छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय के सुशासन में राज्य के दिव्यांगजनों के हित,संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं हो रही संचालित,सभी लंबित कार्यों को विष्णु सरकार में दिया जा रहा गति : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में राज्य में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, पुनर्वास एवं उनके हित के संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज राजधानी रायपुर के शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मठपुरैना में सरकार गठन के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित प्रतिभावान दिव्यांगजन सम्मान समारोह समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बात कहीं।
स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए विष्णु सरकार का एक और ऐतिहासिक कदम : छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 का हुआ सरलीकरण,30 बिस्तर तक के चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत,फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 में संशोधन करते हुए चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए नई अधिसूचना जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बदलाव को स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा है हवाई सेवाओं का विस्तार, रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर शहरों को जोड़ने नई विमान सेवा 19 दिसंबर से शुरू होगी, पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999, सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी उड़ानें
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत शुरू हो रही नई उड़ान सेवाओं का उद्देश्य हवाई यात्रा को न केवल किफायती बनाना है बल्कि क्षेत्र में यात्रियों के लिए पसंदीदा विकल्प भी बनाना है। इन उड़ानों के शुरू होने से व्यापारिक यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय समुदायों को बहुत लाभ होगा, समय की बचत होगी और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।
मुख्यमंत्री ने दी गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं।
कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से मरीजों को मिला नया जीवन
रायपुर । मेकाहारा के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में एक नई और अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धति, कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी, का सफल उपयोग करते हुए डॉक्टरों ने दो हृदय रोगियों के कोरोनरी धमनियों में जमे कैल्शियम को सफलतापूर्वक हटा दिया। यह प्रक्रिया पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव और उनकी टीम द्वारा की गई।
क्या है कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी?
ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी एक उन्नत चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग एंजियोप्लास्टी से पहले कैल्सीफाइड ब्लॉकेज को तोड़ने के लिए किया जाता है। इसमें 1.25 मिमी का डायमंड-कोटेड बर (ड्रिल डिवाइस) होता है, जो धमनियों में जमा कैल्शियम को बेहद महीन कणों में पीसकर हटा देता है। इससे धमनी की सतह साफ और चिकनी हो जाती है, जिससे रक्त प्रवाह सुगम हो जाता है और हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होता है।
कैसे की गई यह प्रक्रिया?
डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने दो मरीजों का इलाज सफलतापूर्वक किया।
77 वर्षीय मरीज – रायपुर निवासी इस बुजुर्ग मरीज की हृदय की पम्पिंग क्षमता कम थी, और एंजियोग्राफी में बाईं मुख्य धमनी व तीनों नसों में भारी कैल्शियम का जमाव पाया गया। सामान्य एंजियोप्लास्टी संभव न होने पर, ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया का सहारा लिया गया और मरीज की नसों को सफलतापूर्वक साफ कर रक्त प्रवाह सुचारू किया गया।
68 वर्षीय मरीज – भिलाई निवासी इस मरीज को अन्य अस्पताल में बाईपास सर्जरी का सुझाव दिया गया था। एसीआई पहुंचने के बाद ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति का उपयोग कर उनकी मुख्य धमनी के कैल्शियम को हटाते हुए एंजियोप्लास्टी की गई। मरीज एक ही दिन में स्वस्थ होकर घर लौट गया।
टीम का योगदान
इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में कार्डियोलॉजिस्ट: डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. शिव कुमार शर्मा, डॉ. प्रतीक गुप्ता तथा एनेस्थीसिया विभाग: डॉ. जया लालवानी, डॉ. अमृता जैन, डॉ. नवीन तिवारी शामिल थे।
डॉ. संतोष सोनकर (अस्पताल अधीक्षक) ने टीम को बधाई देते हुए कहा, “एसीआई में हृदय रोग विशेषज्ञों की यह उपलब्धि मरीजों को बेहतर जीवन देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकारी अस्पताल में इस उन्नत तकनीक का उपयोग होना गर्व की बात है।”
नवाचार और उम्मीद
