छत्तीसगढ़
06 दिसम्बर से जिला स्तर युवा उत्सव का आयोजन, सभी विकासखण्ड पर होगा आयोजन
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस भी युवा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह 06 दिसम्बर से 10 दिसम्बर तक होगा जो सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा। विकासखण्ड स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन आरंग, अभनपुर, तिल्दा, धरसींवा में किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के 15 से 29 वर्ष के युवा शामिल हो सकते हैं।
युवा उत्सव में लोकनृत्य सामूहिक, लोकगीत सामूहिक, लोकर्नतय व्यक्तिगत, लोकगीत व्यक्तिगत, कहानी लेखन, चित्रकला, वक्तृत्व कला या तत्कालिक भाषण कविता, विज्ञान मेला, हस्तशिल्प, टेक्सटाईल, कृषि उत्पाद, तथा रोकबैंड भी इत्यादि विघा शामिल होगेंा। राक बैंड सिर्फ जिला और राज्य स्तर पर होगा। यह 06 दिसम्बर को अभनपुर विकासखंड में दावड़ा इंटरनेशनल स्कूल अभनुपर, धरसींवा में इन्द्रप्रस्थ स्टेडियम परसतराई आरंग में आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, तिल्दा मे मीडिल स्कूल ग्रांउड तुलसी नेवरा में होगा।
विकासखण्ड स्तरीय स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कलाकार जिला स्तरीय एवं जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कलाकार/ प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा उत्सव में भाग लेने के लिए पात्र होंगे। पंजीयन हेतु श्री दयानंद देवांगन- 9302160384, श्री विकास यादव - 9584618747, श्री छत्रधारी सोनकर- 9399277220, श्री जयप्रकाश टण्डन- 9575619122, 87770668542. मोबाइल नंबर पर सम्पर्क किया जा सकता है।
मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वायदों को एक साल के भीतर ही किया पूरा: श्री विष्णु देव साय, जनादेश दिवस: प्रदेश की महिलाओं को मिली महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त, रायगढ़ में बनेगा राज्य का सबसे बड़ा नालंदा परिसर: मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन, रायगढ़ जिले को 137.55 करोड़ के विकास कार्याें की दी सौगात
हमारी 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना की एक हजार रुपए की स्नेह राशि की दसवीं किश्त हमने आपके खाते में आज अंतरित कर दी है। हमारी माताओं-बहनों का आशीर्वाद ही मुझे काम करने की शक्ति प्रदान करता है। हमारी माताओं-बहनों की आंखों में दिख रही स्वाभिमान की चमक हमारा सबसे बड़ा संतोष है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले में लगभग 137 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय के आग्रह पर सरस्वती यादव ने बटन दबाकर प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त के रूप में 652 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम दानसरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की माताओं और बहनों ने सोचा कि अयोध्या धाम में भव्य श्रीरामलला का मंदिर बना है। हम भी गांव के हनुमान मंदिर के बगल में रामलला का मंदिर बनाएं। इन महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि से चंदा कर मंदिर निर्माण शुरू कर दिया। माताओं-बहनों के सपने देखने और इनके पूरे होने की कितनी ही कहानियां हैं। मैं अक्सर माताओं-बहनों से इस बारे में पूछता हूँ और हर बार उनकी बातें मेरे दिल को छू जाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल मैं रायपुर में पीएससी परीक्षा के टापर्स से मिला। उन युवाओं के आंखों में भरोसे की चमक थी। उन्होंने मुझे बताया कि पीएससी परीक्षा में गड़बड़ियां होने की वजह से उनका भरोसा टूट गया था लेकिन जब हमारी सरकार आई तब हमने पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता के लिए कार्य किया। प्रतियोगी परीक्षा में किये गये भ्रष्टाचार से एक प्रतिभाशाली युवा का भविष्य तो बर्बाद होता ही है सिविल सेवा के ढांचे को भी दीमक लग जाता है। भ्रष्टाचार की जांच के लिए हमने सीबीआई को जिम्मा दिया तो उनका भरोसा फिर लौटा। आज हमने 42 करोड़ 56 लाख रुपए की राशि से बनने वाले नालंदा परिसर का भी भूमिपूजन किया है, जिससे पीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षा दे रहे युवाओं को इससे काफी लाभ मिलेगा। हम प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में राजधानी रायपुर के नालंदा की तरह लाइब्रेरी आरंभ कर रहे हैं। यहां हजारों किताबों का संग्रह होगा। वाईफाई की सुविधा होगी। सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को यहां स्टडी मटेरियल मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। हमने भी वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने विजन डाक्यूमेंट बनाया है। विजन डाक्यूमेंट में प्रदेश के तेजी से औद्योगीकरण पर सबसे ज्यादा जोर है। उद्योग धंधों के तेजी से विकास के लिए हमने नई उद्योग नीति बनाई है। इसके चलते छत्तीसगढ़ में उद्यमियों को नये उद्यम आरंभ करने में बहुत सहूलियत होगी। औद्योगिक वातावरण को बेहतर करने के लिए कनेक्टिविटी सबसे पहली शर्त होती हैं। अगले दो साल में हमारे प्रदेश का रोड नेटवर्क किसी भी विकसित देश की बराबरी का होगा। सरगुजा और बस्तर को एयर कनेक्टिविटी मिल गई है। रेलवे में जिस तरह से अधोसंरचना का कार्य एक दशक में किया गया है उससे भविष्य में यात्रियों को तो सुविधा मिलेगी ही, मालभाड़े का आवागमन भी बेहद आसान हो जाएगा जो बिजनेस बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी धान खरीदी का समय है। हमारी सरकार ने किसानों की खुशहाली का भी पूरा ध्यान रखा है। हम लोग 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 एकड़ प्रति क्विंटल धान खरीद रहे हैं। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन रिकार्ड धान खरीदा था। इस बार 160 लाख मीट्रिक टन धान का लक्ष्य है। हमारी सरकार के एक साल पूरे होने जा रहे हैं। शपथ लेने के अगले दिन ही हमने 18 लाख आवासों को स्वीकृत किया था और तब से मोदी जी की गारंटी को पूरा करने का सिलसिला अनवरत चलता आया और अब हमने मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वायदों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है। आज हमने प्रधानमंत्री आवास योजना के ऐसे हितग्राहियों को सम्मानित किया है, जिन्होंने अपने आवास का काम पूरा कर लिया है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आज के दिन छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन की शुरुआत हुई। छत्तीसगढ़ में मोदी की सभी गारंटी पूरी हो रही है। गांव और शहरों में विकास कार्यों को तेजी से पूरा करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रायगढ़ जिले में नगरीय विकास के लिए 100 करोड़ रुपए को राशि जारी की गई है। रायगढ़ नगर निगम में ही 60 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में रायगढ़ जिले में किसानों को सिंचाई सुविधा दिलाने के लिए केलो डैम से नहरों का काम पूरा करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, इसके लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में रायगढ़ अंचल का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में हार्टिकल्चर कॉलेज खुलने जा रहा है। यहां नालंदा परिसर का निर्माण सीएसआर मद से निर्मित होगा, जिसका लाभ यहां के छात्रों को यहां मिलेगा।
*अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी लाईब्रेरी*
रायगढ़ के मरीन ड्राइव में सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर एक अत्याधुनिक लाइब्रेरी होगी। यह प्रदेश की सबसे बड़ी लाईब्रेरी होगी, यहां वो सारी सुविधाएं होगी जो अमूमन बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी में देखने को मिलती है।यहां अध्ययन-अध्यापन का एक ऐसा इको सिस्टम छात्रों को मिलेगा, जिससे वे खुद को प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार कर सकें। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ 5 स्कूली छात्रों ने बटन दबाकर रायगढ़ में बनने जा रहे नालंदा परिसर के वर्चुअल टूर वीडियो का लोकार्पण किया।
नालंदा परिसर में स्मार्ट लाइब्रेरी व स्टडी जोन होगा। हजारों किताबों के संग्रह के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ई-बुक एक्सेस करने की भी सुविधा होगी। स्मार्ट लर्निंग पर फोकस होगा। 24x7 वाईफाई और इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को यहां मिलेगी। सिविल सर्विसेज के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, क्लैट की तैयारी के साथ मैथ्स ओलिंपियाड के लिए भी किताबें यहां होगी। कैरियर गाइडेंस सेमिनार का आयोजन होगा। 5 वीं के बाद बच्चों को नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए तैयारी हेतु एक किड्स स्टडी जोन और किड्स लाइब्रेरी भी अलग से तैयार होगा जहां उनके सिलेबस के अनुसार किताबें और स्टडी मटेरियल उपलब्ध रहेगा। कॉन्फ्रेंस हाल के साथ कैफेटेरिया भी होगा।
एकलव्य विद्यालय के राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी गौरव की बात : राम विचार नेताम
रायपुर । आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में मंगलवर को उनके निवास कार्यलय में संचालक मण्डल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आदिम जाति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे।
मंत्री नेताम ने बैठक में कहा कि एकलव्य आर्दश आवासीय विद्यालय के 4थी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को मेजबानी मिलना गौरव की बात है। यह कार्य चुनौती पूर्ण और बेहद महत्वपूर्ण है। सबकी सहभागिता से मिलजुल कर इस चुनौती को पुरा करेंगे। उन्होंने कहा कि देश भर से आने वाले विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों, उनके कोच, टीचर और अभिभावक सहित अनेक डेलीगेट्स उपस्थित रहेंगे, जिनके आवास, आवागमन सहित अन्य व्यवस्था बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने इसके लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को गंभीरता के साथ अपने दायित्वों को पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भाव ‘अतिथि देव भवः‘ का रहा है। अतः राज्य का यह भाव बने रहना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों, डेलीगेट्स के लिए छत्तीसगढ़ी व्यजनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल के दौरान खेल प्रतियोगिता से अलग होने वाले खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक धरोहरों से अवगत कराने के भी निर्देश दिए।
आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने बैठक में बताया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के मेजबानी इस बार छत्तीसगढ़ को मिली है। यह खेल प्रतियोगिता 15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक राजधानी रायपुर के विभिन्न स्टेडियम में अलग-अलग खेल विधाओं के अनुरूप आयोजित किये जाएंगे। खेल प्रतियोगिता में 15 एकल एवं युगल तथा 7 सामूहिक खेल इस तरह कुल 22 खेलों का आयोजन किया जाएगा।
