देश-विदेश
"महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर राजघाट में विशेष कार्यक्रम, पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने श्रद्धांजलि दी"
आज महात्मा गांधी की 154वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 119वीं जयंती है. इस अवसर पर राजघाट पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खड़गे, स्पीकर ओम बिड़ला, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम मंत्री महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे.
जयंती पर बापू श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि ‘मैं गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को नमन करता हूं. उनकी कालजयी शिक्षाएं हमारा मार्गदर्शन करती हैं. बापू का प्रभाव वैश्विक है. जो संपूर्ण मानव जाति को एकता और भावना को आगे बढ़ाता है. हम सदैव उनके सपनों को पूरा करने की दिशा में काम करते रहेंगे.’
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री की 119वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए लिखा कि लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जंयती पर स्मरण. उनकी सादगी और देश के प्रति उनका समर्पण आज भी कई पीढ़ियों को प्रेरित करता है. उनका जय जवान जय किसान का नारा सभी भारतीयों में उर्जा का संचार करता है. हम सदैव भारत के दृष्टिकोण साकार करने के लिए कार्य करते रहे.
"एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए नयी डिज़ाइन वर्दी: मनीष मल्होत्रा डिज़ाइन करेंगे फैशनबल और मॉडर्न यूनिफ़ॉर्म्स"
टाटा समूह की एयरलाइन एयर इंडिया के कर्मचारी मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन ड्रेस में नजर आएंगे. एयर इंडिया ने फैशन डिजाइनर के साथ समझौता किया है, जिसके चलते 10 हजार फ्रंटलाइन वर्कर्स को स्टाइलिश दिखने वाली ड्रेस मुहैया कराई जाएंगी. इस साल के अंत तक कर्मचारियों को नई डिजाइन की ड्रेस उपलब्ध कराने की योजना है.
एयरलाइन ने कहा कि चल रहे आधुनिकीकरण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में केबिन क्रू और अन्य कर्मचारियों सहित फ्रंटलाइन पर काम करने वाले 10,000 से अधिक एयर इंडिया कर्मचारियों के लिए नई वर्दी डिजाइन की जाएगी. नई यूनिफॉर्म को स्टाइलिश और मॉडर्न लुक देने के लिए एयर इंडिया ने मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के साथ साझेदारी की है.
मनीष मल्होत्रा और उनकी टीम ने एयर इंडिया के फ्रंटलाइन स्टाफ से मुलाकात की, उनकी विशिष्ट जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने के लिए उनके साथ चर्चा और उपयुक्त सत्र आयोजित किए और परियोजना की शुरुआत की. एयरलाइन ने कहा कि एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए नई वर्दी 2023 के अंत तक उपलब्ध कराई जाएगी.
एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने कहा कि एयरलाइन हमारे ब्रांड, हमारी विरासत और हमारी संस्कृति के तत्वों को एयरलाइन वातावरण की अनूठी आवश्यकताओं के साथ जोड़ने के लिए मनीष मल्होत्रा और उनकी टीम के साथ मिलकर काम कर रही है, जिससे हमें उम्मीद है कि यह एक ताज़ा होगा. और रोमांचक नया रूप जो समर्थन और प्रतिनिधित्व करता है.
आपको बता दें कि इससे पहले 1 सितंबर को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने कुछ शर्तों के साथ टाटा एसआईए एयरलाइंस के एयर इंडिया में विलय को मंजूरी दे दी थी.
"छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए योगी आदित्यनाथ करेंगे प्रचार, इन दो जगहों पर करेंगे चुनावी सभा"
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रचार करने जाएंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वहां बस्तर और सरगुजा में चुनावी सभाएं करेंगे. सीएम योगी यहां भाजपा उम्मीदवारों के लिए लोगों से वोट की अपील करेंगे.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी वोटरों को साधने के लिए पांच सभाएं कराई जाएंगी. क्योंकि भाजपा का मानना है कि नाथ परंपरा के मानने वाले आदिवासी बड़ी संख्या में इन दोनों क्षेत्रों में रहते हैं. योगी आदित्यनाथ गोरखपुर मठ के महंत भी है. ऐसे में योगी आदित्यनाथ के जरिए आदिवासियों को साधने के लिए भाजपा ने प्लान बनाया है, हालांकि सभा कब कराई जाएगी, इसकी तारीख अभी तय नहीं की है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य में बीजेपी परिवर्तन यात्रा के बाद अब राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेता राज्य का दौरा कर पार्टी के पक्ष में प्रचार करेंगे. पीएम मोदी राज्य में कई सभाएं कर चुके हैं. गृहमंत्री अमित शाह भी लगातार दौरे कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ छत्तीसगढ़ में 5 से 6 रैलियां कर सकते हैं.
