छत्तीसगढ़
पुष्पा फिल्म की तर्ज पर चंदन के पेड़ों की चोरी, अधिकारियों के कार्यालय के पीछे नर्सरी से सफेद पेड़ ले गए चोर
अंबिकापुर में बीती रात अज्ञात चोरों ने चंदन प्लांटेशन परिसर से पुष्पा फिल्म की तरह चंदन पेड़ों की चोरी की घटना को अंंजाम दिया है. चंदन पेड़ों की चोरी से वन विभाग में हड़कंप मच गया है. घटना की जानकारी लगते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैें. वहीं वन विभाग बड़ी लापरवाही सामने आई है.
जानकारी मुताबिक, अंबिकापुर शहर के सीसीएफ कार्यालय के पीछे नर्सरी में लगे सफेद चंदन के पेड़ों की चोरी की गई है. यहां 4 से 5 सफेद चंदन के पेड़ों की कटाई कर ली गई है, हैरानी की बात है कि चोरी सीसीएफ कार्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई है और किसी को कानो कान खबर तक नहीं हुई. एक पेड़ काफी बड़ा होने के कारण चोर उसे साथ नहीं ले जा सके, इसलिए उसे वहीं छोड़कर भाग निकले. सुबह घटना की जानकारी कर्मचारियों को मिली तो वन विभाग में हड़कंप मच गया.
प्लांटेशन परिसर की सुरक्षा को लेकर सवाल
वन विभाग के कर्मचारी मामले की जांच में जुट गए हैं. जानकारों की मानें तो चंदन प्लांटेशन परिसर की सुरक्षा को लेकर वन विभाग प्रतिवर्ष काफी खर्च करता है. ऐसे में चंदन प्लांटेशन में पेड़ काटे जाने की घटना कहीं ना कहीं प्लांटेशन की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता हैं. वहीं वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को भी दर्शाता है.
निकाय-पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू, जल्द होगी घोषणा
रायपुर । छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकायों के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया है, जबकि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची 13 दिसंबर को प्रकाशित होगी। इसके बाद, 16 और 17 दिसंबर (शनिवार-रविवार) को अवकाश रहेगा।
आरक्षण प्रक्रिया और नई व्यवस्था
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, आगामी सप्ताह में जिला कलेक्टर नए सिरे से आरक्षण प्रक्रिया पूरी करेंगे। यह प्रक्रिया ओबीसी कल्याण आयोग की सिफारिशों और राज्य कैबिनेट द्वारा पारित आरक्षण संशोधन बिल के आधार पर की जाएगी। इस बार ओबीसी आबादी के अनुपात में आरक्षण तय किया जाएगा। कलेक्टर वार्डों के साथ नगर पंचायत, नगरपालिका अध्यक्ष और महापौर पदों के आरक्षण का निर्धारण करेंगे।
चुनाव कार्यक्रम की जल्द घोषणा संभव
राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय की तैयारियों से संकेत मिल रहे हैं कि चुनाव घोषणा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, 20 दिसंबर के बाद कभी भी चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। संभावना है कि 22 या 23 दिसंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुनाव की घोषणा की जाएगी।
जनवरी अंत तक पूरा होगा चुनाव
इस बार छत्तीसगढ़ में पहली बार नगरीय और पंचायत चुनाव एक साथ होंगे। दोनों की अधिसूचना एक साथ जारी की जाएगी। हालांकि, वोटिंग के बीच एक सप्ताह का अंतर रहेगा और मतगणना भी अलग-अलग दिनों में होगी। सूत्रों का कहना है कि जनवरी के अंत तक दोनों चुनाव पूरे हो जाएंगे।
आचार संहिता का सीमित प्रभाव
चुनाव कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि आचार संहिता का प्रभाव कम से कम पड़े। दिसंबर के अंत में कोई नई योजना या कार्य शुरू नहीं किया जाएगा और जनवरी के पहले पखवाड़े में ही नए साल का प्रभाव रहेगा। अनुमान है कि आचार संहिता जनवरी के अंत तक समाप्त हो जाएगी, जिससे सरकारी कामकाज पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के लिए पूरी तैयारी हो चुकी है। जल्द ही चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा, जिससे राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ेगा।
क्राइम कंट्रोल मेरी पहली प्राथमिकता : डॉ. लाल उमेद सिंह
रायपुर । राजधानी के नए एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने गुरुवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर पदभार संभाला। उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली और एसपी कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की। इस दौरान रायपुर के पूर्व एसएसपी संतोष सिंह ने डॉ. लाल उमेंद सिंह का स्वागत किया और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया।
एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह का रायपुर से पुराना नाता है। वे इससे पहले राजधानी में दो बार एडिशनल एसपी के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पहली बार वे जनवरी 2007 से मार्च 2009 तक रायपुर में पदस्थ रहे। इसके बाद अप्रैल 2010 से सितंबर 2013 तक उन्होंने रायपुर में एडिशनल एसपी के रूप में काम किया।
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा में एसपी उमेंद सिंह ने क्राइम कंट्रोल को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि समय के साथ अपराध के तरीकों में भी बदलाव आया है, इसके हिसाब से पुलिसिंग होगी। उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए गुंडागर्दी करने वाले आदतन बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नशा और चाकूबाजी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साइबर क्राइम को भी बड़ी चुनौती माना है। साइबर क्राइम को लेकर लोगों को जागरूक होने की अपील की है।
जनता में विश्वास कायम करना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री साय
