छत्तीसगढ़
"छत्तीसगढ़ क्रेडाई की स्टेट कॉन्फ्रेंस: CM भूपेश बघेल करेंगे शुभारंभ, बिल्डर्स और डेवलपर्स होंगे शामिल"
छत्तीसगढ़ क्रेडाई का स्टेट कॉन्फ्रेंस राजधानी रायपुर में 21 अगस्त को है, जिसमें देश भर के एक्सपर्ट शामिल होंगे.बिल्डर्स-डेवलपर्स को कई नई जानकारियां मिलेगी. इस बीच कुछ नई पॉलिसी बन गई है तो कुछ नई जानकारियां भी डेवलप हो गई.
इससे पहले 2020 में स्टेट कॉन्फ्रेंस हुआ था, लेकिन कोविड के चलते बीच के साल में यह नहीं हो पाया. इस स्टेट कॉन्फ्रेंस में क्रेडाई के नेशनल पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे. कार्यक्रम नया रायपुर स्थित मे-फेयर में होगा, जिसमें मुख्य अतिथि भूपेश बघेल का सम्मान भी किया जाएगा.
लगभग 300 से 350 बिल्डर्स-डेवलपर्स इसमें हिस्सा लेंगे. स्टेट कॉन्फ्रेंस की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. सुबह 10 बजे से पंजीयन प्रारंभ हो जाएगा. सीएम बघेल स्टेट कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ करेंगे.
क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय रहेजा, प्रोग्राम चेयरमेन आयुष मोदी, सचिव पंकज लाहोटी ने बताया कि स्टेट कॉन्फ्रेंस करने का उद्देश्य केवल अपने राज्य तक ही नहीं बल्कि बाहर स्टेट में क्या कुछ नया हो रहा है. जानकारी उपलब्ध कराना, वहां की पालिसी क्या है, नेशनल स्तर पर क्या पालिसी है, हम क्या कुछ सुधार कर सकते हैं. जैसे विषयों से अवगत कराना है.
कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे शुरू होगा और शाम के 7 बजे तक चलेगा. शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे. स्टेट कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग 4 से 5 सेशन होंगे, जिसमें टेक्निकल, एजुकेशनल जैसे विषयों पर प्रमुखता से चर्चा होगी. विभिन्न स्टेट से लगभग 300 से 350 बिल्डर्स-डेवलपर्स इसमें हिस्सा लेंगे, जिससे एक-दूसरे की जानकारियों को साझा करने का अवसर मिलेगा.
स्टेट कॉन्फ्रेंस के मुख्य अतिथि होंगे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विशेष अतिथि के रूप में आवास व परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय निकाय मंत्री डॉ. शिव डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, नेशनल क्रेडाई के अध्यक्ष मुकेश गौर उपस्थित रहेंगे.
छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर को पिछले पांच साल में काफी कुछ सौगात राज्य सरकार ने प्रदान की है. इसके लिए क्रेडाई की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान किया जाएगा. इस बीच राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर की क्या समस्याएं हैं और क्या इसमें संशोधन या जुड़ाव किया जा सकता है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अवगत भी कराया जाएगा.
क्रेडाई नेशनल के एक्जिक्यूटिव मेंबर्स शांतिलाल कटारिया, बंगलोर से पूर्व चेयरमेन नेशनल क्रेडाई इरफान रज्जाक, पूर्व चेयरमेन नेशनल क्रेडाई जीतांबर आनंद भी विशेष तौर पर स्टेट कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं. क्रेडाई नेशनल के वाइस प्रेसिडेंट आनंद सिंघानिया, क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय रहेजा, प्रोग्राम चेयरमेन आयुष मोदी, सचिव पंकज लाहोटी व क्रेडाई के सभी मेंबर्स स्टेट कॉन्फ्रेंस में शामिल रहेंगे.
"CM भूपेश द्वारा नगर पालिक और नगर पंचायत के बारे में घोषणाएं, नयी सौगातें और विकास कार्यों का शुभारंभ"
महासमुंद: नगर पालिका महासमुंद अब नगर निगम बनेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज ये ऐलान किया है। वहीं .ग्राम पंचायत भोरिंग को नगर पंचायत बनाने की घोषणा भी आज सीएम ने की। मुख्यमंत्री ने आज भरोसे के सम्मेलन में कई अहम सौगात दी। इस दौरान किसान , मजदूर , गरीब और गौपालकों को 2055.60 करोड़ की राशि सीधे उनके खाते में भेजी गई है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती मना रहे है और इस अवसर पर न्याय योजनाओं की राशि वितरित की गई है और नवीन राजस्व कार्यालयों का शुभारंभ किया गया है।
महासमुंद में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने न्याय योजनाओं के हितग्राहियों को राशि के अंतरण कार्यक्रम में महासमुंद में कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण को अगले वर्ष के बजट में शामिल करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में राजीव जी की जयंती सद्भावना दिवस के रूप में मनाई जा रही है। आज महासमुंद जिले में 704 करोड़ रुपए के 224 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। इनमें 71 करोड़ 08 लाख रुपए लागत के 132 कार्यों का लोकापर्ण तथा 632 करोड़ 88 लाख रूपए लागत के 92 कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास शामिल है।
आज के इस समारोह में प्रदेश की 18 नयी तहसीलों और 13 नये अनुविभागीय कार्यालयों का शुभारंभ किया गया है। इन्हें मिलाकार प्रदेश में अब 250 तहसीलें और 122 अनुविभाग हो जाएंगे। पौने पांच सालों में हमने 06 नये जिलों का गठन किया है। प्रदेश में जिलों की संख्या 33 हो चुकी है।
हमारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल रहा है। अभी नीति आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में पांच सालों में 40 लाख लोग गरीबी से बाहर आ चुके हैं।
कबीरधाम, सरगुजा और दंतेवाड़ा में 23 से 25 प्रतिशत लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं। रायपुर, धमतरी और बालोद जिले में गरीबी का अनुपात अब 10 प्रतिशत से कम रह गया है।
साथियों, 40 लाख लोगों को गरीबी से बाहर निकालना हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह हमारे काम का सबूत है। हमारे काम की गवाही खुद नीति आयोग दे रहा है।
किसानों, मजदूरों, आदिवासियों के लिए लागू की गई न्याय योजनाओं के कारण ही यह चमत्कार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बात चाहे खेती-किसानी की हो, आदिवासियों के विकास की हो, महिलाओं के सशक्तिकरण की हो, हर नागरिक की आय में बढ़ोतरी की हो, रोजगार की हो, रोजगार के अवसरों के निर्माण की हो, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की हो, शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की हो, शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की हो, चिकित्सा सुविधा के विस्तार की हो आज छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में बड़ा बदलाव दिख रहा है।
हमनें व्यक्ति को इकाई मानकर विकास का काम किया है। प्रशासनिक इकाईयों को छोटा किया गया है। हमने किसानों की सुविधा का ध्यान रखते हुए धान संग्रहण केंद्रों को भी किसानों के पास लाने का काम किया। संग्रहण केंद्रों और खरीदी केंद्रों को बढ़ाया जिसके कारण धान खरीदी बढ़ी लेकिन न बोरे की कमी हुई न लाइन लगी न ही किसानों को पैसे पहुंचने में कोई दिक्कत हुई।
"विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्व. श्री राजीव गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किया: 'सद्भावना दिवस' में याद की गई उनकी महत्वपूर्ण यात्रा"
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधान सभा अध्यक्ष डाॅ. चरण दास महंत ने आज पूर्व प्रधान मंत्री स्व. श्री राजीव गांधी जी की जयंती के अवसर पर पूर्वान्हः 11.00 बजे छत्तीसगढ़ विधान सभा परिसर स्थित सेन्ट्रल हाॅल में प्रतिष्ठापित उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये । श्री राजीव गांधी जी की जयंती को ’’सद्भावना दिवस’’ के रूप में मनाया जाता है । इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री गुरुमुख सिंह होरा एवम् विधान सभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे ।