"रेलवे स्टेशनों पर आने वाला है 3D सेल्फी प्वाईंट, पीएम मोदी की तस्वीरों से सजेंगे"
देशभर के रेलवे स्टेशनों में अब जल्द ही पीएम मोदी की तस्वीरों वाला 3D सेल्फी प्वाईंट नजर आने वाला है. इसे लगाने के लिए रेल मंत्रालय की तरफ से तमाम रेलवे जोन को पत्र लिखा जा चुका है. रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि इस 3 डी सेल्फी प्वाईंट के करीब 1 दर्जन डिजाइन रेलवे जोन को भेज दिए गए है. इस संबंध में आदेश रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर शिवाजी मारूती सुतार द्वारा जारी किया गया है.
"महिला आरक्षण बिल पर राष्ट्रपति की मुहर, अब बाकी हैं कुछ महत्वपूर्ण पड़ाव"
नयी दिल्ली: महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) अब कानून बन गया है। हालांकि इसे लागू किये जाने में अभी तीन पड़ाव बाकी बचे हैं। इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति ने शुक्रवार (29 सितंबर) को बिल की मंजूरी दे दी। यह विधेयक 20 सितंबर को लोकसभा और 21 सितंबर को राज्यसभा में पारित हुआ था। किसी भी विधेयक के संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद उसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाता है ताकि वो कानून बन सके।
इस कानून के लागू होने पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। बिल के संसद से पास होने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा था कि यह लैंगिक न्याय के लिए हमारे समय की सबसे परिवर्तनकारी क्रांति होगी।
राष्ट्रपति की मंजूरीः शुक्रवार 29 सितंबर को बिल को राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी का मुहर लगते ही बिल कानून बन गया. लोकसभा और राज्यसभा से बिल के पास होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया था.
राज्यों से मंजूरीः कानून बनने के बाद अब अगला और अहम पड़ाव है कि इसे राज्यों से भी मंजूरी मिले. अनुच्छेद-368 के तहत, अगर केंद्र के किसी कानून से राज्यों के अधिकार पर कोई प्रभाव पड़ता है तो कानून बनने के लिए कम से कम 50% विधानसभाओं की मंजूरी लेनी होगी. यानी, कानून देशभर में तभी लागू होगा, जब कम से कम 14 राज्यों की विधानसभाएं इसे पास कर देंगी.
नितिन गडकरी द्वारा घोषित: राजमार्ग निर्माण में कचरे का इस्तेमाल और वैकल्पिक ईंधन को प्राथमिकता देने की नीति
नागपुर: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय सड़क निर्माण में नगर पालिका के कचरे के इस्तेमाल के लिए एक नीति को अंतिम रूप दे रहा है. इसके साथ सरकार जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल नहीं करने के लिए निर्माण उपकरण निर्माताओं को प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि हम सड़क निर्माण में नगर निगम के कचरे का उपयोग करने की नीति को अंतिम रूप दे रहे हैं.
गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने एक मसौदा नीति तैयार की है जो जीवाश्म ईंधन पर लागत और निर्भरता को कम करने के लिए निर्माण उपकरणों में वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देगी. उन्होंने कहा कि सड़क मंत्रालय मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय से बातचीत कर रहा है. मंत्री ने कहा, “ब्याज अनुदान योजना जैसे प्रोत्साहनों पर काम किया जा सकता है ताकि रियायतग्राही या ठेकेदार जीवाश्म ईंधन के बजाय वैकल्पिक ईंधन पर चलने वाले निर्माण उपकरणों में निवेश कर सकें.”
दिल्ली और जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक राजमार्ग
गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परिवहन क्षेत्र को कार्बन-मुक्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं और दिल्ली एवं जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक राजमार्ग के विकास की पहल इसी की एक कड़ी है. इलेक्ट्रिक राजमार्ग बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियों की ही तरह की एक व्यवस्था है, जिसमें वाहनों के लिए निर्दिष्ट राजमार्ग के ऊपर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन लगा होगा. यह स्वीडन और नॉर्वे जैसे देशों में अपनाई जा रही प्रौद्योगिकी पर आधारित है.
स्वीडन और नॉर्वे जैसे देशों के टेक्नोलॉजी पर बेस्ड
इलेक्ट्रिक हाईवे वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को उसी तरह से पूरा करते हैं जैसे रेलवे के लिए किया जाता है. यह स्वीडन और नॉर्वे जैसे देशों के टेक्नोलोजी पर बेस्ड है. इसमें इलेक्ट्रिक केबलों का प्रावधान शामिल है, जिसका इस्तेमाल ऐसे वाहन द्वारा किया जा सकता है जो इस प्रकार की प्रौद्योगिकी को पूरा करता है. वाहन अपने ट्रैक्शन के लिए इस केबल से बिजली का इस्तेमाल करेगी. फिलहाल मंत्रालय विभिन्न तकनीकों का मूल्यांकन कर रहा है.