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में विश्वास को कायम करने की थी। अब अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने जनता के विश्वास को कायम रखा है। साय गुरुवार को सरकार के एक वर्ष पूर्ण होनेे के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है। विगत एक वर्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के अनेक नये आयाम स्थापित किए हैं। हमने बीते एक साल को विश्वास का वर्ष घोषित किया है। वास्तव में प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष का समय विश्वास के संकट का समय था। पूर्ववर्ती सरकार ने ‘जन घोषणा पत्र’ में किए गए लगभग सभी वादों से मुकरते हुए न केवल प्रदेश के लिए बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए ही भरोसे का संकट पैदा कर दिया था।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में इस विश्वास को कायम करने की थी। अब एक वर्ष पूरे होने पर जब आपके माध्यम से जनता के समक्ष हमारी पूरी सरकार रिपोर्ट कार्ड लेकर प्रस्तुत हुई है, तो मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने इस विश्वास की बहाली की है। हमें प्रदेश की महतारी-बहनों को, किसानों को, युवाओं को, आवास से वंचित कर दिए गए कमजोर वर्ग के लोगों से किए वादे को पूरा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार ने प्रदेश के नागरिकों से वादा किया था कि यदि हमारी सरकार बनी तो हम प्रदेश में सुशासन की स्थापना करेंगे। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करेंगे। सरकार बनते ही हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ तत्परता के साथ कार्यवाही की। जो लोग भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हमारा सारा ध्यान जनता के विश्वास को बहाल करने पर था। अब इसी विश्वास की नींव पर छत्तीसगढ़ के विकास और समृद्धि रूपी शिखर का निर्माण करना है। हम छत्तीसगढ़ को विकसित बना कर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में योगदान देने परिश्रम की पराकाष्ठा कर दिन-रात जुटे रहेंगे। आगामी 1 नवंबर 2025 को हम प्रदेश स्थापना की रजत जयंती मनाएंगे। हमने वर्ष 2028 तक प्रदेश की जीडीपी को दस लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
किसानों, गरीबों और महिलाओं से वादा पूरा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। हमने अपने वादे के मुताबिक किसान बंधुओं को दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए का अंतरण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए तीन माह के भीतर ही महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। अब तक इस योजना की 10 किश्तों में 6530 करोड़ रुपए अंतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई है।
पीएससी पर लौटा युवाओं का विश्वास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करके शिक्षा को रोजगार परक बनाया है। राज्य की प्रतिभाओं को निखारने के लिए रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश की 13 नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरियों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। हमने प्रदेश के 68 लाख गरीब परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की।इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है।
सुशासन की स्थापना
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन की स्थापना के लिए प्रयासरत है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण नाम से नया विभाग बनाया है। हमारा प्रयास है कि आम नागरिकों को छोटे छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। इसके लिए हम तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। एक क्लिक में अथवा एक फोन कॉल में उनके काम हो जाने चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं।
जनजातीय क्षेत्रों में नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अम्बिकापुर के हवाई अड्डे से भी अब हवाई सेवा की शुरूआत हो गई है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए गठित प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व को और मजबूत किया गया है। साथ ही छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन भी किया गया है।
बैगा, गुनिया, सिरहा के लिए सम्मान निधि
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा को सालाना पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि देने की घोषणा की है।जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण विकास योजना शुरू की गई है। जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा नायकों की स्थान-स्थान पर प्रतिमाएं लगाने का निर्णय भी हमने लिया है।
बस्तर में पर्यटन सुविधाओं का विकास
बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। यह बड़ी उपलब्धि है कि कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास ने अब विश्व पर्यटन के नक्शे पर जगह बना ली है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने इस गांव में पर्यटन के विकास के लिए इसे दुनिया के चुनिंदा 20 गांवों में शामिल किया है। गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के गठन से भी राज्य में पर्यटन के विकास की संभावनाओं को बल मिला है। सरगुजा में मधेश्वर पहाड़ को विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता मिली है।
रामलला दर्शन योजना
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ भगवान राम का गहरा नाता है। वे हमारे भांजे हैं। उन्होंने वनवास के 14 सालों में से 10 साल यहीं गुजारे। हमारी कोशिश है कि दुनिया भगवान श्रीराम से हमारे इस रिश्ते को जानें। प्रदेश में रामलला दर्शन योजना शुरू करके हमने यहां के श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम की निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की, ताकि भगवान राम से अपने रिश्ते को और सघन कर सकें।
