Amalaki Ekadashi 2025: इस एकादशी पर होगी आंवले के वृक्ष की पूजा, जानिए क्या है इसका महत्व…
Amalaki Ekadashi 2025: आमलकी एकादशी, जिसे आंवला एकादशी भी कहा जाता है, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. इस बार एकादशी 9 मार्च को प्रारंभ होगी और 10 मार्च को समाप्त होगी. इस दिन व्रत करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. इस दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें और आंवले के वृक्ष की पूजा करें. गंगाजल, पुष्प, दीपक और प्रसाद अर्पित करें. भगवान विष्णु की आराधना करें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें. रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करें और द्वादशी को ब्राह्मणों को भोजन कराकर व्रत का पारण करें. आंवला एकादशी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने, पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन व्रत रखने और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है.