इथेनॉल के इस्तेमाल पर जोर
देश में वैकल्पिक जैव ईंधन के बारे में बात करते हुए गडकरी ने कहा कि वह इथेनॉल अर्थव्यवस्था बनाने के प्रबल समर्थक रहे हैं और कृषि विकास को 6 प्रतिशत तक बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल के बड़े पैमाने पर उपयोग पर जोर दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2025 तक भारत में इसे 5 प्रतिशत मिश्रण तक बढ़ाने की संभावित योजनाओं के साथ 1 प्रतिशत टिकाऊ विमानन ईंधन का उपयोग करने का आदेश दिया जाएगा. गडकरी ने कहा कि वह आने वाले समय में जेनसेट उद्योग को केवल इथेनॉल आधारित जनरेटर पर काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
"महान गायिका लता मंगेशकर का 91वां जन्मदिन: भारतीय संगीत की महान आवाज़ को याद करते हुए"
महान गायिका लता मंगेशकर का आज 91 जन्मदिन हैं. 28 सितंबर 1929 को मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्म लिया था. वे एक प्रमुख भारतीय गायिका हैं और उन्हें भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, और दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड जैसे कई महत्वपूर्ण सम्मानों से सम्मानित किया गया है.
लता मंगेशकर का योगदान भारतीय संगीत के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण है. उन्होंने 36 भाषाओं में 50,000 से ज्यादा गीतों को अपनी मधुर आवाज में गाया, जिससे वे एक अनगिनत गायिका के रूप में प्रसिद्ध हुईं.
"महान कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन का निधन, हरित क्रांति के जनक के रूप में जाने जाते थे"
चेन्नई: भारत में हरित क्रांति के जनक कहे जाने वाले महान कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन का आज सुबह चेन्नई, तमिलनाडु में निधन हो गया. जानकारी के मुताबिक, 98 वर्षीय स्वामीनाथन का लंबी उम्र की वजह से आने वाली दिक्कतों के चलते निधन हो गया.
कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने एमएस स्वामीनाथन को पद्म भूषण से नवाजा था. स्वामीनाथन की गिनती भारत के महान कृषि वैज्ञानिकों के तौर पर होती हैं, जिन्होंने धान की ऐसी किस्म को तैयार किया, जिसने भारत के कम आय वाले किसानों को ज्यादा धान पैदा करने के काबिल बनाया. उन्होंने 1972 से लेकर 1979 तक ‘इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च’ के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया.
बदल दी भारत की तस्वीर
कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वामीनाथन ने ‘हरित क्रांति’ की सफलता के लिए दो केंद्रीय कृषि मंत्रियों सी. सुब्रमण्यम और जगजीवन राम के साथ मिलकर काम किया. ये एक ऐसा प्रोग्राम था, जिसमें केमिकल-बायोलॉजिकल टेक्नोलॉजी के जरिए गेहूं और चावल की प्रोडक्टिविटी बढ़ा गई. हरित क्रांति की वजह से भारत अनाज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के रास्ते पर आगे बढ़ पाया. हरित क्रांति की वजह से भारत की तस्वीर बदल गई.
"आगामी जीएसटी काउंसिल में 5 बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है, ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर भी नए अपडेट की संभावना"
आगामी जीएसटी काउंसिल में बाजरे पर जीएसटी दर घटाने समेत 5 बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है. वहीं, ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर बढ़ी हुई जीएसटी दर लागू करने से जुड़े नए अपडेट जारी किए जा सकते हैं. जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई वस्तुओं पर दरों में बदलाव की संभावना है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है.
जीएसटी परिषद की 52वीं बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 7 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होगी. जीएसटी काउंसिल ने इस संबंध में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी साझा की है. पिछली बैठक 2 अगस्त को हुई थी, जिसमें कैसीनो, घुड़दौड़ और ऑनलाइन गेमिंग के कराधान पर स्पष्टता प्रदान करने के लिए जीएसटी कानूनों में संशोधन को मंजूरी दी गई थी.
अब 7 अक्टूबर को होने वाली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की बैठक में 5 बड़े फैसलों पर मुहर लगने की संभावना है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बाजरा यानी मोटे अनाज पर जीएसटी दरों में कटौती को लेकर फैसला ले सकती हैं. बाजरे के पैकेज्ड उत्पादों पर 5% जीएसटी लागू है. क्योंकि, सरकार बाजरे के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है, इसलिए मोटे अनाज यानी बाजरा पर जीएसटी दर घटाकर शून्य फीसदी की जा सकती है.
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28 फीसदी जीएसटी लागू करने के लिए नए अपडेट को लेकर चर्चा हो सकती है. इसमें कुछ बिंदुओं को लेकर कंपनियों ने आपत्ति जताई है. वहीं सरकार ने कई कंपनियों को जीएसटी भुगतान को लेकर नोटिस भी भेजा है. इसके अलावा जीएसटी परिषद की बैठक में दरों को तर्कसंगत बनाने पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) के पुनर्गठन पर फैसला लिया जा सकता है. इसके साथ जीएसटी काउंसिल स्टील स्क्रैप पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म लागू करने और जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन को लेकर भी फैसला ले सकते हैं.
