सामान्य ज्ञान

वजन घटाने के लिए तेल-घी छोड़ना पड़ सकता है भारी, जानें Zero Oil डाइट के नुकसान

  आजकल फिट रहने और वजन कम करने के लिए बहुत से लोग सख्त डाइट फॉलो करते हैं और उन सभी चीजों का खाना-पीना बंद कर देते हैं, जो उनके वेट लॉस जर्नी में रुकावट डालती हैं. ऐसे में लोग फास्ट फूड तो छोड़ते ही हैं, साथ ही तेल और घी वाले फूड भी बंद कर देते हैं. कुछ लोग तो अपनी डाइट से तेल और घी को पूरी तरह हटा देते हैं. लेकिन क्या यह सच में सेहत के लिए सही है?



दरअसल, फैट सिर्फ मोटापा नहीं बढ़ाता, बल्कि शरीर के हार्मोन बैलेंस, इम्यूनिटी और दिमाग की सेहत में भी अहम भूमिका निभाता है. ऐसे में “Zero Oil” डाइट अपनाने से पहले इसके नुकसान जानना बहुत जरूरी है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.


फैट = सिर्फ मोटापा नहीं
फैट शरीर के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट है. यह हार्मोन बैलेंस (थायरॉइड और सेक्स हार्मोन), ब्रेन फंक्शन और मेमोरी, और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में मदद करता है. फैट पूरी तरह हटा देने से शरीर “सर्वाइवल मोड” में चला जाता है, जिससे वजन कम होना रुक भी सकता है.

विटामिन की कमी का खतरा
Vitamin A, D, E और K फैट-सॉल्युबल होते हैं. मतलब अगर डाइट में फैट नहीं है, तो ये विटामिन ठीक से शरीर में एब्जॉर्ब नहीं हो पाते, चाहे आप कितनी भी सब्जियां खा लें.


हार्मोनल समस्याएं
Zero oil डाइट से महिलाओं में पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं. पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन लेवल कम हो सकता है. इसके अलावा थकान, चिड़चिड़ापन और लो एनर्जी की समस्या भी होती है.

इम्यूनिटी कमजोर पड़ सकती है
घी, सरसों का तेल और नारियल तेल जैसे अच्छे फैट्स शरीर की सूजन कम करते हैं और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं. इन्हें डाइट से हटाने पर बार-बार बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

वजन तेजी से घटे, लेकिन टिके नहीं
Zero oil डाइट से शुरुआत में वजन कम हो सकता है, लेकिन इससे मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है. मसल लॉस होता है और बाद में वजन तेजी से वापस बढ़ सकता है.

सही तरीका क्या है?
फैट को पूरी तरह हटाएं नहीं. सही फैट चुनें और मात्रा कंट्रोल में रखें. अच्छे फैट्स के लिए रोज 1–2 चम्मच देसी घी, सरसों या मूंगफली का तेल, नारियल, नट्स और सीड्स को डाइट में शामिल करें.
 

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