इस अवसर पर अपने संदेश मे मान. विधान सभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत ने कहा कि-श्री राजीव गांधी भारत में सूचना क्रांति के जनक माने जाते हैं । उन्होंने देश में संचार एवं कम्प्यूटर क्रांति लाने में विशेष योगदान दिया। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए युवाओं को 18 वर्ष में मतदान का अधिकार दिलाया । श्री राजीव गांधी ने नई शिक्षा नीति में शिक्षा को व्यावसायिकता के साथ जोड़ने का सार्थक प्रयास किया था । वे अपनी उदार सोच, स्वप्नदर्शी एवं व्यापक दृष्टि से भारत को एक नई ऊर्जा का स्त्रोत बनाना चाहते थे । उन्होंने सत्ता के विकेेन्द्रीकरण एवं पंचायतों को अधिक अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी ।
उन्होंने कहा कि-उनके बताये सिद्धांतो तथा मार्ग पर चलकर ही देश विकास एवं तरक्की की ओर अग्रसर हो सकता है ।
"सीएम भूपेश बघेल की न्याय और विकास योजनाओं के लिए 2055.60 करोड़ रुपये के ऑनलाइन भुगतान का ऐलान"
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती ‘‘सद्भावना दिवस‘‘ के अवसर पर महासमुंद के हाई स्कूल मैदान में दोपहर 12 बजे आयोजित कार्यक्रम में न्याय योजनाओं सहित अन्य योजना के हितग्राहियों किसानों, मजदूरों, ग्रामीण व पशुपालकों को 2055.60 करोड़ रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे. गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे. लोकसभा सांसद दीपक बैज सहित छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, संसदीय सचिव, विधायक, अनेक जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे.
मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम में ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘‘ के हितग्राहियों को योजना की द्वितीय किश्त के रूप में 1810 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगे. इस राशि को मिलाकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना के 24.30 लाख किसानों को अब तक 21 हजार 912 करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है. इसी तरह मुख्यमंत्री ‘राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के हितग्राहियों को दूसरी किश्त के रूप में 168.63 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करेंगे. इस राशि को मिलाकर योजना के 5.6 लाख हितग्राहियों को अब तक 758.03 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
कार्यक्रम में सीएम बघेल ‘राजीव युवा मितान क्लबों’ को 66.21 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण करेंगे. युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए राज्य में गठित किए 13 हजार 242 क्लबों को अब तक 132.48 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है. मुख्यमंत्री इसी तारतम्य में ‘गोधन न्याय योजना’ के हितग्राहियों को 9.65 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करेंगे. इस राशि को मिलाकर योजना के तहत अब तक महिला स्व-सहायता समूहों, गौठान समितियों और ग्रामीणों को 551.31 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
सीएम बघेल कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री परब सम्मान निधि योजना’ के तहत गैर अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायतों को 1.11 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण करेंगे. इस राशि को मिलाकर 6,111 ग्राम पंचायतों को स्थानीय उत्सवों को मनाने के लिए 6.11 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है.
655 करोड़ की लागत के 223 विकास कार्याें का होगा लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम के दौरान महासमुंद जिले को 655 करोड़ की लागत के 223 विकास कार्याें की सौगात देंगे. इनमें से 71.08 करोड़ रुपये की लागत के 132 कार्याें का लोकार्पण और 583 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत के 91 कार्याें का भूमिपूजन और शिलान्यास होगा. मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में 322 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले महासमुंद के मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण कार्य की आधारशिला रखेंगे. साथ ही जिले के विभिन्न नगरीय निकायों में प्रारंभ होने वाले 118.42 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न कार्याें का भूमिपूजन करेंगे.
50 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई को दिखाएंगे हरी झण्डी
मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम के दौरान महासमुंद जिले के लिए 7 और संभाग के अन्य जिलों के लिए 43 पशु मोबाइल चिकित्सा इकाईयों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे और हितग्राहियों को व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र सौंपेंगे.
"20 अगस्त से राज्य में 13 नए अनुविभाग और 18 नई तहसीलें का आगमन: नवीन संरचनाओं की शुरुआत"
20 अगस्त से राज्य में 13 अनुविभाग और 18 तहसीलें अस्तित्व में आ जाएंगी और यहां विधिवत कामकाज शुरू हो जाएगा. नवगठित अनुविभागों एवं तहसीलों का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अगस्त को महासमुंद में पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती ‘सद्भावना दिवस‘ के अवसर पर वर्चुअल शुभारंभ करेंगे. इन नवीन तहसीलों एवं अनुविभाग के प्रारंभ होने से राज्य में अब 122 राजस्व अनुविभाग एवं 250 तहसीलें हो जाएंगी
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बीते पौने पांच सालों में शासन-प्रशासन को आम जनता के करीब लाने और प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और कसावट लाने के उद्देश्य से राज्य में नए जिले, अनुविभागों एवं तहसीलों को बनाए जाने की घोषणा की जाती रही है. वर्ष 2018 में राज्य में जिलों की संख्या 27 थी. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, सक्ती, सारंगगढ़-बिलाईगढ़, मोहला-मानपुर-चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों का गठन होने के बाद राज्य में जिलों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है. इसी तरह मुख्यमंत्री द्वारा अभी हाल ही में राज्य में 13 नवीन अनुविभाग एवं 18 नवीन तहसीलों के गठन की घोषणा की गई थी, जिनका विधिवत शुभारंभ 20 अगस्त को होगा. नवीन अनुविभागों एवं तहसीलों की स्थापना से शासकीय योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने में सुविधा होगी. शासन की योजनाएं एवं मूलभूत सुविधाएं आम जनता को आसानी से उपलब्ध होगी
नवगठित 13 अनुविभाग
वर्ष 2023 में 13 नवीन अनुविभाग जिला बस्तर अंतर्गत अनुविभाग बकावण्ड, जिला सुकमा अंतर्गत अनुविभाग छिंदगढ़, जिला सूरजपुर अंतर्गत अनुविभाग रामानुजनगर, जिला बालोद अंतर्गत अनुविभाग डौंडी, जिला जशपुर अंतर्गत अनुविभाग फरसाबहार, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा अंतर्गत अनुविभाग पलारी, जिला गरियाबंद अंतर्गत अनुविभाग छुरा, जिला बीजापुर अंतर्गत अनुविभाग उसूर (आवापल्ली), जिला महसमुंद अंतर्गत अनुविभाग बसना, जिला सरगुजा अंतर्गत अनुविभाग लुण्ड्रा (धौरपुर) एवं अनुविभाग उदयपुर, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अंतर्गत अनुविभाग केल्हारी तथा जिला बलरामपुर-रामानुजनगर अंतर्गत अनुविभाग शंकरगढ़ का गठन किया गया है.