रोजगार परक औद्योगिक नीति
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी नई उद्योग नीति से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाओं का सृजन हुआ है। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। हमने इस नीति को रोजगार परक बनाया है। नई उद्योग नीति में युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया है। हमने पर्यटन को भी उद्योग के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को भी रियायत देने का विशेष प्रावधान है। नयी उद्योग नीति में अनुसूचित जाति और जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों, नक्सल प्रभावित, आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान है।
नक्सल उन्मूलन में तेजी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान प्रदेश में नक्सलवाद का तेजी से उन्मूलन किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने का संकल्प लिया है। बीते एक वर्ष में 213 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। करीब 1750 नक्सलियों को या तो आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया गया है, या फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
विकास की किरणें दूरस्थ गांवों तक
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम नियद ‘नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। अभी हाल ही मैंने बस्तर के सुरक्षा कैंप में जवानों के साथ रहा, जो मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव था। जवानों का बढ़ा हुआ हौसला और आत्मविश्वास देखकर मैंने भी अपने भीतर नयी ऊर्जा का महसूस की है।
डबल इंजन की सरकार से विकास की रफ्तार हुई तेज
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने से एक साल में राज्य ने बहुत तेजी से प्रगति की है। केन्द्र से हमें भरपूर सहयोग और समर्थन मिला है। इस दौरान 31 हजार करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के लिए स्वीकृत की गई है। दो सालों में छत्तीसगढ़ में सड़कों का मजबूत नेटवर्क होगा। साथ ही रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए हमें केन्द्र से अनेक महत्वपूर्ण रेल लाइनों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में चार मेडिकल कॉलेजों के भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेन्द्रगढ़ और गीदम मेडिकल कॉलेजों की निर्माण के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार के काम-काज पर जनता की मुहर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभी हाल ही में प्रदेश में हुए उपचुनाव का जो परिणाम आया है, उससे यह बात पूरी तरह स्पष्ट है कि हम प्रदेश के नागरिकों की उम्मीदों पर खरा उतरे हैं।राजधानी में प्रदेश के हर कोने से लोग रहते हैं, अतः यह एक तरह से हमारी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने दो सीएमओ को निलंबित किया, देखें आदेश
रायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने दो मुख्य नगर पालिका अधिकरियों को निलंबित कर दिया है। ये कार्रवाई अलग अलग जिलों के सीएमओ के खिलाफ की गई है। निलंबित नगर पालिका अधिकारियों में टामसन रात्रे और कन्हैया लाल निर्मलकर है।
पहला मामला महासमुंद का है। टागसन रात्रे मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नगर पालिका परिषद महासमुंद में पदस्थापना के दौरान मुख्यमंत्री रलग स्वास्थ्य योजनान्तर्गत बिना स्वीकृति के राशि रु. 50.00 लाख की दवा खरीदी कर गंभीर अनियमितता किया जाना पाया गया था। राज्य शासन द्वारा टामसन रात्रे (वर्तमान में राजस्व अधिकारी नगर पालिक निगम रायपुर) तत्काल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद महासमुंद को छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका (कार्यपालन/यांत्रिकी/स्वास्थ्य) सेवा, मर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 2017 के नियम 33 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। निलंबन अवधि में मुख्यालय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
दूसरा मामला पेण्ड्रा का है। कन्हैया लाल निर्मलकर प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा में पदस्थापना के दौरान जिला खनिज संस्थान न्यास मद (डीएमएफ) से वित्तीय वर्ष 2022-23 में शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (मल्टीपरपज) एवं शासकीय शारीरिक प्रशिक्षण महाविद्यालय पेण्ड्रा के रेनोवेशन कार्य में राशि रू. 6,24,511 के कार्य का अन्तर पाया गया था। रेनोवेशन कार्य तकनीकी स्वीकृति के अनुसार नहीं कराये जाने एवं जांच समिति द्वारा प्रतिवेदन दिये जाने के बाद कार्य कराये जाने के लिए प्रारंभिक जांच में अवचार का दोषी पाए गए।
अधिकारी का कृत्य गंभीर कदाचार एवं आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में आता है। राज्य शासन ने कन्हैया लाल निर्मलकर (वर्तमान में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद रतनपुर) तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी पेण्ड्रा को भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 2017 के नियम 33 के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
निलंबन अवधि में निर्मलकर का मुख्यालय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर नियत किया जाता है एवं उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
गृहमंत्री शाह 14 को आएंगे छत्तीसगढ़, लेंगे सीक्रेट मीटिंग...
