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आषाढ़ का महीना बेहद पवित्र, इस वृक्ष की करें पूजा
आषाढ़ का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। हिंदू कैलेंडर का यह चौथा महीना है। धार्मिक दृष्टि से भी यह माह बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा का विधान है। इस साल आषाढ़ माह की शुरुआत 23 जून, 2024 से हो रही है। वहीं, इस महीने की समाप्ति 21 जुलाई, 2024 को होगी। इस मास में केले के पेड़ की पूजा भी बहुत शुभ मानी जाती है, तो चलिए इसकी पूजा विधि जानते हैं –
केले के पेड़ की पूजा जरूर करें
आषाढ़ मास के गुरुवार को केले के वृक्ष की पूजा फलदायी मानी जाती है। ऐसे में सुबह उठकर पवित्र स्नान के बाद केले के वृक्ष के आसपास का स्थान साफ करें। उसकी जड़ों में हल्दी डालकर जल अर्पित करें। गंगाजल से उसके तने को साफ करें। फिर उसपर गोपी चंदन, हल्दी, रोली का तिलक लगाएं। पीले रंग का वस्त्र अर्पित करें। चने और गुड़ का प्रसाद अर्पित करें। केले के पेड़ के साथ भगवान विष्णु की पूजा अवश्य करें। इसके साथ ही पूजा का समापन आरती से करें।
आषाढ़ माह के नियम
आषाढ़ मास में 'ऊँ नम: शिवाय और ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
इस दौरान तामसिक चीजों से दूर रहें।
इस माह में सूर्योदय से पहले उठना चाहिए।
इस दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए।
इस माह तीर्थ यात्रा बेहद पुण्यदायी मानी जाती है।
इस माह किसी के साथ गलत व्यवहार करने से बचना चाहिए।
भगवान विष्णु पूजा मंत्र
1. ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।
ओलंपिक से पहले चोट प्रबंधन पर मीराबाई चानू ने कहा- सबसे अच्छी तैयारी भी विफल हो सकती है, लेकिन मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी
नई दिल्ली
मीराबाई चानू दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय भारोत्तोलक बनने से एक पदक दूर हैं। टोक्यो 2020 की रजत पदक विजेता का कहना है कि पेरिस ओलंपिक में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह खुद को चोट से कितना बचा पाती हैं और तकनीकी बारीकियों को कैसे सुधार पाती हैं। उन्होंने कहा कि इस बार 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा बहुत कठिन होने वाली है।
पटियाला में नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान में साई मीडिया से बातचीत में, पेरिस 2024 के लिए क्वालीफाई करने वाली एकमात्र भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई ने कहा कि अब से लेकर 7 अगस्त तक, जिस दिन पेरिस में भारोत्तोलन प्रतियोगिता शुरू होगी, के बीच का समय मेरे शरीर की सभी मांसपेशियों को संभालने और स्नैच में कम से कम 90 किलोग्राम वजन उठाने की तकनीक में सुधार करने के लिए समर्पित होगा।
स्नैच में मीराबाई का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88 किलोग्राम है, जिसके दम पर उन्होंने बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 201 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था, जिसमें क्लीन एंड जर्क में 113 किलोग्राम वजन उठाना भी शामिल था। पेरिस 2024 मीराबाई चानू का तीसरा ओलंपिक होगा। रियो 2016 में खराब शुरुआत के बाद, 30 वर्षीय मणिपुरी ने वैश्विक प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के साथ प्रभावशाली वापसी की। मीराबाई 2017 में विश्व चैंपियन बनने वाली 22 वर्षों में पहली भारोत्तोलक बनीं।
उन्होंने गोल्ड कोस्ट में 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता और 2019 विश्व चैंपियनशिप में पदक से चूकने के बाद, मीराबाई ने चीन में 2020 एशियाई चैंपियनशिप में क्लीन एंड जर्क में, चीन के निंगबो में 119 किलोग्राम वजन उठाकर इतिहास रच दिया। यह एक विश्व रिकॉर्ड था!