"भारत ने यूएन महासभा में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान और कनाडा को आइना दिखाया"
नई दिल्ली: यूएन सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत आतंकवाद को पनाह देने वाले देशो के खिलाफ भारत मुखर रहा है। ऐसे देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। लेकिन अब इस लिस्ट में कनाडा भी जुड़ गया है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में एस जयशंकर ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान और कनाडा को आइना दिखाया। विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने भाषण में जी20 की कामयाबी की बात तो की ही। लेकिन जयशंकर ने खालिस्तानी आतंकियों की पनाहगाह बने कनाडा का भी मुद्दा छेड़ा। यूएन सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत आतंकवाद को पनाह देने वाले देशो के खिलाफ भारत मुखर रहा है। ऐसे देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। लेकिन अब इस लिस्ट में कनाडा भी जुड़ गया है। एस जयशंकर ने हरदीप सिंह निज्जर को लेकर कनाडा विवाद के बीच न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि सियासी सबूलियत के हिसाब से आतंकवाद, चरमपंथ और हिंसा पर एक्शन नहीं लेना चाहिए। अपनी सहूलियत के हिसाब से क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं हो सकता।
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि भारत की ओर से नमस्ते। विश्वास के पुनर्निर्माण और वैश्विक एकजुटता को फिर से जगाने के इस यूएनजीए के विषय को हमारा पूरा समर्थन है। यह हमारी आकांक्षाओं और लक्ष्यों को साझा करते हुए हमारी उपलब्धियों और चुनौतियों का जायजा लेने का एक अवसर है। वास्तव में दोनों के संबंध में भारत के पास साझा करने के लिए बहुत कुछ है। एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया अभूतपूर्व तनाव के दौर से गुजर रही है। इसके साथ ही कहा कि भारत अपनी जिम्मेदारी को भलि-भांति समझता है। भारत ने जी20 की अध्यक्षता की। कूटनीति और बातचीत ही तनाव को कम कर सकता है। विकासशील देश तनाव से गुजर रहे हैं। ईस्ट वेस्ट नार्थ साउथ में गैर बराबरी है।
एस जयशंकर ने कहा कि अब अन्य देशों की बात भी सुननी पड़ेगी और केवल कुछ देशों का एजेंडा नहीं चल सकता है। दिल्ली में जी20 समिट में कई रिफॉर्म किए गए। इससे हमें 125 देशों से सीधे सुनने और उनकी चिंताओं को जी20 एजेंडा पर रखने में सक्षम बनाया गया। परिणामस्वरूप, जो मुद्दे सामने आए वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लायक को निष्पक्ष सुनवाई मिली। इससे भी अधिक, विचार-विमर्श ने ऐसे परिणाम दिए जो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए बहुत महत्व रखते हैं। एस जयशंकर ने कहा कि जी20 में ग्लोबल साउथ की आवाज हमने उठाई। भारत की पहल पर अफ्रीकी संघ जी20 का सदस्य बना। जी20 के घोषणापत्र में सभी देशों की बात सुनी गई। इंडो पैसेफिक में क्वाड का अहम रोल है। विश्व मित्र की तरफ हम सभी बढ़े हैं।
अपने विचार-विमर्श में हम अक्सर नियम-आधारित आदेश को बढ़ावा देने की वकालत करते हैं। इसमें समय-समय पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान भी शामिल है। लेकिन सारी बातचीत के लिए, अभी भी कुछ राष्ट्र ही एजेंडा को आकार देते हैं और मानदंडों को परिभाषित करना चाहते हैं। यह अनिश्चित काल तक नहीं चल सकता और न ही इसे चुनौती दिए बिना जारी रखा जा सकता है। एक बार जब हम सब इस पर ध्यान देंगे तो एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और लोकतांत्रिक व्यवस्था निश्चित रूप से सामने आएगी।
"हरित हाइड्रोजन ईंधन: भारत में पहली ग्रीन हाइड्रोजन बस का शुभारंभ"
केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में हरित हाइड्रोजन (Hydrogen) उत्पादन और इस्तेमाल को बढ़ावा देने की मंत्रालय की पहल के तहत सोमवार को दिल्ली में पहली ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन सेल बस लॉन्च की. उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है जो भारत को अपने डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को हासिल करने और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद कर सकता है.
उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 15 और फ्यूल सेल बसें चलाने की योजना बना रही है. उन्होंने बताया कि हाइड्रोजन को फ्यूचर का फ्यूल माना जाता है, जिसमें भारत को डीकार्बोनाइजेशन टार्गेट को पूरा करने में मदद करने की आपार क्षमता है और 2050 तक हाइड्रोजन की ग्लोबल मांग चार से सात गुना बढ़कर 500-800 मिलियन टन होने की उम्मीद है.
