शिक्षक से रुपये की मांग और वीडियो फैलाया, यूट्यूबर समेत 3 बंदी
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16 Oct 2026
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बलरामपुर, 15 अक्टूबर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पस्ता थाना क्षेत्र में शिक्षक को कथित रूप से धमकाकर रुपये मांगने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने यूट्यूबर दीपक यादव समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपियों ने 14 अक्टूबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद न्यायालय से गिरफ्तारी की अनुमति लेकर पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया। इसके बाद तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला पुटसु में पदस्थ सहायक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने पस्ता थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यूट्यूबर दीपक यादव और उसके सहयोगियों ने अपने फाउंडेशन के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत के मुताबिक, 25 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे श्रवण यादव और सूर्या यादव विद्यालय पहुंचे तथा बिना अनुमति वीडियो बनाने लगे। इस दौरान शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि रुपये नहीं देने पर वीडियो को यूट्यूब और फेसबुक पर वायरल कर बदनाम करने तथा नौकरी से निलंबित करवाने की धमकी दी गई थी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि यूट्यूबर दीपक यादव ने अन्य आरोपियों के सहयोग से वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। इससे शिक्षक की व्यक्तिगत एवं सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ विद्यालय की छवि प्रभावित हुई।
शिकायत के आधार पर पस्ता थाने में अपराध क्रमांक 44/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 351(2), 308(2), 356(3) एवं 3(5) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो एवं फोटो के स्क्रीनशॉट से संबंधित पेन ड्राइव जब्त की गई। इसके अलावा शिक्षक की नियुक्ति और पदस्थापना से संबंधित दस्तावेज भी प्राप्त किए गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपक यादव ने अग्रिम जमानत के लिए बिलासपुर उच्च न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया। इसके बाद 14 अक्टूबर को तीनों आरोपियों दीपक यादव टांगरमहरी, थाना बलरामपुर, श्रवण यादव ग्राम पुटसु, थाना पस्ता, सूर्या यादव बलरामपुर ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय से अनुमति मिलने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराया।