"केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने गंगाजल पर जीएसटी छूट की स्पष्टि दी"
नई दिल्ली: कांग्रेस ने गंगाजल पर कथित तौर पर 18 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (GST) लगाने के आरोपों पर विराम लगाते हुए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने स्पष्ट किया है कि ‘गंगाजल’ को जीएसटी से छूट दी गई है. सीबीआईसी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व ट्वीटर) पर पोस्ट कर यह जानकारी साझा की है.
बता दें कि कांग्रेस ने गंगाजल पर कथित तौर पर 18 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (GST) लगाने के लिए मोदी सरकार की आलोचना की थी और इसे लूट व पाखंड की पराकाष्ठा करार दिया था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स (पूर्व एक्स) पर एक पोस्ट में कहा था, ”मोदी जी, मोक्ष प्रदाता मां गंगा का महत्व एक आम भारतीय के लिए जन्म से लेकर जीवन के अंत तक बहुत अधिक है। यह अच्छा है कि आप आज उत्तराखंड में हैं, लेकिन आपकी सरकार ने पवित्र गंगा जल पर ही 18% जीएसटी लगा दिया है.” उन्होंने कहा, “आपने एक बार भी नहीं सोचा कि उन लोगों पर क्या असर पड़ेगा जो अपने घरों में गंगाजल रखने इसे ऑर्डर देकर मंगाते हैं। यह आपकी सरकार की लूट और पाखंड की पराकाष्ठा है.”
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने अब इस मसले पर स्थिति साफ की है. CBIC ने गुरुवार को एक्स (पूर्व एक्स) पर एक पोस्ट में कहा है कि “देश भर के घरों में पूजा में गंगाजल का उपयोग किया जाता है और इस पूजा सामग्री को जीएसटी के तहत छूट दी गई है”. 18-19 मई 2017 और 3 जून 2017 को हुई जीएसटी परिषद की क्रमशः 14वीं और 15वीं बैठक में पूजा सामग्री पर जीएसटी पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें छूट सूची में रखने का निर्णय लिया गया. इसलिए, जीएसटी लागू होने के बाद से ही इन सभी वस्तुओं को जीएसटी से बाहर रखा गया है.