3 लाख किलोमीटर चलाने के बाद होगा बेड़े पर फैसला
फिलहाल ये हाइड्रोजन बसें दिल्ली में चलाई जा रही हैं, इनके तीन लाख किलोमीटर का सफर पूरा करने बाद देश में और भी हाइड्रोजन बसें शुरू करने का प्लान तैयार किया गया है.
गंभीर प्रदूषण का सामना कर रही दुनिया
एक तरफ आये दिन नई नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल रही है, तो दूसरी तरफ लगभग पूरी दुनिया गंभीर प्रदूषण का सामना कर रही है. जिसके चलते अलग अलग देशों की सरकारें इसके लिए प्रयासरत हैं. भारत भी इससे निजात पाने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेजी से अपनाने के लिए ग्राहकों को प्रेरित कर रहा है. इसी के चलते आज भारत में पहली हाइड्रोजन बस की शुरुआत हो गयी और नया कीर्तिमान जुड़ गया. जिसका सकारात्मक असर आने समय में देखने को मिल सकता है.
"प्रधानमंत्री मोदी: पुस्तकें बच्चों के लिए अच्छा मित्र, शिक्षा के क्षेत्र में नोबल क्रिएशन के उदाहरण"
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पुस्तकें अच्छा मित्र होती हैं और बच्चों को इन्हें पढने के लिए प्रेरित करना चाहिए। मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर अपनी मासिक कार्यक्रम मन की बात कार्यक्रम की 105 वीं कड़ी में उत्तराखंड के नैनीताल में शुरू हुई घोड़ा लाइब्रेरी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज का दौर डिजिटल तकनीक और ई- बुक्स का है, लेकिन फिर भी किताबें, हमारे जीवन में हमेशा एक अच्छे दोस्त की भूमिका निभाती है। इसलिए, हमें बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
मोदी ने कहा कि हमारे देश में शिक्षा को हमेशा एक सेवा के रूप में देखा जाता है। उत्तराखंड के कुछ ऐसे युवाओं के बारे में पता चला है, जो इसी भावना के साथ बच्चों की शिक्षा के लिए काम कर रहे हैं। नैनीताल जिले में कुछ युवाओं ने बच्चों के लिए अनोखी घोड़ा लाइब्रेरी की शुरुआत की है। इस लाइब्रेरी की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि दुर्गम से दुर्गम इलाकों में भी इसके जरिए बच्चों तक पुस्तकें पहुँच रही हैं और इतना ही नहीं, ये सेवा, बिल्कुल निशुल्क है।
अब तक इसके माध्यम से नैनीताल के 12 गाँवों को शामिल किया गया है। बच्चों की शिक्षा से जुड़े इस नेक काम में मदद करने के लिए स्थानीय लोग भी खूब आगे आ रहे हैं। इस घोड़ा लाइब्रेरी के जरिए यह प्रयास किया जा रहा है कि दूरदराज के गाँवों में रहने वाले बच्चों को स्कूल की किताबों के अलावा ‘कविताएँ’, ‘कहानियाँ’ और ‘नैतिक शिक्षा’ की किताबें भी पढ़ने का पूरा मौका मिले।
ये अनोखी लाइब्रेरी बच्चों को भी खूब भा रही है। प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में एक लाइब्रेरी का भी उल्लेख किया। इसकी स्थापना सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली ‘आकर्षणा सतीश’ ने की है। इसके साथ लाइब्रेरी कैंसर अस्पतालों में बच्चों के लिए तैयार की गई है। श्री मोदी ने कहा कि यह प्रयास बहुत प्रेरित करने वाला है।
"हरियाणा में दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति, अन्य पटाखों पर प्रतिबंध: राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड"
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरियाणा के सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि दिवाली पर सिर्फ ग्रीन पटाखे ही चलेंगे। इसके अलावा एनसीआर में भी ग्रीन पटाखे चला सकेंगे। अन्य प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने कमर कस ली है। बोर्ड ने शुक्रवार को सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि ग्रीन पटाखों को छोड़ सभी अन्य प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
एक नवंबर से 31 जनवरी तक सिर्फ ग्रीन पटाखे ही चलाए जा सकेंगे। यह निर्देश एनसीआर समेत राज्य के सभी जिलों में लागू रहेगा। बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने बताया कि पटाखों पर प्रतिबंध विशेषज्ञों की रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के फैसलों के आधार पर लगाया गया है।
एचएसपीसीबी की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया कि हरियाणा में अक्तूबर से जनवरी में वायु प्रदूषण अपने उच्चतम स्तर पर रहता है। वायु प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में कई कारक शामिल होते हैं।
इनमें पटाखों का भी अहम रोल होता है। पटाखों से धातु के कण, खतरनाक विषाक्त पदार्थ, हानिकारक रसायन और हानिकारक गैसें निकलती हैं, जो न सिर्फ हवा पर प्रभाव डालते हैं बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। इस वजह से इन पटाखों पर रोक लगाना जरूरी है।
उपायुक्तों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह इन निर्देशों का सख्ती से पालन करवाएं और लोगों के बीच जागरूकता फैलाएं। वहीं, बोर्ड के एक मेंबर सेक्रेटरी ने बताया कि शुक्रवार को सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी फैसले की कॉपी देखने के बाद दिशा-निर्देश बदले भी जा सकते हैं।
साल 2021 में एनसीआर को छोड़कर बाकी शहरों में दिवाली के दिन कुछ घंटे के लिए पटाखे चलाने की अनुमति दी गई थी। सूत्रों ने बताया कि इस बार सख्ती ज्यादा है, इसलिए पटाखे संबंधी आदेश भी जल्दी जारी कर दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से जारी ग्रेप के दिशा-निर्देश भी एक अक्तूबर से लागू हो जाएंगे।
"प्रधानमंत्री ने कहा: 'Rajasthan के लोगों ने कांग्रेस सरकार के कुशासन से मुक्ति पाई'"
jaipur: Prime Minister Narendra Modi ने Monday को कहा कि Rajasthan के लोगों ने कांग्रेस सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार से मुक्ति पाने का बिगुल फूंक दिया है. उन्होंने कहा कि Ashok Gehlot सरकार ने Rajasthan के युवाओं के पांच महत्वपूर्ण साल बर्बाद कर दिए.
