छत्तीसगढ़
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का 7वां संस्करण 11 को रायपुर में होगा शुरू
रायपुर। दो दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) का 7वां संस्करण 11 दिसंबर, 2024 को रायपुर में अमिटी यूनिवर्सिटी में शुरू होगा। साथ ही देशभर 51केंद्रों पर भी इसका प्रारंभ होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। अमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ में एसआईएच की मेजबानी करेगी, कुलपति प्रोफेसर (डॉ) पीयूष कांत पांडे ने कहा।
कुलपति प्रोफेसर (डॉ) पीयूष कांत पांडे ने कहा की इस अत्यधिक प्रत्याशित कार्यक्रम में तेरह राज्यों की 31 टीमें, जिसमें 186 प्रतिभागी (103 पुरुष और 83 महिलाएं), 28 मेंटरों की देखरेख में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम को उद्योग और अकादमिक दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों सहित 17 प्रतिष्ठित जूरी सदस्यों की उपस्थिति से और समृद्ध किया जाएगा, जो प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे। इसका समापन 12 दिसंबर को होगा.
कुलपति प्रोफेसर (डॉ) पीयूष कांत पांडे ने कहा कि एमिटी यूनिवर्सिटी, रायपुर नोडल सेंटर में एसआईएच 2024के ग्रैंड फिनाले से समस्या कथनों के परिणाम के रूप में अपेक्षित समाधान (I)स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकी, (Ii)स्मार्ट शिक्षा, (Iii)आपदा प्रबंधन, (Iv)विरासत और संस्कृति, (v) फिटनेस और खेल हैं।
एसआईएच एक राष्ट्रव्यापी पहल है और इसका उद्देश्य छात्रों को दैनिक जीवन में आने वाली कुछ गंभीर समस्याओं को हल करने के लिए मंच प्रदान करके उत्पाद नवाचार और समस्या-समाधान मानसिकता की संस्कृति को विकसित करना है। पिछले संस्करणों की तरह, छात्र दल मंत्रालयों/विभागों/उद्योगों द्वारा दिए गए समस्या सुझावों पर काम करेंगे या 17 विषयों में से किसी पर भी छात्र नवाचार श्रेणी में अपना विचार प्रस्तुत करेंगे।
एआईएच 2024 के लिए 54 मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योगों द्वारा 250 से अधिक समस्याओं के बारे में विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इस वर्ष संस्थान स्तर पर आंतरिक हैकथॉन में 240 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है, जो एआईएच 2023 में 900 से बढ़कर एआईएच 2024 में 2247 से अधिक हो गई है, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण है। संस्थान स्तर पर एआईएच 2024 में 86,000 से अधिक टीमों ने भाग लिया है और लगभग 49,000 छात्र टीमों (प्रत्येक में 6 छात्र और 2 संरक्षक शामिल हैं) को राष्ट्रीय स्तर के चरण के लिए इन संस्थानों द्वारा अनुशंसित किया गया है। एआईएच का ग्रैंड फिनाले विभिन्न मंत्रालयों/सरकारी विभागों के अधिकारियों और छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों के बीच खुली बातचीत के लिए एक खुले मंच के रूप में भी कार्य करता है।
पहचान की गई चुनौतियों और उनके समाधान के तहत राष्ट्रीय महत्व और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के क्षेत्रों से जुड़े 17 प्रमुख क्षेत्र और विषयों में स्वास्थ्य सेवा, आपूर्ति श्रृंखला और रसद, स्मार्ट प्रौद्योगिकी, विरासत और संस्कृति, स्थिरता, शिक्षा और कौशल विकास, जल, कृषि और खाद्य, उभरती हुई प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन शामिल हैं।
एसआईएच ने भारत के नवाचार परिदृश्य को गहराई से प्रभावित किया है, छात्रों और पेशेवरों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए सशक्त बनाया है। इस सफलता को सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण तत्व एसआईएच पूर्व छात्र नेटवर्क है। इस नेटवर्क के पोर्टल (https://alumni.mic.gov.in/) पर परिवर्तनकारी परिणामों को दर्शाने वाली सफलता की कहानियां उपलब्ध हैं। एसआईएच पूर्व छात्रों द्वारा कई मजबूत सामाजिक आयाम वाले स्टार्टअप सहित आज तक 100 से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए जा चुके हैं।