रायपुर । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय प्रवास पर 14 दिसंबर को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे। रात 11:10 बजे वे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। रायपुर एयरपोर्ट से सीधे मेफेयर रिसोर्ट रवाना हो जाएंगे। गृहमंत्री शाह मेंफेयर में ही रात्रि विश्राम करेंगे।
15 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे पुलिस ग्राउंड में राष्ट्रपति पुलिस कलर्स अवार्ड में शामिल होंगे। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों को सम्मानित करेंग। दोपहर पौने दो बजे रायपुर एयरपोर्ट से जगदलपुर के लिए उड़ान भरेंगे। दोपहर 2:50 बजे इंदिरा प्रियदर्शनी खेल मैदान में बस्तर ओलंपिक के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। खेल मैदान में ही सुरक्षाबलों के अधिकारियों और जवानों के साथ नक्सल अभियान की समीक्षा करेंगे। इसके बाद शाम सवा पांच बजे भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। इसके साथ ही री शाह का वहीं रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है। 16 दिसंबर को अमर वाटिका में सुबह 10:30 से 11:15 बजे तक अमर शहीदों को श्रद्धांजलि एवं शहीद परिवार तथा वामपंथी उग्रवादी हिंसा में मृत व्यक्तियों के परिजनों से भेंट व चर्चा करेंगे। सुबह साढ़े ग्यारह बजे जगदलपुर से गुप्त स्थान के लिए रवाना होंगे।
12:30 से 2 बजे तक चलेगी सीक्रेट मीटिंग
दोपहर 12:30 से 2:00 तक अमित शाह सीक्रेट मीटिंग में शामिल होंगे। फिर दोपहर 3:00 बजे जगदलपुर से रायपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। शाम 4:00 बजे वापस रायपुर के मेफेयर रिजॉर्ट पहुंचेंगे और शाम 4:15 से 5:45 बजे तक सुरक्षा संबंधी समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 6:00 बजे रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
प्रदेश देवांगन समाज (छत्तीसगढ़) के नवनियुक्त अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन ने अपने विशाल कार्यकारिणी के साथ लिया पद एवं गोपनीयता की शपथ
रायपुर। नवगठित प्रदेश देवांगन समाज (छ.ग.) के नवनियुक्त अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन एवं उनके कार्यकारिणी के
शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को दोपहर 1 बजे कलर्स माल पचपेड़ी नाका रायपुर में सम्पन्न हुआ, कार्यक्रम का शुभारंभ कुलदेवी माता परमेश्वरी की पूजा अर्चना के साथ किया गया, तत्पश्चात नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन और उनके कार्यकारिणी को वरिष्ठ संरक्षक श्री कुंजलाल देवांगन के द्वारा पद एवं गोपनीयता का शपथ दिलाया गया जिसमें बीरगांव नगर पालिका के दस साल लगातार अध्यक्ष रहे डॉ. ओमप्रकाश देवांगन को प्रदेशअध्यक्ष हेतु श्री परस देवांगन को महासचिव एवं कोषाध्यक्ष हेतु श्री वेदलाल देवांगन सहित प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी हेतु अच्छे एवं साफ सुथरे छबी के साथ सक्रिय समाज प्रमुखों को शपथ दिलाया गया ।
शपथ ग्रहण के पश्चात् समाज के सी.जी.पी.एस.सी. में चयनीत सदस्यों शिवम देवांगन (दुर्ग) डिगेश्वर देवांगन
, नरेन्द्र देवांगन , लकेश्वर् देवांगन , सुमित देवांगन , प्रतीक देवांगन , योगेश देवांगन , अजय देवांगन , श्वेता देवांगन, धनेश्वर देवांगन का शाॅल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश देवांगन ने चयनीत सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि देवांगन समाज के इतने अधिक सदस्य सी.जी.पी.एस.सी. में चयनित हुए हैं हमें विश्वास है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन राष्ट्रहित, प्रदेशहित एवं समाजहित में करेंगे, डा.ओमप्रकाश देवांगन ने आगे कहा कि समाज हित में एक अच्छे कार्यकारिणी का गठन हुआ है मुझे विश्वास है हम सब मिलकर सकारात्मक सोच के साथ समाज को एकजुट और मज़बूत कर समाज के तरक्की में अपना बहुमूल्य योगदान प्रदान कर ,, समाज के समक्ष "एक वर्ष" के भीतर उपलब्धियों की लंबी सूची प्रस्तुत करेंगें. नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डा.ओमप्रकाश देवांगन ने अपने कार्यकारिणी के साथ महिला, युवा , विधी और चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्षों का सर्वसम्मती से मनोनयन किया ।।
इस अवसर पर उपस्थित समाज के प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में
संरक्षक : श्री कुंजलाल देवांगन (धमतरी), श्री सेवकराम देवांगन (भाठापारा), श्री महेश देवांगन (रायपुर), श्री रामगोपाल देवांगन (भखारा-धमतरी), श्री लक्ष्मीनाराण देवांगन (कोरबा), श्री अमृतलाल देवांगन (चारामा), श्री बृजमोहन देवांगन (नारायणपुर), श्री धनेष देवांगन (खरोरा रायपुर), श्री अभय देवांगन (रायपुर), श्री मदन देवांगन(बागबहारा), श्री मदन देवांगन (बेमेतरा),
प्रदेश सलाहकार : श्री पुरुषोत्तम देवांगन (रायपुर), श्री चंद्रिका प्रसाद देवांगन(रायपुर), श्री दयावान देवांगन (राजनांदगांव), श्री चोवाराम देवांगन (रायपुर), श्री विनोद देवांगन(भिलाई), श्री अनाराम देवांगन(कोरबा), श्री संतराम देवांगन (मांढर रायपुर), श्री नरेश देवांगन(छुरी), श्री दिनेश देवांगन (चंदखुरी रायपुर), श्री नरेन्द्र देवांगन(रायपुर), श्री राजेन्द्र देवांगन(बिलासपुर), श्री जयप्रकाश देवांगन (रायपुर), श्री चंद्रभान देवांगन(रायपुर), श्री दीनानाथ देवांगन(रायपुर), श्री दानसिंह देवांगन(रायपुर), श्री झब्बूलाल देवांगन (राजीम रायपुर)
प्रदेश उपाध्यक्ष : श्रीमती पद्मा देवांगन(डौंडीलोहारा), श्री गजेन्द्र देवांगन(रायपुर), श्री राजू देवांगन (बेमेतरा), श्री खिलेश देवांगन(कोरासी-आरंग), श्री होरीलाल देवांगन (बीरगांव-रायपुर), श्री मनोज देवांगन(बिलासपुर), श्री चम्पालाल देवंगान (रायपुर), श्री हरिश कुमार देवांगन(कुरुद-धमतरी ), श्री शरद कुमार देवांगन(रायपुर), श्री योगेन्द्र विमल देवांगन (कटगी), श्री खेमसिंह देवांगन(जगदलपुर), श्री सागर देवांगन(तखतपुर), श्री जी.आर. देवांगन इंजीनियर (राजनांदगांव)
