देश-विदेश
"कोरोना के नए वेरिएंट JN-1 ने भारत में दस्तक दी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट"
दिल्ली: एक बार फिर कोरोना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. कोरोना के नए वेरिएंट जे एन-1 ने भारत में दस्तक दे दी है. जिसे काफी खतरनाक माना जा रहा है. ये अब तक भारत में 5 लोगों की जान ले चुका है. इस वेरिएंट के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है. जानकरी के अनुसार, ये नया वेरिएंट पूरी दुनिया में तेजी से पांव पसार रहा है.
हेल्थ मिनिस्ट्री ने कोरोना के नए वेरिएंट जे एन-1 की भारत में प्रवेश की पुष्टि की है. इसे देखते हुए सभी राज्यों को फुल अलर्ट पर रहना होगा. नए साल पर होने वाले कार्यक्रमों में भीड़ कंट्रोल करने के लिए उचित कदम उठाने होंगे. अपने यहां कोरोना के मामलों की आरटी पीसीआर तकनीक से टेस्टिंग बढ़ानी होगी. सभी तरह के बुखार की नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी. अगर किसी मरीज का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आता है तो उसके सैंपल की जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए INSACOG LAB में भेजा जाए.
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को भारत में कोविड के एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1828 रही. इस दौरान देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 5 हो गई. मरने वालों में 4 केरल और 1 यूपी के रहने वाले थे. देश में मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है. इससे पहले रविवार को कोरोना के देश में 335 नए मामले डिटेक्ट किए गए थे.
यहां मिला था नया वेरिएंट
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ राजीव बहल ने कहा कि 8 दिसंबर को केरल के काराकुलम कोरोना का नया वेरिएंट सामने आया था. एक 79 साल की महिला के आरटी-पीसीआर टेस्ट से उसमें कोरोना के नए वेरिएंट JN.1 का पता चला था. इससे पहले उसे 18 नवंबर को उसे कोरोना होने का पता चला था. तब उसे इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे और तब से वह कोविड-19 से उबर चुकी थी. लेकिन बाद में उसमें कोरोना का नया वेरिएंट पाया गया.
गोरखपुर: 22 वर्षीय युवक ने 65 वर्षीय महिला के साथ रेप किया, ग्रामीणों ने पकड़ा और पुलिस को हवाले किया
गोरखपुर: यूपी के गोरखपुर में 22 साल के एक लड़के ने अपने से तीन गुना उम्र की महिला के साथ रेप कर दिया। चीखें सुनकर पहुंचे लोगों ने लड़के को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं इस हैवानियत की शिकार हुईं महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह शर्मनाक वारदात गोरखपुर के सहजनवां क्षेत्र के एक गांव में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की भोर में नित्यकर्म के लिए खेत की तरफ गई 65 वर्षीय महिला को गांव के एक युवक ने पकड़ लिया और उनके साथ रेप किया। महिला की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पकड़ कर पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया। उधर, गिरने से घायल हुई महिला का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने आरोपित युवक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक सहजनवा क्षेत्र की रहने वाली 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला नित्यकर्म के लिए बगल के खेत की तरफ चली गई थीं। आरोप है कि उसी दौरान गांव का 22 वर्षीय युवक उनके साथ जोर-जबरदस्ती करने लगा। महिला के विरोध करने पर उसने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और मुंह दबाकर दुष्कर्म करने लगा। इस दौरान महिला लगातार चीखने-चिल्लाने और शोर मचाने की कोशिश करती रहीं। किसी तरह से छूटने के बाद महिला ने जोर से शोर मचाया। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े और आरोपी को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। गांव पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया और अपने साथ थाने ले गई।
इस दौरान गिरने से घायल हुई महिला को पुलिस ने सहजनवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर पहुंचाया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एसपी नार्थ जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि युवक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
संसद में हुए आतंकी हमले पर विपक्ष ने की सुरक्षा में चूक पर आलोचना, प्रधानमंत्री मोदी ने जांच में गहराई से जाने की की आवश्यकता
नई दिल्ली: संसद पर 22 साल पहले हुए आतंकी हमले की बरसी पर फिर हुई सुरक्षा में चूक पर विपक्ष हमलावर है. गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान की मांग करते हुए कार्यवाही को बाधित किए हुए है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने घटना को चिंताजनक बताते हुए इसकी गहराई में जाना जरूरी करार दिया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक हिंदी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि संसद में जो घटना हुई, उसकी गंभीरता को जरा भी कम नहीं आंकना चाहिए. इसलिए स्पीकर महोदय पूरी गंभीरता के साथ आवश्यक कदम उठा रहे हैं. जांच एजेंसियां सख्ती से जांच कर रही हैं. इसके पीछे कौन-से तत्व हैं और उनके मंसूबे क्या हैं. इसकी गहराई में जाना भी उतना ही जरूरी है. एक मन से समाधान के रास्ते भी खोजने चाहिए. ऐसे विषयों पर वाद-विवाद या प्रतिरोध से सभी को बचना चाहिए.