दिल्ली, यूपी, पांडिचेरी, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और अन्य राज्यों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
मौसम के उतार चढ़ाव से सब्जी उत्पादक किसान परेशान
तिल्दा-नेवरा। मौसम के उतार चढ़ाव से सब्जी उत्पादक किसान परेशान है। बदली छाए रहने से एक ओर जहां बारिश की संभावना बनी हुई है तो दूसरी तरफ सब्जियों के खेती में इसका विपरीत असर पड़ रहा है। मौसम की बेरुखी के चलते लोगों की दिनचर्या भी बदल गई है।
उल्लेखनीय है कि, शनिवार-रविवार से मौसम ने एक बार फिर से करवट बदली है। आसमान पर छाई बदली से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी है। मौसम परिवर्तन के चलते समय पर धान की मिसाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। ऐसे में तेज बारिश होती है तो खेतों में रखी धान की फसल को काफी नुकसान होगा।
सुबह से जहां आसमान में बदली छाई हुई है वहीं दोपहर में गर्मी तो शाम को हल्की ठंड लग रही है। सोमवार को दिनभर धूप की लुकाछिपी चलती रही। इधर, दलहन-तिलहन, चना, तिंवरा, मटर आदि लगाए किसानों को भी डर सता रहा है। विभिन्न प्रकार के सब्जियों की खेती कर रहे किसान कीटप्रकोप की आशंका से भयभीत है। कुछ किसान रबी फसल की तैयारी भी कर रहें हैं।
रबी सीजन के लिए किसान गेहूं की बुआई कर रहे हैं। जानकारों की मानें तो मौसम परिवर्तन का असर दलहनी फसलों के साथ-साथ सब्जियों में भी पड़ सकता है।
किसानों ने बताया कि, खेतों में अभी पालक, मूली, लाल भाजी, धनिया, मेथी, टमाटर, सेमी, गोभी आदि सब्जियां लगी हुई है।ऐसे में आसमान में बदली छाने से उन पर कीड़े लगने का डर है। इससे सब्जियों के उत्पादन और क्वालिटी में भी असर पड़ सकता है।
बीजेपी संगठन मंत्री अजय जामवाल से मिले कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष, योजना का नाम यथावत रखने की मांग
पलारी । डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का नाम बदलने से नाराज कुर्मी समाज ने अपनी भावनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री अजय जामवाल से मुलाकात की। इस दौरान कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने जामवाल को समाज की भावनाओं से अवगत कराते हुए मांग की कि योजना का नाम यथावत रखा जाए।
खोडस राम कश्यप ने रखी समाज की बात
केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने अजय जामवाल से कहा कि डॉ.खूबचंद बघेल कुर्मी समाज के आदर्श हैं,और उनके नाम पर शुरू की गई योजना समाज के लिए सम्मान का विषय है। नाम बदलना न केवल समाज का अपमान है,बल्कि यह समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी ठेस पहुंचाने वाला है।
अजय जामवाल का आश्वासन
अजय जामवाल ने समाज की बात को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को पार्टी और सरकार के स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा कर जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
समाज की आंदोलन की तैयारी
अगर सरकार ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की तो कुर्मी समाज ने विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। समाज ने कहा है कि वे इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
प्रतिनिधि मंडल में ये सदस्य रहे शामिल
इस मुलाकात में समाज के अन्य प्रमुख सदस्य जैसे महामंत्री यशवंत सिंह वर्मा, कोषाध्यक्ष जागेश्वर बघेल, राजप्रधान रामखिलवन वर्मा, जागेश्वर वर्मा (रायपुर) और भूपेंद्र वर्मा (केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य) भी शामिल थे।
यह देखना होगा कि सरकार समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विवाद को कैसे हल करती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को 549 करोड़ रूपए के निर्माण कार्यों की देंगे सौगात
