देश-विदेश
"भारतीय वायुसेना का 91वां स्थापना दिवस: नये झंडे का अनावरण और पैराग्लाइडिंग द्वारा मनाया गया"
लखनऊ: भारतीय वायुसेना आज अपना 91वां स्थापना दिवस मना रही है. इस अवसर पर प्रयागराज के बमरौली मध्य वायु कमान मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान एयर चीफ मार्शल वीएस चौधरी ने भारतीय वायु सेवा के नए झंडे का भी अनावरण किया.
कार्यक्रम में वायुसेना अध्यक्ष ने परेड की सलामी ली, इसके बाद नए ध्वज को सबसे पहले चार वायु योद्धाओं द्वारा एक चलित मंच पर स्थापित करके वायुसेना प्रमुख के सामने लाया गया, जिसका उन्होंने अनावरण किया. इसके बाद ध्वज स्तंभ पर नया ध्वज फहराया गया, वहीं पुराने ध्वज को उतारकर पूरे सम्मान के साथ मोड़कर वायुसेना प्रमुख को सौंपा गया. इसे बाद में वायुसेना संग्रहालय में प्रदर्शनी के तौर पर शामिल किया जाएगा. इस दौरान वायु सेना का विमान एमआई-17वी5 वायुसेना के नए ध्वज के साथ नीची उड़ान भरी.
पैरा हैंड ग्लाइडर और पैरा ट्रूप ने किया रोमांचित
भारतीय वायु सेना के 91वें स्थापना दिवस पर बमरौली एयरफोर्स स्टेशन पर कार्यक्रम की शुरुआत सुबह पैरा हैड ग्लाइडर की एंट्री के साथ हुई. पैरा ग्लाइडर ने 360 डिग्री हवा में चक्कर लगाया. इसके बाद 8000 फीट की ऊंचाई से पैराट्रूपर्स कूदे और 150 किमी. प्रति घंटा की गति से नीचे आए. इस दौरान एयर चीफ मार्शल वीएस चौधरी ने परेड की सलामी ली. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में सीडीएस अनिल चौहान शामिल हुए.
72 वर्ष के बाद किया बदलाव
भारतीय वायु सेना ने 72 वर्ष के बाद अपने झंडे में बदलाव किया है. वायु सेना की स्थापना आठ अक्तूबर 1932 को गई थी. 72 वर्ष के बाद वायु सेना ने अपने झंडे में परिवर्तन किया है. वर्तमान ध्वज में अशोक स्तंभ के शेर और उसके नीचे देवनागरी में ‘सत्यमेव जयते’ लिखा है. ऐतिहासिक अशोक स्तंभ भारत का राजचिह्न भी है. नीचे एक हिमालयी ईगल है, जिसके पंख फैले हुए हैं, जो भारतीय वायुसेना के लड़ने के गुणों को दर्शाता है. हल्के नीले रंग के घेरे में हिमालयी ईगल को घेरे हुए है, जिस पर लिखा है ‘भारतीय वायुसेना’.
"भूकंपों की पूर्वानुमान करने में मददकार हो सकता है AI उपकरण, चीन में सफलतापूर्वक परीक्षित"
वैज्ञानिकों ने भूकंप का पूर्वानुमान लगाने वाला एक उपकरण बनाया है. कृत्रिम बुद्धिमता (AI) से संचालित यह उपकरण भूकंप आने से एक सप्ताह पहले ही चेतावनी दे सकता है. चीन में सात माह के शोध के दौरान इसकी सटीकता 70 फीसदी रही.
सभी रिजल्ट नहीं हैं परफेक्ट
अमेरिका में ऑस्टिन स्थित टेक्सास विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा, परीक्षण में साप्ताहिक पूर्वानुमान जताया गया, जिसमें एआई ने 320 किलोमीटर के क्षेत्र में भूकंप के 14 झटकों का सफलतापूर्वक अनुमान किया था. हालांकि, एआई-उपकरण एक भूकंप का अनुमान जताने से चूक गया और आठ फर्जी चेतावनियां भी दीं. यह अध्ययन ‘सीस्मोलॉजिकल सोसायटी ऑफ अमेरिका के जर्नल बुलेटिन में प्रकाशित हुआ है.
ऐसे करता है काम
इस AI टूल को रियल टाइम सीस्मिक डेटा के आधार पर स्टैटिक बंप डिटेक्ट करने के लिए ट्रेन किया गया है. रिसर्चर्स ने इन डेटा को पिछले भूकंप के पेयर किया था. रिसर्चर्स ने बताया कि ये टूल एक सिंपल मशीन लर्निंग मेथड को फॉलो करती है. इस AI को भूकंप की फिजिक्स के आधार पर स्टैटिकल फीचर्स का एक सेट दिया गया. फिर इसे पिछले 5 साल के सीस्मिक रिकॉर्ड्स के डेटा बेस के आधार पर ट्रेन किया गया. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद AI टूल पृथ्वी की गड़गड़ाहट को सुनकर आने वाले भूकंप का अनुमान लगाता है.