आरोपियों के खिलाफ लगा UAPA
इस बीच संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले में मुख्य आरोपी ललित झा ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था. पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ यूएपीए की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है. शुरुआती तौर पर आठ सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.
"प्रधानमंत्री मोदी ने सूरत डायमंड बोर्स का उद्घाटन किया, दुनिया की सबसे बड़ी व्यावसायिक परिसर का निर्माण 3,400 करोड़ रुपये में किया गया है।"
सूरत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रविवार को दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान यानी सूरत डायमंड बोर्स (SDB) का उद्घाटन करने वाले हैं. इस प्रतिष्ठान का निर्माण 3,400 करोड़ रुपये की लागत से 35.54 एकड़ जमीन पर हुआ है, जो कच्चे और पॉलिश किए गए हीरे के कारोबार का एक वैश्विक केंद्र बनेगा और यह अमेरिका स्थित पेंटागन से भी काफी बड़ा है अब 175 देश के हीरा कारोबारी सूरत खरीदी करने आएंगे.
क्या है SDB की खासियत
सूरत में हीरा कारोबार के जुड़ी SDB दुनिया की सबसे बड़ी इमारत है, जिसका निर्माण जुलाई में पूरा हो गया थाइस इमारत के आकार अमेरिका के पेंटागन को पीछे छोड़ दिया है और इसमें 4,500 से अधिक इंटरकनेक्टेड ऑफिस हैंइस 15 मंजिला इमारत को ‘वन स्टॉप डेस्टिनेशन’ के रूप में बनाया गया है इसका निर्माण कुल 9 आयताकार स्ट्रक्चर के रूप में किया गया है और यह सभी इमारत एक-दूसरे से सेंट्रल स्पाइन के जरिए जुड़ी हैं.
SDB ने 67 लाख वर्ग फुट क्षेत्र को कवर करता है
1943 में अमेरिका का पेंटागन 65 लाख वर्ग फुट क्षेत्र के साथ दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र था, लेकिन भारत के गुजरात में बना SDB ने 67 लाख वर्ग फुट क्षेत्र को कवर करता है इस वजह से Surat Diamond Bourse (SDB) ने दुनिया के सबसे बड़े व्यावसायिक परिसर पेंटागन को भी पछाड़ दिया है रविवार को प्रधानमंत्री मोदी 11 भी इस व्यावसायिक प्रतिष्ठान का उद्धाटन करने वाले हैं इसके पहले वह सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन करेंगे.
1.5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमारत में कुल 125 लिफ्ट लगी हैं और यहां 300 स्क्वॉयर फीट से लेकर 75,000 स्क्वॉयर फीट तक का ऑफिस स्पेस है. जिसमें एक बार में 67,000 लोग बैठकर काम कर सकेंगे इस इमारत में कॉन्फ्रेंस हॉल, क्लब, बैंक्वेट हॉल, हेल्थ क्लब से रेस्टोरेंट जैसी सभी सुविधाएं हैं. इमारत के स्पेस को लीज पर बेचा नहीं जाएगा करीब 4,200 व्यापारियों ने मिलकर इसका निर्माण करवाया है और यहां 1.5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.
दुनिया सूरत को ‘डायमंड सिटी’ के नाम से जानती है
मुंबई लंबे समय से भारत में हीरों के निर्यात का केंद्र रहा है, लेकिन सूरत को दुनिया ‘डायमंड सिटी’ के नाम से जानती है. इसके पीछे कारण है कि दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत कच्चे हीरे अमेरिका और चीन जैसे देशों में बेचे जाने से पहले यहीं काटे और पॉलिश किए जाते हैं. वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डायमंड बॉर्सेस (WDB) के अध्यक्ष एली इजहाकॉफ ने कहा, “SDB का उद्देश्य वैश्विक हीरा उद्योग को एक ही छत के नीचे केंद्रीकृत करना है”.