विभिन्न योजनाओं के 4 हजार हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरगुजा जिले को देंगे 495 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरगुजा जिले को देंगे 495 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
सामाजिक बुराईयों को दूर करना हम सब की जिम्मेदारी : अरुण साव
युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 31 तक कराएं पंजीकरण
कोरिया। रबी वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदा, कीट, बीमारियों और फसल कटाई उपरांत नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने का अवसर दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत बजाज आलियांज कंपनी को अधिकृत किया है। किसानों के लिए फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 निर्धारित की गई है।
पर्यटन के क्षेत्र में जशपुर जिला को नये आयाम तक पहुंचाने मुख्यमंत्री की पहल लाई रंग,मुख्यमंत्री के प्रयास से जशपुर जिला हुआ पर्यटन वेबसाइट में शामिल, EASEMYTRIP पर्यटन वेबसाइट में शामिल जशपुर पहला जिला
जशपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ को पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास कर रहे हैं। और उसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिला है। जशपुर जिले का नाम www.easemytrip.comमें शामिल हो गया है। जशपुर पहला जिला बन गया है। हरी भरी वादियों को घूमने के लिए पर्यटन प्रेमी इस वेबसाइट साइट का उपयोग कर सकते हैं। साइट के माध्यम से पूरी जानकारी दी गई है। जशपुर आने के लिए सड़क माध्यम है। इसके लिए नजदीक का राजधानी रांची से हवाई यात्रा या ट्रेन के माध्यम से यात्रा की जा सकती है । तत्पश्चात रांची से जशपुर आने के लिए बस की सुविधा रहती है । या प्राइवेट टेक्सी या स्वयं के वाहन से भी जशपुर पहुंचा जा सकता है। इसी प्रकार उड़ीसा मार्ग से झारसुगुड़ा से भी आसानी से जशपुर पहुंचा जा सकता है।
आपकी सोच से जिंदगी बदलती है अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राकेश चोपड़ा
रायपुर महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय गांधी चौक रायपुर में लव यू ज़िन्दगी भाग २ पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया इस कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय मार्गदर्शक एवं प्रेरक वक्त राकेश चोपड़ा हिस्सा लेने के लिए पहुंचे और छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया वहीं आयोजन में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री प्रमोद दुबे सभापति नगर पालिक निगम रायपुर एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री अजय तिवारी अध्यक्ष प्रबंध समिति डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी प्राचार्य महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय की विशेष उपस्थिति रही आयोजन में मुख्य वक्ता राकेश चोपड़ा जीवन दर्शन पर बातचीत करते हुए कहा कि व्यक्ति को खुद पर भरोसा रखना सीखना चाहिए तभी सफलता के अंतिम बिंदु तक पहुंचा जा सकता है उन्होंने कहा आप जो सोचते हैं और समझते हैं उसकी झलक आपके चेहरे पर दिखाई पड़ती है उनका यह भी कहना था की जिन महत्वपूर्ण एवं फेमस व्यक्तियों ने सफलता हासिल की है उन्हें संघर्ष से मिली है सचिन तेंदुलकर से लेकर अभिनेता अक्षय कुमार सुनील गावस्कर के सुपुत्रों की जर्नी का उदाहरण पेश किया और यह समझने की कोशिश की कि सफलता बांटने से नहीं मिलती हासिल करने से मिलती है उन्होंने कहा कि आपकी सोच से शब्द तैयार होते हैं और व्यवहार में और आदत में परिलक्षित होते हैं