चोटें मीराबाई के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई हैं। टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक रजत पदक जीतने के बाद से ही उन्हें कई चोटों का सामना करना पड़ा है। हांग्जो एशियाई खेलों में कूल्हे की चोट के कारण मीराबाई पांच महीने तक मैदान से बाहर रहीं। अपने भरोसेमंद अमेरिकी फिजियो डॉ. आरोन होर्शिग और कोच विजय शर्मा के साथ चोटों का प्रबंधन करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती रही है।
पेरिस 2024 के मद्देनजर मीराबाई इस साल अपनी प्रतियोगिताओं को लेकर काफी सतर्क रही हैं। 2024 में उन्होंने केवल एक प्रतियोगिता – विश्व कप – में हिस्सा लिया और 184 किलो वजन उठाकर 12वें स्थान पर रहीं। हालांकि, पेरिस में जगह पक्की करने के लिए यह काफी था।
मीराबाई ने कहा, एशियाई खेलों में चोट लगने के बाद, विश्व कप मेरी पहली प्रतियोगिता थी। मैं निश्चित रूप से एक और चोट लगने के बारे में आशंकित थी। मैं पेरिस में अपने मौके को बर्बाद नहीं करना चाहती थी। इसलिए, हाँ, चोट लगने का डर था। मेरे लिए, चोट प्रबंधन और तनाव मुक्त रहना महत्वपूर्ण होगा। मुझे वो चीजें करनी होंगी जो मुझे ठीक होने में मदद करें। चोटें और दर्द हमारे साथी हैं। आप कभी नहीं जानते कि वे कब हमला करेंगे। हमें उन पर विजय प्राप्त करनी है और पेरिस ओलंपिक मुझे बताएगा कि मैंने खेल के इन पहलुओं को कितनी अच्छी तरह से प्रबंधित किया है।
मीराबाई और उनकी टीम जुलाई के पहले सप्ताह में फ्रांस के ले फर्टे-मिलन के लिए रवाना होंगी और ग्रीष्मकालीन खेलों से पहले अनुकूलन करने के लिए लगभग एक महीने का समय होगा। उनका कहना है कि फिटनेस और तकनीक के बीच सीधा संबंध है और वजन उठाने में हर मांसपेशी की भूमिका होती है।
उन्होंने कहा, भारोत्तोलन कई भागों का योग है। जिम में बहुत सारे व्यायाम करने पड़ते हैं क्योंकि शरीर का हर अंग अपनी भूमिका निभाता है। पीठ, घुटने और कंधे जैसी कुछ मांसपेशियों को एकदम सही स्थिति में होना चाहिए। 200 किलोग्राम (जो मीराबाई के शरीर के वजन का चार गुना है) से अधिक वजन उठाने के लिए मांसपेशियों की ताकत बहुत मायने रखती है। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं प्रशिक्षण नहीं छोड़ सकती। अगर मैं एक दिन के लिए प्रशिक्षण छोड़ देती हूं, तो मुझे ठीक होने और अपनी मांसपेशियों को एकदम सही स्थिति में लाने में एक सप्ताह लग जाएगा।
पटियाला में विश्व स्तरीय सुविधा में अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में मीराबाई ने कहा, अगर ताकत या सहनशक्ति नहीं है, तो कोई वजन नहीं उठा सकता। यह एक कठिन प्रक्रिया है और कोई आराम नहीं कर सकता। मान लीजिए कि स्नैच में 85 किलोग्राम उठाने के लिए, किसी को कम से कम 100 बार 50 किलोग्राम उठाना होगा और फिर धीरे-धीरे वजन बढ़ाना होगा।
भारतीय मूल की शॉना पंड्या वर्जिन गैलेक्टिक की नए अंतरिक्ष अनुसंधान मिशन में शामिल
नई दिल्ली
भारतीय मूल की शोधकर्ता शॉना पंड्या रिचर्ड ब्रैनसन की वर्जिन गैलेक्टिक और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉटिकल साइंसेज (आईआईएएस) के दूसरे शोध मिशन का हिस्सा होंगी।
आईआईएएस नवंबर 2023 में गैलेक्टिक 05 मिशन के बाद वर्जिन गैलेक्टिक के साथ यह दूसरा शोध मिशन संचालित कर रहा है। इसमें स्वास्थ्य देखभाल की नई प्रौद्योगिकियों का परीक्षण किया गया था और यह जांच की गई थी कि भविष्य की चिकित्सा प्रौद्योगिकियों और जीवन रक्षक प्रणालियों के डिजाइन को सूचित करने में मदद करने के लिए कम गुरुत्वाकर्षण में तरल पदार्थ कैसे व्यवहार करते हैं।
शोध मिशन के लिए आईआईएएस अंतरिक्ष यात्री दल में बायोएस्ट्रोनॉटिक्स शोधकर्ता और आईआईएएस के मानव अंतरिक्ष उड़ान संचालन निदेशक केली गेरार्डी, , चिकित्सक, एक्वानॉट, बायोएस्ट्रोनॉटिक्स शोधकर्ता व आईआईएएस के स्पेस मेडिसिन ग्रुप की निदेशक पंड्या और आयरलैंड की एक एयरोनॉटिकल इंजीनियर व बायोएस्ट्रोनॉटिक्स शोधकर्ता नोरा पैटन के शामिल होने की उम्मीद है।
पंड्या 2015 में शून्य गुरुत्वाकर्षण में एक वाणिज्यिक स्पेससूट का परीक्षण करने वाले पहले चालक दल में थीं। आज तक, वह 10 पैराबोलिक उड़ानों में शामिल रही हैं। उनके पास सूक्ष्म और कम गुरुत्वाकर्षण में 160 से अधिक पैराबोला का अनुभव है।
गेरार्डी ने कहा,हम गैलेक्टिक 05 पर हमारे द्रव सेल प्रयोग के परिणामों से रोमांचित थे, जिसने भारहीन वातावरण में एक कंटेनर में द्रव के व्यवहार की सटीक भविष्यवाणी करने की हमारी क्षमता को प्रदर्शित किया।
वर्जिन गैलेक्टिक की सरकारी मामलों और अनुसंधान की उपाध्यक्ष, सिरीशा बंदला ने वर्जिन गैलेक्टिक की यूनिटी 22 अंतरिक्ष उड़ान पर उड़ान भरी। इसने उन्हें अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला बना दिया। बंदला ने कहा, हम आईआईएस के साथ अपनी साझेदारी जारी रखने के लिए उत्साहित हैं।
एफएमसीजी की बिक्री के लिए ग्रामीण भारत बना हुआ है ‘चमकता सितारा’ : रिपोर्ट
नई दिल्ली
रोजमर्रा उपयोग की घरेलू वस्तुओं (एफएमसीजी) की बिक्री की वृद्धि के लिए ग्रामीण भारत एक ‘चमकता सितारा’ बना हुआ है।जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 की दूसरी तिमाही में शहरी क्षेत्रों की तुलना में इस क्षेत्र में विस्तार की बेहतर गति बनाए रखने की उम्मीद है।
आंकड़ा एवं परामर्श कंपनी कंतार की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण भारत 2024 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में एफएमसीजी कंपनियों के लिए शहरी बाजारों की तुलना में ‘बेहतर वृद्धि स्तर’ बनाए रखेगा।
रिपोर्ट में ग्रामीण बाजार को ‘चमकता सितारा’ बताते हुए कहा गया है कि 2024 में इसमें ‘पुनरुत्थान’ होने की संभावना है। जहां शहरी क्षेत्र के तनाव में रहने की संभावना है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र साल की दूसरी तिमाही में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस वृद्धि को इसी साल फरवरी में पेश अंतरिम बजट में सरकार द्वारा क्षेत्र-केंद्रित उपायों से मदद मिली है और इससे स्थिरता आई है।
कंतार की दूसरी तिमाही की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा, इस साल जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां लोकलुभावन उपायों की उम्मीद की जा रही है।
कंतार की रिपोर्ट के अनुसार, “हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि आने वाले महीनों में कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और दूसरी छमाही में ग्रामीण बाजार के लिए लोकलुभावन उपायों में वृद्धि ही देखने को मिलेगी। कोविड-19 के बाद, ग्रामीण बाजार संकट में था और पिछली तिमाहियों में लगातार गिरावट का सामना करना पड़ा था।”
रिपोर्ट में कहा गया है, “हालांकि, ग्रामीण परिप्रेक्ष्य से 2024 की शुरुआत शानदार रही है। ग्रामीण वृद्धि ने शहरी वृद्धि को पीछे छोड़ दिया है; और ग्रामीण क्षेत्र ऊपर की ओर देख रहा है।”
कारोबार में बढ़त के लिए एआई समेत टेक्नोलॉजी में निवेश को वरीयता दे रहे भारतीय सीईओ : रिपोर्ट
नई दिल्ली
भारतीय सीईओ अपने कारोबार में वृद्धि और उत्पादकता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समेत अन्य टेक्नोलॉजी में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ईवाई सीईओ आउटलुक प्लस सर्वे में बताया गया कि अगले 12 महीनों में कारोबार में वृद्धि और उत्पादकता बढ़ाने के लिए करीब 70 प्रतिशत भारतीय सीईओ एआई समेत टेक्नोलॉजी में निवेश को अधिक महत्व दे रहे हैं। यह वैश्विक औसत 47 प्रतिशत से कहीं अधिक है।
वहीं, 56 प्रतिशत सीईओ का मानना है कि डेटा मैनेजमेंट एवं साइबर सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जाए। इसके अलावा 50 प्रतिशत सीईओ बिजनेस के सभी पहलुओं पर लागत को अनुकूल बनाना चाहते हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि 44 प्रतिशत ने माना है कि नई टेक्नोलॉजी को लाना, नई प्रोडक्शन सुविधा और इनोवेटिव स्टार्टअप होना विलय और अधिग्रहण के पीछे की सबसे बड़ी वजह है।
ईवाई इंडिया टेक्नोलॉजी में कंसल्टिंग लीडर महेश मखीजा ने कहा, टेक्नोलॉजी में निवेश केवल आज के लिए नहीं बल्कि भविष्य की नीति को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। यह सर्वे दिखाता है कि बड़ी संख्या में सीईओ अपनी संस्था में एआई केंद्रित ब्लूप्रिंट पर काम कर रहे हैं, जिससे इनोवेशन और उत्पादकता को बढ़ाया जा सके।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि एक साल पहले की तुलना में अधिकांश सीईओ द्वारा स्थिरता के बढ़ते महत्व को स्वीकार करने के बावजूद 16 प्रतिशत ने इसे प्राथमिकता में नीचे कर दिया है। इसकी वजह वित्तीय बाधाओं और बोर्डरूम के फोकस में परिवर्तन होना है। स्थिरता के एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए, कॉर्पोरेट भारत एआई सहित टेक्नोलॉजी इंसेंटिव की वकालत करता है।
बीमा नियामक इरडा ने यूलिप को ‘निवेश उत्पाद’ के रूप में विज्ञापित करने पर लगाई रोक
नई दिल्ली
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने एक मुख्य परिपत्र जारी कर ‘यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं’ (यूलिप) को ‘निवेश उत्पाद’ के रूप में प्रचारित करने पर रोक लगा दी है।
इरडा के 19 जून के परिपत्र में कहा गया कि ‘यूनिट-लिंक्ड’ या ‘इंडेक्स-लिंक्ड’ बीमा उत्पादों को ‘निवेश उत्पाद’ के रूप में विज्ञापित नहीं किया जाएगा।
बीमा कंपनियों को स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि बाजार से जुड़ी बीमा योजनाएं पारंपरिक बंदोबस्ती पॉलिसियों से भिन्न हैं और उनमें जोखिम भी होता है।
इसी तरह, भाग लेने वाली (बोनस के साथ) बंदोबस्ती पॉलिसियों को पहले ही यह बताना होगा कि मुनाफे में अनुमानित बोनस की गारंटी नहीं है।
इरडा ने कहा कि परिवर्तनीय वार्षिकी भुगतान विकल्प के साथ लिंक्ड बीमा उत्पादों और वार्षिकी उत्पादों के सभी विज्ञापनों में जोखिम कारकों का खुलासा किया जाएगा।
सनफार्मा ने भारत में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दवा पेश करने के लिए टकेडा से किया समझौता
नई दिल्ली
फार्मास्युटिकल कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने भारत में एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दवा के व्यावसायीकरण के लिए टकेडा फार्मास्युटिकल कंपनी के साथ लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस दवा का उपयोग पाचन संबंधी विकारों के उपचार में किया जाता है।
मुंबई की कंपनी ने शुक्रवार को बयान में कहा कि उसने भारत में 10 और 20 मिलीग्राम की मात्रा में वोनोप्राज़न टैबलेट के व्यावसायीकरण के लिए टेकेडा के साथ एक गैर-अनन्य पेटेंट लाइसेंसिंग समझौता किया है।
वोनोप्राजन एक नया, सक्रिय पोटेशियम प्रतिस्पर्धी एसिड अवरोधक (पीसीएबी) है, जिसका उपयोग रिफ्लक्स एसोफैगिटिस और अन्य अम्ल पाचन संबंधी विकारों के इलाज के लिए किया जाता है।
सनफार्मा के भारतीय कारोबार के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कीर्ति गनोरकर ने कहा, “सन फार्मा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में अग्रणी है और हम टकेडा से गैर-अनन्य पेटेंट लाइसेंस के तहत भारत में वोनोप्राजन को पेश करने के लिए उत्साहित हैं।”
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत यह रोगियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को रिफ्लक्स एसोफैगिटिस और अन्य पाचन संबंधी विकारों के लिए एक नया उपचार विकल्प देती है।
गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जीईआरडी) भारत में आम है।
भारतीय धड़ाधड़ स्विस बैंक से पैसे निकाल रहे हैं, अब केवल रह गई इतनी रकम!
नईदिल्ली
स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के पैसों में लगातार दो साल से ढलान जारी है, स्विस नेशनल बैंक (SNB) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चला है कि 2023 में भारतीयों की जमा रकम में 70 फीसदी की गिरावट आई है. इस गिरावट के बाद भारतीयों का पैसा गोता लगाकर 1.04 अरब स्विस फ्रैंक पर आ गया है, अगर इस रकम को भारतीय मुद्रा में आंकलन करें तो ये 9,771 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि पिछले चार साल का सबसे निचला स्तर है.
भारतीयों के पैसे में फिसलन लगातार जारी है, अगर पिछले दो दशक के कैलेंडर पर नजर दौड़ाएं तो कुछ साल को छोड़कर स्विस बैंकों में जमा पैसों में निरंतर गिरावट ही देखने को मिल रही है. स्विस में लोगों के द्वारा निवेश की गई रकम अनवरत लुढ़क रही है, जिसके पीछे कई वजहों को बताया जा रहा है.
क्यों आई ये गिरावट?
21वीं सदी के तीसरे दशक के पहले वर्ष में यानी साल 2021 में स्विस बैंकों का पैसा आसमान छू रहा था और वो लंबी छलांग लगाकर 14 साल के शिखर पर पहुंच गया था. उस वर्ष सीएचएफ (CHF) 3.83 अरब हो गया था, लेकिन उसके बाद, वहां जमा पैसा साल दर साल नीचे की तरफ आने लगा और साल 2023 के आंकड़ों के अनुसार ये फिसलकर 4 साल के निचले पायदान पर आ गया है.
इन आंकड़ों की ऑफिशियल जानकारी स्विस नेशनल बैंक (SNB) ने दिया है. इस गिरावट का कारण फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट के फॉर्म में किए गए निवेश में कमी के साथ बॉन्ड की कीमतों में भी आई कमी को बताया जा रहा है.
धारक के नाम पर स्विस अभी खामोश
स्विस बैंकों में भारतीय लोगों का कितना पैसा है ये बात तो समय पर समय पर निकल कर बाहर आती है. लेकिन इन पैसों का मालिक कौन है, इस पर वहां के बैंक हमेशा चुप्पी साध लेता है. वे इस बात का खुलासा कभी नहीं करते हैं, कि जिन लोगों ने या कंपनियों ने उनके यहां फंड में निवेश किया है, उनका नाम किया है और किस वजह से निवेश किया है.
कब पड़ी बैंक की नींव
स्विट्जरलैंड के बैंक हमेशा धन संचय को लेकर चर्चा के केंद्र में रहते हैं, उसकी सबसे बड़ी वजह वहां का गोपनीयता कानून का सेक्शन-47 है, जिसके तहत बैंक में खाता खोल सकते हैं, वैसे जिसे हम स्विस बैंकों के नाम से जानते हैं वे साल 1998 में यूनियन बैंक ऑफ स्विट्जरलैंड और स्विस बैंक कॉरपोरेशन के विलय के बाद अस्तित्व में आया था. जो तब से लेकर अबतक अपने इसी गोपनीयता के कारण लोगों के बीच जिक्र में रहता है. फिलहाल इस रिपोर्ट के बाद ये एक बार फिर से चर्चा में बना हुआ है.
कब-कब आया पैसों में उछाल
साल 2006 में स्विस बैंकों का मुद्दा मुखर तौर पर लोगों के बीच चर्चा में तब आया था जब स्विस नेशनल बैंक (SNB) ने वर्ष भारतीयों के जमा रकम का आंकड़ा जारी किया था. जिसमें लोगों की कुल रकम 6.5 अरब स्विस फ्रैंक हो गई थी. उसके बाद साल 2011, 2013, 2017,2020 और 2021 में भी स्विस बैंकों के निवेशकों के फंड में इजाफा हुआ था.
सीमा विवाद का असर, भारत ने चीन के सीधी हवाई यात्रा के प्रस्ताव को ठुकराया, 4 साल से बंद है सेवा…
नई दिल्ली/दुबई। भारत ने 4 साल बाद यात्री उड़ानें फिर से शुरू करने के चीन के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. भारत का मानना है कि जब तक चीन से सीमा विवाद न सुलझ जाए तब तक इस तरह के प्रयास करने का कोई फायदा नहीं है.
अमेजन पार्सल में निकला जिंदा कोबरा, कंपनी ने मांगी माफी, महिला को रिफंड किया पूरा पैसा
कर्नाटक के बेंगलुरु में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ऑनलाइन पार्सल से जिंदा कोबरा निकलने से महिला के होश उड़ गए. दरअसल तन्वी ने अमेजन से गेमिंग कंट्रोलर मंगवाया था. 17 जून को जब वह पैकेज खोल रही थी तो उसके अंदर से जहरीला सांप निकला. सांप पैकेजिंग टेप से चिपक गया था, जिसके कारण किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. महिला ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जो काफी वायरल हो रहा है.
NEET Paper Leak: तेजस्वी बोले-‘बुला लो मेरे PS को और कर लो गिरफ्तार..
NEET Paper Leak मामले में बिहार के पूर्व डिप्टी CM और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पर्सनल सेक्रेटरी की भूमिका सामने आने के बाद बड़ा बयान दिया है और कहा है कि अगर उसकी गलती है तो सरकार उसे गिरफ्तार कर ले मुझे कोई दिक्कत नहीं है.
Rahul Gandhi: ‘राहुल गांधी के कंप्यूटर में वायरस और प्रियंका गांधी के….’
Pramod Krishnam attack on Rahul Gandhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की भी तारीफ करते हुए कांग्रेस के पूर्व नेता और कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक बार फिर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर निशाना साधा है। कृष्णम ने कहा कि राहुल गांधी से जवाब लेना चाहिए कि 2014 लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election), 2019 लोकसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव में हार का जिम्मेदार कौन है? इसके लिए प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस को वर्किंग कमिटी की बैठकर आत्मचिंतन की सलाह दी। वहीं प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के वायनाड उपचनाव लड़ने के फैसले पर भी प्रमोद कृष्णम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
CBI का खुलासा: एग्जाम से एक दिन पहले लीक हुआ था UGC-NET का पेपर, डार्कनेट पर किया गया था अपलोड
बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के जरिए करवाई जाने वाली यूजीसी-नेट परीक्षा में धांधली के बाद शिक्षा मंत्रालय ने इसे रद्द कर दिया था। सरकार ने पेपर रद्द करने के बाद इसकी जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी है। सीबीआई ने जांच के दौरान ये पता लगा रही है कि यूजीसी नेट एग्जाम का पेपर कहां से लीक हुआ है।
BIG BREAKING: जेपी नड्डा बन सकते हैं राज्यसभा में सदन के नेता
बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा को जल्द ही एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्हें पार्टी की ओर से राज्यसभा में सदन का नेता बनाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने बोले- जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ‘युवाओं को बनाना है सशक्त
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में ‘युवाओं को सशक्त बनाना, जम्मू-कश्मीर में बदलाव लाना’ कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में सड़क, जलापूर्ति और उच्च शिक्षा में अवसंरचना क्षेत्र सहित 1,500 करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।उन्होंने 1,800 करोड़ रुपये की लागत वाली कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता वृद्धि परियोजना (जेकेसीआईपी) का भी शुभारंभ किया।श्री मोदी ने 200 नई सरकारी भर्तियों को रोजगार पत्र सौंपने की भी पहल की।इस अवसर परप्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और केंद्र शासित प्रदेश के युवा अचीवरों से संवाद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया योग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया योग की शक्ति को मानती है। विश्व योग को वैश्विक भलाई के लिए एक शक्तिशाली एजेंट के रूप में देखता है। यह लोगों को अतीत के बोझ को ढोए बिना वर्तमान में जीने में मदद करता है। श्रीनगर के एसकेआईसीसी में 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह बातें कहीं।
प्रदेश में विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण के कार्यों की केन्द्रीय बोर्ड के सदस्य ने की सराहना
प्रदेश में विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण के लिये किये जा रहे कार्यों की केन्द्रिय सरकार के विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु समुदायों के विकास एवं कल्याण बोर्ड के सदस्य भरतभाई बाबूभाई पटनी ने सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसके द्वारा विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु के विकास और कल्याण के लिये पृथक विभाग के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। श्री पटनी गुरूवार को मंत्रालय में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर के साथ विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु समुदायों के विकास और कल्याण के लिये राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर चर्चा कर रहे थे।
नीट पर देश में कई जगहों पर कांग्रेस व छात्रों का प्रदर्शन
नई दिल्ली । नीट यूजी 2024 में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुक्रवार 21 जून को कांग्रेस कार्यकर्ता व नेताओं ने दिल्ली, जयपुर, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई समेत विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में देश भर के कांग्रेस नेताओं को एक पत्र लिखा था। इसमें विभिन्न राज्यों के कांग्रेस अध्यक्षों से कहा गया था कि न्याय की मांग करते हुए शुक्रवार को राज्य मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करें।
मंगाफ अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिजन को 15-15 हजार डॉलर मुआवजा देगी कुवैत सरकार: रिपोर्ट
दुबई/कुवैत सिटी
कुवैत की सरकार दक्षिण अहमदी गवर्नरेट में पिछले दिनों हुए अग्निकांड में मारे गए 46 भारतीयों समेत सभी 50 लोगों के परिजनों को 15-15 हजार डॉलर का मुआवजा देगी। एक खबर में यह दावा किया गया।
कुवैत के अधिकारियों के अनुसार मंगाफ इलाके में 12 जून को सात मंजिला इमारत में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी।
इमारत में 196 प्रवासी श्रमिक रह रहे थे जिनमें अधिकतर भारतीय थे।
‘अरब टाइम्स’ अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार कुवैत के अमीर, शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह के आदेश पर मृतकों के परिजन को 15-15 हजार डॉलर (12.5 लाख रुपये) की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
सरकारी सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा कि संबंधित दूतावासों को यह राशि पहुंचाई जाएगी। अग्निकांड में फिलीपीन के तीन नागरिक भी मारे गए थे और एक मृतक की पहचान नहीं हुई है।
खबर में कहा गया है कि संबंधित दूतावास मृतकों के परिजनों तक राशि पहुंचाने का काम करेंगे।
भारत सरकार ने भयावह अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी।
केरल सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह इस हादसे में जान गंवाने वाले अपने राज्य के लोगों के परिवारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी।
46 भारतीयों की हुई थी मौत
कुवैत के मंगाफ शहर में लगी भीषण आग में 46 भारतीयों की मौत हो गई थी। मंगाफ क्षेत्र में सात मंजिला इमारत के रसोईघर में भीषण आग लगने से 50 विदेशी मजदूरों की मौत हुई थी और 50 अन्य घायल हुए थे। इनमें से ज्यादातर भारतीय थे और बाकी पाकिस्तान, फिलिपीन, मिस्र और नेपाल के नागरिक थे। हादसे में मारे गए 46 भारतीयों के शवों को लेकर 14 जून को भारतीय वायुसेना का विमान कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा थाअग्निकांड में जान गंवाने वाले भारतीयों में से 31 लोग दक्षिणी राज्यों से थे और उनके शवों को विमान से कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया था।
रसोई घर में लगी थी आग
कुवैत के दक्षिणी अहमदी गवर्नरेट के मंगाफ क्षेत्र में स्थित सात मंजिला इमारत की रसोई में बुधवार को आग लग गई थी। इमारत में 195 प्रवासी मजदूर रह रहे थे। इस घटना के बाद इस तरह के भवन मालिकों और कंपनी मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है, जो लागत कम करने के लिए कानून का उल्लंघन करते हुए बड़ी संख्या में विदेशी मजदूरों के अत्यंत असुरक्षित परिस्थितियों में रहने का बंदोबस्त करते हैं।
साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार, आईपीओ में निवेश का झांसा देकर ठगे 50 लाख रुपये
नोएडा
साइबर अपराधियों ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाली एक महिला को घर बैठे शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश करके लाखों रुपये कमाने का झांसा देकर उसके साथ कथित तौर पर 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी की। घटना की रिपोर्ट साइबर अपराध थाने में दर्ज कराई गई है।
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) विवेक रंजन राय के अनुसार पुलिस को दी गई शिकायत में एकता चैतन्य ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने फेसबुक पर शेयर बाजार का एक विज्ञापन देखा था।
शिकायत के अनुसार जब उन्होंने इस पर क्लिक किया तो उन्हें एक व्हॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया जिसमें घर बैठे डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग करके लाखों रुपये कमाने की बात कही गई थी।
महिला ने बताया कि ग्रुप में प्रतिदिन शेयर बाजार, आईपीओ को लेकर जानकारी दी जाती थी और इस दौरान कथित आरोपियों ने उनसे व्यक्तिगत बात करना शुरू कर दिया।
शिकायत के अनुसार उन्हें कथित रूप से कई कंपनियों के शेयर में लाखों रुपये निवेश करने का झांसा दिया गया और उन्होंने कुल 50 लाख 9 हजार रुपये निवेश कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह अपने मुनाफे की रकम वापस लेने लगीं तो जालसाजों ने उनके ट्रेडिंग खाते को बंद कर दिया और फिर कारोबार नहीं करने दिया।
घर बैठे कमाई का झांसा देकर 20.54 लाख रुपये की ठगी
घर बैठे काम करके लाखों रुपये कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से कथित रूप से 20,54,464 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर अपराध थाने में की है।
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) विवेक रंजन राय ने बताया कि शिकायत में ग्रेटर नोएडा निवासी संदीप कुमार ने बताया कि बीते दिनों उनके मोबाइल पर एक संदेश आया जिसमें घर बैठे काम कर लाखों रुपये प्रतिमाह कमाने की बात कही गई।
शिकायत के अनुसार उन्हें ‘गूगल मैप’ पर होटलों की रेटिंग कर पैसे कमाने की बात कही गई और शुरुआत में इस काम के लिए पैसे भी दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद बड़ा निवेश कर अधिक कमाने का झांसा दिया गया और उन्होंने 50 हजार रुपये की रकम निवेश की।
शिकायत में दावा किया गया है कि जब पीड़ित ने लाभ समेत अपनी रकम निकालनी चाही तो आरोपियों ने पांच लाख रुपये और निवेश करने के बाद ही पैसे वापस मिलने की बात कही।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसके बाद ठगों ने कई बार में उनसे 20 लाख 54 हजार 464 रुपये जमा करा लिए। उन्होंने आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।