कई हीरा व्यापारियों ने अपने ऑफिस शिफ्ट किए
उद्घाटन से पहले ही मुंबई स्थित कई हीरा व्यापारियों ने अपने ऑफिस शिफ्ट कर दिए हैं और उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी यहां व्यापारियों को संबोधित भी करेंगे. बता दें कि जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा था कि SDB ने अब पेंटागन को पीछे छोड़ दिया है और सूरत में यह दुनिया की सबसे बड़ी वैश्विक व्यवसायिक इमारत बन गई है.
"महाराष्ट्र: नागपुर में कार और ट्रक की भीषण टक्कर में छह लोगों की मौत, एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल"
महाराष्ट्र: नागपुर में काटोल-कलमेश्वर रोड पर सोनखंब गांव के पास एक कार और ट्रक की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है।
हादसा देर रात सवा 12 बजे से दो बजे के बीच हुई। कार में सात लोग सवार होकर शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी कार सोयाबीन ले जा रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य दो लोगों की अस्पताल में मौत हो गई। तीन अन्य को इलाज के लिए नागपुर भेजा गया, जिसमें से दो लोगों की जान चली गई। वहीं, एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
"कांग्रेस सांसद धीरज साहू के परिवार के ठिकानों पर हुई आयकर छापेमारी का अंत, साहू ने कहा- पैसा मेरे परिवार का, इसमें राजनीति का कोई लेना-देना नहीं"
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी शुक्रवार तड़के खत्म हो गई. दस दिन तक चली छापेमारी में 350 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं, जिसे देश में अब तक किसी छापेमारी में जब्त “सबसे अधिक नकदी” बताया जा रहा है. इस मामले पर अब कांग्रेस सांसद धीरज साहू की पहली प्रतिक्रिया आई है.
परिसरों से 350 करोड़ रुपये बरामदगी पर साहू ने कहा कि मैं पहले ही कह चुका हूं कि यह पैसा मेरे परिवार की व्यावसायिक कंपनियों का है. आयकर विभाग का पक्ष आने दीजिए चाहे वह ‘काला धन’ हो या ‘सफेद धन’. मैं बिजनेस लाइन में नहीं हूं. इसका जवाब मेरे परिवार के सदस्य देंगे. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पैसे का कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है.
बता दें कि कांग्रेस सांसद धीरज साहू के परिवार से जुड़े बौद्ध डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड (बीडीपीएल) और इससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ छह दिसंबर को छापेमारी शुरू हुई थी. अधिकारियों ने इस दौरान वितरकों, कुछ हवाला संचालकों, कई कंपनियों के अलावा रांची में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू के पारिवारिक आवास पर भी छापेमारी की.
सूत्रों ने बताया कि 15 दिसंबर तड़के छापेमारी खत्म हो गई. विभाग ने ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 30-34 परिसरों पर छापेमारी की और इस अभियान के दौरान 350 करोड़ नगद के साथ-साथ लगभग तीन किलोग्राम सोने के आभूषण भी जब्त किए गए.
"राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का शपथ ग्रहण, दोनों उप-मुख्यमंत्रियों के साथ समारोह में हो सकते हैं बड़े नेताओं का हाजिरी"
जयपुर: राजस्थान के नवनियुक्त मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज अपने पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे. उनके साथ दोनों उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी और डॉ. प्रेम चंद बैरवा भी शपथ लेंगे. ये कार्यक्रम रामनिवास बाग में दोपहर 3 बजे आयोजित किया जाएगा.
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और लाखों कार्यकर्ता शामिल होने जा रहे हैं. बता दें कि इसी दिन भजन लाल शर्मा का जन्मदिन भी है. उनके जन्मदिन के दिन उन्हें तोहफे के साथ बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है.
इमरजेंसी सेवा रहेगी जारी
रामनिवास बाग के बाहरी रास्तों पर अति आवश्यक सेवाओं के वाहनों का आवागमन निर्वाध रहेगा. एसएमएस अस्पताल में दिखाने के लिए मरीज और उनके परिजन आ-जा सकेंगे. वहीं आम नागरिको की सुविधा के लिए यातायात हैल्प लाईन 1095, 2565630, 2561256 और व्हाट्सएप हैल्प डेस्क नम्बर 8764866972 है.