यही वजह है कि आप शब्द के जरिए अपना स्थान बना पाते हैं बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुभव की पाठशाला में पिता होकर दर्द समझने का गुण अपनाना होगा तभी आप नकारात्मक शब्द से सकारात्मक शब्द की तरफ बढ़ सकेंगे इसके अलावा बताया कि व्यक्ति नतीजा को लेकर काफी परेशान रहता है इसीलिए सदैव सोचता रहता है कि लोग क्या कहेंगे उनका कहना था कि इस विचार को त्यागना होगा और खुश होकर काम करने से खुशी मिलेगी सफलता मिलेगी अंत में यह भी कहा की जीवन में सफल होना है तो माता-पिता की योगदान को विशेष स्थान पर रखिए इससे पहले आयोजन में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निगम सभापति प्रमोद दुबे ने विचार रखें और कार्यशाला के उद्देश्यों को स्पष्ट किया अपने चुलबुले अंदाज में निगम सभापति ने बच्चों को प्रेरित कर मार्गदर्शन भी किया वहीं आयोजन में प्रबंध समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी ने भी उपस्थित जन समूह को आशीर्वचन दिए और संस्था के उद्देश्यों को स्पष्ट किया महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी ने कार्यशाला की व्याख्या की और बताया कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य कॉलेज में अध्यनरत छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास को लेकर है उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रबंधन समिति और उनका स्टाफ निरंतर छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व के विकास पर कार्य करता रहा है और आने वाले दिनों भी जर्नी जारी रहेगी आयोजन के दौरान मंच का संचालन महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉक्टर किरण अग्रवाल ने किया और आभार प्रदर्शन हर बार की भांति प्रोफेसर प्रीतम दास ने रखा वहीं आयोजन में एनसीसी की छात्र-छात्राओं को योगदान पर बैच लगाकर सम्मानित किया गया
छत्तीसगढ़ में प्रारंभ होंगे चार नये केन्द्रीय विद्यालय, मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति जताया आभार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में चार नये केन्द्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। नये स्वीकृत केन्द्रीय विद्यालय मुंगेली, सूरजपुर, बेमेतरा और जांजगीर-चांपा जिले के हसौद में प्रारंभ होंगे।
भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय पुल निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन एवं निर्माण के लिए दी 147.26 करोड़ की स्वीकृति, मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय मंत्री श्री गड़करी का जताया आभार
भारत सरकार के केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत नेशनल हाईवे क्रमांक 130 में उच्च स्तरीय पुल तथा नेशनल हाईवे क्रमांक एनएच 153 के उन्नयन तथा नेशनल हाईवे क्रमांक 130 सी फोर लेन सड़क निर्माण के लिए कुल 147 करोड़ 26 लाख रूपए की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जाताया है।
पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ऐतिहासिक पहल: 8 बैंकों के साथ सैलरी पैकेज के लिए हुआ समझौता, पुलिस कर्मियों के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का बनेगा मजबूत आधार - मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 8 प्रमुख बैंकों के साथ पुलिस सैलरी पैकेज के तहत समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।
जनसुनवाई : विकास के लिए दिया समर्थन
मेसर्स आलोक फेरो एलॉयस लिमिटेड का विस्तार - ठेकेदारी प्रथा बंद करने और प्रदूषण रोकने की उठी मांग
रायपुर । उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन इंडस्ट्रियल परिसर उरला रायपुर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल नया रायपुर अटल नगर एवं मेसर्स आलोक फेरो एलॉयस लिमिटेड हीरा गु्रप की जनसुनवाई हुई। इसमें जनप्रतिनिधियों एवं लोगों ने विकास के नाम पर समर्थन समर्थन दिया। वहीं मांग उठी की मेसर्स आलोक फेरो एलॉयस लिमिटेड के विस्तार को समर्थन है परंतु इस विस्तार में स्थानीय लोगों को रोजगार प्राथमिकता में रखा जाए वही क्षेत्र में प्रदूषण रोकने के लिए हीरा ग्रुप के प्रयास निरंतर जारी रहे, पेड़ पौधे लगाए जाएं तथा कंपनी में बाहरी ठेकेदारों को पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाए।