कार्डियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुणाल ओस्तवाल ने बताया कि ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी में डायमंड-कोटेड बर 360 डिग्री घूमते हुए कैल्शियम को महीन चूर्ण में बदल देता है, जो शरीर से कैपिलरी द्वारा बाहर निकल जाता है। यह तकनीक उन मरीजों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिनकी धमनियों में कैल्शियम का अत्यधिक जमाव है और सामान्य एंजियोप्लास्टी संभव नहीं होती। यह सफलता न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे क्षेत्र के हृदय रोगियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।
नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के बीच पहुंचे केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह
बीजापुर । केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के अपने मिशन के तहत आज बीजापुर के सुदूर एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्र गुण्डम में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के बीच पहुंचे। उन्होंने स्थित केन्द्रीय रिजर्व बल 153वीं वाहिनी बटालियन के कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।
केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों से सीधे नक्सल ऑपरेशन की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा भी उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की विगत एक वर्ष में बस्तर को नक्सल मुक्त करने नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है। जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा है की हमारे जवानों को नक्सल ऑपरेशन में लगातार सफलता मिली। बहुत बड़ी संख्या में नक्सली मारे गये, नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और उनकी गिरफ्तारी हुई। वह दिन दूर नहीं जब बस्तर और हमारा देश नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत बनाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त अभियान में सीआरपीएफ, बीएसएफ, कोबरा, छत्तीसगढ़ पुलिस, बस्तरिया बटालियन सहित सभी सुरक्षाबलों का महत्वपूर्ण योगदान है।
अमित शाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज नक्सलवाद समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होने कहा कि सुरक्षा कैम्प के दायरे में आने वाले गांवों में सुरक्षाबल के अधिकारी यह अवश्य देखें की शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कितनी अच्छी तरह हो रहा है, लोगों को उनके अधिकार मिल रहे हैं कि नही। शासन की योजनाओं का समुचित ढंग से लाभ ग्रामीणों को मिलते रहेगा तो वे शासन और प्रशासन के प्रति समर्पित भाव से सहयोग करेंगे और विकास की ओर अग्रसर होंगे।
गृहमंत्री शाह ने कैम्प परिसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अर्न्तगत किया वृक्षारोपण :
गुण्डम की शासकीय उचित मूल्य दुकान का किया शुभारंभ
बीजापुर के गुण्डम प्रवास के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कैम्प परिसर में बरगद का पौधा तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सल्फी का पौधा रोपा। उन्होंने इस मौके पर कैम्प परिसर के सामने नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीआरपीएफ, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सांसद बृजमोहन ने लोकसभा में उठाया ग्रामीण विकास का मुद्दा
रायपुर । छत्तीसगढ़ के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को लोकसभा में ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अस्थायी निधि जारी करने के विषय में सवाल पूछते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय से इस संबंध में विवरण और मानदंड की जानकारी मांगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मांग की कि राज्यों द्वारा तैयार किए गए विशेष ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए केंद्र सरकार अस्थायी निधि जारी करे। इसके जवाब में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बताया कि मंत्रालय किसी भी राज्य द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए अस्थायी निधि जारी नहीं करता है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रालय महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), दीनदयाल अंत्योदय योजना (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन), ग्रामीण कौशल योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसे कई प्रमुख योजनाओं के तहत निधि जारी करता है।
मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के तहत निधि जारी करने की प्रक्रिया नियमानुसार तय दिशा-निर्देशों और योजनाबद्ध संरचना पर आधारित होती है। राज्यों को इसके लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र, निधियों के उपयोग का विवरण और योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
सांसद बृजमोहन ने इस बात पर बल दिया कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय और विशेष योजनाओं पर ध्यान देना ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, “ग्रामीण विकास के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयासरत रहूंगा।”
यह पहल सांसद बृजमोहन अग्रवाल के छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रति समर्पण और उनके विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाती है।
शिव महापुराण आयोजन समिति ने विधानसभाध्यक्ष डा. रमनसिंह और संगठन महामंत्री पवन साय को दिया नेवता - कमल देवांगन.