"विधानसभा चुनाव 2023: चुनाव आयोग ने 5 राज्यों के चुनावों की तारीखों का ऐलान किया, मतदान दिनांक शामिल"
भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 की घोषणा कर दी है. जिसमें पहला चरण 7 नवंबर और दूसरे चरण की वोटिंग 17 नवंबर को होगी. पांचों राज्यों के चुनाव नतीजे एक साथ 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.
- मतदान की तारीख-
- राजस्थान- 23 नवंबर
- मध्यप्रदेश- 17 नवंबर
- छत्तीसगढ़- 2 चरण 7 और 17 नवंबर
- मिजोरम- 1 चरण 7 नवंबर
- तेलंगाना-30 नवंबर
"जीएसटी काउंसिल का मोटे अनाज पर टैक्स कम करने का महत्वपूर्ण फैसला 2023 बाजरा वर्ष के अवसर पर"
भारत 2023 को बाजरा वर्ष के रूप में मना रहा है. ऐसे में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी काउंसिल ने अहम फैसला लिया है. जीएसटी को लेकर फैसले लेने वाली शीर्ष संस्था ने मोटे अनाज से जुड़े कुछ उत्पादों पर टैक्स कम करने का फैसला किया है. इससे आने वाले समय में ऐसे उत्पादों की कीमतें कम हो जाएंगी.
जीएसटी काउंसिल की 52वीं बैठक
वस्तु एवं सेवा कर परिषद (जीएसटी काउंसिल) जीएसटी के संबंध में निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था है. आज शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में काउंसिल की 52वीं बैठक हो रही है. बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अलावा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं.
जीएसटी काउंसिल ने ये फैसला लिया
बैठक के दौरान जीएसटी काउंसिल ने बाजरे के आटे से बने खाद्य पदार्थों पर जीएसटी दरें मौजूदा 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का फैसला किया है. एएनआई की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ऐसा दावा किया जा रहा है. जीएसटी परिषद की फिटमेंट कमेटी ने पहले बाजरा पाउडर के लिए छूट की सिफारिश की थी. मोटे अनाजों से तैयार उत्पादों पर जीएसटी में छूट देकर प्रोत्साहन देने की मांग की गई थी, जिसे परिषद ने नजरअंदाज कर दिया.
सरकार मोटे अनाज को बढ़ावा दे रही है
आपको बता दें कि हाल ही में बाजरा यानी मोटे अनाज को लेकर काफी चर्चा हो रही है. भारत सरकार मोटे अनाज को बढ़ावा दे रही है. इसके लिए 2023 को मिलेट ईयर यानी मोटे अनाज के साल के तौर पर मनाया जा रहा है. सरकार देश में मोटे अनाज के उत्पादन और खपत दोनों को तेज करने की कोशिश कर रही है.
मोटे अनाज से दोहरा फायदा
कहा जाता है कि मोटे अनाज न सिर्फ लोगों की सेहत के लिए बेहतर होते हैं, बल्कि ये पर्यावरण के भी ज्यादा अनुकूल होते हैं. मोटे अनाज में कई पोषक तत्व होते हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं. साथ ही मोटे अनाज कम पानी में उगाए जा सकते हैं और इन्हें उगाने के लिए रासायनिक उर्वरकों की भी कम जरूरत होती है. ऐसे में मोटे अनाज को बढ़ावा देना पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है.
"सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से पहले मुफ्त चीजों के बांटने पर सुनवाई की याचिका पर जवाब मांगा"
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा चुनावों से पहले मुफ्त चीजें बांटने का आरोप लगाने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। शुक्रवार को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, राजस्थान और मध्यप्रदेश से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
दरअसल, विधानसभा चुनावों से पहले राज्यों में मुफ्त चीजें बांटने का आरोप लगाकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी। विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को मुफ्त सुविधाएं बांटने का आरोप लगाने वाली इस याचिका को भट्टूलाल जैन द्वारा दायर किया गया है। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की चुनावी लाभ वाली मुफ्त योजनाओं से लोगों पर भी बोझ बढ़ता है। याचिका के जरिए विधानसभा चुनाव से पहले मुफ्त चीजें बांटने के वादों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
नकदी बांटने से ज्यादा क्रूर कुछ नहीं
याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘चुनाव से पहले सरकार द्वारा नकदी बांटने से ज्यादा क्रूर कुछ नहीं हो सकता। ये हर बार हो रहा है और इसका बोझ आखिर में करदाताओं पर ही पड़ता है’। याचिका पर सुनवाई के बाद बेंच ने आदेश दिया कि भट्टूलाल जैन की याचिका को इस मुद्दे पर लंबित अन्य याचिका के साथ टैग किया जाए।
बेंच ने अपनाया सख्त रुख
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, मध्य प्रदेश, राजस्थान और भारतीय रिजर्व बैंक को भी नोटिस जारी किया गया। सभी को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया गया है।
"प्रह्लाद पटेल: 'चुनावी राजनीति में सरकारी धन के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट का स्वागत'"
भोपाल: केंद्रीय राज्यमंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आज, शनिवार को मीडिया सेंटर में आज एक प्रेसवार्ता को संबोधित किया. जहां प्रह्लाद पटेल ने चुनावी राजनीति में सरकारी धन के दुर्पयोग पर सुप्रीम कोर्ट के दखल का स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में जिस प्रकार से सरकारी धन का दुरुपयोग होता है वो गलत है. कांग्रेस के नेता तथ्यों से परे जाते हैं. अजय सिंह राहुल ने आरोप लगाया था की प्रह्लाद पटेल कोयला घोटाले में शामिल थे, ये तथ्यहीन है. 2005 से 2009 के बीच ये घोटाला हुआ था, उस समय मैं सांसद तक भी नहीं था.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि लाडली बहना योजना हो या फिर उज्जवला योजना, हमारी सारी योजनाएं महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है. जनसंघ से लेकर अभी तक हमने महिला सशक्तिकरण का संकल्प किया है. हम थर्ड पार्टी एसिसमेंट के लिए भी तैयार हैं. जिन योजनाओं का इंपैक्ट एसेसमेंट हो रहा है और तारीफ हो रही है, वो रेवड़ी बांटों योजना नहीं है. लाडली बहना, शौचालय निर्माण, सस्ती बिजली, पीएम आवास योजना यह रेवड़ी बांटों योजना नहीं है. जन कल्याण की योजनाएं रेवड़ी बांटों योजनाएं नहीं है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की मंशा और पीएम नरेंद्र मोदी की योजनाओं में कोई अंतर नहीं है.
ओबीसी और पिछड़ा वर्ग को लेकर प्रह्लाद पटेल ने कहा कि राजनीतिक दलों की नियत पिछड़ा वर्ग के लिए जरूरी है. जो पिछड़ों ने नाम पर वोट मांगते हैं उनका रिकॉर्ड देखें और बीजेपी का देखें. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एमपी में ही 3 ओबीसी मुख्यमंत्री दिए हैं. वो केवल ओबीसी को लड़ते हैं हम कल्याण करते हैं. ओबीसी के लिए मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार ने किया.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मुफ्त की रेवड़ी बांटने पर दायर याचिका पर सुनवाई की है. सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश समेत केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, राजस्थान को नोटिस जारी जबाव मांगा है. कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने इस संबंध 4 सप्ताह के भीतर जबाव दाखिल करने को कहा है.
"5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की उम्मीद, 15 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच हो सकता है वोटिंग"
नई दिल्ली: देश के 5 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन राज्यों में 15 नवंबर से 7 दिसंबर तक मतदान हो सकते हैं। तारीखों का ऐलान 8 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकता है। 2018 में 6 अक्टूबर को तारीखों का ऐलान हुआ था।
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा से पहले चुनाव आयोग ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के साथ पर्यवेक्षकों की बैठक की। उन्होंने कहा- यह तय करना है कि चुनावों में कोई भी मनी पावर और मसल्स पावर से वोटरों को प्रभावित न कर सके। मॉडल कोड प्रभावी ढंग से लागू हो। चुनाव पूरी तरह हिंसा मुक्त हों।
चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना में 2018 की तरह एक ही चरण में मतदान हो सकता है। छत्तीसगढ़ में भी पिछली बार की तरह दो चरणों में मतदान होने की संभावना है।
पांचों राज्यों में मतदान की तारीखें अलग-अलग हो सकती हैं। पांचों राज्यों में वोटों की गिनती एकसाथ 10 से 15 दिसंबर के बीच हो सकती है। जिन पांच राज्यों में चुनाव होना है, उनमें से 2 में महिला वोटर, पुरुषों की तुलना में ज्यादा हैं।
मिजोरम की विधानसभा का कार्यकाल 17 दिसंबर को खत्म होगा
मिजोरम की विधानसभा का कार्यकाल इस साल 17 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। भाजपा की सहयोगी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) पूर्वोत्तर राज्य में सत्ता में है। तेलंगाना, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल जनवरी में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है। तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (BRS) का शासन है, जबकि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारें हैं।
चुनाव तारीखों को अंतिम रूप देने की कवायद
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा से पहले, चुनाव आयोग ने राजस्थान, मिजोरम, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में चुनाव तैयारियों का जायजा लिया है।
"सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज X, Youtube, और Telegram को भारत सरकार ने चाइल्ड पोर्न कंटेंट्स को हटाने के लिए नोटिस जारी किया"
नई दिल्ली: बाल यौन शोषण सामग्री को शेयर करने पर भारत सरकार ने सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज X (twitter), Youtube और Telegram को नोटिस जारी किया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MEITY) ने तत्काल अपने प्लेटफॉर्म से इन सामग्रियों (सीएसएएम) को हटाने की चेतावनी दी है.