बता दे की हीरा ग्रुप के मेसर्स आलोक फेरो एलॉयस लिमिटेड उत्पादन क्षमता में विस्तार करने जा रहा है इसमें क्षमता को 14496 से बढ़कर प्रतिवर्ष 19000 टन किया जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा अन्य पिंग आयरन की क्षमता 28500 टन प्रतिवर्ष और फिर्नेस की क्षमता 6000 टन प्रति वर्ष किए जाने का प्रस्ताव को लक्ष्य कर जनसुनवाई आयोजित की गई थी। इस जनसुनवाई में नगर पालिक महापौर नंदलाल देवांगन निगम सभापति कृपाराम निषाद पूर्व विधायक सत्यनारायण शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष होरीलाल साहू, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष भागीरथी, विधायक प्रतिनिधि मेकमिलन साहू सहित मेसर्स आलोक फेरो एलॉयस लिमिटेड की ओर से अजय दुबे निकेत खंडेलवाल, एसडी एम देवेंद्र पटेल पर्यावरण अधिकारी पीके राबड़े सहित काफी संख्या में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। इस सुनवाई में समर्थन के लिए हाथ उठे तो कहीं-कहीं पर विरोध के भी स्वर मुखर होते दिखाई दिए ।
जनसुनवाई में समर्थन देने के लिए जिन लोगों ने हाथ उठा उनमें देवेंद्र खेलवार धरम सतनामी, संजीव सतनामी, कमलेश सतनामी, पुनीत सतनामी, अध्यक्ष सतनाम सेना की प्रमुखता रही, राजेन्द्र साहू, गेंदलाल कोसले, राजीव कोसरिया, तो वहीं महिला जनप्रतिनिधि शांति साहू, भारती यादव, पार्षद सुशीला मारकंडे, रुक्मणी सिन्हा, व्यापारी नवीन जैन, पार्षद अश्वनी यादव भाजपा मंडल उपाध्यक्ष भागीरथी के नाम प्रमुखता में है।
अछोली को गोद लिया जाए-भागीरथी
विस्तार को समर्थन देते हुए भाजपा मंडल उपाध्यक्ष भागीरथी ने कहा कि अछोली एक छोटा सा ग्रामीण क्षेत्र है जिसे विकास की काफी आवश्यकता है इसलिए हीरा ग्रुप गोद लेकर विकास की नई इबारत लिखें हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
नशाखोरी पर रोक लगे
पार्षद अश्वनी यादव ने विस्तार को समर्थन दिया वहीं यह मांग रखी की यहां पर कर्मचारियों के बीच नशा की जो प्रवृत्ति बन रही है, उस पर रोक लगाने में कंपनी विशेष कदम उठाए।
ठेकेदारी प्रथा बंद करें
विस्तार का विरोध कर वेद राम निषाद ने कहा कि कंपनी ने विस्तार को लेकर भरपूर तरीके से जनप्रतिनिधियों को पैसे बनते हैं। इसमें अधिकारी कर्मचारी से लेकर पार्षदों को पैसे दिए गए हैं तभी समर्थन के स्वर सुनाई पड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों को रोजगार
पत्रकार कमल बांदे ने कंपनी में स्थानीय लोगों को 70 प्रतिशत रोजगार देने की मांग की और कलेक्टर दर पर भुगतान व्यवस्था रखने का समर्थन देने का ऐलान किया।
प्लांट एटीपी लगाने की मांग
इंटक मजदूर संघ की ओर से जनसुनवाई में हिस्सा लेते हुए अजय चाकोले ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए क्षेत्र में प्लांट एटीपी मशीन लगाई अन्यथा लोगों को स्वास्थ्य का परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पेड़ पौधों की सुरक्षा
पार्षद पति राम साहू ने सुनवाई में भाग लेकर कहा की हीरा ग्रुप के द्वारा पेड़ लगाए जाते हैं। काफी संख्या में सड़क किनारे पेड़ लगे भी हैं और कई जगह पर पेड़ पड़े हुए हैं जिनकी और ध्यान नहीं दिया जा रहा कंपनी प्रबंधन हरियाली को बनाए रखने के लिए आवश्यक पेड़ पौधों का रोपण करें।
फायर ब्रिगेड की व्यवस्था-बाबा खान
उरला कांग्रेस की ओर से समर्थन में बात रखते हुए बाबा खान ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में जोखिम बने रहते हैं, इसलिए कंपनी सुरक्षा के मद्देनजर फायर ब्रिगेड की व्यवस्था प्रमुखता से रखें।
प्रदेश देवांगन समाज डॉक्टर ओमप्रकाश के साथ
समाज प्रमुखों एवं संस्थापक सदस्यों का निष्कासन अवैधानिक
प्रदेश देवांगन कल्याण समाज पंजीयन क्रमांक 2338 अल्पमत में
रायपुर। छत्तीसगढ़ में देवांगन समाज दो संगठनों में विभक्त होने के उपरांत नित नई चर्चाओं से सियासत गर्मा गई है। वहीं दोनों संगठनों की ओर से रोज नए-नए दावे किए जा रहे हैं, इसी बीच अब नवगठित प्रदेश देवांगन समाज छत्तीसगढ़ और समाज प्रमुख तथा संस्थापक सदस्यों ने पुरजोर तरीके से डॉ ओम प्रकाश देवांगन के साथ होने का दावा किया है।