सेजबहार रायपुर में 24 दिसम्बर से सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा होने जा रहा है जिनके आयोजक कमल देवांगन ने देवांगन समाज के साथ प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, संघ प्रमुखों, विश्व हिंदु परिषद, बजरंग दल एवं सनातनियों को आमंत्रण दिया जा रहा है, श्री शिव महापुराण कथा समिति के आयोजक कमल देवांगन और छत्तीसगढ़ प्रदेश देवांगन समाज के मुखिया डॉ ओमप्रकाश देवांगन के साथ विनोद देवांगन, हेमंत देवांगन, लक्ष्मीनारायण देवांगन, बिसेन देवांगन, पवन खंडेलवाल सहित आयोजकों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री पवन साय, समाज के मंत्री लखन देवांगन को श्री शिव महापुराण कथा में आने का आमंत्रण दिया है। इसके साथ ही आयोजन समिति और समाज के पदाधिकारीयो ने प्रदेश के सभी मंत्रियों और विधायकों को भी कथा में आने का आमंत्रण दिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए श्री शिव महापुराण कथा आयोजन समिति के प्रमुख कमल देवांगन और विनोद देवांगन ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी की कथा को बस एक सप्ताह ही रह गया है। आगामी 24 दिसंबर से कथा की शुरुआत हो जाएगी, 23 दिसंबर को भव्य शोभायात्रा का आयोजन है , वही आचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी 23 दिसंबर को रायपुर पहुंचेंगे, ऐसे में आयोजन समिति के पास समय बहुत कम बचा है इसलिए सभी कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है !!

"" शिव कथा रूपी गंगा में डुबकी लगाने से जीवन होगा धन्य""
आयोजक मंडल के द्वारा आगे जानकारी देते हुए बताया गया कि भगवान महादेव देवों के देव हैं जो देवों के देव महादेव हैं उनकी कथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंडित प्रदीप मिश्रा जी के श्री मुख से भक्तों को सुनने मिलेगा। यह शिव कथा रूपी सागर है और कथा रूपी सागर में डुबकी लगाने से जीवन का उद्देश्य सार्थक तो होगा ही जीवन धन्य हो जाएगा। इसलिए देश प्रदेश के आम जनता और शिवभक्त श्रद्धालुओं को मीडिया के माध्यम से आमंत्रण दिया जा रहा है, आयोजक मंडल ने सेजबहार रायपुर सहित समूचे छत्तीसगढ़ के भक्तों से अनुरोध और आग्रह किया है कि वह भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में कथा आयोजन स्थल पर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की कथा रूपी गंगा में डुबकी लगाए और जीवन को धन्य बनावे।
डा. ओमप्रकाश देवांगन ने यह भी बताया कि जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण देने के साथ ही मंदिरों देवालयो , साधू संतो और महंतों को भी आमंत्रित किया जा रहा है ,, ताकि शिव कथा स्थल पर संत महंत का आशीर्वाद भी भक्तों को मिल सके। वैसे भी कहा गया है कि संत और महंत का दर्शन दुर्लभ होता है। आयोजन समिति द्वारा दिए जा रहे आमंत्रण के दौरान लक्ष्मीनारायण देवांगन, भिखम देवांगन, भावेश देवांगन, बिसेन देवांगन, हेमलाल देवांगन , डा. वेदप्रकाश देवांगन मौजूद रहे।।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर 10 चिकित्सा अधिकारियों और 19 दंत चिकित्सकों को मिली संविदा नियुक्ति, एक निश्चेतना विशेषज्ञ और एक पैथोलॉजिस्ट की भी पदस्थापना, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेश
तथ्यात्मक छानबीन के बिना हटाए गए सिविल सर्जन कम चीफ हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट
रायपुर । बिलासपुर हाईकोर्ट ने गरियाबंद जिला अस्पताल में पदस्थ सिविल सर्जन कम चीफ हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट के निलंबन के मामले में सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश प्रसारित किया है। इसमें हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन को आदेश प्रसारित करते हुए कहा है कि प्रकरण में तथ्यात्मक छानबीन का अभाव प्रतीत हो रहा है, लिहाजा अपील करता की प्रस्तुत दलीलों को ध्यान में रखकर तत्काल मामले में छानबीन कर निराकृत किया जाए। वहीं निलंबित सिविल सर्जन कम चीफ हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट ने बिंदुवार राजभवन ज्ञापन प्रेषित कर प्रकरण को निराकृत करने की अपील की है।
