संस्कृति

Guru Pradosh Vrat 2025: गुरु प्रदोष व्रत के दिन करें ये उपाय, भोलेनाथ की बरसेगी विशेष कृपा…

 प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण दिन है, ऐसे में गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ें तो यह और भी शुभ हो जाता है. चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 27 मार्च को आ रही है, जो गुरुवार के दिन होने के कारण गुरु प्रदोष व्रत कहलाएगा. गुरु प्रदोष व्रत पर आप निम्न उपाय कर सकते हैं.



जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक: भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल, कच्चे दूध, शहद और पंचामृत से करें. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए जल चढ़ाएं.
बिल्वपत्र अर्पण करें: शिवलिंग पर तीन या पांच बिल्वपत्र अर्पित करें. प्रत्येक पत्र पर “ॐ नमः शिवाय” लिखकर चढ़ाने से विशेष फल प्राप्त होता है.
दीप जलाएं और धूप अर्पित करें: संध्या के समय शिव मंदिर में दीप जलाएं. कर्पूर और चंदन धूप से भगवान शिव का पूजन करें.
शिव मंत्रों का जाप करें: “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें. गुरु प्रदोष पर “महामृत्युञ्जय मंत्र” का जाप करने से स्वास्थ्य लाभ और संकट निवारण होता है.
गुरु ग्रह को मजबूत करें: चूंकि यह गुरु प्रदोष व्रत है, इसलिए इस दिन गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए केसर, हल्दी और चने की दाल का दान करें.
दान करें: इस दिन गरीबों को अन्न, वस्त्र और दान देना शुभ माना जाता है. शिव मंदिर में चावल, गुड़, बेसन के लड्डू और सफेद वस्त्र चढ़ाएं. 

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