समाज प्रमुखों ने मीडिया से चर्चा में साफ तौर पर कहा कि प्रदेश देवांगन कल्याण समाज पंजीयन क्रमांक 2338 अल्पमत में आ गई है। 19 पदाधिकारी में से केवल सात पदाधिकारी साथ रह गए हैं, 12 पदाधिकारी नवगठित प्रदेश देवांगन समाज छत्तीसगढ़ में शामिल हो चुके हैं और डॉ ओमप्रकाश देवांगन को सर्वमान्य नेता स्वीकार कर लिया है। रायपुर प्रेस क्लब में मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश देवांगन समाज के संरक्षक महेश देवांगन एवं संरक्षक एवं संस्थापक सदस्य राम गोपाल देवांगन ने कहा है कि प्रदेश देवांगन कल्याण समाज के प्रदीप देवांगन बौखलाहट में अनर्गल और गलत बयान बाजी कर रहे हैं। इससे समाज की प्रतिष्ठा धूमिल होते जा रही है, जिसे हर तरह के प्रयास कर रोका जाएगा। मीडिया से बातचीत में महेश देवांगन ने कहा कि पिछले दिनों 27 नवंबर 2024 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सर्व सम्मति से सामाजिक संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए एवं सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एक नया संगठन प्रदेश देवांगन समाज छत्तीसगढ़ के गठन का निर्णय लिया गया। वहीं सर्वसम्मति से डॉक्टर ओमप्रकाश देवांगन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तथा नई कार्र्यकारिणी के गठन हेतु डॉक्टर ओमप्रकाश को अधिकृत भी कर दिया गया है। उनका कहना था कि उपरोक्त निर्णय प्रदेश देवांगन कल्याण समाज पंजीयन क्रमांक 2338 के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देवांगन द्वारा किए जा रहे मनमानी और आर्थिक अनियमितताओं तथा पद की लालसा को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लेना पड़ा है। यह अत्यंत दुर्भाग्य जनक है कि 1 दिसंबर 2024 को अवैधानिक रूप से प्रदीप देवांगन के द्वारा एक आम सभा का आह्वान रायपुर में किया गया जिसमें ना ही संस्थापक सदस्य उपस्थित रहे और ना ही कार्यकारिणी के सभी निर्वाचित सदस्य शामिल हुए। यहां तक की सदस्यों की संख्या भी अत्यंत सीमित थी अर्थात कोरम पूरा नहीं हुआ उन्होंने बताया कि फिर भी मन माने ढंग से समाज के निर्वाचित 19 कार्यकारिणी सदस्यों में से 12 सदस्यों को एवं कुछ समाज प्रमुखों को निष्कासन का निर्णय लिया गया जो प्रदीप देवांगन की बौखलाहट का एक उदाहरण है। उनका कहना था कि प्रदीप देवांगन से नवगठित प्रदेश देवांगन समाज छत्तीसगढ़ के सभी निर्वाचित सदस्य और पदाधिकारी यह पूछना चाहते हैं की क्या किसी सम्मानित व्यक्ति पदाधिकारी को समाज से निकाला जा सकता है ? डॉक्टर ओमप्रकाश देवांगन तो प्रदेश देवांगन कल्याण समाज पंजीयन क्रमांक 2338 का सदस्य भी नहीं है फिर उन्हें किस तरह से निष्कासित किया गया? उपरोक्त संगठन के सदस्यों की संख्या केवल 2400 के लगभग है तो 10 लाख सदस्यों का दावा कहां तक सत्य है । यही नहीं दावा के अनुसार 10 लाख सदस्य हैं तो सदस्यता शुल्क की राशि 120 रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से 12 करोड़ की राशि होती है जो राशि कहां है ? उन्होंने बताया कि बिना कार्यकारिणी और सदस्यों के पर्याप्त संख्या के अभाव में उपरोक्त निर्णय किस प्रकार से लिया गया ? उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है की बौखलाहट में समाज को गुमराह करने के उद्देश्य से झूठ एवं अनर्गल प्रलाप किया जा रहा है। उपरोक्त गलत कार्यों के लिए प्रदीप देवांगन स्वयं समाज से माफी मांगे अन्यथा मानहानि का दावा एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नक्सली मुठभेड़ में प्रधान आरक्षक शहीद, सीएम साय ने जताया शोक
रायपुर । नारायणपुर जिले में 3 दिसंबर को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में प्रधान आरक्षक बिरेंद्र कुमार सोरी वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी शहादत ने पूरे प्रदेश को शोकाकुल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