बता दे की गरियाबंद जिला अस्पताल में सिविल सर्जन कम चीफ हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डॉ. एमके हेला को 2 दिसंबर 2024 को अवर सचिव छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग महानदी भवन ने निलंबित करने का आदेश प्रसारित किया है, जिस पर डॉक्टर हेला ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की और बिंदुवार तथ्य रखकर हाईकोर्ट को बताया कि किस तरह बिना किसी कारण और नोटिस जारी किए बिना निलंबित कर दिया गया है। यहां तक की डॉक्टर हेला को पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। इस एक पक्षीय कार्रवाई से अनुसूचित जाति वर्ग के निलंबित अधिकारी को काफी मानसिक और शारीरिक पीड़ा पहुंची है। उन्होंने शासन के कदम पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने याचिका में अपने मार्मिक पक्ष को रखते हुए यह कहा है कि उनकी सेवानिवृत्ति को कलंकित करने के प्रयास के तौर पर यह कार्रवाई शासन की ओर से किसी दबाव में की गई है, क्योंकि शासन ने अपने स्तर पर किसी तरह की छानबीन नहीं की, और सीधे कार्रवाई कर दी गई। जबकि शासन को समिति गठित कर स्वयं छानबीन के लिए अवसर लेना था जो कि नहीं लिया गया। इसमें विभागीय जांच संभावित थी वह भी नहीं कराई गई है, इससे यह प्रतीत होता है कि डॉक्टर हेला को एक सुनियोजित षडयंत्र की तहत कलंकित करने की योजना बनाई गई और हटा दिया गया। उन्होंने राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन को दी गई अपील में सभी बिंदुओं को विस्तार से प्रस्तुत किया है और यह बताया है कि किस तरह से उनके साथ एक पक्षीय कार्रवाई हुई।
डॉक्टर हेला ने हाई कोर्ट बिलासपुर में याचिका लगाते हुए बताया की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन में 17 जुलाई 1992 को चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त हुए। इस दौरान बस्तर में सेवाएं दी और पूरा ईमानदारी से कार्य किया। 14 वर्षों तक अनुसूचित क्षेत्र में कार्य करते रहे इसके बाद योग्यता बढ़ाए जाने पर डॉक्टर हेला को मंदिर हसौद आरंग ब्लॉक में चिकित्सा अधिकारी पर सेवाओं का अवसर दिया गया। तदुपरांत चिकित्सा अधिकारी विशेषज्ञ बैकुंठपुर जिला कोरिया में पदस्थ हुए। यहां पर नाक, कान, गला विशेषज्ञ के रूप में पदस्थापना मिली सेवाओं को देखते हुए उन्हें वर्ष 2022 में स्थानांतरण देकर गरियाबंद जिला अस्पताल में भेजा गया जहां पर 1 मई 2024 को सिविल सर्जन कम चीफ हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट के पद पर नियुक्त किया गया। डॉक्टर हेला की कार्य शैली से गरियाबंद जिला अस्पताल के स्टाफ संतुष्ट रहे और आने वाले मरीजों को भी सेवाओं का उत्तम लाभ मिला।
नियुक्ति के उपरांत डॉक्टर हेला ने जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर परिना फारुकी जिला चिकित्सा अधिकारी को कलेक्टर निरीक्षण के दौरान पोशाक को लेकर पालन करने के लिए निर्देशित करते हैं, क्योंकि डॉक्टर फारूकी निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल की पोशाक में उपस्थित नहीं थी। यही बात डॉक्टर फारूकी को नागवार गुजरी उन्होंने मुद्दा बना लिया। उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ जिला पंचायत गरियाबंद में और सीएमओ पर शिकायत पेश कर दी। उन्होंने शिकायत में कहा की डॉक्टर हेला के द्वारा बार-बार चैंबर बुलाकर अनुचित व्यवहार किया जाता है, ड्रेस कोड को लेकर बातें कही जाती है। इससेे उन्हें मानसिक पीड़ा पहुंची है और खराब व्यवहार से काफी परेशान है। इस पर जिला पंचायत गरियाबंद सीएमओ ने 4 नवंबर 2024 को एक नोटिस जारी कर डॉक्टर हेला को जवाब तलब के लिए बुलाया, जहां सीएमओ के समक्ष उपस्थित होकर डॉक्टर हेला ने अपना पक्ष रखते हैं विस्तार से जानकारी दी। इस कार्रवाई के बाद सीएमओ द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग निलंबित करने का आदेश प्रसारित कर देता है। जबकि स्थितियां इसके विपरीत हंै नियम अनुसार रिपोर्ट के