सरकार ने एक्स, यूट्यूब और टेलिग्राम को कहा कि चाइल्ड पोर्न कंटेंट्स को इंडियन इंटरनेट से तुरंत हटाया जाए या उसे डिसेबल किया जाए. अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो वे भविष्य में सीएसएएम के प्रसार को रोकने के लिए कंटेंट मॉडरेशन एल्गोरिदम और रिपोर्टिंग सिस्टम जैसे सक्रिय उपायों के कार्यान्वयन का भी आह्वान करते हैं.
MEITY के इन नोटिसों में कहा गया है कि आदेश का अनुपालन न करने को आईटी नियम 2021 के नियम 3(1)(बी) और नियम 4(4) का उल्लंघन माना जाएगा. मंत्रालय ने तीन सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज को चेतावनी दी है कि नोटिस के अनुपालन में किसी भी देरी करने पर आईटी अधिनियम की धारा 79 के तहत मिली कानूनी सुरक्षा नहीं मिल सकेगी.
सुनिश्चित करें न हो अश्लील सामग्री
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि हमने एक्स, यूट्यूब और टेलीग्राम को नोटिस भेजा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके प्लेटफॉर्म पर कोई बाल यौन शोषण सामग्री मौजूद नहीं है. सरकार आईटी नियमों के तहत एक सुरक्षित और भरोसेमंद इंटरनेट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
सेफ हार्बर की सुरक्षा होगी खत्म
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि आईटी अधिनियम के तहत आईटी नियम सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज को उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर आपराधिक या हानिकारक पोस्ट की अनुमति नहीं देनी चाहिए. लेकिन यदि वह तत्काल ऐसे कंटेंट वापस नहीं लेते या उनको डिसेबल नहीं करते हैं तो आईटी अधिनियम की धारा 79 के तहत उनको प्राप्त सेफ हार्बर यानी सुरक्षा वापस ले ली जाएगी. और भारत के कानून के तहत उन्हें परिणाम भुगतने होंगे.
प्रतिबंध का रखा है प्रावधान
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 में बाल यौन शोषण सामग्री सहित अश्लील सामग्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रावधान किए गए हैं. आईटी अधिनियम की धारा 66ई, 67, 67ए और 67बी के तहत अश्लील या अश्लील सामग्री के ऑनलाइन प्रसारण के लिए कड़े दंड व जुर्माने के प्रावधान किए गए हैं.
"2000 रुपये के नोटों की आखिरी तारीख आज: RBI का आर्थिक व्यवस्था में बदलाव"
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 19 मई को 2000 रुपये के नोटों को प्रचलन से वापस लेने का फैसला किया था. आरबीआई ने इन नोटों को बैंक शाखाओं में जमा करने या इनके बदले दूसरे मूल्य के नोट लेने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया था, हालांकि बाद में इसे 7 अक्टूबर कर दिया गया था. यानी आज 2000 का नोट बदलने की आखरी तारीख है.
आज के बाद बैंक इन नोटों को नहीं लेंगे. हालांकि, वे लीगल टेंडर बने रहेंगे और लोग आपसी लेनदेन में इनका इस्तेमाल कर सकेंगे. RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि 96% से ज्यादा 2000 रुपए के नोट बैंक में वापस आ गए हैं. अब भी लगभग 12 हजार करोड़ रुपये के 2000 के नोटों का वापस आना बाकी है.
बता दें कि जब RBI ने 2000 के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी, तब उस दौरान 3.56 लाख करोड़ रुपये के नोट बाजार में थे. इनमें से 3.43 लाख करोड़ के नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं. अब 12 हजार करोड़ रुपये के नोट बाजार में हैं. 2000 के नोट को 2016 में नोटबंदी के बाद लॉन्च किया गया था. RBI ने साल 2018-19 में ही 2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी थी.
