पेरिस में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की, चंद्रयान-3 और जी-20 के अध्यक्षता के साथ विदेशों में बसे भारतीयों के प्रति व्यक्त की गहरी संवेदना
पेरिस: फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर 14 जुलाई को पेरिस में आयोजित बैस्टिल डे परेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होने पहुंचे हैं. परेड में शामिल होने से पहले गुरुवार उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विदेश में बसे भारतीय हमारे लिए भारत के नागरिकों की तरह महत्वपूर्ण करार देकर उनका दिल जीत लिया. इसके साथ ही उन्होंने चंद्रयान-3 मिशन, जी-20 की अध्यक्षता और तमिल भाषा की प्राचीनता का भी जिक्र किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि यह नजारा अपने आप में अद्भुत है. यह स्वागत उल्लास से भर देने वाला है. हम भारतीय जहां भी जाते हैं एक मिनी इंडिया जरूर बना लेते हैं. देश से दूर जब मैं भारत माता की जय का आह्वान सुनता हूं तो ऐसा लगता है जैसे घर आ गया हूं. आज दुनिया नई विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ रही है. भारत की क्षमता और भूमिका तेजी से बदल रही है. इस समय भारत जी-20 समूह का अध्यक्ष है. क्लाइमेट चेंज हो, ग्लोबल सप्लाई चेन हो, आतंकवाद हो, कट्टरवाद हो, हर चुनौती से निपटने में भारत का अनुभव, भारत का प्रयास दुनिया के लिए मददगार साबित हो रहा है.
तमिल भाषा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत अपनी महान परंपरा को आज भी जीवंत बनाए हुए है. भारत के स्कूलों में 100 भाषाएं पढ़ाई जाती हैं. बहुत लोगों को नहीं पता कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल भाषा है. इससे बड़ा गर्व क्या हो सकता है कि दुनिया की सबसे पुरानी तमिल भाषा भारत की भाषा है और हम भारतीयों की भाषा है. फ्रांस में पीएम मोदी ने चंद्रयान-3 मिशन पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत में चंद्रयान लॉन्च करने की रिवर्स काउंटिंग शुरू हो गई है. कुछ घंटों के बाद श्रीहरिकोटा से ऐतिहासिक चंद्रयान-3 लॉन्च किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि मेरा खुद का फ्रांस के प्रति लगाव काफी पुराना रहा है. इसे मैं भूल नहीं सकता. करीब 40 साल पहले गुजरात में फ्रांस के कल्चरल सेंटर की शुरुआत हुई थी. भारत में उस सेंटर का पहला सदस्य आपसे बात कर रहा है. कुछ साल पहले सरकार ने पुराने रिकॉर्ड से मेरा आईकार्ड निकालकर उसकी फोटोकॉपी मुझे दी थी. वह उपहार आज भी मेरे लिए अनमोल है.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि लोगों का लोगों से जुड़ाव भारत-फ्रांस साझेदारी का सबसे मजबूत आधार है. भारत और फ्रांस 21वीं सदी की कई चुनौतियों से निपट रहे हैं. इसलिए, इस महत्वपूर्ण समय में, हमारे देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का महत्व और भी बढ़ गया है. सैकड़ों वर्ष पहले फ्रांस की आन-बान-शान की रक्षा करने वाले भारतीय सैनिक अपना कर्तव्य निभाते हुए फ्रांस की धरती पर शहीद हो गए थे. पंजाब रेजिमेंट, यहां युद्ध में भाग लेने वाली रेजिमेंटों में से एक, कल राष्ट्रीय दिवस परेड में भाग लेने जा रही है.
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि भारत सरकार ने फ्रांस सरकार की मदद से मार्सिले में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला किया है. भारत अगले 25 वर्षों में एक विकसित देश बनने की दिशा में काम कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि भारत एक उज्ज्वल स्थान है. भारत में निवेश की काफी संभावनाएं हैं. भारत सरकार विदेशों में बसे सभी भारतीयों को सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. चाहे वह यूक्रेन हो या सूडान, अफगानिस्तान या इराक, हम हमेशा अपने देशवासियों की सुरक्षा के लिए आगे आए हैं.