नवगठित 18 तहसील
वर्ष 2023 में 18 नवीन तहसील जिला रायगढ़ अंतर्गत तहसील कापू, जिला सूरजपुर अंतर्गत तहसील भटगांव, जिला कबीरधाम अंतर्गत तहसील कुकदुर, जिला बस्तर अंतर्गत तहसील करपावण्ड जिला सुकमा अंतर्गत तहसील दोरनापाल एवं तहसील जगरगुण्डा, जिला राजनांदगांव अंतर्गत तहसील घुमका और तहसील कुमरदा, जिला बिलासपुर अंतर्गत तहसील पचपेड़ी, जिला जशपुर अंतर्गत तहसील बागबहार, जिला कांकेर अंतर्गत तहसील बान्दे, तहसील आमाबेड़ा एवं तहसील कोयलीबेड़ा, जिला सक्ती अंतर्गत तहसील चंद्रपुर, जिला गरियाबंद अंतर्गत तहसील फिंगेश्वर, जिला बेमेतरा अंतर्गत तहसील दाढ़ी, जिला सक्ती अंतर्गत तहसील भोथिया तथा जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ अंतर्गत तहसील सरसींवा का गठन किया गया है.
"मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षार्थियों की मांग पर शुरू की निःशुल्क बस परिवहन सेवा"
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा ‘‘शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को घर से कॉलेज और कॉलेज से घर आने-जाने के लिए बस के माध्यम से निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने‘‘ की घोषणा पर राज्य शासन द्वारा अमल शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में महाविद्यालय के छात्रों के हित में यह घोषणा की है।
उच्च शिक्षा विभाग की आयुक्त शारदा वर्मा ने इस घोषणा के क्रियान्वयन के संबंध में सभी शासकीय कॉलेज के प्राचार्यों को पत्र लिखा है। जिसमें शासकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत उन विद्यार्थियों की जानकारी मांगी गई है, जो निःशुल्क बस परिवहन सेवा का लाभ लेना चाहते हैं।
पत्र के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में जानकारी मांगी गई है। जिसमें ट्रैवलर्स का नाम, बस रूट का नाम, महाविद्यालय के निकटतम बस स्टॉप के नाम और विधार्थी की घर से कॉलेज की दूरी से संबंधित जानकारी मांगी गई है। प्राचार्याें को उक्त जानकारी 28 अगस्त तक विभाग भेजने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है की युवाओं से भेंट मुलाकात के दौरान कॉलेज के छात्रों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराने की मांग की थी।
अरविंद केजरीवाल द्वारा दी गई 10 गारंटियों की जानकारी: छत्तीसगढ़ में नई सरकार की योजनाएँ
रायपुर: दिल्ली के सीएम एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को छत्तीसगढ़ की जनता के लिए 10 गारंटी दीं। केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सर कटा देंगे, मर जायेंगे, मिट जाएगे पर झूठ नही बोलेंगे।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अरविंद केजरीवाल ने 10 गारंटी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में 300 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी और 24 घंटे तक मिलेगी। नवम्बर तक जितने भी बकाया बिजली बिल हैं, उन्हें भी माफ किया जाएगा।
रोजगार की गारंटी
- हर बेरोजगार को रोजगार मुहैया करवाया जाएगा।
- जब तक नौकरी नहीं मिलती तब तक हर बेरोजगार को ₹3000 महीना बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
- लगभग 10 लाख बेरोज़गारों को सरकारी नौकरी में भर्ती किए जाएंगे
- नौकरियों में भर्ती में सिफारिश और भ्रष्टाचार खत्म कर पारदर्शिता लाई जाएगी आम जनता को नौकरी के अवसर दिए जाएंगे।
बिजली गारंटी
- दिल्ली और पंजाब की तरह छत्तीसगढ़ मे भी हर महीने हर घर को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी।
- छत्तीसगढ़ के सभी गांव और शहरों में बिना कट लगे 24 घंटे बिजली दी जाएगी।
- छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर सारे पुराने बकाया घरेलू बिल माफ किए जाएंगे।
महिलाओं के लिए गारंटी
- 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए स्त्री सम्मान राशि दी जाएगी।
शिक्षा गारंटी
- छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को अच्छी और फ्री शिक्षा दी जाएगी
- दिल्ली की तरह सभी सरकारी स्कूलों को शानदार बनाया जाएगा
- दिल्ली की तरह छत्तीसगढ़ में भी प्राइवेट स्कूलों को नाजायज फीस नहीं बढ़ने देंगे।
- सभी कच्चे शिक्षकों को पक्का किया जाएगा. शिक्षकों के सभी खाली पद भरे जाएंगे।
- शिक्षकों को शिक्षण के अलावा और कोई भी अन्य कार्य नहीं दिया जाएगा।
स्वास्थ्य गारंटी
- दिल्ली की तरह छत्तीसगढ़ के हर नागरिक के लिए मुफ्त और अच्छे इलाज का इंतजाम।
- दिल्ली की तरह सभी दवाइयां, टेस्ट और ऑपरेशन मुफ्त किए जाएंगे।
- दिल्ली की तरह हर गांव में और वार्ड में मोहल्ला क्लीनिक खोला जाएगा।
- छत्तीसगढ़ के सभी मौजूदा सरकारी अस्पतालों को शानदार बनाया जाएगा और नई सरकारी अस्पताल खोले जाएंगे।
- सभी रोड एक्सीडेंट मरीजों को पूरे छत्तीसगढ़ में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी।
तीर्थ यात्रा गारंटी
- दिल्ली की तरह दास के सभी बुजुर्गों को उनके पसंद के किसी भी पवित्र तीर्थ स्थान पर मुक्त •यात्रा करवाई जाएगी।
- वहां आना-जाना रहना,खाना सब मुफ्त होगा।
भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ की गारंटी
- दिल्ली की तरह छत्तीसगढ़ में भी भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
- किसी भी सरकारी दफ्तर में काम करवाने के लिए आपको वहां नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली की तरह एक फोन नंबर जारी करेंगे आप उस फोन पर कॉल करके काम बताओ कोई सरकारी कर्मचारी आपके घर आकर काम करके जाएगा आपको किसी को रिश्वत देने की जरूरत नहीं होगी।
शहीद सम्मान राशि की गारंटी
- भारतीय सेना और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान अगर सेवा के दौरान शहीद होता है तो उनके परिवार को 1 करोड़ रूपए की सम्मान राशि दी जाएगी।
कर्मचारी वर्ग के लिये गारंटी
- सभी विभागों के संविदा, प्लेसमेंट,ठेका व अनियमित कर्मचारियों को नियमित करेंगे।
- संविदा व ठेका प्रथा बंद करेंगे।
महासमुंद: ग्राम पंचायतों को परब सम्मान निधि का वितरण, राजीव गांधी योजनाओं का लाभ, नवीन तहसीलों का शुभारंभ, विकास कार्यों का होगा लोकार्पण-शिलान्यास
