कांग्रेस का मुगल प्रेमः इस मुस्लिम सांसद ने मुगलों को लेकर किया बड़ा दावा, कहा- BJP कुछ भी कर ले, वो इतिहास से नहीं मिटने
2024-10-17 16:47:44
समय-समय पर कांग्रेस (Congress) नेताओं का मुगल प्रेम (Mughal Love) बाहर आते रहता है। कांग्रेस के कई सांसद मुगलों के (मुस्लिम आक्रांताओं) के गुणगान कर चुके हैं। अब इसमें ताजा नाम कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद (Mohammad Jawed) का जुड़ गया, जिन्होंने बीजेपी (BJP) और मोदी सरकार (Modi government) पर निशाना साधने के ही बहाने मुगल प्रेम को दर्शा दिया।
कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने गुरुवार (1 अगस्त) को केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने तथा भेदभाव की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर देश में मुसलमान (Muslim) नहीं होते तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का (चुनावों में) खाता भी नहीं खुलता।
उन्होंने लोकसभा में वर्ष 2024-25 के लिए शिक्षा मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि मुगल (Mughal) देश में 300 साल तक रहे थे, ऐसे में इस सरकार के मिटाने से इतिहास से नहीं मिटने वाले हैं। जावेद ने कहा कि सरकार को भेदभाव नहीं करना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांग्रेस के समय में शिक्षा के लिए आवंटन जीडीपी का 3.36 प्रतिशत था, लेकिन मोदी सरकार में यह 2.9 प्रतिशत हो गया है।
‘अगर देश में मुसलमान न होते तो…’
मोहम्मद जावेद ने आरोप लगाया, ‘‘यह (भाजपा) मुस्लिम विरोधी, दलित विरोधी, छात्र विरोधी, गरीब विरोधी भावना जगाकर राज कर रही है। अगर हिंदुस्तान में मुसलमान नहीं होते तो भाजपा का (चुनावों में) खाता भी नहीं खुलता। उन्होंने सत्तापक्ष के सदस्यों की टोकाटोकी के बीच कहा कि ये बांग्लादेश की बहुत बात करते हैं, बांग्लादेश की जीडीपी हमसे बेहतर है…अब कहते हैं कि बांग्लादेश चले जाओ।
मुगलों का नाम हटा देने से कुछ नहीं होने वाला
बिहार के किशनगंज से सांसद मोहम्मद जावेद ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की शिक्षा बेहतर करें। मुगलों का नाम हटा देने से कुछ नहीं होने वाला है। मुगल 330 साल रहे. आपके हटाने से (इतिहास से) नहीं हटेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा किसी समाज का आधार होती है, लेकिन मोदी सरकार शिक्षा की बुनियाद को बर्बाद कर रही है।
‘कांग्रेस के समय में शिक्षा के लिए आवंटन जीडीपी का 3.36 प्रतिशत था
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में शिक्षा के लिए आवंटन जीडीपी का 3.36 प्रतिशत था, लेकिन मोदी सरकार में यह 2.9 प्रतिशत हो गया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि शिक्षकों की रिक्तियां बड़ी संख्या में हैं और यह स्थिति रहेगी तो फिर पढ़ाई कैसे होगी। उन्होंने दावा किया कि पिछले आठ वर्षों में 78 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए जिनमें गरीब बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने ‘नीट पेपर लीक’ का मुद्दा उठाते हुए कहा, ‘‘मोदी सरकार ने एनटीए बनाई, लेकिन सात साल में पेपर लीक के 70 मामले घटित हुए हैं।