सीएम साय ने कहा, "प्रधान आरक्षक बिरेंद्र कुमार सोरी ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके इस अमूल्य त्याग को पूरा देश हमेशा याद रखेगा। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।"
कब हुई मुठभेड़
3 दिसंबर को अबूझमाड़ के सोनपुर और कोहकामेटा के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) नारायणपुर के प्रधान आरक्षक वीरेंद्र कुमार सोरी शहीद हो गए। नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी सर्च अभियान के तहत डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम 3 दिसंबर को सोनपुर और कोहकामेटा के सीमावर्ती इलाके में रवाना हुई थी। दोपहर करीब 1 बजे से इस इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर कई बार मुठभेड़ हुई।
मुठभेड़ के दौरान 36 वर्षीय प्रधान आरक्षक बिरेंद्र कुमार सोरी ने वीरता से नक्सलियों का सामना किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रधान आरक्षक वीरेंद्र कुमार सोरी कांकेर जिले के नरहरपुर निवासी थे. उन्होंने 2010 में नारायणपुर जिला बल में आरक्षक के रूप में सेवा शुरू की थी। 2018 में नक्सल ऑपरेशन में अदम्य साहस और वीरता दिखाने के लिए उन्हें पदोन्नति देकर प्रधान आरक्षक बनाया गया, उनकी उम्र 36 वर्ष थी।
सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी
सूत्रों के अनुसार, यह मुठभेड़ नारायणपुर के जंगलों में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत हुई। सुरक्षाबल क्षेत्र में सक्रिय नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
प्रधान आरक्षक की शहादत पर सुरक्षाबलों ने संकल्प लिया है कि वे नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए अपने प्रयास जारी रखेंगे। देशभक्तों के बलिदान को नमन करते हुए, राज्य के नागरिक और अधिकारी भी उनके परिजनों के साथ खड़े हैं।
सांस्कृतिक विविधता हमें समृद्ध और शक्तिशाली बनाती है : राज्यपाल डेका
रायपुर । राजभवन में ’एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत गुरुवार को छत्तीसगढ़ सहित 5 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि सांस्कृतिक विविधता हमें समृद्ध और शक्तिशाली बनाती है।
राजभवन में राज्यपाल डेका के मुख्य आतिथ्य में भारत के राज्यों क्रमशः छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक-दूसरे राज्यों का स्थापना दिवस मना रहे हैं। इसी कड़ी में राजभवन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले इन राज्यों के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम में राज्यपाल डेका ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। यह कार्यक्रम हमारे देश के विभिन्न राज्यों में बसे निवासियों को एक सूत्र में पिरोने का अद्भुत प्रयास है, जिससे भारत की एकता और अखंडता और अधिक मजबूत होगी।
डेका ने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस उस राज्य के इतिहास में और विकास की यात्रा का महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन, हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है।
डेका ने सभी राज्यों की विशिष्टताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक वातावरण और भौगलिक स्थिति अदभुत है। यहां पर्यटन की बहुत संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ राज्य के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किया जायेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के चावल की भी प्रशंसा की। आजादी की लड़ाई में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, वहां के वीर सेनानियों को याद किया। पंजाब राज्य के लोगों की दान शीलता का जिक्र किया। पंजाब का इतिहास बलिदानों से भरा हुआ जिस पर हर देशवासी को गर्व है। पंजाब और हरियाणा राज्य ने हरित क्रांति के माध्यम से देश को एक नई ऊर्जा दी।
डेका ने कहा कि इन सभी राज्यों ने भारत के विकास में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। चाहे वह कृषि का क्षेत्र हो, उद्योग, कला खेलकूद, शिक्षा या पर्यटन का क्षेत्र हो, सभी क्षेत्रों में, इन राज्यों का योगदान सराहनीय है। हम सब को मिलकर अपने राज्यों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का भी ध्यान रखना है।
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ का लोक-नृत्य सुआ, सरहुल नृत्य, गेड़ी नाचा, पंजाब का भांगडा, गिद्धा, हरियाणा का घूमर तथा मध्यप्रदेश की जनजातियों के राई नृत्य ने अतिथियों का मन मोह लिया।
विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पंजाब के प्रतिनिधियों ने डेका को सरोपा भेंट किया।
छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि के रूप में अनुज शर्मा, मध्यप्रदेश के आकाश दीप गुप्ता, पंजाब के प्रतिनिधि दलजीत चावला, हरियाणा के प्रतिनिधि अमित अग्रवाल को राज्यपाल ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव यशंवत कुमार, विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम एवं इन सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के छत्तीसगढ़ में निवासरत, युवा, महिलाएं उपस्थित रहे।
कृषि विश्वविद्यालय में मनाया गया विश्व मृदा दिवस
रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान विभाग तथा कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा गुरुवार को विश्व मृदा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा है कि मिट्टी हमारी कृषि, भोजन और जलवायु संतुलन के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। स्वस्थ मिट्टी से स्वस्थ फसल तैयार होती है और स्वस्थ फसल से मनुष्यों का स्वास्थ अच्छा रहता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में मिट्टी के घटते स्वास्थय के कारण पर्यावरण असंतुलन, जैव विविधता में कमी और कृषि उत्पादकता में गिरावट जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए मिट्टी की देखभाल तथा उचित प्रबंधन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने खेतों में जीवांश पदार्थों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया। इस सौरन उन्होंने किसानों को जवाहर नवोदय विद्यालय, माना एवं केन्द्रीय विद्यालय, रायपुर के छात्रों द्वारा तैयार उनके खेतों के मृदा स्वास्थय कार्ड भी प्रदान किये।
इस अवसर पर ‘‘मिट्टी की देखभाल - मापन, निगरानी तथा प्रबंधन’’ विषय पर कृषक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया जिसमें मृदा वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को मिट्टी की समुचित देखभाल तथा मृदा ऊर्वरता प्रबंधन पर जानकारी दी गई। संगोष्ठी में बताया गया कि कृषि में मिट्टी के महत्व तथा उसकी गुणवत्ता में आ रही खराबी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2013 से 5 दिसम्बर के दिन विश्व मृदा दिवस मनाया जा रहा है। वैज्ञानिकों ने बताया कि भारत की 30 प्रतिशत मिट्टी प्रदूषण एवं उर्वरता की कमी से प्रभावित है। पिछले दो दशकों में मिट्टी में जैविक कार्बन का स्तर 23 प्रतिशत तक घटा है, और 40 प्रतिशत कृषि भूमि में पोषक तत्वों की गंभीर कमी देखी गई है। बताया गया कि वर्ष 2050 तक भारत की जनसंख्या 1.7 अरब होने का अनुमान है। जिससे खाद्यान की मांग 330 मिलियन टन से बढ़कर 350 मिलियन टन हो जाएगी। इस मांग को पूरा करने के लिए मिट्टी के स्वास्थ और मृदा ऊर्वरता को बनाये रखना आवश्यक है। संगोष्ठी में वैज्ञानिकों द्वारा खेतों में जीवांश कार्बन का अधिक उपयोग, ऊर्वरकों का संतुलित उपयोग, प्राकृतिक खेती तथा फसल चक्र परिवर्तन की सलाह दी गई। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, मृदा विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एल.के. श्रीवास्तव, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गौतम राय, इफको के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, किसान व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।