स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:यादें भूतकाल में और कल्पनाएं भविष्य में ले जाती हैं, जबकि जीवन केवल वर्तमान में है
07 Sep 2026
जब व्यक्ति यादों में रहता है, तब वह भूतकाल में जी रहा होता है। इसी प्रकार कल्पनाएं, और योजनाएं हमें भविष्य में ले जाती हैं। जीवन की वास्तविकता केवल वर्तमान में है। इसलिए हमें वर्तमान में सत्य को अपनाते हुए जीवन जीना चाहिए। अपने बल, ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का सही परिचय होना जरूरी है। हमें अपनी क्षमताओं को समझकर ही लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। अकारण बड़े-बड़े लक्ष्य बनाना उचित नहीं है। वास्तविकता से जुड़े, अपनी सामर्थ्य के अनुरूप लक्ष्य ही जीवन को सार्थक दिशा देते हैं और सफलता की संभावना बढ़ाते हैं। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए हमारे लिए सबसे बड़ा धन क्या है? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।