"टेस्ला के सीईओ Elon Musk ने दिखाया दूसरे जनरेशन का ह्यूमनॉइड रोबोट, ऑप्टिमस Gen 2: नए फीचर्स और डांस करने की क्षमता के साथ"
टेस्ला के सीईओ Elon Musk ने अपने सेकेंड जनरेशन ह्यूमनॉइड रोबोट ऑप्टिमस (Optimus) को पेश कर दिया है. मस्क ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो शेयर कर इस रोबोट के बारे में जानकारी दी है. वीडियो में रोबोट को डांस करते, टेस्ला फैक्ट्री में घूमते-फिरते देखा जा सकता है. इतना ही नहीं, यह हूबहू इंसानों की तरह स्क्वैट भी लगा सकता है और अंडे भी उबाल सकता है.
Tesla Optimus Gen 2 में क्या है खास?
इसमें कई नए फीचर्स दिए गए हैं. Tesla ने नए Optimus Gen 2 में नए Actuators और Sensor दिए हैं. इसमें 2-DoF Actuated नेक दी गई है. Tesla ने अपने नए रोबोट को नया हाथ, पैरों के लिए नए सेंसर और दूसरे अपडेट्स जोड़े हैं. इन अपडेट्स के बाद टेस्ला का ह्यूमनॉइड पहले से ज्यादा बेहतर काम कर रहा है. साथ ही इस रोबोट का वजन 10 किलोग्राम कम हुआ है. कंपनी का कहना है कि, वजन कम करने के लिए फीचर्स में कोई भी कटौती नहीं की गई है. Tesla Optimus Gen 2 बेहतर बैलेंस और फुल बॉडी कंट्रोल के साथ आता है. इस रोबोट का बैलेंस इतना बेहतर है कि ये स्क्वाट्स लगा सकता है.
कंपनी ने इसमें 11 DoF ब्रैंड न्यू हैंड्स दिए गए हैं, जो पहले वाले वर्जन के मुकाबले काफी तेज हैं. ये रोबोट अपनी उंगलियों को भी आसानी से घुमा सकता है. बेहतर रिजल्ट के लिए Tactile सेंसिंग का इस्तेमाल सभी उंगलियों में किया गया है. इसका फायदा ये होगा कि रोबोट कुछ भी होल्ड करेगा तो उसका अंदाजा लगा सकेगा.
ज्यादा बेहतर बैलेंसिंग, स्क्वाट करते दिखा रोबोट
मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जो वीडियो शेयर किया है उसमें रोबोट खुद को बैलेंस करते हुए स्क्वाट करता दिखाई दे रहा है. पिछले मॉडल्स की तुलना में रोबोट का यह वर्जन 30% ज्यादा तेज चल सकता है.
क्या डांस कर सकते हैं?
जी हां, वीडियो के अंत में दो ऑप्टिमस जेन 2 रोबोट डांस करते नजर आ रहे हैं. कंपनी का दावा है कि रोबोट एक ही काम को बार-बार कर सकता है और यहां तक कि बोरिंग काम को भी बखूबी कर सकता है.
टेस्ला फ्रैक्ट्री में रोबोट का इस्तेमाल होगा, बेचे भी जाएंगे
कंपनी ने कहा कि वह जल्द ही अपने खुद के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन में रोबोट का उपयोग शुरू करने की योजना बना रही है. टेस्ला ने रोबोट की बिक्री शुरू करने की योजना बनाई है. ऑप्टिमस पर पिछले अपडेट में, टेस्ला के CEO एलन मस्क ने दावा किया था कि ऑप्टिमस रोबोट की डिमांड 10 से 20 अरब यूनिट तक हो सकती है.
मस्क के अनुसार ऑप्टिमस रोबोट खतरनाक, दोहराव वाले और उबाऊ कामों को करेगा. ऑप्टिमस के इनिशियल वर्जन का इस्तेमाल फैक्ट्री फ्लोर पर किया जा सकता है. मस्क का मानना है कि समय के साथ रोबोट की क्षमताओं में सुधार जारी रहेगा, जिससे यह कई तरह के कामों को करने के लिए एक अमूल्य संपत्ति बन जाएगा.
"श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में हाईकोर्ट ने सर्वे की इजाजत दी, तय होगा सर्वे करने का तौर-तरीका"
लखनऊ: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर विवाद की सुनवाई कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिसर के सर्वे की इजाजत दे दी है. हिंदू पक्ष शाही ईदगाह के सर्वे की मांग को लेकर जिला कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुका है. इलाहाबाद हाईकोर्ट गुरुवार को 18 याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद ये फैसला दिया है.
