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Khan Sir: खान सर की कोचिंग में जांच करने पहुंची पटना पुलिस, एक्शन से मचा हड़कंप, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं दिखाने पर….?

  दिल्ली के आईएएस कोचिंग हादसे (Delhi IAS Coaching Incident) में तीन छात्रों की मौत से पूरा देश स्तब्ध है। वहीं देश के अन्य हिस्सों में भी इसका असर साफ दिख रहा है। मंगलवार को बिहार (Bihar) के पटना (Patna) में कई कोचिंग संस्थानों की प्रशासन ने जांच की। इसमें खान सर की कोचिंग भी शामिल है। SDM खुद खान सर के GS रिसर्च सेंटर पहुंचे। हालांकि एसडीएम को खान सर (Khan Sir) को ढूंढ़ने में पसीने छूट गए। कोचिंग में 10 मिनट तक Sdm को खान सर के लोग घुमाते रहे। इसके बाद खान सर मिले भी तो कोचिंग का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाने के लिए एक दिन का समय मांगा। इसके बाद प्रशासन की टीम लौट गई।


दरअसल दिल्ली के राजेंद्र नगर के कोचिंग में हुई घटना के बाद पटना के SDM श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर दल बल के साथ कई कोचिंग संस्थानों की जांच करने निकले। इस दौरान जांच टीम खान सर (Khan Sir) की कोचिंग में भी जायजा लेने पहुंची थी।

पहले तो खान सर के कर्मचारियों ने Sdm को क्लासरूम दिखाने के नाम पर सीढ़ियों से खूब ऊपर नीचे कराया, लेकिन क्लासरूम नहीं दिखाया। वहीं SDM जब खान सर को ढूंढ़ने लगे तो खान सर के कर्मचारी फिर SDM को घुमाने लगे, लेकिन दस मिनट बाद SDM ने खान सर को ढूंढ़ लिया।

बहुत कम जगह में ज्यादा स्टूडेंट को पढ़ाया जा रहाः SDM

SDM और उनके लाव लश्कर के साथ मीडिया को देख खान सर असहज होने लगे। इस दौरान उन्होंने मीडिया को अपने कमरे से बाहर कर दिया। मीडिया के बाहर निकलने के कुछ ही मिनट बाद SDM भी बाहर आ गए और कहा कि खान सर ने कोचिंग के सभी दस्तावेज देने के लिए समय मांगा है और कल सभी दस्तावेज दिखाने दफ्तर आएंगे। एसडीएम ने बताया कि हमने आज 30 कोचिंग सेंटर्स की जांच की है, जिसमें पाया गया कि बहुत कम जगह में ज्यादा स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। कई कोचिंग का रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। वहीं कई संस्थानों में fire सिस्टम होना चाहिए। Fire NoC होना चाहिए, वो भी नहीं है।


टिन का छत और बिना प्लास्टर की दीवार
बता दें कि खान सर की कोचिंग में एक साथ 600 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। जाँच टीम के आने की जानकारी मिलने पर छात्रों की छुट्टी कर दी गई थी। जांच टीम ने पाया कि यहां क्लास रूम की हालत खराब है, सेंटर का छत टिन का है और बिना प्लास्टर की दीवार, सबसे टॉप फ्लोर होने की वजह से काफी गर्मी रहती है। अंदर साफ दिख रहा कि गंदे और पुराने थर्मोकोल से दीवार को ढका गया था। दीवार के खुले हिस्से पर कूलर रखा हुआ था। हालांकि खान सर के पढ़ाने की जगह पर फैन और लेटेस्ट डिजाइन वाले कूलर की व्यवस्था की गई है।


कई संस्थानों की हुई जांच

वही, एसडीएम श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर के नेतृत्व में पटना अग्निशमन, शिक्षा विभाग, पटना नगर निगम और स्थानीय थाने ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान खान स्टडी सेंटर, ज्ञान विंदू कोचिंग सेंटर, मैथ मस्ती क्लासेस जैसी कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया गया।

जांच के लिए डीएम ने बनाई टीम
पटना डीएम ने कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए एक टीम बनाई। अनुमंडल स्तर पर जाँच टीम का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष अनुमंडल पदाधिकारी को बनाया गया। जाँच टीम से कोचिंग संस्थानों का निबंधन, बिल्डिंग बायलाज का अनुपालन हो रहा है या नहीं, इमरजेंसी गेट, कोचिंग संस्थानों के प्रवेश और निकास द्वार, आकस्मिक स्थिति से निपटने की व्यवस्था आदि की जांच करेगी।

 

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