"प्रियंका गांधी का मध्य प्रदेश दौरा: किसानों के कर्ज माफी और सरकार पर निशाना"
धार: कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी आज मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने धार जिले के मोहनखेड़ा में जन आक्रोश यात्रा में शामिल हुई। इस दौरान उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि किसानों के कर्ज जैसे पहले माफ किया वैसे ही फिर से माफ करेंगे। वहीं इसके साथ ही प्रियंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश की शिवराज सरकार पर जमकर निशाना भी साधा हैं।
महापुरुषों की धरती है धार
गुरुवार को प्रियंका गांधी धार जिले पहुंची। जहां उन्होंने टंट्या मामा की मूर्ति का अनावरण किया। इसके साथ जन आक्रोश यात्रा के विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कटाई का मौसम है और आप मुझे सुनने आये है। आदिवासी समाज के गौरव साहस का चिन्ह गोंडवाना समाज की वीरांगना रानी दुर्गावती को मेरा नमन है। धार महापुरुषों की धरती है।
प्रियंका ने कहा कि नेता चुनाव में आपके सामने आकर भाषण देते हैं बड़ी-बड़ी बातें करते हैं आपकी बातें सुनते हैं मैं भी सुन रही थी आज सुबह जब मैं उठी मैंने देखा कि पीएम मोदी क्या भाषण दे रहे हैं क्योंकि वह क्या कह रहे हैं वह भी सुनना जरूरी है। जब मैं यहां आ रही थी तो नौजवानों से मैंने पूछा क्या लगता है इस चुनाव में क्या होने वाला है मध्य प्रदेश का भविष्य क्या है कहने लगे राजा जा रहा है तो मैंने कहा अच्छा क्यों कहने लगे कि इस बार हमारा वोट रोजगार के लिए डालेगा तो इसमें एक बात जो पहले कह रही थी, स्पष्ट हो जाती है कि जब एक पार्टी का नेता आपके सामने कुछ कहता है दूसरा वही चीज लगभग कह कर जाता है तो आपको कैसे पता चलता है कौन सच्चाई कह रहा है।
प्रदेश सरकार पर लगाया आरोप
कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव ने निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 18 सालों में महंगाई, बेरोजगारी बढ़ी है। लगभग 17000 गरीबों ने आत्महत्या की है। कांग्रेस की सरकारों ने पंचायत को अधिकार मजबूत बनाया है आज देखी आज की स्थिति क्या है आज दूसरी सरकारों को मुश्किलों में डाल दिया है जहां हमने पंचायत के लिए व्यवस्था लागू की भाजपा सरपंचों के अधिकारों में कटौती लाई. आपको कमजोर कर रही है राज्य भर में आज पटवारी 1 महीने से हड़ताल पर बैठे हैं। 18 सालों में 250 से ज्यादा ढाई सौ से ज्यादा घोटाले हुए हैं, मिड डे मील घोटाला, एडमिशन, स्कॉलरशिप, भर्ती परीक्षा, नौकरियों में घोटाला हुआ। प्रदेश में रोज 17 बलात्कार होते हैं।
पीएम मोदी पर साथा निशाना
जब कांग्रेस की सरकार थी तब आपको राशन 60 रुपए में मिलता था, गैस सिलेंडर 450 रुपए में मिल जाता था। कल तक चुनाव के आने तक सिलेंडर 1100 रुपए का मिल रहा था, चुनाव आया फट से कम कर दिया। आप इस बात को सुन लीजिए तो क्या-क्या नहीं हुआ चुनाव आया तो घोषणाएं शुरू, पीएम मोदी हर 2 दिन में यहां आकर उद्घाटन कर रहे हैं। 18 साल में समय नहीं मिला, उनको उद्घाटन करने में सब विकास की बातें पहले नहीं हो सकती थी क्या समझ रखा है ?