ज्ञानवापी के बाद मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद में भी सर्वे कराने को लेकर हिंदू पक्ष ने याचिका दायर की थी. इसको लेकर काफी समय से जिला कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक सुनवाई चल रही थी. छह नवंबर को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया था. गुरुवार को हाईकोर्ट ने शाही ईदगाह परिसर में सर्वे को लेकर एक कमिश्नर नियुक्त करने का भी आदेश दिया है, जो मंदिर परिसर का सर्वे कराएगा. कोर्ट 10 दिसंबर को टीम में सदस्य की संख्या को लेकर निर्देश देगा.
18 दिसंबर को तय किए जाएंगे तौर-तरीके
हाईकोर्ट के फैसले पर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमारे आवेदन को स्वीकार कर लिया है, जहां हमने अधिवक्ता आयुक्त द्वारा (शाही ईदगाह मस्जिद) के सर्वेक्षण की मांग की थी. तौर-तरीके 18 दिसंबर को तय किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि शाही ईदगाह मस्जिद के तर्कों को खारिज कर दिया है. मेरी मांग थी कि शाही ईदगाह मस्जिद में हिंदू मंदिर के बहुत सारे चिन्ह और प्रतीक हैं, और वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक अधिवक्ता आयुक्त की आवश्यकता है. यह अदालत का एक ऐतिहासिक फैसला है.
क्या थी हिंदू पक्ष की मांग
शाही ईदगाह में सर्वे को लेकर हिंदू पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. वादी की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने हाईकोर्ट में बताया था कि वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की तरह ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर स्थित शाही ईदगाह मस्जिद का भी सर्वे कराया जाए. इसके लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया जाए. उन्होंने न्यायालय से तीन अधिवक्ताओं के पैनल को कोर्ट कमिश्नर के रूप में नियुक्त करने की मांग की थी.
मुस्लिम पक्ष ने जताया था विरोध
मुस्लिम पक्ष ओर से इस बात का विरोध करते हुए कहा गया था कि जब तक प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट और वक्फ बोर्ड एक्ट के तहत मामले में सुनवाई पूरी नहीं होती, इस अर्जी पर कोई निर्णय नहीं किया जा सकता है. साथ ही ज्ञानवापी मस्जिद केस में दिए गए फैसले का भी हवाला देकर के कहा गया कि ज्ञानवापी मामले में भी न्यायालय ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश दिया था. ऐसे में शाही ईदगाह परिसर का कोर्ट कमिश्नर और पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वे किया जाना चाहिए.
"शिक्षा मंत्रालय ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए, 12 जनवरी, 2024 तक हैं"
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. ये इस कार्यक्रम का 7वां संस्करण है. उम्मीदवार इसके लिए 12 जनवरी, 2024 तक आवेदन कर सकते हैं.
इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी सलाह देते हैं. इस कार्यक्रम के माध्यम से उम्मीदवारों को प्रधानमंत्री के साथ सीधे बातचीत करने और पुरस्कार जीतने का मौका मिलता है.
कौन कर सकता है पंजीकरण?
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, ये कार्यक्रम कक्षा 6 से कक्षा 12 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए है. इसके अलावा विद्यार्थियों के माता-पिता और शिक्षक भी विशेष रूप से उनके लिए डिजाइन की गई ऑनलाइन गतिविधियों में भाग ले सकते हैं और अपनी प्रविष्टियां जमा कर सकते हैं. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री 2024 में होने वाली प्रवेश परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी चिंता के बिना सफल होने के बारे में सलाह देंगे.
कब होगा कार्यक्रम?
पिछले साल ये कार्यक्रम 27 जनवरी, 2023 को आयोजित किया गया था. इस साल भी कार्यक्रम जनवरी, 2024 के अंत तक ही होने की संभावना है. हालांकि, कार्यक्रम आयोजन की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. पिछले साल कार्यक्रम के लिए रिकॉर्ड 38 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था, इस साल भी रिकार्ड संख्या में आवेदन आने का अनुमान है. कार्यक्रम की अन्य जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं.
छात्रों को भेजना होगा अपना सवाल
इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए छात्रों को अपना प्रश्न प्रधानमंत्री को भेजना होगा. छात्र ध्यान रखें कि ये प्रश्न 500 शब्दों से ज्यादा का नहीं होना चाहिए. इस कार्यक्रम के लिए चयनित उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट के साथ अन्य उपहार भी मिलते हैं.
