संस्कृति

सकट चौथ 2026: सकट चौथ का व्रत रखती हैं? तो ये गलतियां करने से बचें, ताकि सेहत न हो खराब

 सकट चौथ का व्रत संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है. कई महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं, लेकिन यह व्रत जितना धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, उतना ही शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है. थोड़ी सी लापरवाही से सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.



इस साल सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी, मंगलवार यानी आज है. इसलिए हम आपको बता रहे हैं कि व्रत के दौरान किन गलतियों से बचना जरूरी है.

शरीर की स्थिति को नजरअंदाज करना: अगर आपको पहले से कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर, शुगर, एनीमिया या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो बिना सोचे-समझे निर्जला व्रत न रखें. अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही व्रत करें. जरूरत लगे तो फलाहार या जल के साथ व्रत करना बेहतर होता है.


व्रत से पहले सही भोजन न करना: व्रत से एक रात पहले बहुत तला-भुना, ज्यादा नमक या मसालेदार खाना खाना गलत है. इससे अगले दिन डिहाइड्रेशन, गैस और सिरदर्द की समस्या हो सकती है. हल्का, पौष्टिक और संतुलित भोजन करना चाहिए.

पूरे दिन बहुत ज्यादा काम करना: निर्जला व्रत के दौरान ज्यादा शारीरिक मेहनत करना, धूप में निकलना या लगातार खड़े रहना शरीर को कमजोर कर सकता है. इस दिन आराम करें और खुद पर ज्यादा दबाव न डालें.


प्यास या कमजोरी के लक्षणों को अनदेखा करना: अगर चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना, ज्यादा कमजोरी या घबराहट महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. जरूरत पड़ने पर व्रत खोल देना कोई पाप नहीं है. सेहत सबसे पहले आती है.

व्रत खोलते समय भारी भोजन करना: पूरे दिन उपवास के बाद अचानक भारी या ज्यादा मात्रा में खाना खाना गलत है. इससे अपच, उल्टी या पेट दर्द हो सकता है. व्रत खोलते समय हल्के और सुपाच्य भोजन से शुरुआत करें.


नींद और मानसिक शांति की कमी: व्रत के दौरान तनाव, गुस्सा या नींद की कमी भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है. सकट चौथ का व्रत श्रद्धा और शांति के साथ किया जाना चाहिए, न कि जबरदस्ती या तनाव में.

दूसरों को देखकर खुद पर दबाव बनाना: हर महिला की शारीरिक क्षमता अलग होती है. सिर्फ दूसरों को देखकर निर्जला व्रत रखने का दबाव न लें. श्रद्धा का मतलब खुद को कष्ट देना नहीं है.

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