प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के ‘द टाइगर ब्वाय चेंदरू‘ पर शुभंकर तैयार करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बस्तर में आदिवासियों की वीर गाथा आज भी सुनाई जाती है। अबूझमाड़ की घनघोर जंगल क्षे़त्र कीे ऐसी ही एक कहानी चेंदरू मंडावी की है। जो बचपन का अधिकत्तर समय बाघ के साथ बिताता था। चेंदरू और बाघ की दोस्ती की कहानी दुनियां में मशहूर है। देश भर के लोग आज भी चेंदरू और बाघ की जुडे़ तथ्यों को जानने बस्तर आते है। चेंदरू मंडावी नारायणपुर जिले गढ़बंेगाल गांव का रहने वाला एक आदिवासी परिवार से था।
प्रमुख सचिव ने बैठक में बताया कि 15 से 19 दिसंबर तक प्रस्तावित एकलव्य आवासीय विद्यालय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देश के 25 राज्यों में संचालित एकलव्य विद्यालय के लगभग 6 हजार से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। इसके साथ 1500 से अधिक डेलीगेट्स आने वाले हैं जिसके आयोजन के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
मंत्री नेताम नेे बैठक में खिलाड़ियों एवं उनके साथ आनेवाले अधिकारियों के ठहरने, भोजन व आवागमन के साथ ही खेल स्थलों, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली-पानी, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने बताया कि भारत सरकार, जनजातिय कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय जनजातिय छात्र शिक्षा समिति, नई दिल्ली द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर सामान्य जाति के विद्यार्थियों के समकक्ष लाने एवं उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से प्रदेश में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। वर्तमान में प्रदेश में 10 कन्या तथा 06 बालक एवं 59 संयुक्त, इस प्रकार कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र दुग्गा, ट्राई के प्रभारी संचालक संजय गौड़ सहित पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
विकसित राष्ट्र बनाने में दिव्यांगजन निभा रहे अहम भूमिका : लक्ष्मी राजवाड़े
रायपुर । समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा विकसित राष्ट्र बनाने में दिव्यांगजन अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण पुनर्वास एवं उनके हित के संरक्षण के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। वे आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज में मैदान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस समारोह को सम्बोधित कर रही थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने की। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजन और संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आगे कहा कि राज्य में दिव्यांग जनों के कल्याणार्थ एवं पुनर्वास हेतु विभिन्न योजनाएं तथा कार्यक्रम संचालित हैं। जिसमें से सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन योजनाएं कृत्रिम अंग सहायक उपकरण प्रदाय, मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल वितरण, छात्रवृत्ति सहित अन्य योजना का लाभ सभी दिव्यांगजनों को मिल रहा है। प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण तथा हित में बेहतर कार्य कर रही है हम आगे भी आपके हितों के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग जनों को समाज के लोगों का भरपुर प्यार और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन आज देश और प्रदेश में विभिन्न कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, सचिव समाज कल्याण विभाग भुवनेश्वर यादव सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे।
समारोह में उत्कृष्ट कार्य के लिए 4 विभिन्न श्रेणियों में दिव्यांगजनों एवं संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए गए। जांजगीर-चांपा जिले के ही देव सेवा समिति संस्थान को तथा निःशक्तजन कल्याण संघ को दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में 130 दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक बैटरी चलित ट्राइसाइकिल तथा अन्य उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम में सर्वाेत्तम दिव्यांग कर्मचारी के श्रवण बाधित श्रेणी में कोरबा जिले के प्रकाश खाकसे को अस्थि बाधित श्रेणी में जांजगीर-चांपा जिले के संतोष बंजारे को पुरस्कृत किया गया। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 05 दंपत्तियों को एक-एक लाख तथा 05 दंपत्तियों को 50-50 हजार का चेक तथा 10वीं और 12वीं में उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि का चेक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी।
मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में प्रशासनिक-वित्तीय सुधारों का अनुमोदन
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विष्णु के सुशासन में राज्य सरकार जनहित में लगातार नीतिगत निर्णय ले रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दिशा में प्रयास करते हुए अपने सुझाव सामने रखे थे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के स्वशासी सोसायटियों की बैठक में चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों के वित्तीय विकेंद्रीकरण के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण एवं जनहित के निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों से महाविद्यालय स्तर पर स्वशासी सोसायटियों का सुदृढिकरण होगा, आवश्यक कार्यों के लिए शासन पर निर्भरता कम होगी, अतिआवश्यक कार्य समय सीमा पर संपन्न हो सकेंगे और तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर ही हो जाएगी।
चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध अस्पतालो के लिए अतिआवश्यक दवाइयां, चिकित्सकीय उपकरणों की खरीदी मरम्मत एवं रखरखाव, कन्ज्यूमेबल सामग्री इत्यादि की तात्कालिक उपचार के लिए आवश्यकता पड़ती रहती है। लेकिन मेडिकल कालेजों के अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षकों के पास इन्हें खरीदने अथवा मरम्मत के लिए बहुत ही सीमित शक्तियों का प्रावधान था। इसकी वजह से इन्हें शासन स्तर के निर्णय पर निर्भर रहना पड़ता था। ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व से चला आ रहा था । राज्य गठन के बाद पहली बार वित्तीय अधिकारों के नियम मे संशोधन किया जा रहा है।
पहले मेडिकल कालेजों के अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षकों को 1 लाख रूपए से उपर के लघु निर्माण, मरम्मत, दवा खरीदी इत्यादि कार्यों के लिए मंत्रालय स्तर पर फाइल भेजनी पड़ती थी। नए निर्णय से अब इनके पास 10 लाख रूपए तक का वित्तीय अधिकार होगा। इसके लिए शासन स्तर से किसी अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। औजारों एवं लघु उपकरणों की खरीदी अथवा मरम्मत के लिए 1 लाख रूपए तक का वित्तीय अधिकार था जिसे अब बढ़ाकर 10 लाख रूपए करने की सहमति स्वशासी समिति की बैठक में दी गयी है। इसी तरह से भण्डार तथा रिएजेंट की खरीदी के लिए 20 हजार रूपए तक की शक्तियां थी जिन्हें बढ़ाकर अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षक को पूर्ण शक्तियां प्रदान करने की अनुशंसा की गयी है। इस वित्तीय विकेंद्रीकरण से स्वाशासी समिति कार्यसंपन्न बनेगी और बहुमूल्य समय की बचत होगी। इससे मरीजो को दवाइओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का त्वरित लाभ मिलेगा।
स्वशासी सोसायटियों का पुनर्गठन
राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों की स्वशासी सोसायटियों का गठन महाविद्यालय की स्थापना के साथ अलग अलग समय पर हुआ है। इन सोसायटियों के लिए कोई एक निर्धारित गाइड लाइन या नियमावली का निर्धारण नहीं किया गया है और इनमें एकरूपता नहीं है। इन सोसायटियों को होने वाली आय व्यय के अनुमोदन के लिए भी कोई मानकीकरण प्रक्रिया नहीं है। इनमें एकरूपता लाने के लिए माडल स्वशासी सोसायटियों का ड्राफ्ट प्रशासकीय विभाग द्वारा अनुमोदित कर जारी किया गया है। पूर्व में सिर्फ सामान्य सभा को ही अधिकार प्राप्त थे, लेकिन नए ड्राफ्ट के अनुसार सामान्य सभा के अधिकारों का विस्तार करते हुए प्रबंधकारिणी समिति और वित्त समिति के अधिकारों में बदलाव किए गए हैं।
इन बदलावों के अनुसार सामान्य सभा को पूर्ण अधिकार के साथ ही अब प्रबंधकारिणी समिति को प्रति कार्य 2 करोड़ रूपए तक अनुमोदन का अधिकार होगा, पहले ये अधिकार नहीं था। वित्त समिति को प्रति कार्य 10 लाख रूपए तक के अनुमोदन का अधिकार दिया गया है, पहले कोई अधिकार नहीं था। केंद्र अथवा राज्य शासन के विभिन्न योजनाओं से स्वशासी समिति को प्राप्त राशि, आवंटन अथवा अनुदान में से सामान्य सभा को खर्च व अनुमोदन का पूर्ण अधिकार होगा वहीं इसी राशि में से प्रबंधकारिणी समिति को 5 करोड़ रूपए तक की राशि के अनुमोदन का अधिकार होगा।
अभी तक राज्य शासन से आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत प्राप्त क्लेम का 25 फीसदी ही संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय की स्वशासी सोसायटी को प्राप्त होता था। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की उपस्थिति में इसे बढ़ाकर 45 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की अध्यक्षता में ये निर्णय लिया गया है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सम्बद्ध चिकित्सालयों को राज्य बजट से दवाइयां मद तथा भण्डार एवं रिएजेंट मद में प्राप्त बजट का 10 फीसदी राशि का आवंटन होता था। इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया है। इन फैसलों से मेडिकल कालेजो को वित्तीय रुप से सशक्त बनाने के लिए वित्तीय विकेंद्रीकरण कर मेडिकल कालेजों की स्वशासी सोसायटियों को पुनर्गठित किया गया है।
नवा रायपुर के महानदी भवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्वशासी सोसायटियों को संबोधत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि विष्णु के सुशासन में मेडिकला कालेजों में वित्तीय अनुशासन एवं सुधारों के जरिए बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। ये निर्णय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है। इन निर्णयों से हम मेडिकल कालेजों को अधिकार संपन्न बना रहे हैं ताकि छोटी जरूरतों के लिए उन्हें निर्भर न रहना पड़े और जनहित में वो आवश्यक निर्णय तत्काल लेकर मरीजों की बेहतरी के लिए काम कर सकें।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त श्रीमती किरण कौशल उपस्थित थीं । वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी स्वशासी सोसाइटी के जनप्रतिनिधि सदस्य, संभाग आयुक्त, संबंधित जिलों के कलेक्टर, मेडिकल कॉलेजों के डीन और अस्पताल अधीक्षक भी बैठक में शामिल हुए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने की निगम-पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा
रायपुर । राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग अटल नगर नवा रायपुर कार्यालय के सभा कक्ष में नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी आम/उप निर्वाचन अंतर्गत निर्वाचन कार्यों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर संभाग के संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, संभाग के सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से चुनाव के सुचारू रूप से संचालन हेतु चुनाव की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केन्द्रों की स्थिति और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक के माध्यम से चुनाव के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
अजय सिंह ने सभी अधिकारियों से शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने सभी तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदाता सूची प्रकाशन के पूर्व सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न कराने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन नामावली को सभी जिला निर्वाचन अधिकारी व्यक्तिगत रूप से स्वयं देखे, उसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होना चाहिये।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान होने वाली चुनौतियों और संभावित समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने, मतदाता जागरूकता बढ़ाने, और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की समय-समय पर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किये गए दिशानिर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने जिलों के निर्वाचन की तैयारी की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि आप सभी अपनी तैयारीयों की समीक्षा करते रहें। गत 26 नवम्बर को बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग तथा 29 नवम्बर को दुर्ग संभाग के अधिकारियों की चुनाव तैयारी के संबंध में समीक्षा की जा चुकी है कल 4 दिसंबर को बस्तर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सुरक्षा उपायों और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, कर्मचारियों की तैनाती, और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय और सहयोग बना रहे ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को समय पर सही जानकारी प्रदान करें। इस अवसर पर रायपुर संभाग के संभागायुक्त महादेव कावरे, पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी ओ पी पाल, रायपुर संभाग के आई जी अमरेश मिश्रा, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्रवर नरेन्द्र भूरे, रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
असामाजिक तत्वों से बारोंडा गांव की महिलाएं परेशान
रायपुर । सफायर ग्रीन्स सोसाइटी के समीप स्थित बारोंडा गांव की लगभग 100 महिला श्रमिकों ने 3 दिसंबर को अपनी सुरक्षा को लेकर विधान सभा थाने में शिकायत दर्ज कराई। ये महिलाएं सफायर ग्रीन्स फेज 1, फेज 2 और विला में घरेलू कामकाज के लिए प्रतिदिन जाती हैं।
असामाजिक तत्वों से परेशान महिलाएं
महिला श्रमिकों का आरोप है कि सफायर ग्रीन्स और बारोंडा गांव के बीच रास्ते में कुछ असामाजिक तत्व शराब के नशे में उनसे दुर्व्यवहार करते हैं। वे अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और कई बार महिलाओं के साथ हाथापाई करने की कोशिश करते हैं।
पुलिस कार्रवाई का भरोसा
महिलाओं ने बताया कि इस मामले में कई बार पुलिस को सूचित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आज सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया है। थाने में शिकायत के साथ सभी महिलाओं के हस्ताक्षर और बयान दर्ज किए गए हैं।
स्थानीय निवासियों और प्रशासन से मदद की अपील
इस गंभीर स्थिति पर सफायर ग्रीन्स सोसाइटी के निवासियों ने भी चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इन महिला श्रमिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
पुलिस ने कहा है कि जल्दी ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि महिलाएं सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।
विष्णु सरकार के 12 महीने, और 12 अहम फैसले...
रायपुर । छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार का एक साल पूरा हो चुका है। सरकार के पहले वर्ष में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका उद्देश्य राज्य के विकास और जनता के कल्याण को प्राथमिकता देना है। आइए जानते हैं सरकार के प्रमुख निर्णय और उनके प्रभाव:
1. शराब में बिचौलिया सिस्टम खतम
एफएल-10 समाप्त कर शराब खरीदी में बिचौलियों को बाहर किया। इससे पहले बड़ी कंपनियों की बजाए कंपनी बनाकर बिचौलियों के जरिये शराब खरीदी जाती थी। इसमें मल्टीनेशनल कंपनियों को इसलिए मौका नहीं दिया जाता था कि वे कमीशन नहीं देती। इससे राज्य के खजाने को कम-से-कम हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू बढ़ेगा। साथ ही शराब में माफियाओं की इंट्री बंद हो जाएगी।
2. वन अधिकार पट्टा
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना, जहां आदिवासियों को वन अधिकार पट्टा देने के साथ ही उनका नामंतरण, बटांकन की व्यवस्था की गई है। यह योजना देश के लिए रोल मॉडल बनेगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसके ड्राफ्ट को बुलवाया है, ताकि अन्य राज्यों में इसे लागू किया जा सके।