कब हुई थी कार्यक्रम की शुरुआत?
प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का पहला संस्करण 16 फरवरी, 2018 को आयोजित किया गया था. ये कार्यक्रम एग्जाम वॉरियर्स का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किशोरों को तनाव मुक्त वातावरण प्रदान करना है. ये एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसके जरिए छात्रों, माता-पिता, शिक्षकों और समाज को एक साथ लाने पर जोर दिया जाता है ताकि ऐसे वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके जहां प्रत्येक बच्चा पूरी आजादी से अपने आप को व्यक्त कर सके.
"मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव का ऐक्शन मोड: धार्मिक स्थलों के लाउड स्पीकर पर लगाई रोक"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते ही मोहन यादव ऐक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश में धर्म स्थलों के लाउड स्पीकर पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। गृह विभाग की ओर से इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में धार्मिक एवं अन्य स्थलों पर नियमों के खिलाफ बजने वाले लाउड स्पीकरों पर प्रतिबंध रहेगा। आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया है कि धर्म गुरुओं से संवाद के आधार पर यह फैसला लिया गया है।
समाचार एजेंसी युनिवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शपथ ग्रहण करने के बाद कार्यभार संभालते ही धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों पर निर्धारित मापदंडों से ज्यादा आवाज में बजाए जाने वाले लाउडस्पीकरों पर प्रतिबंध लगाये जाने के आदेश जारी कर दिए। इस संबंध में सूबे के गृह मंत्रालय की ओर से संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अब सूबे में धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउड स्पीकर नहीं बजेंगे। आदेश्नि में कहा गया है कि अनियंत्रित ध्वनि विस्तारक यंत्रों यानी तेज आवाज वाले लाउड स्पीकरों के इस्तेमाल पर ही प्रतिबंध है। नियमित एवं नियंत्रित लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं होगा। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सीएम बनने के बाद मोहन यादव ने तेज आवाज वाले लाउड स्पीकरों के बैन पर पहला फैसला लिया।
"मध्य प्रदेश: डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जानें उनका राजनीतिक सफर"
भोपाल: मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वे अब डिप्टी सीएम बन गए है। भोपाल के परेड ग्राउंड मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नेड्डा मौजूद रहे। इसके अलावा यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत तमाम बीजेपी नेता मौजूद रहे।
जानें कौन हैं नए मुख्यमंत्री मोहन यादव
मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ था. उनके पिता का नाम पूनमचंद यादव है। तीन बार के विधायक यादव दो बेटे और एक बेटी के पिता हैं। उन्होंने बीएससी, एल-एल.बी, राजनीतिक विज्ञान में एम.ए, एम.बी.ए और पी.एच.डी की है। इसके अलावा एमबीए भी किया है और फिलॉसफी में पीएचडी की है. मोहन यादव ने अपनी पढ़ाई विक्रम यूनिवर्सिटी उज्जैन से की है।
उज्जैन के दक्षिण सीट से मोहन यादव ने जीत हासिल की है। मोहन यादव शिवराज कैबिनेट में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर उज्जैन दक्षिण सीट पर कब्जा किया है। वे लगातार तीसरी बार चुनाव जीते हैं। 2013 में पहली बार विधायक बने।
अब तक का राजनीतिक सफर
- 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव और 1984 में अध्यक्ष.
- 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री एवं 1986 में विभाग प्रमुख,
- 1988 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य
- 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री
- 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री
- 1993-95 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खण्ड कार्यबाह, सायं भाग नगर कार्यवाह
- 1996 में खण्ड कार्यवाह और नगर कार्यवाह
- 1997 में भा.ज.यु.मो. की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य
- 1998 में पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य
- 1999 में ‘भा.ज.यु.मो. के उज्जैन संभाग प्रभारी
- 2000-2003 में विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की कार्य परिषद के सदस्य
- 2000-2003 में भा.ज.पा. के नगर जिला महामंत्री
- 2004 में भा.ज.पा. की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य
- 2004 में सिंहस्थ, मध्यप्रदेश की केन्द्रीय समिति के सदस्य
- 2004-2010 में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा)
- 2008 से भारत स्काउट एण्ड गाइड के जिलाध्यक्ष
- 2011-2013 में मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य
- 2013-2016 में भा.ज.पा. के अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक. उज्जैन के समग्र विकास हेतु अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) द्वारा महात्मा गांधी पुरस्कार और इस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित.