महासमुन्द: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती ‘‘सद्भावना दिवस‘‘ के अवसर पर महासमुंद के हाई स्कूल मैदान में दोपहर 12 बजे आयोजित कार्यक्रम में न्याय योजनाओं सहित अन्य योजना के हितग्राहियों किसानों, मजदूरों, ग्रामीण व पशुपालकों को 2055.60 करोड़ रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज सहित छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, संसदीय सचिव, विधायक, अनेक जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम में ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘‘ के हितग्राहियों को योजना की द्वितीय किश्त के रूप में 1810 करोड़ रूपए का भुगतान करेंगे। इस राशि को मिलाकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना के 24.30 लाख किसानों को अब तक 21 हजार 912 करोड़ रूपए की इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह मुख्यमंत्री ‘राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के हितग्राहियों को दूसरी किश्त के रूप में 168.63 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान करेंगे। इस राशि को मिलाकर योजना के 5.6 लाख हितग्राहियों को अब तक 758.03 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
कार्यक्रम में बघेल ‘राजीव युवा मितान क्लबों’ को 66.21 करोड़ रूपए की राशि का अंतरण करेंगे। युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए राज्य में गठित किए 13 हजार 242 क्लबों को अब तक 132.48 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री इसी तारतम्य में ‘गोधन न्याय योजना’ के हितग्राहियों को 9.65 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान करेंगे। इस राशि को मिलाकर योजना के तहत अब तक महिला स्व-सहायता समूहों, गौठान समितियों और ग्रामीणों को 551.31 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। बघेल कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री परब सम्मान निधि योजना’ के तहत गैर अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायतों को 1.11 करोड़ रूपए की राशि का अंतरण करेंगे। इस राशि को मिलाकर 6,111 ग्राम पंचायतों को स्थानीय उत्सवों को मनाने के लिए 6.11 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
655 करोड़ की लागत के 223 विकास कार्यों का होगा लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम के दौरान महासमुंद जिले को 655 करोड़ की लागत के 223 विकास कार्यों की सौगात देंगे। इनमें से 71.08 करोड़ रूपए की लागत के 132 कार्यों का लोकार्पण और 583 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत के 91 कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास होगा। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में 322 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से बनने वाले महासमुंद के मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण कार्य की आधारशिला रखेंगे। साथ ही जिले के विभिन्न नगरीय निकायों में प्रारंभ होने वाले 118.42 करोड़ रूपए लागत के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।
50 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई को दिखाएंगे हरी झण्डी
मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम के दौरान महासमुंद जिले के लिए 7 तथा संभाग के अन्य जिलों के लिए 43 पशु मोबाइल चिकित्सा इकाइयों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे तथा हितग्राहियों को व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र सौंपेंगे।
18 नवीन तहसीलों एवं 13 अनुविभागीय कार्यालयों का करेंगे शुभारंभ
मुख्यमंत्री कार्यक्रम में 18 नवीन तहसीलों एवं 13 अनुविभागीय कार्यालयों का वीडियो कॉन्फ्रेंस से शुभारंभ भी करेंगे। इन्हें मिलाकर प्रदेश के 33 जिलों में 122 राजस्व अनुविभाग तथा 250 तहसील हो जाएंगी।
कार्यक्रम स्थल पर विकास प्रदर्शनी में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, खेल एवं युवा कल्याण, आदिम जाति विकास, वन विभाग, पंचायत, रोजगार, अंत्यावसायी, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं पर आधारित स्टॉल लगाए गए हैैं। मुख्यमंत्री इन स्टॉलों में हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण करेंगे।
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, आदिम जाति विकास मंत्री मोहन मरकाम, लोकसभा सांसद चुन्नीलाल साहू, संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चंद्राकर और द्वारिकाधीश यादव, अनुसूचित जाति विकास के प्राधिकरण उपाध्यक्ष किस्मत लाल नंद, अध्यक्ष वन विकास निगम देवेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष उषा पटेल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद महासमुंद राशि त्रिभुवन महिलांग विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
"मुख्यमंत्री बघेल द्वारा 655 करोड़ रुपये के 223 विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण की समारोह"
महासमुंद : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अगस्त को जिले के दौरे पर रहेंगे। इस अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल महासमुंद मैदान पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल जिले को 655 करोड़ के 223 विकास कार्याें का सौगात देंगे। जिसमें 71 करोड़ 8 लाख रुपए के 132 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 583 करोड़ 92 लाख रुपए के 91 विकास कार्याें का शिलान्यास/भूमिपूजन कार्य शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल जिन विकास कार्याें का लोकार्पण करेंगे उनमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 13 करोड़ 64 लाख रुपए के 18 विकास कार्य, छ.