3. विजन डॉक्यूमेंट
गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया, जहां विजन डॉक्यूमेंट बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से अपना-अपना विजन डॉक्यूमेंट बनाने की इच्छा व्यक्त की थी। इसमें छत्तीसगढ़ सबसे आगे निकल गया। मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार जैसे बडे़ राज्य अभी इसकी तैयारी चल रही है।
4. धान मीलिंग में बोल्ड फैसला
धान मीलिंग में गड़बड़ी की वजह से मार्कफेड के पूर्व एमडी से लेकर कई अधिकारी, दलाल और राईस मिलर जेल में है। ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इसको देखते सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मीलिंग चार्ज को 120 रुपए से घटाकर 60 रुपए कर दिया है। बता दें, ईडी ने कोर्ट को बताया था कि मीलिंग चार्ज का आधा हिस्सा सरकार में बैठे बड़े लोगों की जेब में घूमफिर कर चला जाता है। सरकार ने धान के माफियाओं को कंट्रोल करने के लिए प्रदेश की तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी ऋचा शर्मा को एसीएस फूड बनाया। उनके साथ एक एक्सट्रा आईएएस तैनात करते हुए अंबलगन पी को सचिव बनाया है।
5. एनजीडीआरएस
रजिस्ट्री सिस्टम में व्यापक सुधार। एनजीडीआरएस हुआ लागू। सुगम ऐप से संपत्ति के रजिस्ट्री में बढ़ी पारदर्शिता। सुगम ऐप से मोबाइल से अपने आप जमीन का अक्षांश और देशांश निकल जा रहा। इससे पंजीयन दलालों का रैकेट परेशान है। संपत्ति की चौहदी और उसके स्ट्रक्चर को लेकर दलालों द्वारा तगड़ी वसूली की जाती था। सरकार फेसलेस और घर बैठे रजिस्ट्री सुविधा प्रारंभ करने पर भी काम कर रही है।
6. सुशासन विभाग
विष्णुदेव साय सरकार ने नया सुशासन विभाग का गठन किया। इससे सारे विभागों की मानिटरिंग करने के लिए एक नया विभाग अस्तित्व में आ गया है। इसका मकसद यह है कि किस तरह से काम किया जाए, जिससे अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
7. ई-ऑफिस
विष्णुदेव सरकार ने मंत्रालय में ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर दिया है। धीरे-धीरे अब फाइलें कंप्यूटराइज्ड हो जाएंगी। कंप्यूटर से ही फाइले मूव होंगी। सीएम सचिवालय इसकी मानिटरिंग करेगा। ई-आफिस पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद अब फाइलें कहीं पेंडिंग नहीं रह पाएगी। सीएम सचिवालय के बोर्ड में शो होते रहेगा कि कौन सी फाइल कहां पर रुकी हुई है।
8. प्रतियोगी परीक्षाओं की भर्ती
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शित के लिए विष्णुदेव सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार बनते ही सबसे पहले पीएससी स्कैम को सीबीआई से जांच कराने की घोषणा की गई। इसमें पीएससी के पूर्व चेयरमैन समेत कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके साथ ही पारदर्शिता के लिए सरकार ने पुलिस भर्ती का काम भी पीएससी को दे दिया है।
9. एसीबी को फ्री हैंड
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विष्णुदेव सरकार ने एसीबी को मजबूत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से बात कर दिल्ली से तेज-तर्रार आईपीएस अमरेश मिश्रा को डेपुटेशन से वापस बुलाया। अमरेश को ईओडब्लू और एसीबी चीफ बनाया गया। इसका असर दिखा भी। अमरेश ने अप्रैल में ज्वाईन किया। इसके बाद नौ महीने में 40 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत लेते हुए ट्रेप होकर सलाखों के पीछे जा चुके हैं। इनमें दो एसडीएम, दो ज्वाइंट डायरेक्टर, टीआई, एसआई से लेकर कई अधिकारी, कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावे दो दर्जन से अधिक आय से अधिक संपत्ति मामले में एसीबी ने छापेमारी भी की है।
10. बेसिक शिक्षा में ऐतिहासिक फैसले
छत्तीसगढ़ में प्रायमरी एजुकेशन अभी तक उपेक्षित था। मगर विष्णुदेव सरकार ने सुधार के कदम उठाते हुए कई बड़े फैसले किए हैं। इनमें पांचवीं और आठवीं की परीक्षा भी शामिल है। शिक्षकों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। राइट टू एजुकेशन का लाभ दिलाने के लिए प्रायवेट स्कूलों की मानिटरिंग करने के लिए बकायदा एक समिति बना दी गई है। कलेक्टरों को स्कूलों का मुआयना करने कहा जा रहा है। पहली बार सरकारी स्कूलों में प्रायवेट की तरह टीचर-पैरेंट्स मीट आयोजित किए जा रहे हैं।
11. उद्योग नीति में बड़ा बदलाव
वैसे तो हर पांच साल में एक बार उद्योग नीति बनती है। मगर इस बार की उद्योग नीति कई मायनों में अलग है। इसमें सेक्टर तय कर दिया गया है कि किस जगह पर किस उद्योग को क्या सहूलियतें दी जाएगी। राज्य बनने के बाद पहली बार पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन में तेजी से ग्रोथ होगा। प्रायवेट होटल और मोटल बनने में तेजी आएगी।
12. नियद-नेल्लार
टादिवासी इलाकों के गांवों के विकास के लिए सरकार ने नियद नेल्लार योजना शुरू की है। हल्बी में नियद नेल्लार को अच्छा गांव कहा जाता है। नक्सल प्रभावित इलाकों के गांवों के लिए सर्वांगीण विकास के लिए सरकार यह योजना लाई है। सरकारी मशीनरी टॉप प्रायरिटी से इस पर काम कर रही है।
BEO ऑफिस में हेडमास्टर ने की मारपीट, गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत
रायपुर। राजधानी के अभनपुर बीईओ कार्यालय में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। परसदा स्कूल के प्रधान पाठक राजन बघेल पर आरोप है कि उन्होंने बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) धनेश्वरी साहू के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उनका गला दबाने की कोशिश भी की। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना का विवरण
