छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की होगी बैठक, मुख्यमंत्री का दो दिवसीय दिल्ली दौरा, सावन झूला उत्सव आज…
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक होगी. यह बैठक सुबह 11 बजे से नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय में होगी, जिसमें चालू खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता समेत कई विषयों पर चर्चा हो सकती है. साथ ही कई महत्वपूर्ण विभागीय प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई जाएगी.
शतरंज की बिसात पर बेटियों का परचम : CM साय ने FIDE महिला वर्ल्ड कप की विजेता दिव्या देशमुखी और उपविजेता कोनेरू हम्पी को दी शुभकामनाएं
रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने FIDE महिला शतरंज विश्व कप–2025 में भारत की बेटियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर हर्ष और गर्व व्यक्त करते हुए विजेता दिव्या देशमुख (Divya Deshmukh) और उपविजेता कोनेरू हम्पी (Koneru Humpy) को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान, धर्मांतरण पर लगाम लगाने नया कानून ला रही है सरकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश में रोज किसी न किसी जगह से धर्मांतरण की खबर आ रही जिसे लेकर हमारी सरकार धर्मांतरण पर नया कानून लाने जा रही है। सीएम साय शदाणी दरबार में आयोजित हिंदू राष्ट्रीय अधिवेशन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नए कानून का ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। इस ड्राफ्ट को विधानसभा के अगले सत्र में सदन के पटल पर रखा जाएगा। सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में कोई भी गाय सड़कों पर नहीं दिखनी चाहिए और इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि राज्य में सवा सौ पंजीकृत गौशालाएं हैं, जिन्हें पांच लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। नगरीय क्षेत्रों में भी गौशालाएं बनाई गई हैं और निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर मवेशी नजर नहीं आने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा- जब गाय दूध देना बंद कर देती है, तो उसे लोग सड़कों पर उनके हाल पर छोड़ देते हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है। हिंदू भाइयों को इस पर ध्यान देना होगा। उन्होंने भरोसा दिया कि आने वाले समय में सड़कों पर कोई मवेशी नहीं दिखेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है लेकिन दिलीप सिंह जूदेव और उनके पुत्र प्रबल प्रताप जूदेव ने ‘घर वापसी’ अभियान को मजबूती दी है। कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता गांव-गांव में हिंदू धर्म के प्रचार में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री साय आज भोरमदेव में करेंगे पुष्प वर्षा से कावड़ियों का स्वागत
हरेली तिहार पर आज मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक उल्लास के साथ होगा विशेष आयोजन….
रायपुर: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और कृषि परंपरा से जुड़ा प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार इस वर्ष 24 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक और उल्लासपूर्ण रूप से मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष आयोजन में लोकजीवन की विविध रंगतें, सांस्कृतिक विरासत और किसानों के प्रति सम्मान का भाव सजीव रूप में प्रकट होगा। हरेली त्यौहार के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री निवास परिसर को छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के रंगों से सजाया गया है। पारंपरिक तोरण, हरियाली से सजे द्वार और ग्रामीण शिल्प कला से समृद्ध इस वातावरण में हरेली की वास्तविक आत्मा को अनुभव किया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आज जमकर बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है. राजधानी रायपुर समेत कई स्थानों पर बुधवार देर रात से झमाझम बारिश हो रही है. इसी बीच मौसम विभाग ने मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. प्रदेश के 17जिले में ऑरेंज अलर्ट और 11 में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है.
CM साय लेंगे बैक टू बैक बैठकें, स्वच्छता दीदीयों का किया जाएगा सम्मान, वृहद पौधरोपण महाअभियान का होगा आगाज,
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मंत्रालय, महानदी भवन में विभिन्न विभागों की बैक टू बैक बैठकें करेंगे. सुबह 11.30 बजे से मंत्रालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा की जाएगी. दोपहर 1 बजे तक सीएम साय महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक करेंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक समाज कल्याण विभाग की बैठक करेंगे. समीक्षा बैठकों में विभागीय मंत्री, अधिकारी होंगे मौजूद. सीएम साय शाम 4 बजे नया रायपुर पुलिस मुख्यालय जाएंगे, जहां गृह विभाग कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे.
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा।
चैतन्य बघेल को कोर्ट में किया गया पेश, अब फिर 14 दिन की रिमांड पर भेजा गया जेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में चैतन्य बघेल को ईडी की पांच दिन की रिमांड खत्म हो रही है। रिमांड होने के बाद ईडी की टीम ने मंगलवार को रायपुर स्थित ईडी की विशेष अदालत में पेश किया। जहां चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड में भेजा गया है।
ईडी ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। इस दौरान चैतन्य से शराब घोटाले से जुड़े लेन-देन, संपर्कों और कथित भूमिका को लेकर पूछताछ की गई। विशेष अदालत में चैतन्य को पेश करते हुए ईडी ने आगे की पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड की मांग की थी, जिसपर कोर्ट ने रिमांड बढ़ा दिया है, अब चैतन्य 14 दिन न्यायिक रिमांड में जेल में रहेंगे। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को घोटाले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर और पूछताछ जरूरी है।
राइज एंड शाइन सीजन 2 में शामिल होंगे मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा, मंत्रालय में मुख्यमंत्री साय करेंगे बैठक, चैतन्य बघेल को ED करेगी कोर्ट में पेश, कांग्रेस का आज प्रदेश व्यापी आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम….
