संस्कृति

Kamada Ekadashi 2025: कब रखा जाएगा कामदा एकादशी का व्रत ? जानें क्या है इस एकादशी का महत्व…

 Kamada Ekadashi 2025: कामदा एकादशी का महत्व धार्मिक, आध्यात्मिक और कर्म के स्तर पर बहुत गहरा है. यह एकादशी व्रत न केवल पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है, बल्कि मनोकामना पूर्ति और जीवन में सुख-शांति के लिए भी इसे अत्यंत प्रभावशाली बताया गया है.


कामदा एकादशी व्रत हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है. यह वर्ष की पहली एकादशी होती है और इसका विशेष महत्व माना गया है.

व्रत की तिथि (Kamada Ekadashi 2025)
तिथि प्रारंभ: 7 अप्रैल 2025, सुबह 9:30 बजे
तिथि समाप्त: 8 अप्रैल 2025, सुबह 10:42 बजे
व्रत रखने की तिथि: 8 अप्रैल 2025 (मंगलवार)
पारण (व्रत खोलने) का समय: 9 अप्रैल 2025 को सुबह 6:05 बजे से 8:35 बजे तक

कामदा एकादशी का महत्व (Kamada Ekadashi 2025)
सभी पापों का नाशक है यह एकादशी: जो व्यक्ति श्रद्धा से यह व्रत करता है, उसकी सभी कामनाएं पूरी होती हैं. विशेष रूप से संतान प्राप्ति, वैवाहिक सुख और धन-संपत्ति की इच्छाओं के लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना गया है. यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो अपने जीवन के पापों से छुटकारा पाना चाहते हैं. धर्मग्रंथों में कहा गया है कि यह व्रत हजारों वर्षों के यज्ञ और तप के बराबर फल देता है.

मोक्ष की प्राप्ति: यह व्रत जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है. भगवान विष्णु की कृपा से व्रती को स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है और अंततः मोक्ष भी मिलता है. जिन लोगों की कुंडली में किसी प्रकार का दोष हो, या जिनके जीवन में बार-बार बाधाएं आती हों, उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी होता है. यह कर्म दोष, पितृ दोष आदि को शांत करता है.

स्कंद पुराण में भी वर्णित: स्कंद पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, एक गंधर्व दंपति को श्राप से मुक्ति इसी व्रत से प्राप्त हुई थी. यह प्रमाणित करता है कि यह व्रत कितना प्रभावशाली और भगवान विष्णु की कृपा दिलाने वाला है.
 

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