- मध्य प्रदेश के पर्यटन के निरंतर विकास हेतु सन 2011-2012 और 2012-2013 में राष्ट्रपति पुरस्कृत
- 2013 में चौदहवीं विधान सभा के सदस्य निर्वाचित
- 2018 में दूसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित
- 2 जुलाई 2020 को मंत्री पद की शपथ.
"राजस्थान: भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री चुना गया, दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा उप मुख्यमंत्री"
जयपुर: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में भी मुख्यमंत्री की तस्वीर साफ हो गई है. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में नए चेहरों को नेतृत्व देने के साथ ही राजस्थान में भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री चुन लिया है. विधायक दल की बैठक में इनके नाम पर मुहर लगा दी गई है. वहीं दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं. वहीं वासुदेव देवनानी स्पीकर बनाए गए हैं.
बता दें कि भजनलाल सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक हैं. वे पहली बार विधायक बने हैं. उन्हें सीटिंग MLA अशोक लौहाटी का टिकट काटकर भजनलाल शर्मा को दिया गया था. भजनलाल ने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से हराया था. भजनलाल शर्मा भरतपुर के निवासी हैं. यही वजह है कि सांगानेर से चुनाव मैदान में उतरे भजनलाल को बाहरी होने के आरोपों का सामना करना पड़ा था. हालांकि उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को करारी शिकस्त दी. वे संघ और संगठन दोनों के करीबी माने जाते हैं.
बता दें कि राजस्थान में भाजपा ने केंद्रीय नेतृत्व ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को राजस्थान का पर्यवेक्षक बनाया था. जिन्होंने मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया है. बैठक के लिए सभी विधायकों को 1 बजे भाजपा के जयपुर कार्यालय बुलाया गया था.
बता दें कि राजस्थान की कुल 200 विधानसभा सीटों में से 199 सीटों पर चुनाव हुआ था. जिसमें से भाजपा को 112 सीट, कांग्रेस को 72 और निर्दलीय को 12 सीटें मिली थी.
"राजस्थान में नए मुख्यमंत्री की घोषणा, बीजेपी की बैठक में होगा नामकरण"
छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के बाद अब राजस्थान में कौन बनेगा मुख्यमंत्री, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई है. यहां सीएम के नाम की घोषणा 12 दिसंबर को होगा. बीजेपी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा सांसद सरोज पांडे और बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को राजस्थान का पर्यवेक्षक बनाया है. राजस्थान में मंगलवार को विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सीएम चुने जाएंगे.
बीजेपी ने डॉक्टर मोहन यादव को एमपी के सीएम बनाए हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में विष्णु देवसाय को सीएम की कमान सौंपी गई है. ऐसे में अब सबकी नजर राजस्थान पर है. राजस्थान में भी बीजेपी सीएम पद के लिए चौंकाने वाली नाम की घोषणा कर सकती है. मंगलवार शाम 4 बजे प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. शाम चार बजे के बाद किसी भी वक्त नए सीएम का एलान कर दिया जाएगा.
राजस्थान में इन नामों पर चल रही चर्चा
राजस्थान में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, किरोड़ीलाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौर, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव,लोकभा अध्यक्ष ओम बिरला, बाबा बालकनाथ, दीया कुमारी का नाम सीएम की रेस में है. उधर, सूत्र बताते हैं कि वसुंधरा ने केंद्रीय नेतृत्व से एक साल के लिए सीएम बनाने की मांग की है. उधर, किरोड़ी लाल मीणा ने कहा है कि हमारे पास सक्षम चेहरों की कोई कमी नहीं है. केंद्रीय संसदीय बोर्ड जो भी फैसला करेगा उसे हम सभी स्वीकार करेंगे.