ग. गृह निर्माण मण्डल के 4 करोड़ 9 लाख रुपए के 3 विकास कार्य एवं लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण के 11 करोड़ 57 लाख रुपए के 4 विकास कार्य शामिल है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 27 करोड़ 65 लाख रूपए के 65 विकास कार्याें, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 2 करोड़ 5 लाख रुपए के 6 विकास कार्यों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 1 करोड़ 71 लाख रुपए के 17 विकास कार्याें एवं वन विभाग के 3 करोड़ 73 लाख रुपए के 16 विकास कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों होगा। इसी तरह विद्युत विभाग के 4 करोड़ 9 लाख रुपए के 2 विकास कार्य एवं आयुष विभाग के 2 करोड़ 55 लाख रुपए का एक विकास कार्य लोकार्पण में शामिल है। लोकार्पण के प्रमुख कार्यों में सिंगल विलेज स्कीम, गोदाम सह शॉप निर्माण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, उच्च स्तरीय पुल निर्माण, सड़क, ट्रांजिट हॉस्टल, ब्लड बैंक, हमर लैब, नरवा विकास कार्यक्रम, कृष्ण कुंज, 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र आदि शामिल है।
इसी प्रकार शिलान्यास/भूमिपूजन में लोक निर्माण विभाग के 43 करोड़ 86 लाख रुपए के 11 विकास कार्य, सेतु निर्माण के 3 करोड़ 97 लाख के एक विकास कार्य, छ.ग. गृह निर्माण मण्डल के 16 करोड़ 64 लाख रुपए के 6 विकास कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 42 लाख रुपए के 2 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 30 करोड़ 93 लाख के 3 विकास कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम संड़क योजना के 13 करोड़ 52 लाख रुपए के 20 विकास कार्य शामिल है। इसी तरह वन विभाग के 60 लाख रुपए के 3 विकास कार्याें, विद्युत विभाग के 11 करोड़ 87 लाख रुपए के 5 विकास कार्यों, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 325 करोड़ 57 लाख रुपए के 8 विकास कार्याें, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 18 लाख रुपए के एक विकास कार्य, आदिम जाति कल्याण विभाग के 11 करोड़ 99 लाख रुपए के 6 विकास कार्याें एवं नगरीय निकाय के 118 करोड़ 42 लाख रुपए के 9 विकास कार्याें का शिलान्यास/भूमिपूजन किया जाएगा। भूमिपूजन में नवीन सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, सेंट्रल लाइब्रेरी भवन, तहसील कार्यालय भवन, 33/11 केवी पावर ट्रांसफार्मर उपकेन्द्र स्थापना, मेडिकल कॉलेज महासमुंद भवन निर्माण, 20 बेड अतिरिक्त निर्माण, नवीन बस स्टैंड, फुटबाल ग्राउण्ड, सिवरेज ट्रीटमेंट स्थापना और शासकीय शालाओं में अतिरिक्त कक्ष निर्माण आदि कार्य शामिल है।
"छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023: पाटन सीट पर भूपेश बघेल और विजय बघेल के बीच रंगीन मुकाबला"
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2023 में जिस सीट पर सबकी नजर है, वो सीट है पाटन. दुर्ग जिले का पाटन विधानसभा पूरे 90 विधानसभा सीटों में सबसे महत्वपूर्ण है. क्यों है यह आप सभी जानते हैं. इस सीट से कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और देश में सबसे लोकप्रिय और ताकतवर नेताओं में से एक हैं.
फिलहाल, इस सीट की चर्चा इसलिए ज्यादा और होने लगी है क्योंकि भाजपा ने 21 प्रत्याशियों की जो पहली सूची जारी की है, उसमें पाटन विधानसभा के प्रत्याशी का भी नाम है. भाजपा ने पाटन से जिस चेहरे पर भरोसा वो वही चेहरा जिसके भरोसे ने 2008 में भाजपा ने भूपेश बघेल के खिलाफ जीत दर्ज की थी. नाम है विजय बघेल.
विजय बघेल वर्तमान में दुर्ग लोकसभा से सांसद हैं. भाजपा चुनाव घोषणा-पत्र समिति के संयोजक हैं. छत्तीसगढ़ में सांसद रहते विधानसभा लड़ने वाले दूसरे नेता होंगे. कुर्मी समाज में सामाजिक तौर पर सक्रिय हैं.
इन सबके बीच विजय बघेल की एक पहचान भूपेश बघेल के भतीजे के तौर पर भी है. विजय बघेल उम्र में भूपेश बघेल से दो साल बड़े हैं, लेकिन नातेदारी मे छोटे हैं. कुर्मी समाज में दोनों की पहचान चाचा और भतीजे की है. यही वजह है कि पाटन के मुकाबले को कका और भतीजे के मुकाबले के तौर पर भी देखा जा रहा है.
भूपेश बघेल और विजय बघेल चौथी बार आमने-सामने होंगे. पहला मुकाबला 2003 में हुआ था. विजय बघेल तब एनसीपी की टिकट पर चुनाव लड़े थे. 2008 में दूसरी बार विजय बघेल भाजपा की टिकट से लड़े और जीते थे. तीसरी बार 2013 में लड़े लेकिन हार गए थे. 2018 में टिकट नहीं दी गई, 2019 लोकसभा लड़े और जीते.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री छग
भूपेश बघेल 4 दशकों से राजनीति में सक्रिय है. 5 बार के विधायक हैं. दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री रहे. वर्तमान में 5 साल से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री है. देश में सबसे लोकप्रिय और ताकतवर नेताओं में से एक हैं.
विजय बघेल, सांसद, दुर्ग
विजय बघेल भी तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं. नगर पालिका अध्यक्ष रहे, एक बार विधायक और वर्तमान में दुर्ग लोकसभा से सांसद हैं. कुर्मी समाज में सामाजिक तौर पर सक्रिय रहते हैं. भाजपा ने पाटन से तीसरी बार प्रत्याशी बनाया है. भाजपा में घोषणा-पत्र समिति के संयोजक हैं.
जीतेंगे भूपेश, लेकिन विजय भी विशेष : – बाबूलाल शर्मा
दुर्ग-भिलाई में लंबे समय तक पत्रकारिता करने वाले और वर्मतान में रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार बाबूलाल शर्मा बघेल वर्सेज बघेल के पीछे की कहानी कुछ इस तरह समझाते हैं- “कुर्मी समाज में दोनों ही प्रभावशाली नेता हैं. दोनों के बीच चाचा और भतीजे की रिश्तेदारी है. चौथी बार आमने-सामने होंगे. हालांकि, बीते तीन चुनावों में दो बार भूपेश बघेल जीते हैं, और एक बार विजय बघेल को सफलता मिली है. मैं जहां तक समझ पा रहा हूँ भाजपा की रणनीति भूपेश बघेल को सामाजिक और पारिवारिक दोनों ही तरीके नातेदारी के जरिए घेरने की नजर आती है. विजय बघेल को मैदान में उतारना मतलब कुर्मी समाज के वोटों को दो भागों में बांटना है, जिससे के मुकाबला कहीं से भी एकतरफा न रहे. हालांकि, इन परिस्थितियों में अभी तक जो स्थिति नजर आ रही है, उसमें भूपेश बघेल ही जीतते हुए दिखाई दे रहे हैं. लेकिन विजय बघेल भी पाटन की जनता के बीच विशेष है, इससे इंकार नहीं किया जा सकता.”
मुख्यमंत्री पड़ेंगे भारी, लेकिन घर में घेरने की तैयारी :- राम अवतार तिवारी
रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार राम अवतार तिवारी पाटन के मुकाबले को 90 विधानसभा सीटों में सबसे दिलचस्प मुकाबला मानते हैं. वे कहते हैं- “पाटन के सियासी गणित को समझने के लिए कुर्मी समाज, साहू समाज और अनुसूचित जाति समाज के समीकरण को समझना होगा. विजय बघेल को प्रत्याशी बनाने के पीछे भाजपा की रणनीति जातिगत समीकरण भी है. क्योंकि 2018 के चुनाव में भूपेश बघेल के खिलाफ भाजपा ने मोतीलाल साहू को उतारा था. इससे कुर्मी समाज का एकतरफा वोट भूपेश बघेल को चला गया था. वहीं मोतीलाल साहू के खिलाफ बाहरी प्रत्याशी होने का मुद्दा भी उठा था. इन परिस्थितियों के बीच भाजपा के साहू वोटर भी कांग्रेस के साथ चले गए थे. लिहाजा इस बार विजय बघेल के जरिए भाजपा की रणनीति भूपेश बघेल को उनके घर में घेरने की है. विजय बघेल को प्रत्याशी बनाने से कुर्मी समाज का वोट बंटेगा और साहू समाज का भरपूर समर्थन मिला तो विजय बघेल बाजी पलटने में भी सफल रह सकते हैं. वहीं यह बताने की भी कोशिश है कि भाजपा में मुख्यमंत्रियों के चेहरे के बीच एक मजबूत चेहरा विजय बघेल भी हैं. हालांकि, इन सबके बावजूद चुनाव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ही भारी पड़ेंगे, ऐसा मुझे लग रहा है.”
भूपेश बघेल मजबूत, लेकिन भाजपा की जय में विजय उपयुक्त – रोमशंकर यादव
राज्य अलंकरण से सम्मानित और ग्रामीण पत्रकारिता में सबसे विश्वसनीय पत्रकार दुर्ग जिला निवासी रोमशंकर यादव पाटन के समीकरण पर बात करते हुए कहते हैं- “इसमें कोई दो राय नहीं है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज सबसे मजबूत नेता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं. भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ से लेकर दिल्ली तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. कांग्रेस का पूरा भार उनके कंधों पर यह भी कहा जा सकता है. 90 सीटों के लिए भूपेश बघेल स्टार प्रचारक हैं. भूपेश बघेल के इस ताकत को भाजपा भी बखूबी समझती है. भाजपा को पता है कि भूपेश के सामने अगर कोई उपयुक्त चेहरा तो वो है विजय बघेल. दरअसल, बीते 5 सालों में छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ने खुद को ठेठ छत्तीसगढ़िया, किसान और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले नेता के तौर पर दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है. ऐसे में भाजपा को वही चेहरा चाहिए था जो भूपेश के सामने उन्हीं के अंदाज में गेड़ी में दौड़ सकें. लिहाजा भाजपा ने विजय बघेल को उपयुक्त माना. दूसरी बात यह है कि विजय बघेल के सहारे पाटन में वोटों के ध्रुवीकरण को रोकना. कुर्मी समाज का वोट बंट जाए और साहू समाज का समर्थन भाजपा एकतरफा मिल जाए. चर्चा है कि साहू समाज की लगातार बैठकें भी पाटन में चुनाव को लेकर हो रही है. एक और बात जो पाटन में विकास से जुड़ा है. भूपेश बघेल ने पाटन के हर क्षेत्र में भरपूर काम कराया है. वहीं विजय बघेल ने भी सांसद निधि का ज्यादातर काम पाटन में ही कराया है. मतलब साफ है कि तैयारी पहले से ही थी. वैसे भाजपा यही चाहती है कि भूपेश बघेल पाटन में ही इंगेज रहे. उन्हें अन्य सीटों पर ज्यादा प्रचार करने का मौका न मिल सके.”
पारंपरिक प्रतिद्वंदी, जातीय समीकरण- पुनीत कौशिक
दुर्ग जिले मे लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार पुनीत कौशिक का कहना है कि- “भूपेश बघेल और विजय बघेल पारंपरिक प्रतिद्वंदी हैं. दोनों अब तक तीन बार एक-दूसरे खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं, चौथी बार एक बार फिर से आमने-सामने हैं. कुर्मी समाज में दोनों ही प्रतिष्ठित और ताकतवर नेता हैं. विजय बघेल की सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी ज्यादा है. मैं जहां तक समझ पा रहा हूं भाजपा की रणनीति भूपेश बघेल को पाटन में उलझाकर रखने की है. क्योंकि विजय बघेल ने अगर समाज के लोगों को साध लिया तो, कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती है. पाटन का दरअसल जातीय समीकरण कुर्मी समाज के साथ-साथ साहू समाज और निर्णायक स्थिति में सतनामी समाज पर केंद्रित है. साहू समाज में भाजपा का दखल अधिक माना जाता है. परिसीमन के बाद गुण्डरदेही से एक हिस्सा, जो कि साहू बाहुल्य वह अब पाटन में है. भाजपा इस हिस्से पर फोकस कर चल रही है. क्योंकि कुर्मी समाज का वोट अगर कुर्मी समाज के दोनों नेताओं के बीच बंटा तो फायदा हो सके. हालांकि निर्णायक भूमिका वाले सतनामी समाज के वोट बैंक पर भी भाजपा एक खास रणनीति के तहत काम कर रही है. लेकिन फिलहाल तो यही दिख रहा है कि विजय बघेल को सामने लाकर भूपेश बघेल की पाटन में घेराबंदी कर दी जाए.”
सार
पत्रकारों के विश्लेषण यह साफ लग रहा है कि पाटन मेें मुकाबला 2008 के चुनाव से और कहीं ज्यादा ही दिलचस्प होने वाला है. हालांकि मुख्यमंत्री होने के नाते भूपेश बघेल का प्रभाव मतदाताओं पर ज्यादा रहेगा इससे इंकार भी नहीं किया जा सकता है, लेकिन भतीजे विजय बघेल को पाटन में नजर अंदाज भी नहीं किया जा सकता. भाजपा विजय बघेल के सहारे भूपेश बघेल को उनके घर में घेर पाने में सफल रह पाएगी या नहीं ये तो परिणाम बताएगा, लेकिन घेरेबंदी की कोशिश भाजपा ने जरूर शुरू कर दी है.
"पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए 'मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना' का आयोजन"
रायपुर: छत्तीसगढ़ में किसानों की आय में बढ़ोत्तरी और पर्यावरण सुधार के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण ‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना‘ प्रारंभ की गई है। इसका क्रियान्वयन वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसकी सराहना ’रैली फॉर रिवर्स ’ अभियान द्वारा की जा चुकी है। ’रैली फॉर रिवर्स ’ ने ट्वीट में लिखा है कि वाणिज्यिक वृक्षारोपण के जरिए किसानो की आमदनी में बढ़ोत्तरी के लिए राज्य सरकार की यह एक अद्भुत पहल है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री वृ़क्ष संपदा योजना‘ बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का राष्ट्रीय स्तर पर पहला बड़ा अभियान है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर 21 मार्च को इस योजना का शुभारंभ किया। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में पांच वर्षों में एक लाख 80 हजार एकड़ निजी भूमि में चिन्हित प्रजातियों के 15 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य है।
अब तक प्रदेश के 23 हजार 600 किसानों ने 36 हजार 230 एकड़ जमीन पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण के लिए पंजीयन कराया है। इस योजना के माध्यम से किसानों को सालाना प्रति एकड़ 15 से 50 हजार रूपए तक की आय होने का अनुमान है। इसके अलावा कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी किसानों को आमदनी होगी। इस योजना में पांच एकड़ में वाणिज्यिक वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों को शत-प्रतिशत अनुदान तथा पांच एकड़ से अधिक वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। ‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना‘ में पहली बार चिन्हित प्रजातियों के वृक्षों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की गारंटी भी दी गई है।
प्र्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का लाभ किसान, इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, पंचायत तथा भूमि अनुबंध धारक उठा सकते हैं। छत्तीसगढ़ में योजना के तहत विभिन्न प्रजाति के वृक्ष का रोपण किया जाएगा। इनमें क्लोनल यूकलिप्टस, रूटशूट टीक, टिश्यू कल्चर, चंदन, मेलिया दुबिया, सामान्य बांस, टिश्यू कल्चर बम्बू, रक्त चंदन, आंवला, खमार, शीशम तथा महानीम आदि के पौधे रोपे जाएंगे। यह योजना हितग्राहियों के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और मृदा संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इस योजना से काष्ठ आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
"भाजपा प्रत्याशी के चयन में गाड़ा समाज के नेताओं की विरोध और समूहिक इस्तीफे की चेतावनी"
पिथौरा: भाजपा में टिकट का ऐलान होते ही प्रत्याशी का विरोध भी होने लगा है. सरायपाली विधानसभा भाजपा प्रत्याशी सरला कोसरिया का गाड़ा समाज के भाजपा के पदाधिकारियों ने जोरदार विरोध किया है और महापंचायत रखकर सर्वसम्मति से सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है. बैठक में समाज के बूथ स्तर से संगठन के पदाधिकारी तक सभी ने इस्तीफा देने का फैसला लिया है.
बता देें कि सरायपाली विधानसभा में गाड़ा समाज के वोटरों की संख्या 40 हजार है. बैठक में गाड़ा समाज के भाजपा के बड़े नेता मौजूद रहे. गाड़ा समाज की बैठक में प्रतिनिधियों ने भाजपा संगठन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है. समाज ने फैसला लिया है कि समाज के जितने भी कार्यकर्ता गाड़ा समाज से हैं वह संगठन से सामूहिक इस्तीफा देंगे.
गाड़ा समाज के अध्यक्ष जगदीश चौहान ने कहा कि गाड़ा समाज के करीब चालीस हजार मतदाता हैं. साथ ही सरायपाली विधानसभा में भाजपा के मंडल व मोर्चा में समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं. इसके बावजूद भाजपा संगठन के नेतृत्व ने समाज की अपेक्षा की है, जिससे समाज के लोगों में नाराजगी है.
बैठक में पूर्व विधायक रामलाल चौहान, गाड़ा समाज जिला पंचायत सदस्य श्याम तांडी, भाजपा महिला मोर्चा महामंत्री पुष्प लता चौहान, पार्षद राखी गणेश, महामंत्री भाजपा मंडल सरायपाली प्रमोद कुमार, रवि चौहान समेत बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद रहे.
"छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वृक्षारोपण एवं राम वन का शिलान्यास, चंदखुरी मंदिर में होगा आयोजन"
रायपुर: 94.3 MYFM एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा “ राम पथ से राम वन “ पहल की शुरूआत मुख्य्मंत्री भूपेश बघेल के निवास स्थान से की गई थी, इस पहल के तहत माय एफएम के आरजे अनिमेष और आरजे अंजनी ने दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तर छत्तीसगढ़ के भगवान राम एवं माता सीता के वनवास काल के दौरान किये भ्रमण एवं निवास स्थान की पावन मिट्टी एकत्रित की थी और इसी मिट्टी के साथ आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या के मंदिर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वृक्षारोपण करेंगे.
पौराणिक ग्रंथ एवं ऐतिहसिक मान्यता के अनुसार वनवास काल अधिकतर समय भगवान राम ने छत्तीसगढ़ में ही व्यतीत किया था, माता कौशल्या खुद छत्तीसगढ़ की राजकुमारी थी और रामायण के मुताबिक भगवान राम ने वनवास का वक्त दंडकारण्य में बिताया.
छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा ही प्राचीन समय का दंडकारण्य माना जाता है. आरजे अनिमेष ने सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़ , शिवरी नारायण एवं तुरतुरिया जबकि आरजे अंजनी ने राजिम, सिहावा जगदलपुर और रामराम ( सुकमा ) के पवित्र स्थानों एवं मंदिरो में जाकर पूजा अर्चना कर वृक्षारोपण के स्थित वह के निवासियों को इस मुहिम का उद्देश्य समझाया एवं भगवान राम के इतिहास को पुनर्जीवित किया.
माय एफएम एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित यह पहल अब तक की सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ वासियों द्वारा पसंद की गयी पहल है, इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से कई लोग इस मुहिम में शामिल हुए जिन्होंने भगवान राम के इतिहास को और भी करीब से जाना.
"केजरीवाल और भगवंत मान का छत्तीसगढ़ दौरा: कार्यकर्ताओं को देंगे जीत का मंत्र और कर सकते हैं घोषणाएं"
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक है,इसी कड़ी में आज (19 अगस्त) को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे।
एयरपोर्ट रोड स्थित जैन मानस भवन में दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजन प्रस्तावित है. प्रोग्राम में प्रदेशभर के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं जुटेंगे. कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान कार्यकर्ताओं को चुनावी मंत्र देंगे। इस दौरान विधानसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़वासियों के लिए गारंटी कार्ड भी जारी करेंगे।
ये घोषणाएं कर सकते हैं केजरीवाल
- किसानों को साधने केजरीवाल सबसे अधिक समर्थन मूल्य देने का एलान कर सकते हैं।
- युवाओं के लिए सरकारी नौकरी, यातायात और शिक्षा की फ्री सेवा।
- कर्मचारियों को नियमित किए जाने का ऐलान।
- मुफ्त इलाज की सुविधा देने जैसे ऐलान केजरीवाल कर सकते हैं।
"रायपुर में नरेश गुप्ता की जगह सुनील सोनी बने चुनाव आयोग के संयोजक"
चुनाव आयोग संपर्क एवं चुनाव विधिक विभाग का कार्य अब नरेश गुप्ता के स्थान पर रायपुर के सांसद सुनील सोनी देखेंगे उन्हें संयोजक बनाया गया है...
