छत्तीसगढ़ /

सच्चा सुख महलों में नहीं, संतोष और प्रेम में है -पं. त्रिपाठी

छत्तीसगढ़ संवाददाता सारंगढ़, 2 जनवरी। नगर पंचायत पवनी बाड़ा चौक में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के छटवें दिन रुक्मिणी विवाह प्रसंग पर कथा व्यास पं. गुरु कुमार त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए कहा -आत्मा से परमात्मा का मिलन ही रुक्मिणी विवाह है और सच्चा सुख महलों में नहीं संतोष और प्रेम में है। आगे उन्होंने बताया -हनुमान जी ने समुद्र लांघ कर असंभव कार्य को संभव किया, वैसे ही दृढ़ संकल्प से मनुष्य अपने जीवन की बधाओं को पार कर सकता है। धार्मिक आयोजन से समरसता और शांति का संचार होता है। रुक्मिणी विवाह की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। भगवान की इस विवाह कार्यक्रम में श्रद्धालु झूम उठे। रुक्मिणी विवाह कथा से उपस्थित श्रोताओं को आनंदित किया। इस कथा में पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय, नगर साहू संघ अध्यक्ष गोपाल साहू, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भागवत साहू शामिल हुए।

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