देश-विदेश

भारत पहली बार बना विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप चैंपियन; इसरो ने अपने सबसे भारी सैटेलाइट को सही जगह पहुंचाया; ऑपरेशन सिंदूर पर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने की आपत्तिजनक टिप्पणी; ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम 91% बढ़ा

 1. भारत पहली बार बना विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप चैंपियन



आईसीसी विमेंस वनडे वर्ल्ड कप की नई चैम्पियन अब टीम इंडिया है। रविवार को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से करारी शिकस्त दी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मुकाबले में 298 रन बनाए थे. शेफाली ने 87 और दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की पारी खेली थी। इसके जवाब में उतरी साउथ अफ्रीका की टीम इसे चेज नहीं कर सकी और पहली बार भारतीय महिला टीम ने ये खिताब अपने नाम किया। इस टूर्नामेंट की प्लेयर ऑफ द सीरीज दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने फाइनल में भी फिफ्टी के साथ 5 विकेट झटके। वहीं, प्लेयर ऑफ दे मैच का खिताब शेफाली वर्मा को मिला।


2. इसरो ने अपने सबसे भारी सैटेलाइट को सही जगह पहुंचाया

भारत के अंतरिक्ष इतिहास में आज एक और सुनहरा पल जुड़ गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने LVM3-M5 रॉकेट की मदद से CMS-03 (GSAT-7R) सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. मौसम ने पूरी तरह साथ नहीं दिया—बादल घने थे, हवा तेज चल रही थी और बारिश की आशंका बनी हुई थी. लेकिन ISRO की टीम ने हार नहीं मानी. बाहुबली रॉकेट ने बिल्कुल सटीक समय पर उड़ान भरी. सैटेलाइट को उसकी सही कक्षा में पहुंचा दिया. ये भारत का अब तक का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट है, जिसका वजन करीब 4,410 किलोग्राम है. ये सैटेलाइट भारतीय नौसेना के लिए समुद्री इलाके में संचार व निगरानी को मजबूत करेगा.


3. ऑपरेशन सिंदूर पर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने की आपत्तिजनक टिप्पणी

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के एक चुनावी बयान को लेकर सियसत गर्मा गई है. भरतीय जनता पार्टी ने शनिवार को उनके खिलाफ चुनाव आयोग में एक शिकायत दर्ज कराई. जिसमें आरोप लगाया गया है कि रेवंत रेड्डी ने जुबली हिल्स उपचुनाव प्रचार के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में ‘आपत्तिजनक और भड़काऊ’ टिप्पणियां कीं, जो देश की सशस्त्र सेनाओं का अपमान हैं.


4. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम 91% बढ़ा

ट्रंप 2.0 कार्यकाल में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम भारी बढ़ोतरी हुई है। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम में 91% बढ़ोतरी हुई है। साथ ही मंदिरों पर हमले भी बढ़े है। इसके अलावे H-1B वीजा पर धमकियां भी मिल रहीं है। वहीं बाइडेन कार्यकाल में दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत व हिंसा सीमित रही थी।

कल की कुछ महत्वपूर्ण खबरेंः-

ममता के मंत्री ने आजाद हिंद फौज से कर दिया रोहिंग्या की तुलनाः अवैध प्रवासियों को शह देने का आरोप झेलने वाली तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में SIR प्रक्रिया का विरोध शुरू कर दिया है. तृणमूल सुप्रीमो और सीएम ममता बनर्जी पहले ही एसआईआर के खिलाफ आवाज उठा चुकी हैं. अब एक कदम आगे बढ़कर तृणमूल का शीर्ष नेतृत्व सड़कों पर उतरकर इसका खुलकर विरोध करने की तैयारी में जुट गया है. इसी बीच, राज्य शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रात्य बसु ने SIR का विरोध करते हुए विवादित टिप्पणी कर दी है जिसने सियासी हलचल एक बार फिर बढ़ा दी है.शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए ब्रात्य बसु ने जो कहा, उसमें रोहिंग्या घुसपैठियों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज को लगभग एक ही पंक्ति में खड़ा कर दिया गया.

लंदन में ट्रेन में 10 लोगों को चाकुओं से गोदाः ब्रिटेन में चलती ट्रेन में आतंकवादी हमला होने की खबर सामने आई है। ब्रिटेन के कैम्ब्रिजशायर से लंदन की ओर जा रही ट्रेन में एक व्यक्ति ने 10 लोगों को चाकुओं से गोद डाला। ताबड़तोड़ हमले से ट्रेन में चीख-पुकार मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक ट्रेन में “हर जगह खून” था और डर के मारे कई यात्री वॉशरूम में छिप गए। पुलिस ने हंटिंगडन स्टेशन से 2 संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। 

डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया को दी सैन्य कार्रवाई की धमकीः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने अफ्रीकी देश को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर देश में ईसाइयों की हत्याएं जारी रहीं तो अमेरिका नाइजीरिया को दी जाने वाली आर्थिक सहायता तुरंत बंद कर देगा। 

पूर्व CJI वी रमना बोले- मुझे मजबूर करने के लिए मेरे परिवार के लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थेः भारत के पूर्व चीफ जस्टिस (पूर्व CJI) एन वी रमना ने कहा है कि उन्हें मजबूर करने के लिए उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। VIT-AP यूनिवर्सिटी के 5वें कॉन्वोकेशन में बोलते हुए, जस्टिस रमना ने पिछली वाईएसआरसीपी सरकार का नाम लिए बिना कहा कि न्यायपालिका के वे सदस्य भी जिन्होंने संवैधानिक सिद्धांतों का पालन किया, उन्हें दबाव और ज़ुल्म का सामना करना पड़ा। 

Leave Your Comment

Click to reload image