प्रदेश सहसचिव : श्री भीखम देवांगन (बीरगांव), श्री राधेश्याम देवांगन(बीरगांव), श्री डिकेन्द्र देवांगन(बेमेतरा), श्री महेन्द्र देवांगन(बेमेतरा), श्रीमती रेणु देवांगन (रायपुर), श्रीमती मोहनी देवांगन (बालोद), श्री आनंद देवांगन (कोरबा), श्री राकेश देवांगन(बिलासपुर), श्री नंदकिशोर देवांगन (कवर्धा), श्री अमरनाथ देवांगन(मुंगेली),
श्री त्रिलोक देवांगन(बिलाईगढ), श्री पवन देवांगन (सारंगढ़), श्री धरमू राम देवांगन(गरियाबंद), श्री रौशन देवांगन(फिंगेश्वर), श्री तमेन्द्र देवांगन(चांपा), श्री रामकुमार देवांगन(सिमगा), श्री भरत देवांगन(गीदम-दंतेवाड़ा), श्रीमती प्रीति देवांगन(रायपुर), श्री कुसदेव देवांगन(नारायणपुर), श्री कुंजीलाल देवांगन(बिर्रा),
प्रदेश कार्यकारिणी : श्री जितेन्द्र देवांगन(रायपुर), श्री महेन्द्र देवांगन(केरा-चांपा), श्री संतोष देवांगन(भिलाई), श्री बिहारी देवांगन(रायगढ़), श्री विष्णु देवांगन(मुंगेली),
श्री दददू (शांताकुमार) देवांगन(रायपुर), श्री विजय आंनद देवांगन(रायपुर), श्री तिलक देवांगन(सिमगा), श्री शिवधारी देवांगन(सिमगा), श्री भगत देवांगन(बेमेतरा), श्री किशन देवांगन(चांपा), श्री संतोष देवांगन(पलारी-रायपुर), श्रीमती दीपा देवांगन(रायपुर), श्री गौरेलाल देवांगन (रायपुर), श्री राजकुमार देवांगन(राजनांदगांव), श्रीमती मीना देवांगन (राजनांदगांव), श्री महावीर देवांगन(रायपुर), श्री तेजराम देवांगन(जगदलपुर) को शपथ ग्रहण में शामिल होकर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई ।।
जनक देवांगन रानीगांव, सुरेश देवांगन चांपा, इंजिनियर प्रेमचंद रायपुर, पुरानिक देवांगन दुर्ग, चंद्रहास देवांगन अर्जुन्दा, चिरंजीव देवांगन गरियाबंद, नरेन्द्र देवांगन कवर्धा, रितेश देवॉगन अर्जुंदा , कुंजीलाल भाठापारा, अजय देवांगन रायपुर प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।।
लालउम्मेन्द सिंह होंगे रायपुर के नई एसपी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज आईपीएस अफसरों के प्रभार में महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात लाल उम्मेद सिंह को रायपुर एसपी की जिम्मेदारी सौंप गई है। वही रायपुर एसपी संतोष सिंह को पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया है। राज्य शासन ने आज कर आईपीएस के प्रभार में बदलाव किया है।
एमिटी विश्वविद्यालय में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का 7वां संस्करण शुरू
रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक वर्चुअल समारोह में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2024 के 7वें संस्करण का उद्घाटन किया, जिसमें नवाचार के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया गया।
देश भर के 51 केंद्रों में प्रतिभागियों से बात करते हुए, प्रधान ने युवा नवोन्मेषकों को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को साकार करने की दिशा में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने एसआईएच को ज्ञान-संचालित अर्थव्यवस्था का एक मॉडल बताते हुए प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे सरकारों, उद्योगों और समाज के सामने आने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों को हल करने के लिए साल भर खुद को समर्पित करें।
शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में एसआईएच के महत्व पर भी प्रकाश डाला (Atmanirbhar Bharat). उन्होंने इस आयोजन को नवाचार, विचार और समस्या समाधान का उत्सव बताया, जो राष्ट्र निर्माण की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर एआईसीटीई के अध्यक्ष डॉ. T.G. सीतारामन्, गोदरेज अप्लायंसेज में एवीपी और इनोवेशन के प्रमुख संत रंजन और शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार उपस्थित थे। उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता को प्रभावशाली और टिकाऊ समाधानों की ओर ले जाने के लिए प्रेरित किया।
एस. आई. एच. 2024 ग्रैंड फिनाले के लिए 51 नोडल केंद्रों में से एक एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ ने उत्साह और भव्यता के साथ कार्यक्रम की मेजबानी की। मुख्य अतिथि टी. एन. सिंह, उप महानिदेशक और राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, छत्तीसगढ़ ने स्थानीय कार्यवाही का उद्घाटन किया। दर्शकों को संबोधित करते हुए, सिंह ने 2017 में अपनी स्थापना के बाद से हैकाथॉन के तेजी से विकास पर जोर दिया, इस वर्ष 7,500 विचारों के साथ 7,000 प्रतिभागियों से प्रभावशाली 54,000 प्रस्तुतियों तक। उन्होंने प्रतिभागियों को सरकारी और निजी क्षेत्र की समस्याओं के बयानों द्वारा प्रस्तुत चुनौतियों के लिए अभिनव समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इस आयोजन में 31 टीमों ने भाग लिया, जिसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पांडिचेरी, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और अन्य राज्यों सहित पूरे भारत के 13 राज्यों के 186 छात्र (103 पुरुष और 83 महिलाएं) शामिल थे। 28 सलाहकारों द्वारा निर्देशित प्रतिभागियों ने पांच महत्वपूर्ण समस्या क्षेत्रों पर काम कियाः स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकी, स्मार्ट शिक्षा, आपदा प्रबंधन, विरासत और संस्कृति, और स्वास्थ्य और खेल। उनके अभिनव समाधानों का मूल्यांकन 17 सम्मानित जूरी सदस्यों द्वारा किया गया, जिनमें शिक्षाविदों और उद्योग के विशेषज्ञ शामिल थे।