प्रदेश में पिछले 18 सालों में एक भी यूनिवर्सिटी नहीं बनी, कोई मेडिकल कॉलेज नहीं। क्या कर रहे हैं यह लोग प्रधानमंत्री यहां आते हैं आजकल तो शिवराज सिंह का नाम लेने से भी शर्म कर रहे हैं उनका नाम ही नहीं लेते हैं। कहते हैं मुझे वोट दो वह तो आपके सीएम बनने वाले नहीं है, मैं उनका भाषण सुन रही थी 50 मिनट में 50 बार कांग्रेस का नाम लिया।
दूसरे राज्यों के कांग्रेस सरकार की गिनाई उपलब्धियां
प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण को लेकर कहा कि महिलाओं के लिए नए बिल आरक्षण में हमने भी समर्थन दिया बहुत अच्छा कदम है, 10 सालों के लिए लागू नहीं होगा। जाति जनगणना करनी पड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक के कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों को बताया है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की सरकार की नीतियां है, क्योंकि हमारे लिए सर्वोपरि आप हैं आपके बाद कोई नहीं। कांग्रेस आपके लिए कुछ गारंटी लाई है, आप खुद देखिए क्या कांग्रेस की इन प्रदेशों में गारंटी या लागू हो रही है कि नहीं आपको पता चलेगा। इंटरनेट पर देखिए जहां आपको सुविधाओं वहां देखिए।
राष्ट्रीय महासचिव ने की बड़ी घोषणा
प्रियंका गांधी ने इस दौरान एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि किसानों के कर्ज जैसे पहले माफ किया वैसे ही फिर से कर्ज माफ करेंगे। 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली मिलेगी, 200 यूनिट पर बिजली का बिल हाफ होगा। पुरानी पेंशन योजना मध्य प्रदेश में लागू की जाएगी। गैस सिलेंडर 500 रुपये में दिलवाएंगे, महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह खाते में मिलेगा। पांच हॉर्स पावर की बिजली किसानों को मुफ्त दी जाएगी।
"उज्ज्वला योजना: मोदी सरकार द्वारा गैस सिलेंडर पर 600 रुपए की सब्सिडी की वृद्धि का फैसला"
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों को अब महज 600 रुपए गैस सिलेंडर प्रदान करने का फैसला लिया है. इसके लिए योजना के तहत दी जाने वाली 200 रुपए की सब्सिडी को बढ़ाते हुए 300 रुपए किया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों के लिए 200 रुपए की सब्सिडी बढ़ाने की फैसला लिया गया. इसमें बढ़ोतरी करते हुए अब इसे 300 रुपए कर दिया गया है. इससे 900 रुपए का गैस सिलेंडर 300 रुपए की सब्सिडी के साथ अब हितग्राहियों को 600 रुपए में मिलेगा. योजना के तहत 9 करोड़ 60 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं.
इसके साथ ही मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री जी किशन रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के अन्य फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि तेलंगाना में सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दे दी.
इसके साथ नेशनल टर्मरिक बोर्ड के गठन की घोषणा की. अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में हम 1600 करोड़ रुपए की हल्दी निर्यात करते हैं. हमारा लक्ष्य इसे बढ़ाकर 8,400 करोड़ रुपए करने का है, जिसके लिए नेशनल टर्मरिक बोर्ड का गठन करना जरूरी हो गया है.
इसके अलावा मोदी कैबिनेट ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों के बीच निर्णय के लिए अंतर राज्य नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण-II के संदर्भ की शर्तों को मंजूरी दी है. इससे विवाद के समाधान से दोनों राज्यों में विकास के नए रास्ते खुलेंगे.
जिम्बाब्वे में हवाई दुर्घटना में भारतीय अरबपति हरपाल रंधावा और उनके बेटे की मौत, विमान में तकनीकी खराबी के कारण।
जिम्बाब्वे स्थित भारतीय अरबपति व्यवसायी हरपाल रंधावा और उनके बेटे आमेर कबीर सिंह रंधावा की एक निजी हवाई दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। दक्षिण-पश्चिमी जिम्बाब्वे में एक हीरे की खदान के पास एक निजी विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इसमें सवार एक भारतीय खनन व्यवसायी और उनके बेटे समेत छह लोगों की मौत हो गई।
जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, सेना और पुलिस ने इलाके को घेरा
जम्मू-कश्मीर: राजौरी में सोमवार की रात सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई. दरअसल, सुरक्षाबलों को कालाकोट वन क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी. जिसके बाद यहां सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया था. इस दौरान आंतकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी.
इसके बाद सेना और पुलिस ने मिलकर कालाकोट इलाके में ब्रोह और सूम क्षेत्र की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश शुरू की. सुरक्षाबलों के अनुसार जंगल में 2-3 आतंकी छिपे हुए हैं. मौके पर सेना और SOG की टीम भी पहुंची हुई है. सेना और पुलिस ने फिलहाल इलाके को घेर लिया है.
इससे पहले दिन में घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन के दौरान गोलीबारी की खबर सामने आई थी. लेकिन बाद में सेना ने स्पष्ट किया कि आतंकवादियों की तलाश में यह गोलीबारी की गई थी. बता दें कि पिछले महीने 13 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी. कई दिनों तक चले इस ऑपरेशन में सेना ने सभी आतंकियों को ढेर कर दिया थात. इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर उजैर खान मारा गया था. मुठभेड़ में सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोंचक और डीएसनपी हुमायूं भट शहीद हो गए थे.