एकात्म परिसर राजबंधा मैदान रायपुर के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें सहसंयोजक विधायक सौरभ सिंह को बनाया गया है और इन्हें सहयोग देने के लिए गणेश शंकर मिश्रा.. जय कुमार चंद्रवंशी... विजय शंकर मिश्रा.. और आरपीएस त्यागी को सदस्य बनाया गया है...?
"छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर"
छत्तीसगढ़ में युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए प्रदेश की भूपेश सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है. बेहतर शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल उन्नयन पर भी ध्यान दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना इस दिशा में युवाओं के सर्वांगिण विकास के लिए एक प्रशस्त मार्ग साबित हुई है. छत्तीसगढ़ शासन ने सार्थक पहल करते हुए युवाओं के लिए कक्षा 12वीं के साथ आईटीआई की सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है. राज्य के युवाओं को बेहतर से बेहतर शिक्षा के साथ उनका कौशल उन्नयन कर रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से वर्ष 2018 से लेकर 30 जून 2023 की स्थिति में 43 हजार 862 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है. जिसमें से 13 हजार 661 युवाओं को रोजगार उपलब्ध हुआ और 10 हजार 254 युवाओं ने स्व-रोजगार प्राप्त किया है.
राज्य के बहुत से विद्यार्थी, हायर सेकेंडरी तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद कोई निश्चित उद्देश्य नहीं होने के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं और उनके पास कोई कौशल नहीं होने और उद्यमिता का कोई ज्ञान नहीं होने के कारण वह बेरोजगार बने रहते हैं. स्कूलों में दी जा रही औपचारिक शिक्षा के साथ राज्य की आईटीआई में दिए जा रहे व्यवसायिक प्रशिक्षण के एकीकरण और उन्हें मुख्यधारा में लाने का एक अभिनव शुरूआत की है. इसके तहत राज्य के हायर सेकेंडरी स्कूलों में 11वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र जो साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करने के इच्छुक हैं, उनके लिए स्कूलों और आईटीआई समन्वय के माध्यम से उन्हें दोनों यानी स्कूली शिक्षा और अपनी रुचि का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना प्रारंभ की गई है.
इससे युवाओं को उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए विभिन्न कौशल प्राप्त करने में मदद मिलेगी. योजना के तहत उद्यमिता कौशल को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है. आईटीआई की परीक्षा में सफल प्रशिक्षणार्थियों को माध्यमिक शिक्षा मण्डल छत्तीसगढ़ के बारहवीं प्रमाण पत्र के साथ-साथ राज्य व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद द्वारा आईटीआई का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जा रहा है. वर्ष 2021 से 2023 के सत्र में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त करने की योजना 116 विकास खंडों के 119 स्कूलों और आईटीआई में प्रारंभ की गई. जिसमें विद्यार्थियों ने आईटीआई के 10 ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त किया है.
बता दें कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है. प्रशासन युवाओं की ऊर्जा को राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से सकारात्मक दिशा दिया जा रहा है. युवा अपने लोक संस्कृति पारम्परिक खेलों के प्रति आकर्षित हो सके इसके लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत की गई है. युवाओं का आर्थिक बोझ कम करने के लिए प्रतियोगी परीक्षा पीएससी और व्यापम की परीक्षा माफ कर दी है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा अपना भविष्य संवार सके मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगार मिला है.
"रायपुर में 13 दिनों के लिए रद्द की गई 20 ट्रेनें: रेलवे ने जारी किया नोटिस"
रायपुर: ट्रेनों के रद्द होने के सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, रायपुर रेल मंडल से होकर चलने वाली 20 ट्रेनों को रेलवे ने फिर रद्द कर दिया है. ये ट्रेने 17 से 29 अगस्त के बीच चलने वाली है.
इसके पीछे की वजह जो रेलवे ने बताई है वो ये है कि अधोसंरचना विकास ईस्ट कोस्ट रेलवे के भुवनेश्वर- मंचेश्वर रेलवे स्टेशनों के बीच एवं हरिदासपुर-धानमन्डल रेलवे स्टेशनों के बीच तीसरी रेलवे लाइन का कार्य के लिए नॉन इंटर लोकिंग का कार्य किया जाएगा. यह कार्य दिनांक 17 से 29 अगस्त, 2023 (13 दिन) तक किया जायेगा, रेलवे का दावा है कि इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आयेगी.
रद्द होने वाली गाडियां:-
01. 20 अगस्त, 2023 को कुर्ला से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12145 कुर्ला-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
02. 22 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12146 पूरी-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
03. 23, 26 एवं 30 अगस्त, 2023 को कुर्ला से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12879 कुर्ला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
04. 21, 24 एवं 28 अगस्त, 2023 को भुवनेश्वर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12880 भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
05. 18 एवं 25 अगस्त, 2023 को गाधीधाम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12993 गाधीधाम–पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
06. 21 एवं 28 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12994 पूरी- गाधीधाम एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
07. 20 एवं 27 अगस्त, 2023 को बीकानेर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20471 बीकानेर-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
08. 23 एवं 30 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20472 पूरी-बीकानेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
09. 26 अगस्त, 2023 को जोधपुर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20814 जोधपुर-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
10. 23 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20813 पूरी-जोधपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
11. 17, 22, 24 एवं 29 अगस्त, 2023 को अजमेर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20824 अजमेर–पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
12. 17, 21, 24 एवं 28 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20823 पूरी-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
13. 20 एवं 27 अगस्त, 2023 को साई नगरसिड़ी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20858 साईनगर सिड़ी-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
14. 18 एवं 25 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20857 पूरी-साईनगर सिड़ी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
15. 22 अगस्त, 2023 को इंदौर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20917 इंदौर-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
16. 24 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20918 पूरी-इंदौर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
17. 24 अगस्त, 2023 को कुर्ला से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22865 कुर्ला-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
18. 22 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22866 पूरी-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
19. 24 अगस्त, 2023 को बलसाड से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22909 बलसाड-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
20. 27 अगस्त, 2023 को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22910 पूरी-बलसाड एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाडियां:-
01. 16, 19, 20, 23 एवं 26 अगस्त, 2023 को अमृतसर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20808 अमृतसर-विशाखापटनम हीरा कुंड परिवर्तित मार्ग संबलपुर-टिटलागढ़-रायगड़ा–विजय नगरम होकर चलेगी .
02. 18, 19, 22, 25, 26 एवं 29 अगस्त, 2023 को विशाखापटनम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20807 विशाखापटनम-अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग विजयनगरम-रायगड़ा-टिटलागढ़-संबलपुर होकर चलेगी .