एन. आई. टी. रायपुर में प्रशिक्षण और नियोजन प्रमुख प्रोफेसर समीर बाजपेयी ने एस. आई. एच., इसकी संरचना और इसके उद्देश्यों पर एक विस्तृत ब्रीफिंग के साथ प्रतिभागियों को प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों से सहयोग और तकनीकी विशेषज्ञता के महत्व पर जोर देते हुए रचनात्मकता और उत्साह के साथ चुनौतियों का सामना करने का आग्रह किया।
एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर पीयूष कांत पांडे ने एक प्रेरक भाषण दिया, जिसमें प्रतिभागियों से मानवता की कुछ सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान करने वाले प्रभावशाली विचारों का प्रस्ताव देने का आह्वान किया। उन्होंने अनुसंधान और नवाचार के लिए एमिटी की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला, यह देखते हुए कि कैसे एमिटी यूनिवर्स-जिसमें विश्वविद्यालयों और स्कूलों का एक विशाल नेटवर्क शामिल है-ने खुद को भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक के रूप में स्थापित किया है।
उन्होंने कहा, "मित्रता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार की एक किरण के रूप में खड़ी है, जो अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक प्रभाव की संस्कृति को बढ़ावा देती है। प्रोफेसर पांडे ने प्रतिभागियों से इस प्रक्रिया का आनंद लेने और ऐसे समाधान बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया जो भविष्य को आकार दे सकें।
2017 में शुरू किया गया स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन दुनिया के सबसे बड़े खुले नवाचार मंचों में से एक के रूप में विकसित हुआ है, जो छात्रों को राष्ट्र के विकास में योगदान देते हुए वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने के अवसर प्रदान करता है। एक नोडल केंद्र के रूप में एमिटी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ की भूमिका नवाचार और समस्या-समाधान को बढ़ावा देने में इसके नेतृत्व को रेखांकित करती है, जिससे अकादमिक और अनुसंधान उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ जाती है।
व्यवहार न्यायाधीश परीक्षा 2023 में श्वेता दीवान ने किया टॉप
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने आज देर रात सिविल जज के फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया हैं। जारी परिणाम में श्वेता दीवान ने टॉप किया है, वहीं दूसरे नंबर पर महिमा शर्मा ने स्थान बनाया है, जबकि तीसरे स्थान पर निखिल साहू व चौथे स्थान पर प्रिया दर्शन गोस्वामी और पांचवे स्थान पर स्थान बनाने में कामयाब रही हैं। बता दें कुल 49 पदों हेतु परीक्षा ली गई थी। 150 अभ्यर्थियों का 2 दिसंबर से 11 दिसंबर तक साक्षात्कार लिए गए। वहीं आज चयन सूची जारी की गई।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित व्यवहार न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) परीक्षा-2023 के लिए कुल 49 पदों पर भर्ती हेतु आयोजित परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। उक्त परीक्षा का अंतिम चयन सूची आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 222.श्चह्यष्.ष्द्द.द्दश1.द्बठ्ठ पर अपलोड कर दी गई है।
गौरतलब है कि व्यवहार न्यायाधीश परीक्षा-2023 के मुख्य परीक्षा का परिणाम 25 अगस्त 2024 को जारी किया गया था, जिसमें विज्ञापित पदों का तीन गुना यानी 147 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया जाना था। परंतु वर्गवार, उपवर्गवार अर्ह अभ्यर्थियों की उपलब्धता के अनुसार 151 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया। उक्त पदो के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया 02 दिसंबर 2024 से 11 दिसंबर 2024 के बीच आयोजित की गई। साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित 151 अभ्यर्थियों में से 1 अनुपस्थित रहे और कुछ अनर्ह पाए गए, जिससे कुल 150 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया।
118 लेक्चरर समेत 500 से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति
रायपुर । कुछ समय पहले तक अपने विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थी परेशान थे। स्कूलों में विषय से संबधित शिक्षक नहीं होन या फिर एकमात्र शिक्षक होने और कभी-कभी उनके अवकाश में रहने से अध्यापन ठप होने जाने की शिकायत पालकों की भी रहती थी। कई बार शिक्षकों की कमी को लेकर प्रदर्शन तक भी होते रहते थे। शिक्षकों की कमी का सबसे ज्यादा खामियाजा विद्यार्थियों को ही भुगतना पड़ता था। समय पर पाठयक्रम पूरे नहीं होते थे तो उन्हें विषय का ज्ञान भी नहीं मिल पाता था।
कई बार तो शिक्षकों की कमी को देखते हुए कुछ विद्यार्थी अपने आसपास के विद्यालयों से दूर जाकर अन्य विद्यालय तक में पढ़ाई करते थे। वहीं शिक्षक नहीं होने पर सीमित संख्या में उपलब्ध शिक्षकों के कंधे पर भी अन्य विषयों का अध्यापन कराने की मजबूरी आ जाती थी। कुछ इन्हीं समस्याओं को ध्यान रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा कोरबा जिले में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। जिले में सैकड़ों ऐसे विद्यालय थे, जहां शिक्षकों की कमी थीं, उन विद्यालयों में विषय से संबंधित लेक्चचर, शिक्षकों, सहायक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। अब शिक्षक नियुक्त हो जाने से विद्यालयों में अध्यापन व्यवस्था पहले से बेहतर हो गई है।