राइज एंड शाइन सीजन 2 का आयोजन आज पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में होगा. इस कार्यक्रम का आयोजन आज शाम 6 बजे से होगा, जिसमें मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा शामिल होंगे.
शराब घोटाला मामले में ED का बड़ा खुलासा.! पूर्व सीएम भूपेश के बेटे चैतन्य बघेल को मिले थे 16.70 करोड़ रुपये. अदालत में होगी पेशी..
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी मंगलवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश करेगी। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनकी रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग करेगा। अभी चैतन्य ईडी की 5 दिन की कस्टडी में हैं, जो 22 जुलाई तक है। चैतन्य की पेशी से पहले आज ईडी ED ने प्रेस रिलीज जारी किया है, जिसमें दावा किया गया है कि शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये नकद मिले थे, जिसे उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश किया। यह पैसा उनके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में नकद भुगतान और बैंक एंट्रीज के जरिए इस्तेमाल किया गया।
वहीं, प्रेस नोट में बताया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर जोनल कार्यालय ने भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को शराब घोटाला मामले (जो 2019 से 2022 के बीच हुआ) में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 18 जुलाई को गिरफ्तार किया है। उन्हें रायपुर की विशेष कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने 22 जुलाई तक ईडी की हिरासत प्रदान की है।
ज्ञात हो कि, छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। पुलिस जांच से पता चला है कि शराब घोटाले से प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अनुसूचित अपराधों से अर्जित 2500 करोड़ रुपये से अधिक की आपराधिक आय (पीओसी) लाभार्थियों की जेबों में भरी गई।
चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले
वहीं, ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया।
1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन
दरअसल इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है।
पहले से कई बड़े चेहरे गिरफ्त में
फिलहाल, ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ में सड़क विकास को नई दिशा: मजबूत नेटवर्क के लिए 18,215 करोड़ की 37 परियोजनाओं पर तेज़ी से काम जारी…
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित राज्य के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क बनाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन नए विधेयक पारित, प्रदेश के पेंशनभोगियों के लिए अलग से होगी फंड की व्यवस्था,
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज तीन नए विधेयक पारित कर दिए गए। तीनों विधेयक वित्त मंत्री ओपी चौधरी की ओर से पेश किए गए थे। पहला विधेयक प्रदेश के पेंशनर से जुड़ा है। सरकार ने प्रदेश के पेंशनभोगियों के लिए अलग से फंड की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्य के पेंशनभोगियों को बेहतर पेंशन और अन्य लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार, राज्य सरकार एक अलग पेंशन फंड स्थापित करेगी जो पेंशनभोगियों के लिए धन का प्रबंधन करेगा। इस फंड में सरकार द्वारा नियमित रूप से योगदान दिया जाएगा, और पेंशनभोगियों के पेंशन और अन्य लाभों का भुगतान इसी फंड से किया जाएगा। इस तरह का कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य भी बन गया है। छत्तीसगढ़ में हर साल करीब सवा 10 हजार करोड़ रुपये पेंशनर् के लिए खर्च होते हैं।
मानसून सत्र का अंतिम दिन सदन में गूंजा, हसदेव अरण्य जंगल कटाई का मुद्दा
रायपुर – छत्तीसगढ़ मानसून सत्र का अंतिम दिन सदन में हसदेव अरण्य का मुद्दा गरमाया रहा। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सदन में आज जंगलों की हो रही कटाई का मुद्दा उठाया नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उठाया इस मुद्दे में जमकर हंगामा हुआ। और इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए विपक्षी दलों ने स्थगन प्रस्ताव लाना चाहा और इस पर चर्चा कराने की मांग की हालांकि इस पर चर्चा करने के लिए स्पीकर डॉ. रमन सिंह के विपक्ष के स्थगन को अस्वीकार करने पर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई।
जनविश्वास विधेयक पारित: विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में जनविश्वास विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ। यह विधेयक राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस ऐतिहासिक विधेयक का उद्देश्य अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कई ऐसे कानूनों को संशोधित करना है, जो नागरिकों और कारोबारियों द्वारा की गई छोटी-मोटी त्रुटियों को भी आपराधिक कृत्य की श्रेणी मेें शामिल थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस विधेयक को विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए भारतीय न्याय संहिता की तर्ज पर, छत्तीसगढ़ अब मध्य प्रदेश के बाद दूसरा राज्य बन गया है, जिसने जनविश्वास विधेयक पारित किया है।
इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में रोजगार व्यवसाय को आसान बनाने के साथ-साथ गैर अपराधिक श्रेणी के मामलों में व्यापारियों एवं आम नागरिकों न्यायालयीन मुकदमे से संरक्षित करना और एक सुगम व्यावसायिक एवं जिम्मेदारी पूर्ण वातावरण तैयार करना है। यह विधेयक दंड देने के बजाय व्यवसाय को दिशा देने और ऐसी नीति बनाने में सहायक है, जो व्यावहारिक और संवेदनशील हों।
इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किए गए छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर जुर्माने (शास्ति) के दायरे में लाता है। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी और अदालतों पर बोझ कम होगा, साथ ही नागरिकों को छोटी गलतियों के लिए आपराधिक मामलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस विधेयक में छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम, और छत्तीसगढ़ सहकारिता सोसायटी अधिनियम से संबंधित 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में बदलाव किया गया है।
विधेयक का लक्ष्य उद्यमियों को नियामकीय सूचनाओं से संबंधित देरी के लिए आपराधिक मुकदमे के डर से मुक्ति दिलाना है। अब ऐसे मामलों में केवल प्रशासकीय जुर्माना लगेगा, जिससे व्यापार व्यवसाय में आसानी होगी। विधेयक में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 के प्रावधान में भी संशोधन किया गया है। सार्वजनिक स्थल पर शराब के उपभोग के मामले में पहली बार सिर्फ जुर्माना और इसकी पुनरावृत्ति के मामले में जुर्माना और कारावास का प्रावधान किया गया है।
इसी तरह नगरीय प्रशासन विभाग के अधिनियम के तहत मकान मालिक द्वारा किराया वृद्धि की सूचना नहीं दिए जाने के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के प्रावधान को संशोधित कर अब अधिकतम 1,000 रुपये की शास्ति का प्रावधान किया गया है। इसी तरह किसी सोसायटी द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन दाखिल करने के मामले में विलंब की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई के प्रावधान को संशोधित कर नाममात्र के आर्थिक दंड में बदल दिया गया है। विशेषकर महिला समूहों के मामलों में इसे और भी न्यूनतम रखा गया है। यदि कोई संस्था गलती से सहकारी शब्द का उपयोग कर लेती थी, तो उसे आपराधिक मुकदमे और दंड के प्रावधान के स्थान पर अब केवल प्रशासनिक आर्थिक दंड का प्रावधान है।
छात्रहित में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर चिकित्सा प्रवेश नियमों में व्यापक सुधार
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राज्य में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने और चिकित्सकों की नई पीढ़ी के लिए सुलभ रास्ता तैयार करने को लेकर सचेत है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए छात्र हित में नए नियम बनाए गए हैं,जो चिकित्सा स्नातक छात्रों के लिए ऐतिहासिक कदम है।
यह नियम प्रवेश वर्ष 2025 हेतु हैं। इसके अनुसार चिकित्सा स्नातक (एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस. एवं बी.पी.टी.) पाठ्यक्रमों में काउंसलिंग के लिए शासन द्वारा नवीन नियम संशोधन किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस वर्ष से काउंसलिंग प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अधिक सुविधा एवं पारदर्शिता मिलेगी।
प्राथमिकता में संशोधन
निजी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रबंधन कोटा एवं एनआरआई कोटा में आरक्षित वर्गों (SC, ST, OBC) की रिक्त सीटों के आवंटन में छत्तीसगढ़ मूल निवासी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बॉन्ड सेवा अवधि में छूट
पूर्व निर्धारित 2 वर्षों के स्थान पर अब न्यूनतम 1 वर्ष की बॉन्ड सेवा अवधि अनिवार्य की गई है।
काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्णत ऑनलाइन
समस्त काउंसलिंग प्रक्रिया अब पूर्ण रूप से ऑनलाइन होगी। सीट आवंटन एवं प्रवेश की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की जाएगी।
ओबीसी श्रेणी हेतु आय प्रमाण पत्र में सरलता
ओबीसी वर्ग के लिए आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए प्रमाण-पत्र संबंधित मापदंडों को सरल किया गया है।
ईडब्ल्यूएस श्रेणी की रिक्त सीटें अब सामान्य वर्ग को
यदि ईडब्ल्यूएस श्रेणी की सीटें रिक्त रहती हैं तो उन्हें अब अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा।
प्रत्येक चरण में पंजीयन की सुविधा
काउंसलिंग के प्रत्येक राउंड में पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन नए नियमों के अनुसार काउंसलिंग की प्रक्रिया दिनांक 30 जुलाई 2025 से प्रारंभ होगी। यह निर्णय राज्य के चिकित्सा विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्रदान करने तथा प्रक्रिया को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विधानसभा मानसून सत्र का अंतिम दिन : प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन है. प्रश्नकाल में मंत्री दयालदास बघेल, लक्ष्मी राजवाड़े जवाब देंगे, वहीं मंत्री ओपी चौधरी, केदार कश्यप, रामविचार नेताम पत्रों को पटल पर रखेंगे. सदन में आज 109 ध्यानाकर्षण लगाए जाएंगे.