प्रधानमंत्री ने Rajasthan के jaipur में भाजपा की ‘परिवर्तन संकल्प महासभा’ को संबोधित करते हुए कहा, “मैं स्पष्ट रूप से देख सकता हूं कि Rajasthan में बदलाव होगा. राज्य के कोने-कोने में आयोजित परिवर्तन यात्रा को लोगों का भरपूर समर्थन मिला, जो बताता है कि Rajasthan का मौसम बदल चुका है.” उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस ने जिस तरीके से Rajasthan में सरकार चलाई है, वह जीरो नंबर पाने लायक है. गहलोत सरकार ने यहां के युवाओं के 5 महत्वपूर्ण वर्ष बर्बाद कर दिए. इसलिए Rajasthan के लोगों ने ठान लिया है कि कांग्रेस सरकार को हटाएंगे और भाजपा को वापस लाएंगे.”
प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद पेपर लीक माफिया पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने Rajasthan को शर्मसार कर दिया है. कांग्रेस सरकार पेपर-लीक माफिया को बचा रही है. हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गारंटी दी है. आज, हर कोई भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई देख सकता है.
संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने वाले नए कानून का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने जनसमूह से सवाल किया कि महिला आरक्षण विधेयक कौन लाया? भीड़ की ओर से मोदी-मोदी की गूंज पर कहा, “आपका उत्तर गलत है, यह मैं नहीं, आपके वोट की ताकत है जिसने इसे संभव बनाया है.”
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को महिला सशक्तिकरण का विरोधी बताते हुए मोदी ने कहा, “कांग्रेस 30 साल पहले महिला आरक्षण ला सकती थी लेकिन वे कभी नहीं चाहते थे कि महिलाओं को आरक्षण मिले. कांग्रेस और ‘घमंडिया’ गठबंधन के साथी महिला आरक्षण के खिलाफ हैं. अब महिलाओं के दबाव में कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है.”
राज्य की लचर कानून व्यवस्था का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि Rajasthan में निवेश बढ़े, यहां नए कारखाने लगें, नई फैक्ट्रियां लगें, ये जरूरी है. लेकिन जहां कदम-कदम पर करप्शन हो, जहां लाल डायरी में काली करतूतें हों, हर कोई कट और कमीशन में व्यस्त हो, वहां कौन पैसा लगाना चाहेगा? जहां सरेआम गला काटने की घटनाएं हों और सरकार मजबूर हो, वहां कैसे निवेश होगा?
"AIADMK के गठबंधन तोड़ने के बाद, भाजपा के लिए तमिलनाडु में चुनौती बढ़ी"
दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा है. ये झटका किसी और ने नहीं भाजपा के सहयोगी दल AIADMK ने दिया है. AIADMK ने गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है. ऐसे में अब आगामी चुनाव में तमिलनाडु में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ने वाली है. गठबंधन की टूटने की वजह भाजपा की ओर से लगातार की जा रही बयानबाजी को बताया गया है.
बता दें कि, AIADMK ने आरोप लगाया है कि बीते एक साल से राज्य की बीजेपी लीडरशिप की तरफ से ‘अनावश्यक बयानबाजी’ की जा रही थी. एआईएडीएमके ने यह भी साफ कर दिया है कि, 2024 के लोकसभा चुनाव में एक अलग मोर्चे का नेतृत्व करेगी.
ये दल नहीं है एनडीए और ‘इंडिया’ का हिस्सा
ऐसे कई दल है जो कि एनडीए और ‘इंडिया’ दोनों का ही हिस्सा नहीं है. इसमें तेलंगाना के सीएम केसीआर की भारत राष्ट्र समिति, सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की बीजू जनता दल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सहित कई दल है.