भारत ने कनाडा के 40 राजनयिकों को देश छोडने का आदेश जारी किया, 10 अक्टूबर तक का समय दिया
नई दिल्ली: खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो के भारतीय एजेंसियों पर लगाए जाने के बाद पैदा हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है. ताजा घटनाक्रम में भारत ने कनाडा से अपने 40 राजनयिकों को 10 अक्टूबर तक वापस अपने देश बुला लेने को कहा है.
विदेश मंत्रालय ने पहले ही कह दिया था कि भारत की तुलना में कनाडा के ज्यादा राजनयिक यहां तैनात हैं. ऐसे में उनकी संख्या भारत के बराबर कम किए जाने की जरूरत है. 40 राजनयिकों को भारत छोड़ने को लेकर दिए गए आदेश पर अभी कनाडा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
लेकिन माना जा रहा है कि कनाडा से भी भारतीय डिप्लोमैट्स की संख्या में कमी आ सकती है. भारत की ओर से कनाडा के खिलाफ यह चौथा ऐक्शन है. भारत ने सबसे पहले कनाडा के एक खुफिया अधिकारी को देश छोड़ने का आदेश दिया था. फिर वीजा सेवाओं को बंद कर दिया गया है और कनाडा के नागरिकों की भारत में एंट्री पर रोक लगा दी गई. यही नहीं भारत सरकार ने कनाडा की यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी भी जारी की थी.
बता दें कि जून में कनाडा में एक खूंखार खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हो गई थी. इस हत्याकांड में कनाडा ने पिछले दिनों भारतीय एजेंसियों का हाथ बताया था और फिर यह मामला यूएन तक में गूंजा. इसी के चलते दोनों देशों में तनाव है और भारत तो लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है. यही नहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएन में कहा था कि कुछ देश राजनीतिक सुविधा को देखते हुए आतंकवाद से निपट रहे हैं, जो गलत है.
"बिहार में जातियों के आंकड़े: अति पिछड़ों की आबादी सर्वाधिक, सवर्णों की आबादी 15.52 फीसदी"
बिहार जातीय गणना के आंकड़े जारी करने वाला पहला राज्य बन गया है. यहां हिदूंओं की आबादी कुल आबादी का 81.99 फीसदी है. वहीं अति पिछड़ा वर्ग की आबादी 36.01 फीसदी, पिछड़े वर्ग की आबादी 27.12 फीसदी, एससी 19.65 फीसदी और एसटी 1.6 फीसदी और मुसहर की आबादी 3 फीसदी है. लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जातीय जनगणना की रिपोर्ट जारी करना सीएम नीतीश का सबसे बड़ा चुनावी दांव माना जा रहा है. इस रिपोर्ट के अनुसार राज्य की कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है.
सीएम ने जताई खुशी
वहीं जातीय जनगणना के आंकड़े जारी होने पर सीएम नीतीश कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि बिहार में कराई गई जाति जनगणना के आंकड़े प्रकाशित कर दिए गए हैं. इस कार्य में लगी पूरी टीम को बहुत सारी बधाई. जनगणना के लिए सर्वसम्मति से विधानमंडल में प्रस्ताव पारित किया गया था. बिहार विधानसभा में सभी 9 दलों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से जातीय जनगणना कराएगी. उन्होंने पोस्ट पर लिखा कि इस गणना से न सिर्फ जातियों के बारे में पता चला है बल्कि सभी की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिली है. इसी के आधार पर सभी वर्गों के लिए नीतियां बनाई जाएगी.
अति पिछड़ों की आबादी सर्वाधिक
जातीय जनगणना की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में सबसे ज्यादा आबादी अति पिछड़े की है. रिपोर्ट में चैंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सवर्ण काफी कम हो गए हैं. अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी 36.01 फीसदी है, जिसकी संख्या 4 करोड़ 70 लाख 80 हजार 514 है. वहीं पिछड़ा वर्ग 27.12 फीसदी है, जिसकी संख्या 3 करोड़ 54 लाख 63 हजार 936 है, जबकि एसटी की कुल आबादी 21 लाख 99 हजार 361 है, जो कुल आबादी के 1.68 फीसदी है. एससी की कुल आबादी 2 करोड़ 56 लाख 89 हजार 820 है. वहीं सवर्णों कुल आबादी 2 करोड़ 2 लाख 91 हजार 679 है. सवर्ण बिहार की कुल आबादी के 15.52 फीसदी है.