घटना 2 दिसंबर की दोपहर को हुई जब प्रधान पाठक राजन बघेल सीआर श्रेणी की मार्किंग में सुधार के लिए बीईओ कार्यालय पहुंचे। बीईओ द्वारा उनके दबाव को अस्वीकार करने पर मामला बढ़ गया। रिपोर्ट के अनुसार, बघेल ने पहले फाइल से बीईओ के सिर पर हमला किया और फिर गला दबाने की कोशिश की। कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर प्रधान पाठक को रोका।
पुलिस कार्रवाई
बीईओ ने घटना के बाद तुरंत अभनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई और घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपा। पुलिस ने प्रधान पाठक राजन बघेल को धारा 115(2), 296, और 351(2) के तहत गिरफ्तार किया। हालांकि, जमानतीय अपराध होने के कारण आरोपी को थाने से ही जमानत मिल गई।
बीईओ ने की सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता बीईओ ने इस घटना की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से भी की है और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपनी सुरक्षा और कार्यालय में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।
सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अभनपुर बीईओ कार्यालय के कर्मचारियों ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है और प्रशासन से उचित कदम उठाने की अपील की है।
यह मामला सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और सम्मान बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर करता है। प्रशासन से जल्द ही इस पर कठोर कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है।
निकाय प्रमुखों के प्रत्यक्ष चुनाव का फैसला लोकतंत्र की जीत : श्रीवास्तव
रायपुर । भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने नगरीय निकायों में महापौर व अध्यक्ष पद हेतु सीधे चुनाव के फैसले का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देकर कदम-कदम पर सियासी नौटंकियाँ करने वाली कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र पर यह करारा प्रहार है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि अपना प्रतिनिधि चुनने के जनता के लोकतांत्रिक अधिकार छीनने के नितांत अलोकतांत्रिक कृत्यों से कांग्रेस का इतिहास भरा पड़ा है। भ्रष्टाचार और एक खानदान की चापलूसी ही जिस कांग्रेस का संस्कार रह गया है, उसी के अनुरूप प्रदेश की पिछली भूपेश सरकार ने महापौर व अध्यक्ष पद के प्रत्यक्ष चुनाव को खत्म किया था, लेकिन भाजपा की प्रदेश सरकार ने अपने नेक इरादे और वादे के अनुरूप जनता को उसका लोकतांत्रिक अधिकार लौटाकर लोकतंत्र की जड़ों को पुष्ट किया है। श्रीवास्तव ने इस ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा प्रदेश सरकार की कैबिनेट का आभार मानते हुए कहा कि इससे सत्ता की बुनियादी इकाइयों तक लोकतंत्र पहुँचकर विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करेगा।
महापौर, नपा अध्यक्ष सीधे जनता से चुने जाने का किरण देव ने किया स्वागत
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने छत्तीसगढ़ में अब महापौर और नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष सीधे चुने जाने के प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत करके मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और प्रदेश सरकार की कैबिनेट को धन्यवाद दिया है। श्री देव ने कहा कि प्रत्यक्ष चुनाव की. यह प्रणाली पहले भी थी लेकिन कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार ने बदनीयती से इसको बदला था और उस बदनीयती का भुगतान सभी जगह जनता कर रही है। रायपुर ने भी इसका बहुत भुगतान किया। यहाँ के महापौर अपने पूरे कार्यकाल में निष्क्रिय रहे। वे थोपे गए महापौर थे। उन्हें जनता ने नहीं, भूपेश बघेल ने चुना था। अब जब जनता सीधे महापौर चुनेगी तो विकास को गति मिलेगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रदेश की जनता ने रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को विजयी बनाकर यह साफ संदेश दिया है कि कांग्रेस अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में पूरी तरह अविश्वसनीय व अप्रासंगिक हो चली है। केवल और केवल भ्रष्टाचार करने और छत्तीसगढ़ को 10 जनपथ का एटीएम बनाने की बदनीयती से प्रेरित होकर कांग्रेस की भूपेश सरकार ने अपना प्रतिनिधि चुनने के जनता के लोकतांत्रिक अधिकार पर जो डाका डाला था, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने उस कलंक को मिटाने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
सीएम साय रायगढ़ को देंगे करोड़ों की सौगात, आयुष्मान कार्ड बनाने आज से अभियान, रायगढ़ में सेना भर्ती रैली, आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता पदों पर भर्ती के लिए मंगाए आवेदन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जहां 43 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नालंदा परिसर की आधारशिला रखने के बाद विभिन्न कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे. कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिलेवासियों को 135 करोड़ 09 लाख के विकास कार्यों की सौगात देंगे. इसमें 97 करोड़ 51 लाख के 69 कार्यों का लोकार्पण और 37 करोड़ 58 लाख के 13 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है.