बाद विभाग को एक कमेटी गठित कर विभागीय जांच करना चाहिए था जो नहीं कराई गई । बिना किसी पूछताछ के और नोटिस जारी किए डॉक्टर हेला को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग निलंबित करने का आदेश प्रसारित कर देता है। यहां तक की डॉक्टर हेला को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से पक्ष रखने के लिए कोई अवसर नहीं दिया जाता और सीधे कार्रवाई कर दी जाती है। डॉक्टर हेला का कहना है कि उनके कक्ष में कैमरे लगे हैं अगर किसी तरह का अनुचित व्यवहार हुआ है तो उसकी रिकॉर्डिंग मौजूद होना चाहिए जिसकी जांच नहीं की गई और कार्रवाई हुई है जो पूर्णत: अनुचित प्रतीत होती है। उन्होंने बताया कि यह ऑडि अल्ट्रम-पार्टम के सिद्धांत का उल्लंघन है। उनका यहां तक कहना है कि जिला पंचायत सीएमओ की कार्रवाई पूर्णतम एक पक्षीय लग रही है। मात्र एक शिकायत जो जिला चिकित्सा अधिकारी पारिना फारुकी द्वारा लगाई जाती है और रिपोर्ट तैयार की जाती है, के आधार पर कार्रवाई की गई है। यह ऐसा प्रतीत होता है कि पहले से ही यह तय कर लिया गया था कि डॉक्टर हेला को निलंबित करने का सोची-समझी साजिश है। बहरहाल उन्होंने निलंबन को अनुचित बताया है और शासन से एक मार्मिक अपील के माध्यम से कहा है कि हाई कोर्ट के आदेश पर तुरंत संज्ञान में लेकर कार्रवाई करें ताकि न्याय तंत्र पर भरोसा बना रहे और उन्हें न्याय मिल सके जबकि उन्होंने पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। यही नहीं अपनी जवाब प्रस्तुती में रिटायरमेंट को भी पक्ष रखे हैं, जिस पर शासन को उचित व्यवहार करना चाहिए, ताकि एक अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारी के साथ न्याय हो सके।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में हथियार छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुए छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम के लोगों से मुलाकात की, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 15 हज़ार से अधिक आवासों को बनाने को मंज़ूरी दी
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम के उन लोगों से मुलाकात की जो हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर हो चुकी 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर अब तक कुल 50 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन कियाजा चुका है। रायपुर संभाग में 14.52 लाख मीट्रिक टन, बिलासपुर संभाग में 9.76 लाख मीट्रिक टन, दुर्ग संभाग में 17.79 लाख मीट्रिक टन, बस्तर संभाग में 4.13 लाख मीट्रिक टन और सरगुजा संभाग में 3.80 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।
प्रदेश में कड़ाके की ठंड,मैनपाट में गिरा तापमान 3 डिग्री
जशपुर। जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बीती रात जिले का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं के पंडरापाठ में तापमान रहा 4 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में हुए गिरावट के चलते पंडरापाठ के खेत खलिहानों और गाड़ियों के ऊपर ओस जमकर बर्फ बन गई है। वहीं इलाके में पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
वहीं अंबिकापुर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिसके कारण पिछले दिनों यहां का तापमान 6.9 डिग्री पारा पहुँच चुका था। तो वहीं मैनपाट में भी पारा 3 डिग्री चला गया था । साथ ही मैनपाट के कई क्षेत्रों में ओस की बूंद गिरने से पेड़- पौधों में जम गई थी। जिससे प्रकृति का सुंदर नज़ारा भी देखने को मिल रहा था।
हड्डियां गला देने वाली ठंड में उत्तरी हवा के प्रवाह को सरगुजिया ठंड भी पलटवार कर रहा है। कड़ाके की ठंड के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में लोग दिन में भी अलाव का सहारा ले रहे हैं। बढ़ते ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सभी स्कूलों के समय पर बदलाव किया था । पिछले 48 घंटों में रात के तापमान में आई 5.6 डिग्री की गिरावट आई थी।
छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य, आज ही आर्डर करें...
