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Financial Year End: आज ही निपटा लें ये 5 काम, वरना देना पड़ेगा भारी टैक्स

 Financial Year End: वित्तीय वर्ष 2025-26 (Financial Year 2025-26) आज यानी 31 मार्च 2026 को खत्म हो रहा है। ऐसे में आपकी फाइनेंशियल हेल्थ से जुड़ी कुछ बाते हैं, कुछ डेडलाइन हैं जिनके बारे में आपको जानना बहुत जरूरी है। थोड़ी सी चूक आपको भारी टैक्स, ब्याज या पेनल्टी के रूप में नुकसान उठाना पड़ सकता है। लिहाजा हम यहां इस वित्त वर्ष के अंतिम दिन 5 काम की जानकारी दें रहे हैं। इसे करके आप भारी टैक्स से बच सकते हैं। इसलिए समझदारी इसी में है कि आप उन कामों को आज के आज निपटा लें।


1. एडवांस टैक्स का हिसाब करें

अगर आपकी कुल टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा बनती है, तो आपको साल के दौरान एडवांस टैक्स भरना जरूरी होता है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है। अगर आपने समय पर एडवांस टैक्स जमा नहीं किया है, तो आपको ब्याज देना पड़ सकता है। साथ ही, 31 मार्च तक कुल टैक्स का बड़ा हिस्सा जमा न होने पर अतिरिक्त ब्याज भी लग सकता है। लिहाजा तुरंत अपना टैक्स कैलकुलेशन करें और जो भी बकाया हो, उसे जल्द से जल्द जमा कर दें।


2. टैक्स बचाने का आखिरी मौका
पुरानी टैक्स रिजीम में टैक्स बचाने के लिए निवेश करने का आज आखिरी दिन है। आप कुछ खास स्कीम्स में निवेश करके अपनी टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं। जैसे PPF, ELSS, लाइफ इंश्योरेंस, NSC और टैक्स सेविंग FD में निवेश करने पर आपको अच्छी-खासी छूट मिल सकती है। इसके अलावा NPS में अतिरिक्त निवेश करने पर भी आपको अलग से फायदा मिलता है। हेल्थ इंश्योरेंस लेने या उसका प्रीमियम भरने पर भी टैक्स में राहत मिलती है। इसलिए बिना देर किए इन विकल्पों का फायदा उठाएं।

3. PPF और सुकन्या खाते को एक्टिव रखें
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को चालू रखने के लिए हर साल ₹250 से ₹500 तक न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। अगर खाता बंद हो गया तो चालू कराने के लिए पेनाल्टी लगेगी और बैंक के चक्कर काटने होंगे। इसलिए सुनिश्चित करें कि आप साल खत्म होने से पहले इसमें जरूरी न्यूनतम राशि जरूर जमा कर दें।


4. MSME पेमेंट में न करें देरी
अगर आप बिजनेस करते हैं और छोटे या मझोले उद्योगों से सामान या सेवाएं लेते हैं, तो उनका भुगतान समय पर करना बहुत जरूरी है। तय समय सीमा के भीतर पेमेंट न करने पर आपको टैक्स में उस खर्च का फायदा नहीं मिलेगा, जिससे आपकी टैक्स देनदारी बढ़ सकती है। लिहाजा अपने सभी बकाया पेमेंट्स का मिलान करें और समय पर क्लियर करें।


5. कैपिटल गेन और लॉस का रखें ध्यान
आज अपने निवेश का पूरा हिसाब जरूर देखें. आपने शेयर या म्यूचुअल फंड से कितना मुनाफा कमाया या नुकसान उठाया, यह जानना जरूरी है। अगर कहीं नुकसान हुआ है, तो उसे मुनाफे के साथ एडजस्ट करके आप टैक्स बचा सकते हैं। इस प्रक्रिया को समझदारी से अपनाने पर आपकी कुल टैक्स देनदारी कम हो सकती है।

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