AIADMK का आरोप
AIADMK का आरोप है कि, उसके आदर्श नेताओं पर राज्य बीजेपी लीडरशिप की तरफ से लगातार निशाना साधा जा रहा है. यह फैसला AIADMK की अहम बैठक में लिया गया है, जिसकी अध्यक्षता पार्टी महासचिव ई.के. पलानीस्वामी कर रहे थे. पलानीस्वामी ही इस वक्त AIADMK के हेड हैं.
"सी-295 विमान के आगमन से भारत की वायु सेना की ताकत में वृद्धि, टाटा कंपनी द्वारा 40 और विमानों का निर्माण करने का काम शुरू"
New Delhi: फ्रांस से भारत को मिला पहला सी-295 परिवहन विमान Monday को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधि-विधान से पूजा करके वायु सेना के बेड़े में शामिल किया. इससे सेना की रसद तथा अन्य क्षमताओं में बढ़ावा होगा. यह भव्य कार्यक्रम एयर फ़ोर्स के हिंडन एयरबेस पर वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी की मौजूदगी में हुआ. उन्होंने रक्षा मंत्री को विमान की इंडक्शन चाबी सौंपी. इसी तरह के 15 और विमान फ्रांस से ‘फ़्लाइंग मोड’ में आयेंगे और 40 सैन्य परिवहन विमान टाटा कंपनी भारत में ही निर्माण करेगी.
एयर फ़ोर्स के हिंडन एयरबेस पर आज सुबह भारत ड्रोन शक्ति-2023 कार्यक्रम में विभिन्न क्षमताओं वाले ड्रोन का प्रदर्शन किया गया. इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जनरल विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त), वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी के साथ शामिल हुए. यहां 50 किलो से 100 किलो तक वजन ले जाने की क्षमता वाले ड्रोन का अद्भुत प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा किसानों को खेती में काम आने वाले, चिकित्सा सहायता के लिए एक जगह से दूसरी जगह मेडिकल सामग्री पहुंचाने, युद्ध के दौरान बमबारी करने वाले, सीमा पर सैनिकों की अग्रिम चौकियों तक खाद्य एवं रसद सामग्री पहुंचाने वाले ड्रोन का प्रदर्शन किया गया.
भारत ड्रोन शक्ति-2023 के दौरान प्रदर्शित ड्रोन की एक कॉम्पैक्ट प्रणाली दिखाई गई, जिसे मोटरसाइकिल पर ले जाया जा सकता है. विशेष मोटरसाइकिलों को बिना असेंबल किए ड्रोन ले जाने के लिए अनुकूलित किया गया है. आधुनिक कृषि पद्धतियों को शुरू करने के लिए किसान ड्रोन को ग्रामीण इलाकों में मोटरसाइकिलों का उपयोग करके ले जाया जा सकता है. भारतीय ड्रोन उद्योग की ताकत का यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन रहा, जिसमें 50 से अधिक लाइव हवाई प्रदर्शन और ड्रोन के 75 से अधिक स्थिर प्रदर्शन शामिल रहे. इस प्रदर्शन में भारत की ड्रोन तकनीक में बढ़ती ताकत दिखी, जिसका मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर और ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष करके स्वागत किया.
इस भव्य कार्यक्रम के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस से भारत को मिला पहला सी-295 परिवहन विमान औपचारिक रूप से वायु सेना के बेड़े में शामिल किया. राजनाथ सिंह ने विधि-विधान से पूजा करके विमान ‘स्वास्तिक’ का निशान बनाया. यह सैन्य परिवहन विमान फ्रांस की एयरबस कंपनी ने 13 सितम्बर को भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी को स्पेन के सेविले में सौंपा था. इस विमान को वायु सेना के ग्रुप कैप्टन पीएस नेगी फ्रांस से मिस्र और बहरीन होते हुए उड़ाकर 20 सितंबर को भारत लाये और Vadodaraके वायु सेना स्टेशन पर उतारा. यह विमान सी -295 विमान Agra एयरबेस पर तैनात होगा. वहां पर इसका ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जा रहा है. सी-295 एयरक्राफ्ट के लिए Agra एयरबेस को इसलिए चुना गया है, क्योंकि इसे खासतौर पर पैराट्रूपर्स के लिए बनाया गया है.
फ़्रांसीसी कंपनी एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ पिछले साल 24 सितंबर को 56 सी-295 सैन्य परिवहन विमानों का सौदा फाइनल हुआ था. इसी सौदे के तहत यह पहला विमान स्पेन में ही तैयार किया है. समझौते के मुताबिक़ कंपनी को 16 विमान स्पेन में तैयार करके भारत को ‘फ्लाइंग मोड’ में आपूर्ति करना है जबकि अन्य 40 विमानों का निर्माण दस वर्षों के भीतर टाटा कंसोर्टियम भारत में ही करेगा. भारत को पहला विमान मिलने के साथ ही अन्य 15 विमानों के ‘फ्लाइंग मोड’ में आपूर्ति होने का रास्ता साफ़ हो गया है. यह अपनी तरह की पहली परियोजना है, जिसमें निजी सभी 56 विमानों को स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के साथ स्थापित किया जाएगा. यह मीडियम लिफ्ट सामरिक विमान बिना तैयार लैंडिंग ग्राउंड से उड़ान भरने और उतरने में सक्षम है.