रायपुर । छत्तीसगढ़ में 1 अप्रेल 2019 के पूर्व पंजीकृत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) योजना प्रारंभ हुई हैं। सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा (एचएसआरपी) के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों, केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के प्रावधानों, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में दिनाक 01 अप्रेल 2019 के पूर्व पंजीकृत प्रत्येक वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। जिसे लागू कर प्रक्रिया प्रारंभ किया जा चुका है।
अब वाहन स्वामी विभागीय वेबसाइट cgtransport.gov.in के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते है। इस संबंध में विभाग द्वारा दो वेंडर क्रमशः मेसस रीयल मेजॉन इंडिया लिमिटेड एवं मेसस रॉस्मेर्टा सेफ्टी सिस्टम्स लिमिटेड को निर्धारित दर पर एचएसआरपी लगाने के लिए अधिकृत किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों को जोन अनुसार वर्गीकृत किया गया है जहां हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाने की कार्यवाही की जायेगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह काम निर्धारित दर अनुसार मोटर वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण प्लेट लगाने की कार्यवाही का भुगतान केवल डिजिटल मोड के माध्यम से किए जाएंगे आटोमोबाइल डीलरों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 01 अप्रेल 2019 के पूर्व पंजीकृत मोटरवाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (आवश्यक तीत्तरी पंजीकरण प्लेट सहित) प्रत्येक इंस्टालेशन हेतु एक सौ रूपए अतिरिक्त चार्ज के साथ लगाया जावेगा। घर पहुंच सेवा हेतु अतिरक्त राशि देय होगा ।
मुख्यमंत्री ने किया मीडिया क्रिकेट लीग का शुभारंभ
रायपुर । मुख्यमंत्री साय ने न्यू राजेंद्र नगर स्थित द्रोणाचार्य स्कूल में 2 दिवसीय मीडिया क्रिकेट लीग का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह आयोजन खेल प्रेमियों और मीडिया के खिलाड़ियों के लिए एक विशेष अवसर है। मीडिया के साथी अब तक खबरों की दौड़ में आगे निकलने के लिए आपस में प्रतियोगिता करते रहे हैं, लेकिन खेल के मैदान में खेल भावना के साथ आपस में प्रतियोगिता करते हुए देखना रोमांचकारी अनुभव है। उन्होंने इस आयोजन के लिए सभी आयोजकों और प्रेस क्लब के साथियों सहित प्रतिभागी के रूप में शामिल हो रहे मीडिया के सभी साथियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में खिलाड़ियों के मध्य खेल भावना की प्रशंसा करते हुए आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर, कार्यक्रम संयोजक अमित चिमनानी सहित क्रिकेट प्रेमी व नागरिक उपस्थित थे।
पूर्व विधायक के बंगले में घुसी तेज रफ़्तार कार, बाल-बाल बचे सुरक्षा कर्मी
रायपुर । रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर है कि सीएम हाउस के पीछे पूर्व विधायक के बंगले में एक अनियंत्रित कार घुस गई। वहीं, इस घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां सीएम हाउस के पीछे दंतेवाड़ा की पूर्व विधायक देवती कर्मा का बंगला स्थित है। रविवार सुबह एक अनियंत्रित कार देवती कर्मा के बंगले की मुख्यद्वार से होते हुए अंदर घुस गई और दीवार से टकरा गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान गेट में तैनात सुरक्षा कर्मचारी बाल-बाल बच गए।
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस को सौंपा पुलिस कलर्स अवार्ड-2024
रायपुर । छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में राज्य की पुलिस को राष्ट्रपति निशान (पुलिस कलर्स अवार्ड-2024) सौंपा। यह देश के सशस्त्र बलों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस की असाधारण सेवाओं, बहादुरी और कर्तव्यपरायणता के लिए राज्य को यह सम्मान मिला है। छत्तीसगढ़ यह सम्मान हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है, जिसने अपने गठन के मात्र 24 वर्षों में ही यह उपलब्धि हासिल की है।
