसी है, शीतकालीन सत्र तो होना है. विपक्ष के सवाल के बीच समय पूर्व चुनाव, संसद की नई बिल्डिंग में प्रवेश, चंद्रयान और जी 20, विधानसभा चुनाव से पहले कोई बड़ा फैसला, एक देश एक चुनाव का बिल, इसको लेकर अलग-अलग चर्चा शुरू हो गई है.
18 सितंबर से शुरू होगा संसद का विशेष सत्र: केंद्र सरकार ने घोषित किया
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र खत्म हुए बमुश्किल 20 दिन ही हुए हैं, कि केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा कर सनसनी पैदा कर दी है. 18 सितंबर से 22 सितंबर तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही चलेगी. इस बात की जानकारी संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को दी.
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट कर बताया कि संसद का विशेष सत्र (17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा का 261वां सत्र) आगामी 18 से 22 सितंबर के दौरान होगा, जिसमें 5 बैठकें होंगी. अमृत काल के समय में होने वाले इस सत्र में संसद में सार्थक चर्चा और बहस होने को लेकर आशान्वित हूं.
इसके पहले 20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मॉनसून सत्र 11 अगस्त तक चला था. इस दौरान विपक्ष ने मणिपुर हिंसा मामले और महिलाओं के सामने आए वीडियो को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के बयान की मांग की थी. इसके बाद विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था. अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में जवाब दिया था. बाद में विपक्ष का प्रस्ताव गिर गया.