"मध्य प्रदेश के कटनी में एक महिला के साथ ट्रेन में दुष्कर्म का मामला कार्रवाई शुरू,देखे"
कटनी: मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कटनी से सामने आया है। जहां कटनी से सतना के बीच चलती ट्रेन में आरोपी ने एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है।बताया जा रहा है जिस वक्त ये घटना हुई उस दौरान ट्रेन की उस बोगी में कोई भी मौजूद नहीं था।
पीड़ित महिला ने सतना में उतरकर अपने साथ हुए दुष्कर्म की घटना को जीआरपी को बताया। पकरिया स्टेशन से सतना के बीच चलती ट्रेन में महिला दुष्कर्म का शिकार हुई है। फिलहाल पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। घटना बीते रविवार की है।
जीआरपी डीएसपी सारिका पांडे ने बताया कि महिला मूलतः सतना जिले के रहने वाली है। वह अपनी बहन से मिलने कटनी आई हुई थी। वहीं सतना वापसी के दौरान चलती ट्रेन में उसके साथ एक व्यक्ति के द्वारा दुष्कर्म किया गया है। उन्होंने बताया कि जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी पीड़िता को ट्रेन के अंदर ही धक्का देकर पटक दिया। महिला विवाहित है और उसके बच्चे भी है। फरियादी की शिकायत पर जीआरपी पुलिस कटनी ने मामला दर्ज कर लिया है, वहीं आरोपी की तलाश कर रही है।
"सीबीआई में एक डीआईजी और चार एसपी नियुक्त, जितेंद्र सिंह मीणा को उप महानिरीक्षक बनाया गया"
नयी दिल्ली: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी जितेंद्र सिंह मीणा को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के रूप में नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक आदेश से यह जानकारी मिली। आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ कैडर के 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी मीणा को पांच साल की अवधि के लिए सीबीआई में नियुक्त किया गया है। उनके अलावा चार पुलिस अधीक्षक (एसपी) को संघीय जांच एजेंसी में नियुक्त किया गया है।.
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सीबीआई में नियुक्त चार आईपीएस अधिकारियों में विनायक वर्मा (मध्य प्रदेश कैडर), अचल त्यागी (गुजरात कैडर), प्रवीण कुमार (गुजरात कैडर) शामिल हैं जिन्हें पांच साल के लिए नियुक्त किया गया है।.
सुप्रीम कोर्ट ने आनुच्छेद 370 के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग माना गया
सुप्रीम कोर्ट ने आज अनुच्छेद 370 (Article 370)से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ सोमवार को निर्णय दिया है. जिसमें शीर्ष अदालत ने इस निर्णय को सही बताया है.
CJI ने कहा कि प्रक्रिया पर बात हो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विलय के बाद जम्मू-कश्मीर संप्रभु राज्य नहीं बल्कि भारत का अभिन्न अंग. अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था. सीजेआई ने यह भी कहा कि विलय के साथ J&K ने संप्रभुता छोड़ी है. उन्होंने कहा कि हर फैसला कानूनी चुनौती के अधीन है. जम्मू-कश्मीर भारत के संविधान के अधीन है.
जम्मू-कश्मीर में सिंतबर 2024 में कराए जाएं चुनाव
सीजेआई ने अपने फैसले में कहा कि हम चुनाव आयोग को सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर में चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश देते हैं. साथ ही सीजेआई ने कहा कि केंद्र के इस कथन के मद्देनजर कि जम्मू-कश्मीर को अपना राज्य का दर्जा फिर से मिलेगा, जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित करने की जरूरत नहीं थी.
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से पहले जम्मू-कश्मीर संविधान सभा की सिफारिश आवश्यक नहीं थी. 370 को हटाने का अधिकार जम्मू-कश्मीर के एकीकरण के लिए है. असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के राष्ट्रपति के फैसले के खिलाफ अपील में सुनवाई नहीं कर सकते. सीजेआई ने कहा कि दुर्भावनापूर्ण तरीके से इसे रद्द नहीं किया जा सकता.
राष्ट्रपति के पास अनुच्छेद 370 खत्म करने की शक्ति
CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पास कोई आंतरिक संप्रभुता भी नहीं थी. इसका संविधान भारत के संविधान के अधीन था. राष्ट्रपति के पास अनुच्छेद 370 खत्म करने की शक्ति थी. अनुच्छेद 370 को स्थायी व्यवस्था कहने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.
आर्टिकल 370 को निरस्त करने के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने आज अपना फैसला सुनाया. साल 2019 में इसके खिलाफ दायर 18 याचिकाओं पर 16 दिन सुनवाई के बाद 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत समेत पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने आज इस पर फैसला सुनाया.
अनुच्छेद 370 मामले में अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमाणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, राकेश द्विवेदी, वी गिरी और अन्य कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए. वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से कपिल सिब्बल, गोपाल सुब्रमण्यम, राजीव धवन, जफर शाह, दुष्यंत दवे और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश की.
2019 में प्रावधानों को हटाने लिया गया था फैसला
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने का निर्णय लिया था. केंद्र के इस फैसले के बाद जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छिन गया था और यह केंद्र के अधीन आ गया था. इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई.