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Bihar में हो क्या रहा है! एक हफ्ते में तीसरा पुल गिरा, मोतिहारी में 2 करोड़ की लागत से बन रहा 50 फीट का ब्रिज भरभराकर गिरा

 Bihar Bridge Collapse: ये Bihar में हो क्या रहा है! ये हम नहीं, वहां की जनता ये सवाल इन दिनों एक-दूसरे से पूछ रहे हैं… और इसका कारण एक के बाद एक पुलों का गिरना है। जी हां… बिहार में पुलों के गिरने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सिवान (Siwan Bridge Collapse) और अररिया (Araria Bridge Collapse) के बाद अब मोतिहारी जिले में एक पुल (Motihari Bridge Collapse) भरभराकर धराशाई हो गया है। बरसात के सीजन शुरू होने के साथ ही एक के बाद एक लगातर पुलों के गिरना कई सवालों को जन्म दे रहा हैं। वहीं भ्रष्टाचार का पोल भी खोल रहा है।


बिहार में पुल गिरने का सिलसिला जारी है. अररिया, सिवान के बाद अब मोतीहारी में पुल गिर गया है। मोतीहारी के घोड़ासहन में 2 करोड़ की लागत से बन रहा 50 फीट निर्माणाधीन पुल गिरा है। इस पुल पर अभी काम चल रहा था। इस पुल की ढलाई हो चुकी है। ये पुल अमवा से चैनपुर स्टेशन जाने वाली सड़क पर बन रहा था। इससे पहले अररिया में 12 करोड़ की लागत से बकरा नदी पर बना पुल 18 जून को गिरा था। वहीं सिवान में 22 जून को गंडक नहर पर पुल गिर पड़ा था।

जानकारी के मुताबिक पुल को बनाने के लिए रात के अंधेरे में पुल की ढलाई की जा रही थी। रात करीब 12 बजे पुल ध्वस्त हो गया। गांववालों का आरोप है कि सीमेंट और बालू का सही मिलान नहीं होने और ढलाई के लिए लगाए गए सेंट्रिंग के पाइप का कमजोर होने के कारण पुल ध्वस्त हुआ है। गांववालों का आरोप है कि पुल को बनाने में लापरवाही की गई, जिसके कारण यह गिर गया।

वहीं इस पुल को बनाने वाली कंपनी के मुंशी ने कहा है कि मोटरसाइकिल से एक युवक आया और एक पाया हिलाया, जिस कारण पुल ध्वस्त हो गया है। पुल के बनने से लोगों के बीच उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें आने-जाने में सुविधा मिलेगी, लेकिन अब उनके अरमान पर पानी फिर गया है।

अररिया में बकरा नदी पर बना पुल ध्वस्त 
अररिया के सिकटी में (Araria Bridge Collapse) बकरा नदी पर बना पुल उद्घाटन से पहले ही धवस्त हो गया। पुल का निर्माण लगभग पूरा हो गया था।सात करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत से बने इस पुल का निर्माण, पहले बने पुल की एप्रोच कट जाने के बाद कराया गया था। बताया जा रहा है कि मंगलवार को पुल के 3 पिलर नदी में धंस गए थे, इसके बाद पुल गिर गया। सिकटी विधायक विजय मंडल ने इस मामले में कहा था कि जिले के ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा यह पुल तैयार किया गया था। जमीन पर ही पिलर गाड़कर इसको बनाया गया था। यहां एप्रोच रोड भी नहीं बना था। करीब 12 करोड़ की लागत वाले 100 मीटर का यह पुल था। इसका उद्घाटन भी नहीं हुआ था, पूरी तरह से कंप्लीट भी नहीं था।

सिवान में भी ध्वस्त हुआ पुल
शनिवार को सिवान जिले के महाराजगंज में (Siwan Bridge Collapse) पटेढ़ा गांव स्थित नहर पर बना नहर पुल अचानक ध्वस्त हो गया।पुल टूटने के कारण आसपास के दर्जनों गांव का संपर्क टूट गया। यह पुल काफी पुराना था और मिट्टी के कटाव के कारण ब्रिज ध्वस्त हो गया।सीवान की इस घटना को लेकर जिला मजिस्ट्रेट मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा था कि यह पुल दरौंदा और महाराजगंज ब्लॉक के गांवों को जोड़ने वाली नहर पर बना था। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। यह बहुत पुराना था। नहर से पानी छोड़े जाने पर खंभे ढह गए। हम कोशिश में हैं कि लोगों को यथासंभव कम असुविधा का सामना करना पड़े।

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