देश की सबसे बहादुर पुलिस बलों में से है छत्तीसगढ़ पुलिस : अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड केवल एक सम्मान नहीं है, यह सेवा और कर्तव्य का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जो साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अभूतपूर्व है। छत्तीसगढ़ पुलिस देश के सर्वश्रेष्ठ और बहादुर पुलिस बलों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार छत्तीसगढ़ और देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा हो जाएगा। शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि इसने न केवल कानून और व्यवस्था को बनाए रखा है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, उनका हौसला और मनोबल बढ़ाएगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जांबाज पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपना मेरे लिए भी गर्व की बात है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पुलिस की कड़ी मेहनत, समर्पण और जनता के प्रति लगाव का द्योतक है। छत्तीसगढ़ की पुलिस नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने की तैयारी में है। यहां की पुलिस ने कानून-व्यवस्था और नक्सल मोर्च के साथ ही कोरोना महामारी में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की। शाह ने समारोह में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को आज उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का जो कार्य किया, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद-370 को हटाकर और मजबूत किया है।
राष्ट्रपति निशान हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का प्रतीक : विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के केवल 24 वर्षों में हमारे पुलिस बल को उनकी असाधारण सेवाओं और जनता के प्रति समर्पण के लिए मिला है। यह सम्मान न केवल पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री ने एंटी-नक्सल ऑपरेशनों में छत्तीसगढ़ पुलिस की सफलता पर कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार की नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही उन्हें तीन साल तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड के तौर पर देने की व्यवस्था की गई है। उनके कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति निशान छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, सेवा और कर्तव्यपरायणता का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रपति पुलिस निशान का यह अलंकरण न केवल पुलिस बल को गर्वित करता है, बल्कि उन्हें नई ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। राज्य की पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि वह दुर्जनों के लिए भय और सज्जनों के लिए सम्मान का पर्याय है।
पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने अपने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि 1 नवम्बर 2000 को राज्य की स्थापना के बाद से पुलिस बल ने हर मोर्चे पर साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों, पुनर्वास नीतियों और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस जनता की सेवा में हर समय तत्पर रही है।
राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में परेड द्वारा मुख्य अतिथि अमित शाह को सलामी दी गई। शाह ने सलामी के बाद परेड का निरीक्षण किया। महिला और पुरुष प्लाटून द्वारा मार्चपास्ट भी किया गया। मुख्य अतिथि शाह ने धर्मगुरूओं द्वारा मंत्रोच्चार के बाद आकाश में तिरंगे गुब्बारों और शानदार आतिशबाजी के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपा। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों के सफर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और आसूचना ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जवान और शहीद जवानों के परिजन समारोह में उपस्थित थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।