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा गौशालाओं को प्रति मवेशी दी जाने वाली अनुदान की राशि 25 रुपए से बढ़ा कर 35 रुपए करने की घोषणा, गौ-माता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, गौ-धाम के नाम से जाने जाएंगे प्रदेश में बनने वाले गौ -अभ्यारण्य, बेमेतरा के झालम में 50 एकड़ में और कवर्धा में 120 एकड़ में बन रहा है गौ -धाम
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गौशालाओं को प्रति मवेशी दी जाने वाली अनुदान की राशि 25 रुपए से बढ़ा कर 35 रुपए करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ में जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 दिसम्बर को रायगढ़ से महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त जारी करेंगे, 70 लाख माताओं-बहनों के मोबाइल में आएगा खुशियों का नोटिफिकेशन, रायगढ़ में 42 करोड़ की लागत से बनेगा नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री श्री साय करेंगे भूमिपूजन, रायगढ़ जिले को देंगे 135 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 दिसम्बर को महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे। इस योजना की हितग्राही लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में एक-एक हजार रूपए राशि का अंतरण होते ही उनके मोबाइल में एक बार फिर से खुशियों का नोटिफिकेशन पहुंचेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 दिसम्बर को रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त के रूप में 652 करोड़ 4 लाख रूपए की राशि जारी करेंगे। मार्च 2024 से राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत कुल 6530 करोड़ 70 लाख रूपए की राशि आर्थिक मदद के रूप में दी जा चुकी है।
यूथ कांग्रेस ने खोला मोर्चा; इन मुद्दों को लेकर 3 से 9 दिसंबर तक तहसील ऑफिस का करेगी घेराव
रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक में अहम निर्णय लिए गए इस बैठक में प्रदेश प्रभारी शेषनारायण ओझा एवं प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के उपस्थिति में प्रदेश युवा कांग्रेस आने वाले 3 दिसंबर से 9 दिसंबर तक तहसील ऑफिस घेराव एवं 11 दिसंबर से 17 दिसंबर तक जिला कलेक्टर का घेराव करने जा रही है
प्रदेश युवा कांग्रेस इन तीन अहम मुद्दों पर तहसील एवं कलेक्टर ऑफिस घेराव
1. धान का समर्थन मूल्य की वादा खिलाफी,धान खरीदी केंद्र में बारदाना की अव्यवस्था
2. बेलगाम नशा व लगातार बढ़ते अपराध पर को लेकर
3. छत्तीसगढ़ में बड़े छोटे उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार को लेकर प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने बैठक के बाद वीडियो के माध्यम से अपना संदेश दिया की पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी आज वह भूल चुकी है₹3100 में धान खरीदी का वादा भाजपा द्वारा किया गया था आज किसानों को एक साथ पूरी राशि नहीं मिल रही है लगातार बारदाना की कमी एवं धान खरीदी में अर्थव्यवस्था साथी लगातार प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है आज छत्तीसगढ़ में मर्डर,बलात्कार एवं चोरी जैसे मामले एक आम बात हो गई है एवं छत्तीसगढ़ के स्थानीय लोगों को बड़े एवं छोटे उद्योगों में रोजगार नहीं दिया जा रहा है इन सभी मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस आने वाले 3 दिसंबर से लेकर 17 दिसंबर तक पहले छत्तीसगढ़ के प्रत्येक तहसील का घेराव करेगी उसके बाद जिला कलेक्टर का घेराव प्रत्येक जिले में किया जाएगा यह घेराव आने वाले समय में 17 दिसंबर के बाद एक प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन भी छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस करने वाली है।
अधिकारी- कर्मचारी एकता संघ ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर महापौर, सभापति, नेताप्रतिपक्ष, आयुक्त को ज्ञापन सौंपा
रायपुर । नगर पालिक निगम रायपुर अधिकारी कर्मचारी एकता संघ ने अपनी 7 सूत्रीय मांगो को लेकर महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष मीनल चैबे, आयुक्त अबिनाष मिश्रा को ज्ञापन सौपा। जिसमें सभी ने संघ की मांगो को लेकर विचार करने आष्वस्त किया। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष प्रमोद जाधव, उपाध्यक्ष स्वाती साहू, मोहित कुमार, श्याम सोनी, महामंत्री आषुतोष सिंह, राधेष्याम एक्का सहित अन्य पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित थे।
नगर पालिक निगम, रायपुर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रमुख मांगे निम्न है 2004 के बाद नियुक्त समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को पुरानी पेंशन लागू किया जाये। बीमार अधिकारी एवं कर्मचारियों के त्वरित इलाज हेतु कैशलेस कार्ड की सुविधा प्रदान करते हुए 15 लाख के स्थान पर 25 लाख की सुविधा प्रदान की जायें। पात्र अधिकारी एवं कर्मचारियों को समय-पर पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ दिया जावे साथ ही समय पर अपने उच्चतर शिक्षा ग्रहण एवं अन्य परीक्षा इत्यादि में शामिल होने वाले कर्मचारियों के आवेदन पर शीघ्र विचार कर नियमानुसार अनुमति व अनापत्ति प्रदान किया जावें। मृत अधिकारी एवं कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को शीघ्र ही अनुकम्पा नियुक्ति दिया जावे। नगर निगम रायपुर में ठेका पद्धत्ति समाप्त किया जाकर प्लेसमेंट कर्मचारियों को सीधे निकाय के माध्यम से वेतन भुगतान किया जावें। ठेका में कार्यरत कर्मचारियों को श्रम सम्मान राशि का भुगतान किया जायें।
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस : राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 3 दिसंबर को राज्यस्तरीय कार्यक्रम
रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 3 दिसंबर को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दोपहर 12 से राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हैं। इस अवसर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित भी किया जाएगा। समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाडे़ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा करेंगे। राज्यस्तरीय समारोह में अति विशिष्ट अतिथि में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायकगण श्री राजेश मूणत, श्री गुरू खुशवंत साहेब, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू उपस्थित रहेंगे। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस समारोह के अवसर पर राज्य भर से लगभग पांच हजार दिव्यांगजन शामिल होंगे।