सी-295 सैन्य परिवहन विमान की खासियत
इस विमान को दो लोग उड़ाते हैं और इसकी क्षमता 73 सैनिक या 48 पैराट्रूपर्स या 12 स्ट्रेचर इंटेसिव केयर मेडवैक या 27 स्ट्रेचर मेडवैक के साथ 4 मेडिकल अटेंडेंट ले जाने की है. यह अधिकतम 9250 किलोग्राम तक वजन उठा सकता है. इसकी गति अधिकतम 482 किलोमीटर प्रति घंटा है और अधिकतम 13,533 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है. इसे टेक ऑफ करने के लिए 844 मीटर से 934 मीटर लंबाई वाला और उतरने के लिए सिर्फ 420 मीटर का रनवे चाहिए. हथियार लगाने के लिए इसमें छह हार्ड प्वाइंट्स होते हैं. यानी हथियार और बचाव प्रणाली लगाने के लिए दोनों विंग्स के नीचे तीन-तीन जगह होती हैं, जिसमें 800 किलोग्राम के हथियार लगाए जा सकते हैं. सी-295 के शामिल होने से भारतीय वायु सेना की मध्यम लिफ्ट सामरिक क्षमता बढ़ेगी.
टाटा कंसोर्टियम Vadodaraमें बना रहा है फैक्टरी
भारत में 40 विमानों का निर्माण करने के लिए टाटा कंसोर्टियम Vadodaraमें फैक्टरी बना रहा है, जो 2026 तक बन जाएगी. टाटा ने पिछले साल नवंबर से 40 सी-295 विमानों के लिए मेटल कटिंग का काम शुरू कर दिया है. Hyderabad फिलहाल इसकी मेन कांस्टीट्यूट एसेंबली है, जहां कई पार्ट्स बनाए जाएंगे. Hyderabad फैसिलिटी एयरक्राफ्ट के प्रमुख हिस्सों को फैब्रिकेट करेगी. इसके बाद उसे Vadodaraभेजा जाएगा, जहां इंजन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेट लगाकर सी-295 विमान को अंतिम रूप दिया जाएगा. भारतीय वायुसेना के लिए ट्रांसपोर्ट विमान बेहद जरूरी हैं, ताकि सैनिकों, हथियारों, ईंधन और हार्डवेयर को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकें. यह विमान इंडियन एयरफोर्स के पुराने एचएस एरोस विमानों की जगह लेंगे. इसके अलावा यूक्रेन से आए एंतोनोव एएन-32 को बदला जाएगा.
"‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ समिति की पहली बैठक: एक साथ चुनाव की संभावनाओं की जांच और अड़चनों का विचार"
नई दिल्ली: देश भर में एक साथ राष्ट्रीय, राज्य और पंचायत चुनाव कराने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ समिति की पहली बैठक हुई. समिति के अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविद की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक साथ चुनाव में आने वाली अड़चनों की जांच की गई.
समिति अध्यक्ष रामनाथ कोविंद के अलावा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व नेता विपक्ष राज्यसभा गुलाम नबी आज़ाद, 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, पूर्व लोकसभा महासचिव सुभाष कश्यप, वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे, पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी ने हिस्सा लिया.
सूत्रों के मुताबिक, इस उच्च स्तरीय समिति की बैठक में आगे होने वाली बैठकों के एजेंडे को तय करने के साथ ही इस बात पर जांच की कि एक साथ चुनाव के रास्ते में क्या अड़चने हैं, और उन्हें कैसे सिलसिलेवार तरीक़े से समाप्त किया जाए. समिति एक साथ चुनाव कराने के लिए तमाम राजनीतिक दलों, विभिन्न राज्यों, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हुए चुनाव आयोग से सुझाव लेकर ज़रूरी उपायों की सिफ़ारिश सरकार से करेगी.
अधिसूचना में है ये बातें
‘एक देश, एक चुनाव’ के लिए बनी इस उच्चस्तरीय समिति के बारे में अधिसूचना जारी की गई है कि भारत के संविधान और क़ानून उपबंधों के अधीन विद्यमान् ढांचे को ध्यान में रखते हुए लोक सभा, राज्य की विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के एक साथ चुनाव कराने की जांच करना और सिफ़ारिश करना और उसके लिए संविधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अधीन बनाए गए नियमों या फिर किसी दूसरे विधि-विधानों और नियमों में संशोधन करने की सिफ़ारिश करना है.