बिहार में ये है जातियों की स्थिति
- यादव 14.26 फीसदी
- मुसलमान- 17.70 फीसदी
- भूमिहार- 2.86 फीसदी
- ब्राह्मण- 3.65 फीसदी
- राजपूत- 3.45 फीसदी
- कुशवाहा- 4.21 फीसदी
- बनिया- 2.31 फीसदी
- मल्लाह- 2.60 फीसदी
- कुर्मी- 2.87 फीसदी
- कायस्थ- 0.60 फीसदी
- मुसहर- 3.08 फीसदी
"चमत्कार: समुद्र में 24 घंटे तक गणेश मूर्ति के साथ तैरता रहा बच्चा, बचाव के बाद उमड़ी भीड़ अस्पताल में"
सूरत : गुजरात के सूरत के स्कूल में पांचवीं कक्षा का एक छात्र मंदिर में दर्शन के लिए डुमस समुद्र तट पर गया था। लखन नाम का यह बच्चा गणेश मूर्तियों के हो रहे विसर्जन को देखने के लिए समुद्र तक पहुंच गया और गहरे पानी तक चला गया। परिवार के लोग उसे अगले दिन तक ढूंढ़ते रहे, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। सबने समझ लिया कि अब वह जिंदा नहीं बचा। लेकिन इसके बाद चमत्कार हुआ और बच्चा जिंदा घर लौट आया।
सौभाग्य से लखन को गहरे समुद्र में विसर्जित किए गए गणेश मूर्ति का सहारा मिला। वह समुद्र में 24 घंटे तक मूर्ति को पकड़े रहा। तट से 18 नॉटिकल माइल्स की दूरी पर वह समुद्र में लहरा रहा था। तभी वहां से मछली पकड़ने वाली नाव ‘नवदुर्गा’ गुजरी। लखन ने आवाज लगाई और हाथ हिलाया, जिसे देखकर मछुवारे तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने लखन को नाव में बिठा लिया।
लाखन को नवसारी के धोआली बंदरगाह पर लाया गया। तट पर पहुंचने से पहले पुलिस को सूचना दी गई। नाव के पहुंचने से पहले वहां एंबुलेंस पहुंच गई थी। पुलिस के मुताबिक 14 साल का लखन 36 घंटे बाद परिवार से मिला। परिवार को जब इसकी सूचना दी गई तो मातम मना रहे लोगों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। बच्चे को नवसारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में बच्चे को देखने के लिए भीड़ जुट गई। गुजरात भाजपा अध्यक्ष और सांसद सीआर पाटिल भी उसका हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे। पाटिल ने लखन से कहा कि उसे मिली नई जिंदगी का वह अच्छा इस्तेमाल करे और पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। पाटिल ने मीडिया से कहा कि वह भी इस बात से हैरान हैं कि एक छोटा बच्चा समुद्र में इतने देर तक गणेश मूर्ति के अवशेष के सहारे लटका रहा और डूबने से बच गया।
"हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन ने बड़े हादसे से बचाया, पटरी पर पत्थर और लोहे की कड़ियां मिलीं"
Udaipur : Prime Minister Narendra Modi द्वारा 24 सितंबर को हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन Monday को Udaipur से jaipur के बीच एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गई. ट्रेन की पटरी पर पत्थर और लोहे की कड़ियां मिलने से ट्रेन चालक ने सूझबूझ से ट्रेन को रोक दिया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था.
जानकारी के अनुसार, ट्रेन सुबह अपने निर्धारित समय पर Udaipur से रवाना हुई और मावली, चित्तौड़गढ़ होते हुए गंगरार से आगे सोनी गिरी स्टेशन के बीच पहुंची. इस दौरान ट्रेन की पटरी पर पत्थर और लोहे की कड़ियां मिलीं. ट्रेन चालक ने तुरंत ट्रेन को रोक दिया और नीचे उतरकर देखा तो पटरी पर लोहे के कड़ियां और पत्थर रखे हुए थे. इसकी सूचना संबंधित Police और Railwayविभाग के साथ Central Reserve Police Force को दी गई. मौके पर Railwayविभाग के कर्मचारी पहुंचे और पत्थर और लोहे की कड़ियों को हटाकर ट्रेन को रवाना किया.
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को शुरू हुए अभी तक 10 दिन भी नहीं हुए हैं. इससे पहले भी इस ट्रेन के साथ दो बार दुर्घटना की घटना हुई थी. 25 सितंबर को ट्रायल के दौरान एक मवेशी ट्रेन से टकरा गया था, जिससे ट्रेन के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा था. इसके बाद 26 सितंबर को ट्रेन के एक बोगी के शीशे को किसी ने तोड़ दिया था.
RailwayPolice ने मामले की जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ट्रेन की पटरी पर पत्थर और लोहे की कड़ियां किसने रखी. क्या यह कोई साजिश थी या कोई लापरवाही.
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