कोरबा जिले में शिक्षा व्यवस्था को पहले से और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।कोरबा जिले में दो हजार से अधिक विद्यालय है। हायर सेकेण्डरी, माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला विद्यालय में शिक्षकों की कमी की शिकायत लगातार कलेक्टर के पास आती रहती थी। उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से सभी विद्यालयों की जानकारी जुटाकर शिक्षकों की कमी को दूर करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विषय शिक्षकों की भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मंगाए गए और निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले उम्मदवारों का चयन किया गया। प्राथमिक शाला कोरई में मानदेय के आधार पर नियुक्त हुई शिक्षिका चंद्रिका पैंकरा और प्राथमिक शाला कदमझेरिया की शिक्षिका शकुंतला कंवर ने बताया कि स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में जिम्मेदारी मिलने के बाद वे भी जिम्मेदारी के साथ बच्चों का अध्यापन करा रहे हैं। यह खुशी की बात है कि शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता बरतते हुए गांव के बेरोजगार योग्य युवाओं को भी अवसर दिया गया है। जिले के हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कुल 118 लेक्चरर की नियुक्ति की गई। इसी तरह माध्यमिक शाला में 96 शिक्षकों और प्राथमिक शाला में 263 सहायक शिक्षकों सहित 40 पीवीटीजी शिक्षकों की नियुक्ति की गई। कुल 517 शिक्षकों की नियुक्ति जिले में की गई है। सभी शिक्षकों को मानदेय के आधार पर रखा गया है और डीएमएफ से उन्हें प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। जिसमें रिक्त पदों के विरूद्ध शिक्षकों की नियुक्ति हो जाने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल मिलने लगा है। उनका समय पर पाठयक्रम पूरा हो रहा है वहीं विषय ज्ञान का स्तर भी सुधरने लगा है। एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी शिक्षकों को राहत मिली है। अभिभावक भी इस व्यवस्था से संतुष्ट है। खास बात यह भी है कि शिक्षकों की नियुक्ति में जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समाज को भी वरीयता दी गई है। उन्हें भी उनकी योग्यता के आधार पर जिले के अनेक विद्यालयों में शिक्षक सहित भृत्य एवं अन्य पदों पर रखा गया है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर समाज की मुख्यधारा में आ सकें।
भृत्यों की नियुक्ति सहित अन्य सुविधाओं पर भी दिया गया है ध्यान -
जिले के हायर सेकेण्डरी, माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला विद्यालय में लेक्चचर, शिक्षकों, सहायक शिक्षकों की नियुक्ति तो की ही गई है। इसके साथ ही विद्यालयों में 270 भृत्य भी नियुक्त किए गए हैं। कलेक्टर अजीत वसंत ने जर्जर विद्यालयों की भी सुध ली है। उन्होंने जर्जर भवनों की जानकारी मंगाकर नए भवन स्वीकृत किए हैं। जिले में संचालित शासकीय संस्थाओं के भवन, किचन शेड, शौचालय इत्यादि की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार स्वीकृति दी गई है। जिले के परीक्षा परिणाम में सुधार हेतु केंद्रीय परीक्षा पद्धति अपनाते हुए जिले के समस्त विद्यालय हेतु पाठ्यक्रम निर्धारित कर नियत समय पर त्रैमासिक एवं अर्धवार्षिक परीक्षा संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया है। कक्षा 10वीं एवं 12वीं के कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए बोर्ड परीक्षा के पूर्व शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु नवीन कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के 2100 से अधिक प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने नाश्ते वितरण कराए जा रहे हैं। खाना पकाने गैस कनेक्शन दी गई है। विद्यालयों में आवश्यक संसाधान मुहैया कराया जा रहा है और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएम साय कोरबा जिले में 625 करोड़ के कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 12 दिसंबर को कोरबा प्रवास के दौरान लगभग 625 करोड़ 28 लाख 56 हजार से अधिक लागत की 284 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। साथ ही 02 करोड़ 69 लाख 34 हजार की सामग्री का विभिन्न विभागों के 400 से अधिक हितग्राहियों को वितरण करेंगे। साय विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जा रहे 284 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे। इन विकास कार्यों में 17 करोड़ 43 लाख 46 हजार से अधिक राशि के 34 कार्यों का लोकार्पण एवं 607 करोड़ 85 लाख 10 हजार से अधिक राशि की 250 कार्यों का भूमिपूजन-शिलान्यास शामिल हैं। कोरबा के सीएसईबी फुटबॉल ग्राउण्ड में दोपहर 12 बजे कार्यक्रम का आयोजन होगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री साय कोरबा प्रवास के दौरान महिला बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर दांपत्य जीवन में प्रवेश करने वाले 102 नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। मुख्यमंत्री जिले के 400 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत 2.69 करोड़ से अधिक राशि के सामग्री वितरण एवं चेक प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
संरक्षा के सजग प्रहरियों को महाप्रबंधक ने सम्मानित किया
रायपुर । रेल परिचालन में संरक्षा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है । सजगता एवं बेहतर संरक्षा कार्य में सहभागिता निभाने वाले रेल संरक्षा के सजग प्रहरी कर्मचारियों का सम्मान महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के द्वारा हर माह आयोजित संरक्षा बैठक के दौरान किया जाता है । इसी कड़ी में 11 दिसम्बर को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कार्यरत संरक्षा कोटि के 02 कर्मचारियो को उनके उत्कृष्ट एवं सराहनीय संरक्षा सबंधी कार्य निष्पादन के लिए महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने सम्मानित किया।
रायपुर रेल मण्डल के पॉइंट्स मैन -‘बी’/ सिलियारी, तेजराम धीवर ने 4 अक्टूबर को अपने ड्यूटि के दौरान सिलियारी-बैकुंठ सेक्शन में एक डाउन दिशा की ओर जाती हुई मालगाड़ी के ब्रेक वैन से 23 वें वैगन मे हॉट एक्सल का पता लगाया एवं सर्वसंबंधित को सूचित किया । तत्पश्च्यात, ट्रेन को बैकुंठ रेलवे स्टेशन में नियंत्रित कर जाँच करने पर पाया गया कि हॉट एक्सल के कारण पहिये की बेयरिंग गर्म हो कर लाल हो गया था । जिसके उपरांत ट्रेन को नियमनुसार सुरक्षित कर आगे के लिय रवाना किया गया । इस प्रकार तेजराम धीवर की सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित हुई ।
रायपुर रेल मण्डल के ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-II /भाटापारा, पुरुषोत्तम ध्रुव, 4 नवम्बर को जो कि लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या-385 पर ड्यूटि के दौरान एक मालगाड़ी के इंजिन से 30 वें वैगन मे हॉट एक्सल को देखा एवं सर्वसंबंधित को सूचित किया । जिसके उपरांत ट्रेन को हथबंद स्टेशन पर रोक कर जाँच करने पर पाया गया कि हॉट एक्सल के कारण पहिये की बेयरिंग गर्म हो कर लाल हो गया था । तत्पश्च्यात, ट्रेन को नियमनुसार सुरक्षित कर आगे के लिय रवाना किया गया । इस प्रकार पुरुषोत्तम ध्रुव के द्वारा सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित हुई ।
संरक्षा कोटि के कर्मचारी को सम्मानित किए जाने के अवसर पर अपर महाप्रबंधक, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी अन्य विभागाध्यक्ष सहित अधिकारी उपस्थित थे ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बलौदा बाजार जिले को दी विभिन्न विकास कार्यों की सौगात, मुख्यमंत्री ने जिले में 192 करोड़ 8 लाख 69 हजार रूपए के 242 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन, कुल 41 करोड़ 93 लाख 50 हजार रूपए के 122 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 150 करोड़ 15 लाख 19 हजार रूपए के 120 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 531 आवासों की स्वीकृति एवं 10 हितग्राहियों को सौंपे चाबी, पीएम जनमन आदर्श पंचायत के तहत 2 गांवों किया सम्मान
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज 10 दिसंबर को शहीद वीरनारायण सिंह जी के जन्मभूमि एवं कर्मभूमि सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले के 192 करोड़ 8 लाख 69 हजार रूपए के 242 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिसमें कुल 41 करोड़ 93 लाख 50 हजार रूपए के 122 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 150 करोड़ 15 लाख 19 हजार रूपए के 120 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
छत्तीसगढ़ में सुशासन और विकास के नए आयाम, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की पहल पर लोरमी के लिए 1.26 करोड़ के कार्य स्वीकृत, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 12 कार्य मंजूर
छत्तीसगढ़ में विकास और सुशासन के नए आयाम गढ़े जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा लोरमी के विधायक श्री अरुण साव के विशेष प्रयासों से सरकार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता वाली छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए प्रदेशभर में 253 कार्यों के लिए 18 करोड़ 23 लाख 85 हजार रुपए मंजूर किए हैं। इन कार्यों से गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलने के साथ ही स्थानीय जरूरतों की पूर्ति भी होगी।
नगरीय निकायों को 66.06 करोड़ रुपए की पार्षद निधि जारी, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को जारी की राशि
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के 166 नगरीय निकायों को कुल 66 करोड़ छह लाख रुपए की पार्षद निधि जारी की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 14 नगर निगमों को 21 करोड़ 96 लाख रुपए, 48 नगर पालिकाओं को 20 करोड़ 70 लाख रुपए और 104 नगर पंचायतों को 23 करोड़ 40 लाख रुपए की पार्षद निधि जारी की है। नगरीय निकायों के विकास और नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ये राशि प्रदान की गई है। वार्डों के विकास और आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए इस निधि का उपयोग किया जाएगा।
इतिहास में वही याद रखे जाते हैं, जो कठिन परिस्थिति में अपने लोगों के साथ खड़े होते है : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आदिवासी समाज के विराट वीर मेला में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, महिला सदन और पेयजल व्यवस्था के लिए 50 लाख रूपए की घोषणा, नवा रायपुर के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में लगेगी शहीद वीर नारायण सिंह की भव्य प्रतिमा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की 167 वी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि इतिहास में वही याद रखे जाते हैं, जो कठिन परिस्थिति में अपने लोगों के साथ खड़े होते है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि शहीद वीरनारायण सिंह ने भूख के खिलाफ जो संघर्ष छेड़ा, उसे छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी रखा है। देश को खाद्य सुरक्षा का सबसे बढ़िया माडल छत्तीसगढ़ ने दिया। हमने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी भूखे पेट न सोये। छत्तीसगढ़ में हमने धान खरीदी का एक व्यवस्थित माडल तैयार किया, जिसकी देश भर में प्रशंसा हुई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को छत्तीसगढ़ में आगामी पांच सालों के लिए लागू कर राज्य के 68 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न दे रहे हैं।